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दिनदहाड़े पटाखों की बिक्री ने उजाड़ दिया विधवा का आशियाना, आग में गृहस्थी हुई खाक मिर्जापुर।थाना विंध्याचल क्षेत्र के बनवारीपुर स्थित नए पुरवा में पटाखों की चिंगारी ने एक गरीब विधवा महिला की पूरी गृहस्थी को राख में तब्दील कर दिया। दिनदहाड़े लगी आग में नीतू देवी का कच्चा-पक्का आशियाना और घर में रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। चार छोटे-छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था, अब आग ने उनके सिर से छत और मां की वर्षों की मेहनत से जुटाई गृहस्थी भी छीन ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नीतू देवी (38) पत्नी स्वर्गीय बबलू निषाद अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए सब्जी का ठेला लगाकर किसी तरह गुजर-बसर करती थीं। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटे और एक बेटी शामिल हैं। सबसे बड़ा बेटा महज नौ वर्ष का है, जबकि अन्य बच्चे उससे भी छोटे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद दयनीय थी। करीब आठ महीने पूर्व उनके पति बबलू निषाद की कैंसर से पीड़ित होने के कारण मौत हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद चारों बच्चों की पूरी जिम्मेदारी नीतू देवी के कंधों पर आ गई थी। वह दिनभर सब्जी बेचकर जो कुछ कमा पाती थीं, उसी से बच्चों का पेट पालती थीं। बताया जाता है कि घटना के समय नीतू देवी रोज की तरह सब्जी का ठेला लेकर बाजार में बिक्री करने निकली थीं। इसी दौरान अचानक सूचना मिली कि उनके घर में आग लग गई है। यह खबर सुनते ही वह बदहवास हालत में अपना ठेला छोड़कर घर की ओर दौड़ पड़ीं। लेकिन जब घर पहुंचीं तो सामने का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आग की लपटों ने उनके आशियाने को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था। घर में रखा अनाज, बर्तन, बिस्तर, कपड़े और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान सब कुछ जलकर राख हो चुका था। अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी और बच्चों के भविष्य को यूं राख होते देख नीतू देवी बदहवास होकर बेहोश हो गईं। आग बुझने के बाद घर में ऐसा कुछ भी नहीं बचा, जिससे परिवार दोबारा अपनी जिंदगी की शुरुआत कर सके। मां और चारों बच्चे अब दूसरों के सहारे जीवन गुजारने की स्थिति में पहुंच गए हैं। बच्चों के पास शरीर पर पहने कपड़ों के अलावा बदलने के लिए भी कपड़े नहीं बचे हैं। सर्दी का मौसम दस्तक दे रहा है। ऐसे में चार मासूम बच्चों को ठंड से बचाना और उनके लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना नीतू देवी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। जिस महिला के लिए रोज की कमाई से परिवार चलाना पहले ही मुश्किल था, उसके सामने अब पूरी गृहस्थी दोबारा बसाने का पहाड़ जैसा संकट खड़ा हो गया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में खुलेआम हो रही पटाखों की बिक्री और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विंध्याचल और शिवपुर सहित आसपास के इलाकों में इस बार जगह-जगह पटाखों की दुकानें खुल गई हैं। पहले पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस और निर्धारित नियमों का पालन करना पड़ता था, जिससे दुकानदारों में नियमों के उल्लंघन को लेकर भय बना रहता था। लेकिन इस बार कई स्थानों पर खुलेआम पटाखों की बिक्री होती दिखाई दे रही है। आरोप है कि कई दुकानों पर सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी की जा रही है, बावजूद इसके प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। बनवारीपुर की घटना ने पटाखों की बिक्री, भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते नियमों का सख्ती से पालन कराया गया होता और अवैध रूप से पटाखों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया गया होता तो शायद ऐसी घटनाओं की आशंका को कम किया जा सकता था। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण और पटाखों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। एक तरफ पति को खोने का दर्द और दूसरी तरफ आग में पूरी गृहस्थी उजड़ जाने की पीड़ा ने नीतू देवी को पूरी तरह तोड़ दिया है। गांव में हर तरफ इस बेबस मां और उसके चार मासूम बच्चों की दुर्दशा की चर्चा हो रही है। अब सवाल यह है कि इस परिवार को संकट की घड़ी में कौन सहारा देगा? क्या प्रशासन इस बेसहारा परिवार की सुध लेकर तत्काल आर्थिक सहायता, राशन, कपड़े और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराएगा? साथ ही क्षेत्र में पटाखों की दुकानों की जांच कर सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा?

