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बिहार के खेमनीचक क्षेत्र से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बिहार पुलिस का एक जवान नशे की हालत में खुद पर से नियंत्रण खोया हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद राज्य में लागू शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर अक्सर यह आरोप लगते रहे हैं कि प्रतिबंध के बावजूद शराब की उपलब्धता बनी हुई है। हालांकि, इस वायरल वीडियो और इससे जुड़े दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यदि यह वीडियो सही पाया जाता है, तो इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
Gaurav Srivastava
बिहार के खेमनीचक क्षेत्र से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बिहार पुलिस का एक जवान नशे की हालत में खुद पर से नियंत्रण खोया हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद राज्य में लागू शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर अक्सर यह आरोप लगते रहे हैं कि प्रतिबंध के बावजूद शराब की उपलब्धता बनी हुई है। हालांकि, इस वायरल वीडियो और इससे जुड़े दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यदि यह वीडियो सही पाया जाता है, तो इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
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- रायबरेली के ऊंचाहार में नगर पंचायत अध्यक्ष ममता जायसवाल ने दीवान तालाब के किनारे पौधरोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण का एक अनोखा और भावनात्मक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह हम अपने परिवार में बच्चों की परवरिश करते हैं और सोचते हैं कि वे हमारे कुल को आगे बढ़ाएंगे, उसी तरह पौधों की देखभाल करके हम संपूर्ण जीवन के भविष्य को मजबूत आधार दे सकते हैं। पौधरोपण के दौरान उन्होंने फलदार और छायादार पौधे रोपे और लोगों से इन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित करने की अपील की। ममता जयसवाल ने जोर देकर कहा कि जीवन की डोर पौधों से ही जुड़ी हुई है, क्योंकि ऑक्सीजन, छाया और फल हमें पेड़ों से ही मिलते हैं। उन्होंने हर नागरिक से साल में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि कृष्ण चंद जायसवाल, सभासद, कर्मचारी और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे, जिन्होंने मिलकर नगर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया।3
- रायबरेली के नसीराबाद क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अमेठी कांग्रेस के अनुसूचित प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष तुलसीराम पासी और नसीराबाद नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद मौर्य सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने स्थानीय जनता को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए पौधों की देखभाल करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान में बढ़ते प्रदूषण को रोकने और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए वृक्षारोपण करना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।1
- रायबरेली के जगतपुर में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आगमन पर श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में शंकराचार्य का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। उनके दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा। अपने संबोधन में शंकराचार्य ने गौ संरक्षण के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, धर्म और सनातन परंपरा की आधारशिला हैं। उन्होंने समाज से गौ सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाने और गौवंश की सुरक्षा के लिए व्यापक जनजागरण चलाने का आह्वान किया। अपने प्रवास के दौरान शंकराचार्य रायबरेली जनपद के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे और विभिन्न धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। इस भव्य स्वागत कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के युवा नेता अखिलेश यादव, यश पांडे, संतोष कुमार, सर्वेश त्रिवेदी, अविनाश पांडे और शिवम सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- रायबरेली के लालगंज कस्बे में पहुंचे जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मांग की है कि इस शर्मनाक घटना के सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। शंकराचार्य यहां एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, जहां उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान उनका भव्य सम्मान किया गया और पूजा-अर्चना भी की गई। बताया जा रहा है कि अपने इस प्रवास के दौरान शंकराचार्य रायबरेली के सभी विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे।1
- रायबरेली के डलमऊ गंगा पुल पर प्रशासन की लापरवाही के कारण भीषण जाम लग गया है। इस यातायात जाम की वजह से वहाँ से आने-जाने वाले राहगीरों और सभी वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुल पर लगा यह लंबा जाम लगभग एक से दो किलोमीटर तक फैल गया है, जिससे वाहन पूरी तरह से थमे हुए हैं। इस बड़ी आफत की मुख्य वजह सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड डंफर हैं, जिनकी वजह से आम लोगों को काफी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। इस पूरी अव्यवस्था को लेकर अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर क्या वजह है जिसके चलते जनता को इतने लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है।1
- प्रतापगढ़ की रहने वाली 10 वर्षीय शिवानी की रायबरेली के एक निजी नर्सिंग होम में टॉन्सिल के इलाज के दौरान हालत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान भारी लापरवाही बरती गई, जिसके बाद गंभीर हालत में बच्ची को लखनऊ रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल संचालक और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस घटना के बाद संबंधित अस्पताल के पंजीकरण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि यदि कोई अस्पताल नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहा था, तो जिम्मेदार विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां थी? क्या सिर्फ अस्पताल संचालकों पर कार्रवाई काफी है, या जवाबदेही तय करने का दायरा और बड़ा होना चाहिए? फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। रायबरेली में हुई इस मासूम की मौत ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- बिहार के खेमनीचक क्षेत्र से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बिहार पुलिस का एक जवान नशे की हालत में खुद पर से नियंत्रण खोया हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद राज्य में लागू शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर अक्सर यह आरोप लगते रहे हैं कि प्रतिबंध के बावजूद शराब की उपलब्धता बनी हुई है। हालांकि, इस वायरल वीडियो और इससे जुड़े दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यदि यह वीडियो सही पाया जाता है, तो इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।1