भितरवार नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश ने एक ओर जहाँ लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे और उन्होंने खरीफ सीजन की फसलों का कृषि कार्य बड़े स्तर पर शुरू कर दिया है। मंगलवार की दोपहर लगभग 12:25 बजे 40 मिनट तक चली इस बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। हालांकि, बारिश से मिली इस राहत के साथ ही भितरवार नगर परिषद के 'निकम्मेपन और भ्रष्टाचार' की पोल भी खुलकर सामने आ गई, जिससे पूरा शहर जलमग्न हो गया। मानसून की पहली ही तेज बारिश में नगर परिषद के 'नंबर वन' बनने के दावों की पोल खुल गई, और सफाई व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह ढह गई। मुख्य सड़कों से लेकर रिहायशी वार्डों तक, हर तरफ घुटने तक गंदा पानी भर गया, जिससे प्रशासनिक नाकामी का मंजर दिखा। वार्ड क्रमांक 10 में जयवीर हनुमान मंदिर गली और उससे लगी वार्ड क्रमांक 13 की गली में लगभग एक से डेढ़ फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे कई लोगों के घरों में बारिश का पानी और नालों का गंदा पानी भर गया, जिससे घरेलू सामान भी खराब हो गया। नए बस स्टैंड के पास हरसी रोड पर भी यही हाल रहा, जहाँ नाले ओवरफ्लो होकर दुकानों तक पानी पहुँच गया। वार्ड नं 1 में एचपी पेट्रोल पंप के सामने वाली गली और वार्ड क्रमांक एक व पाँच में भी कई घरों तक पानी पहुँचने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से खेती की ज़मीन पर मकान बनाने वाले कॉलोनीवासियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई, क्योंकि उनके मकान सड़क से नीचे होने के कारण जलभराव की स्थिति बनी। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद पर प्री-मानसून सफाई में लापरवाही और भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नालों की मुस्तैदी से सफाई नहीं कराई गई, जिससे कचरा जमा होने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह ठप हो गई। जनता का आरोप है कि नालों की सफाई के नाम पर केवल 'कागजी खानापूर्ति' की गई और लाखों रुपये का बजट 'ठिकाने लगा दिया गया'। इस 'शर्मनाक लापरवाही' और अधिकारियों के 'बंद कमरों में बैठे रहने' के कारण जनता सड़कों पर भरे गंदे पानी से जूझने को मजबूर है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। हालांकि, जलभराव की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी रीता कैलासिया के निर्देश पर नगर परिषद स्वच्छता निरीक्षक विनोद खटीक ने जेसीबी मशीन और सफाई कर्मचारियों की टीमों को भेजकर जगह-जगह पानी की निकासी की व्यवस्था कराई। मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में भी हल्की से भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते किसान अभी भी खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई में जुटे हैं।
भितरवार नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश ने एक ओर जहाँ लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे और उन्होंने खरीफ सीजन की फसलों का कृषि कार्य बड़े स्तर पर शुरू कर दिया है। मंगलवार की दोपहर लगभग 12:25 बजे 40 मिनट तक चली इस बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। हालांकि, बारिश से मिली इस राहत के साथ ही भितरवार नगर परिषद के 'निकम्मेपन और भ्रष्टाचार' की पोल भी खुलकर सामने आ गई, जिससे पूरा शहर जलमग्न हो गया। मानसून की पहली ही तेज बारिश में नगर परिषद के 'नंबर वन' बनने के दावों की पोल खुल
गई, और सफाई व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह ढह गई। मुख्य सड़कों से लेकर रिहायशी वार्डों तक, हर तरफ घुटने तक गंदा पानी भर गया, जिससे प्रशासनिक नाकामी का मंजर दिखा। वार्ड क्रमांक 10 में जयवीर हनुमान मंदिर गली और उससे लगी वार्ड क्रमांक 13 की गली में लगभग एक से डेढ़ फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे कई लोगों के घरों में बारिश का पानी और नालों का गंदा पानी भर गया, जिससे घरेलू सामान भी खराब हो गया। नए बस स्टैंड के पास हरसी रोड पर भी यही हाल रहा, जहाँ नाले ओवरफ्लो होकर दुकानों तक पानी पहुँच गया। वार्ड नं 1 में एचपी पेट्रोल पंप के सामने