2 hrs ago
user_Navnit Barnwal
Navnit Barnwal
Yoga instructor लालगंज, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

दिनदहाड़े पटाखों की बिक्री ने उजाड़ दिया विधवा का आशियाना, आग में गृहस्थी हुई खाक मिर्जापुर।थाना विंध्याचल क्षेत्र के बनवारीपुर स्थित नए पुरवा में पटाखों की चिंगारी ने एक गरीब विधवा महिला की पूरी गृहस्थी को राख में तब्दील कर दिया। दिनदहाड़े लगी आग में नीतू देवी का कच्चा-पक्का आशियाना और घर में रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। चार छोटे-छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था, अब आग ने उनके सिर से छत और मां की वर्षों की मेहनत से जुटाई गृहस्थी भी छीन ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नीतू देवी (38) पत्नी स्वर्गीय बबलू निषाद अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए सब्जी का ठेला लगाकर किसी तरह गुजर-बसर करती थीं। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटे और एक बेटी शामिल हैं। सबसे बड़ा बेटा महज नौ वर्ष का है, जबकि अन्य बच्चे उससे भी छोटे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद दयनीय थी। करीब आठ महीने पूर्व उनके पति बबलू निषाद की कैंसर से पीड़ित होने के कारण मौत हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद चारों बच्चों की पूरी जिम्मेदारी नीतू देवी के कंधों पर आ गई थी। वह दिनभर सब्जी बेचकर जो कुछ कमा पाती थीं, उसी से बच्चों का पेट पालती थीं। बताया जाता है कि घटना के समय नीतू देवी रोज की तरह सब्जी का ठेला लेकर बाजार में बिक्री करने निकली थीं। इसी दौरान अचानक सूचना मिली कि उनके घर में आग लग गई है। यह खबर सुनते ही वह बदहवास हालत में अपना ठेला छोड़कर घर की ओर दौड़ पड़ीं। लेकिन जब घर पहुंचीं तो सामने का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आग की लपटों ने उनके आशियाने को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था। घर में रखा अनाज, बर्तन, बिस्तर, कपड़े और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान सब कुछ जलकर राख हो चुका था। अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी और बच्चों के भविष्य को यूं राख होते देख नीतू देवी बदहवास होकर बेहोश हो गईं। आग बुझने के बाद घर में ऐसा कुछ भी नहीं बचा, जिससे परिवार दोबारा अपनी जिंदगी की शुरुआत कर सके। मां और चारों बच्चे अब दूसरों के सहारे जीवन

गुजारने की स्थिति में पहुंच गए हैं। बच्चों के पास शरीर पर पहने कपड़ों के अलावा बदलने के लिए भी कपड़े नहीं बचे हैं। सर्दी का मौसम दस्तक दे रहा है। ऐसे में चार मासूम बच्चों को ठंड से बचाना और उनके लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना नीतू देवी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। जिस महिला के लिए रोज की कमाई से परिवार चलाना पहले ही मुश्किल था, उसके सामने अब पूरी गृहस्थी दोबारा बसाने का पहाड़ जैसा संकट खड़ा हो गया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में खुलेआम हो रही पटाखों की बिक्री और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विंध्याचल और शिवपुर सहित आसपास के इलाकों में इस बार जगह-जगह पटाखों की दुकानें खुल गई हैं। पहले पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस और निर्धारित नियमों का पालन करना पड़ता था, जिससे दुकानदारों में नियमों के उल्लंघन को लेकर भय बना रहता था। लेकिन इस बार कई स्थानों पर खुलेआम पटाखों की बिक्री होती दिखाई दे रही है। आरोप है कि कई दुकानों पर सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी की जा रही है, बावजूद इसके प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। बनवारीपुर की घटना ने पटाखों की बिक्री, भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते नियमों का सख्ती से पालन कराया गया होता और अवैध रूप से पटाखों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया गया होता तो शायद ऐसी घटनाओं की आशंका को कम किया जा सकता था। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण और पटाखों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। एक तरफ पति को खोने का दर्द और दूसरी तरफ आग में पूरी गृहस्थी उजड़ जाने की पीड़ा ने नीतू देवी को पूरी तरह तोड़ दिया है। गांव में हर तरफ इस बेबस मां और उसके चार मासूम बच्चों की दुर्दशा की चर्चा हो रही है। अब सवाल यह है कि इस परिवार को संकट की घड़ी में कौन सहारा देगा? क्या प्रशासन इस बेसहारा परिवार की सुध लेकर तत्काल आर्थिक सहायता, राशन, कपड़े और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराएगा? साथ ही क्षेत्र में पटाखों की दुकानों की जांच कर सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा?

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    दिनदहाड़े पटाखों की बिक्री ने उजाड़ दिया विधवा का आशियाना, आग में गृहस्थी हुई खाक
मिर्जापुर।थाना विंध्याचल क्षेत्र के बनवारीपुर स्थित नए पुरवा में पटाखों की चिंगारी ने एक गरीब विधवा महिला की पूरी गृहस्थी को राख में तब्दील कर दिया। दिनदहाड़े लगी आग में नीतू देवी का कच्चा-पक्का आशियाना और घर में रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। चार छोटे-छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था, अब आग ने उनके सिर से छत और मां की वर्षों की मेहनत से जुटाई गृहस्थी भी छीन ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नीतू देवी (38) पत्नी स्वर्गीय बबलू निषाद अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए सब्जी का ठेला लगाकर किसी तरह गुजर-बसर करती थीं। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटे और एक बेटी शामिल हैं। सबसे बड़ा बेटा महज नौ वर्ष का है, जबकि अन्य बच्चे उससे भी छोटे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद दयनीय थी। करीब आठ महीने पूर्व उनके पति बबलू निषाद की कैंसर से पीड़ित होने के कारण मौत हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद चारों बच्चों की पूरी जिम्मेदारी नीतू देवी के कंधों पर आ गई थी। वह दिनभर सब्जी बेचकर जो कुछ कमा पाती थीं, उसी से बच्चों का पेट पालती थीं।
बताया जाता है कि घटना के समय नीतू देवी रोज की तरह सब्जी का ठेला लेकर बाजार में बिक्री करने निकली थीं। इसी दौरान अचानक सूचना मिली कि उनके घर में आग लग गई है। यह खबर सुनते ही वह बदहवास हालत में अपना ठेला छोड़कर घर की ओर दौड़ पड़ीं। लेकिन जब घर पहुंचीं तो सामने का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आग की लपटों ने उनके आशियाने को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था। घर में रखा अनाज, बर्तन, बिस्तर, कपड़े और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान सब कुछ जलकर राख हो चुका था। अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी और बच्चों के भविष्य को यूं राख होते देख नीतू देवी बदहवास होकर बेहोश हो गईं।
आग बुझने के बाद घर में ऐसा कुछ भी नहीं बचा, जिससे परिवार दोबारा अपनी जिंदगी की शुरुआत कर सके। मां और चारों बच्चे अब दूसरों के सहारे जीवन गुजारने की स्थिति में पहुंच गए हैं। बच्चों के पास शरीर पर पहने कपड़ों के अलावा बदलने के लिए भी कपड़े नहीं बचे हैं। सर्दी का मौसम दस्तक दे रहा है। ऐसे में चार मासूम बच्चों को ठंड से बचाना और उनके लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना नीतू देवी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। जिस महिला के लिए रोज की कमाई से परिवार चलाना पहले ही मुश्किल था, उसके सामने अब पूरी गृहस्थी दोबारा बसाने का पहाड़ जैसा संकट खड़ा हो गया है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में खुलेआम हो रही पटाखों की बिक्री और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विंध्याचल और शिवपुर सहित आसपास के इलाकों में इस बार जगह-जगह पटाखों की दुकानें खुल गई हैं। पहले पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस और निर्धारित नियमों का पालन करना पड़ता था, जिससे दुकानदारों में नियमों के उल्लंघन को लेकर भय बना रहता था। लेकिन इस बार कई स्थानों पर खुलेआम पटाखों की बिक्री होती दिखाई दे रही है। आरोप है कि कई दुकानों पर सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी की जा रही है, बावजूद इसके प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
बनवारीपुर की घटना ने पटाखों की बिक्री, भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते नियमों का सख्ती से पालन कराया गया होता और अवैध रूप से पटाखों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया गया होता तो शायद ऐसी घटनाओं की आशंका को कम किया जा सकता था। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण और पटाखों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
एक तरफ पति को खोने का दर्द और दूसरी तरफ आग में पूरी गृहस्थी उजड़ जाने की पीड़ा ने नीतू देवी को पूरी तरह तोड़ दिया है। गांव में हर तरफ इस बेबस मां और उसके चार मासूम बच्चों की दुर्दशा की चर्चा हो रही है। अब सवाल यह है कि इस परिवार को संकट की घड़ी में कौन सहारा देगा? क्या प्रशासन इस बेसहारा परिवार की सुध लेकर तत्काल आर्थिक सहायता, राशन, कपड़े और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराएगा? साथ ही क्षेत्र में पटाखों की दुकानों की जांच कर सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा?