वाली गली और वार्ड क्रमांक एक व पाँच में भी कई घरों तक पानी पहुँचने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से खेती की ज़मीन पर मकान बनाने वाले कॉलोनीवासियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई, क्योंकि उनके मकान सड़क से नीचे होने के कारण जलभराव की स्थिति बनी। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद पर प्री-मानसून सफाई में लापरवाही और भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नालों की मुस्तैदी से सफाई नहीं कराई गई, जिससे कचरा जमा होने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह ठप हो गई। जनता का आरोप है कि नालों की सफाई के नाम पर केवल 'कागजी खानापूर्ति' की गई और
लाखों रुपये का बजट 'ठिकाने लगा दिया गया'। इस 'शर्मनाक लापरवाही' और अधिकारियों के 'बंद कमरों में बैठे रहने' के कारण जनता सड़कों पर भरे गंदे पानी से जूझने को मजबूर है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। हालांकि, जलभराव की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी रीता कैलासिया के निर्देश पर नगर परिषद स्वच्छता निरीक्षक विनोद खटीक ने जेसीबी मशीन और सफाई कर्मचारियों की टीमों को भेजकर जगह-जगह पानी की निकासी की व्यवस्था कराई। मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में भी हल्की से भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते किसान अभी भी खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई में जुटे हैं।
- सोशल मीडिया पर एक 'क्यूट गर्ल' का वीडियो इस समय तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सनसनी मचा दी है और यह लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है।1
- ग्वालियर पुलिस ने शहर में 'सेफ क्लिक 2.0' नामक एक नया अभियान शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और आम जनता को संभावित साइबर धोखाधड़ी से बचाना है। ग्वालियर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों के बीच सुरक्षित ऑनलाइन आदतों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।1
- करैरा में कृषि विभाग द्वारा मूंगफली बीज वितरण के दौरान किसानों ने भारी हंगामा किया। बीज वितरण केंद्र पर पहुँचे किसानों ने गंभीर अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है, उनका कहना है कि वे पिछले दो से तीन दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें मूंगफली का बीज नहीं मिल सका है। कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि बीज का वितरण बिना पंजीयन और पैसे लेकर किया जा रहा है, हालाँकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। किसानों से सूचना मिलने के बाद एक जनप्रतिनिधि मौके पर पहुँचे और उन्होंने किसानों की समस्याएँ सुनीं। इसके बाद उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर माँग की कि जो किसान कई दिनों से इंतजार कर रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बीज उपलब्ध कराया जाए। जनप्रतिनिधि ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि कल दोपहर तक लंबे समय से इंतजार कर रहे किसानों को मूंगफली का बीज वितरित नहीं किया गया, तो किसानों के हित में आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। कृषि विभाग की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- शिवपुरी जिले के दिनारा में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर 1 जुलाई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। यह अभियान करैरा एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा के नेतृत्व में दिनारा के पिछोर रोड स्थित पीतांबरा आवासीय कॉलोनी में चलाया गया, जहाँ एक अवैध सड़क को ध्वस्त किया गया। प्रशासनिक टीम ने सर्वे क्रमांक 1759 पर स्थित कुल 1.01 हेक्टेयर शासकीय भूमि का निरीक्षण किया। जाँच में यह सामने आया कि एक कॉलोनाइजर ने इस शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर कॉलोनी के भीतर ही सड़क का निर्माण करा लिया था। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल जेसीबी मशीन की मदद से इस अवैध सड़क को हटाकर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया और उसे पुनः शासन के कब्जे में लिया। प्रशासन के अनुसार, अतिक्रमण से मुक्त कराई गई इस भूमि का बाजार मूल्य करोड़ों रुपये है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह अल्प प्रवास पर दतिया पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले पीतांबरा पीठ मंदिर में मां पीतांबरा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद भगवान वानखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया और प्रदेश तथा देश की सुख-समृद्धि के लिए कामना की। मंदिर दर्शन के पश्चात महेंद्र सिंह सर्किट हाउस पहुंचे, जहां भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्हें शाल, श्रीफल और पुष्पमाला पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। स्वागत कार्यक्रम के बाद प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह दतिया से ग्वालियर के लिए रवाना हो गए।1
- शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव स्थित प्राचीन सापाई बाबा स्थल पर बुधवार को सामूहिक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया, जहाँ कथा वाचक रामकुमार पुजारी ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान कथा में प्रस्तुत भजनों पर महिलाओं ने पांडाल में भक्ति भाव से नृत्य भी किया। कार्यक्रम का समापन शाम 6 बजे प्रसादी वितरण के साथ हुआ। आयोजकों, झा करौथिया परिवार के अनुसार, गुरुवार को दोपहर 1 बजे से कथा का अगला सत्र पुनः प्रारंभ होगा।1
- वरिष्ठ समाजसेवी और भाजपा नेता दिनेश जैन ने अपना जन्मदिन एक 'सेवा पर्व' के रूप में मनाया।1
- भितरवार नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश ने एक ओर जहाँ लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे और उन्होंने खरीफ सीजन की फसलों का कृषि कार्य बड़े स्तर पर शुरू कर दिया है। मंगलवार की दोपहर लगभग 12:25 बजे 40 मिनट तक चली इस बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। हालांकि, बारिश से मिली इस राहत के साथ ही भितरवार नगर परिषद के 'निकम्मेपन और भ्रष्टाचार' की पोल भी खुलकर सामने आ गई, जिससे पूरा शहर जलमग्न हो गया। मानसून की पहली ही तेज बारिश में नगर परिषद के 'नंबर वन' बनने के दावों की पोल खुल गई, और सफाई व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह ढह गई। मुख्य सड़कों से लेकर रिहायशी वार्डों तक, हर तरफ घुटने तक गंदा पानी भर गया, जिससे प्रशासनिक नाकामी का मंजर दिखा। वार्ड क्रमांक 10 में जयवीर हनुमान मंदिर गली और उससे लगी वार्ड क्रमांक 13 की गली में लगभग एक से डेढ़ फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे कई लोगों के घरों में बारिश का पानी और नालों का गंदा पानी भर गया, जिससे घरेलू सामान भी खराब हो गया। नए बस स्टैंड के पास हरसी रोड पर भी यही हाल रहा, जहाँ नाले ओवरफ्लो होकर दुकानों तक पानी पहुँच गया। वार्ड नं 1 में एचपी पेट्रोल पंप के सामने वाली गली और वार्ड क्रमांक एक व पाँच में भी कई घरों तक पानी पहुँचने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से खेती की ज़मीन पर मकान बनाने वाले कॉलोनीवासियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई, क्योंकि उनके मकान सड़क से नीचे होने के कारण जलभराव की स्थिति बनी। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद पर प्री-मानसून सफाई में लापरवाही और भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नालों की मुस्तैदी से सफाई नहीं कराई गई, जिससे कचरा जमा होने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह ठप हो गई। जनता का आरोप है कि नालों की सफाई के नाम पर केवल 'कागजी खानापूर्ति' की गई और लाखों रुपये का बजट 'ठिकाने लगा दिया गया'। इस 'शर्मनाक लापरवाही' और अधिकारियों के 'बंद कमरों में बैठे रहने' के कारण जनता सड़कों पर भरे गंदे पानी से जूझने को मजबूर है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। हालांकि, जलभराव की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी रीता कैलासिया के निर्देश पर नगर परिषद स्वच्छता निरीक्षक विनोद खटीक ने जेसीबी मशीन और सफाई कर्मचारियों की टीमों को भेजकर जगह-जगह पानी की निकासी की व्यवस्था कराई। मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में भी हल्की से भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते किसान अभी भी खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई में जुटे हैं।4