    user_Navnit Barnwal
    Navnit Barnwal
    Yoga instructor लालगंज, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दिवाली पर इस गांव में क्यों नहीं जला एक दिया पूरा गांव अंधेरे में असवा प्रयागराज:जहां पूरा देश दिवाली मना रहा था, वहीं असवन गांव में अंधेरा छाया हुआ था।ग्रामीण जय प्रकाश मिश्रा ने बताया हमारे गांव से लगी हुई मधुमा पहाड़ी है, गाटा नंबर 522 में खनन पट्टा दे दिया गया है। वहां राष्ट्रीय पक्षियों का बहुत बड़ी संख्या में बसेरा है। उनका आश्रय छीना जा रहा है, उनकी मृत्यु हो रही है। इसीलिए हम लोगों ने इस बार दीपोत्सव नहीं मनाया। हम चाहते हैं कि पक्षियों की रक्षा हो, उनका संरक्षण हो। हम लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन से कोई कार्रवाई नहीं हो रही।"सोचिए सर पक्षियों को बचाने के लिए एक गांव ने अपनी दिवाली की खुशियां कुर्बान कर दीं! क्या सरकार को इन पक्षियों को बचाना चाहिए? हां या नहीं - कमेंट में बताइए, शेयर करके आवाज उठाइए।
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    दिवाली पर इस गांव में क्यों नहीं जला एक दिया पूरा गांव अंधेरे में
असवा प्रयागराज:जहां पूरा देश दिवाली मना रहा था, वहीं असवन गांव में अंधेरा छाया हुआ था।ग्रामीण जय प्रकाश मिश्रा ने बताया हमारे गांव से लगी हुई मधुमा पहाड़ी है, गाटा नंबर 522 में खनन पट्टा दे दिया गया है। वहां राष्ट्रीय पक्षियों का बहुत बड़ी संख्या में बसेरा है। उनका आश्रय छीना जा रहा है, उनकी मृत्यु हो रही है। इसीलिए हम लोगों ने इस बार दीपोत्सव नहीं मनाया। हम चाहते हैं कि पक्षियों की रक्षा हो, उनका संरक्षण हो। हम लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन से कोई कार्रवाई नहीं हो रही।"सोचिए सर 
पक्षियों को बचाने के लिए एक गांव ने अपनी दिवाली की खुशियां कुर्बान कर दीं!
क्या सरकार को इन पक्षियों को बचाना चाहिए? हां या नहीं - कमेंट में बताइए, शेयर करके आवाज उठाइए।
    user_राकेश पटेल सी न्यूज़
    राकेश पटेल सी न्यूज़
    Voice of people बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • #शुभ_दीपावली  #माँ_लक्ष्मी  #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम  #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन
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    #शुभ_दीपावली  #माँ_लक्ष्मी  #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम  #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन
    user_CHAIRMAN CRIME CONTROL
    CHAIRMAN CRIME CONTROL
    मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • पवर ग्राम सभा में उमड़ा जनसैलाब, बोले घनश्याम=गरीब की दिवाली ही असली दिवाली है *दिवाली से पहले बारा के लाल का बड़ा दिल: मुसहर बस्ती में छाई खुशियों की दिवाली, घनश्याम कोटार ने गरीब बच्चों को कपड़े, महिलाओं को साड़ी और दीपावली गिफ्ट बांटकर जीता सबका दिल* *पवर ग्राम सभा में उमड़ा जनसैलाब, बोले घनश्याम - "गरीब की दिवाली ही असली दिवाली है"* *रवीन्द्र श्रीवास्तव*, *बारा (प्रयागराज)।* दीपावली के शुभ अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ समाजसेवी घनश्याम कोटार ने आज बारा विधानसभा के ग्राम सभा पावर की मुसहर बस्ती में पहुंचकर गरीब परिवारों के बीच दीपावली की खुशियां बांटी। उनके पहुंचते ही पूरी बस्ती में खुशी की लहर दौड़ गई। बच्चों को कपड़े, महिलाओं को साड़ी घनश्याम कोटार ने बस्ती के गरीब बच्चों के लिए नए कपड़े, महिलाओं के लिए साड़ी तथा दीपावली के लिए गिफ्ट और उपहार वितरित किए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और महिलाओं ने हाथ उठाकर आशीर्वाद दिया। *बोले बारा के लाल - गरीब की दिवाली ही असली दिवाली* इस मौके पर घनश्याम कोटार ने कहा - जब तक गरीब के घर में दिया नहीं जलेगा, तब तक हमारी दिवाली अधूरी है। गरीब की दिवाली ही असली दिवाली है। हमारा मकसद है कि कोई भी बच्चा बिना नए कपड़े के और कोई भी घर बिना रोशनी के दिवाली न मनाए। *मुसहर बस्ती में गूंजा एक ही नारा* वितरण कार्यक्रम के दौरान पूरी बस्ती में *"बारा के लाल - घनश्याम कोटार जिंदाबाद"* के नारे गूंजते रहे। बस्ती के लोगों ने कहा कि घनश्याम कोटार हर सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहते हैं, इसलिए वे ही असली जनसेवक हैं। कार्यक्रम में गांव के तमाम गणमान्य लोग, समाजसेवी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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    पवर ग्राम सभा में उमड़ा जनसैलाब, बोले घनश्याम=गरीब की दिवाली ही असली दिवाली है
*दिवाली से पहले बारा के लाल का बड़ा दिल: मुसहर बस्ती में छाई खुशियों की दिवाली, घनश्याम कोटार ने गरीब बच्चों को कपड़े, महिलाओं को साड़ी और दीपावली गिफ्ट बांटकर जीता सबका दिल*
*पवर ग्राम सभा में उमड़ा जनसैलाब, बोले घनश्याम - "गरीब की दिवाली ही असली दिवाली है"*
*रवीन्द्र श्रीवास्तव*,
*बारा (प्रयागराज)।* दीपावली के शुभ अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ समाजसेवी घनश्याम कोटार ने आज बारा विधानसभा के ग्राम सभा पावर की मुसहर बस्ती में पहुंचकर गरीब परिवारों के बीच दीपावली की खुशियां बांटी। उनके पहुंचते ही पूरी बस्ती में खुशी की लहर दौड़ गई।
बच्चों को कपड़े, महिलाओं को साड़ी
घनश्याम कोटार ने बस्ती के गरीब बच्चों के लिए नए कपड़े, महिलाओं के लिए साड़ी तथा दीपावली के लिए गिफ्ट और उपहार वितरित किए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और महिलाओं ने हाथ उठाकर आशीर्वाद दिया।
*बोले बारा के लाल - गरीब की दिवाली ही असली दिवाली*
इस मौके पर घनश्याम कोटार ने कहा -
जब तक गरीब के घर में दिया नहीं जलेगा, तब तक हमारी दिवाली अधूरी है। गरीब की दिवाली ही असली दिवाली है। हमारा मकसद है कि कोई भी बच्चा बिना नए कपड़े के और कोई भी घर बिना रोशनी के दिवाली न मनाए।
*मुसहर बस्ती में गूंजा एक ही नारा*
वितरण कार्यक्रम के दौरान पूरी बस्ती में *"बारा के लाल - घनश्याम कोटार जिंदाबाद"* के नारे गूंजते रहे। बस्ती के लोगों ने कहा कि घनश्याम कोटार हर सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहते हैं, इसलिए वे ही असली जनसेवक हैं।
कार्यक्रम में गांव के तमाम गणमान्य लोग, समाजसेवी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
    user_रवीन्द्र श्रीवास्तव
    रवीन्द्र श्रीवास्तव
    Accountant बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • सभी क्षेत्रवासियों को सेंट पीटर्स को एजुकेशन इंग्लिश मीडियम स्कूल , प्रबंधक अंकिता अभिषेक खेड़ा की तरफ से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। सभी क्षेत्रवासियों को सेंट पीटर्स को एजुकेशन इंग्लिश मीडियम स्कूल , प्रबंधक अंकिता अभिषेक खेड़ा की तरफ से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
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    सभी क्षेत्रवासियों को सेंट पीटर्स को एजुकेशन इंग्लिश मीडियम स्कूल , प्रबंधक अंकिता अभिषेक खेड़ा की तरफ से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
सभी क्षेत्रवासियों को सेंट पीटर्स को एजुकेशन इंग्लिश मीडियम स्कूल , प्रबंधक अंकिता अभिषेक खेड़ा की तरफ से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सेंट पीटर्स स्कूल की प्रधानाचार्या ने दी दीपावली की शुभकामनाएं क्षेत्रीय लोगों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की मेजा, प्रयागराज। क्षेत्र के जनवार गांव स्थित सेंट पीटर्स को-एजुकेशनल इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती अंकिता खेरा ने क्षेत्रीय लोगों को दीपोत्सव एवं दीपावली पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों, प्रकाश और आपसी प्रेम का पर्व है। यह त्योहार लोगों को आपसी भाईचारे, सद्भाव और एकता के साथ रहने का संदेश देता है। उन्होंने कामना की कि दीपावली का पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा हर घर में सुख-शांति और उल्लास का वातावरण बना रहे।
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    सेंट पीटर्स स्कूल की प्रधानाचार्या ने दी दीपावली की शुभकामनाएं
क्षेत्रीय लोगों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की
मेजा, प्रयागराज। क्षेत्र के जनवार गांव स्थित सेंट पीटर्स को-एजुकेशनल इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती अंकिता खेरा ने क्षेत्रीय लोगों को दीपोत्सव एवं दीपावली पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों, प्रकाश और आपसी प्रेम का पर्व है। यह त्योहार लोगों को आपसी भाईचारे, सद्भाव और एकता के साथ रहने का संदेश देता है। उन्होंने कामना की कि दीपावली का पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा हर घर में सुख-शांति और उल्लास का वातावरण बना रहे।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • दीपावली पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि घनश्याम कोटार ने सैकड़ों पत्रकारों को अंगवस्त्र भेंट कर किया सम्मानित जसरा ब्लॉक के मीटिंग हॉल में आयोजित हुआ भव्य पत्रकार सम्मान समारोह, पत्रकारों ने समाजसेवी घनश्याम कोटार के प्रति जताया आभार घूरपुर, प्रयागराज। दीपावली के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर विकासखंड जसरा के मीटिंग हॉल में पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि एवं समाजसेवी घनश्याम कोटार ने क्षेत्र के सैकड़ों पत्रकारों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। पत्रकारों से खचाखच भरे मीटिंग हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता, सामाजिक दायित्व और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार आनंद जायसवाल ने किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं। अपनी कलम की ताकत से पत्रकार समाज में व्याप्त बुराइयों और भ्रष्टाचार को उजागर कर शासन-प्रशासन तक आम जनता की आवाज पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं हिन्दुस्तान अखबार के प्रतिनिधि आलोक त्रिपाठी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को सही दिशा देने का माध्यम है। पत्रकार दिन-रात, धूप-छांव, गर्मी और सर्दी की परवाह किए बिना जनहित से जुड़ी खबरों को लोगों तक पहुंचाते हैं। पत्रकारों का दायित्व है कि वे निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ अपनी कलम चलाते रहें। समारोह में मौजूद पत्रकारों ने एक स्वर में समाजसेवी घनश्याम कोटार के सामाजिक कार्यों की सराहना की। पत्रकारों ने कहा कि घनश्याम कोटार बारा विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। जरूरतमंदों और वंचितों की मदद के लिए वे तन, मन और धन से सदैव तत्पर रहते हैं। वहीं सम्मान समारोह के आयोजक घनश्याम कोटार ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रहते हुए भी उन्होंने जनता की सेवा को प्राथमिकता दी और आज भी निरंतर समाजसेवा के कार्यों में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। अपनी कलम के माध्यम से वे समाज को जागरूक करने के साथ-साथ जरूरतमंदों और वंचितों की आवाज बनते हैं। पत्रकारों का सम्मान करना मेरे लिए गौरव की बात है। समाजसेवा का यह सिलसिला आगे भी निरंतर जारी रहेगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से दैनिक भास्कर के जिला प्रभारी दुर्गेश पाण्डेय, वरिष्ठ पत्रकार आलोक त्रिपाठी, पीसी पाण्डेय, रामबाबू पटेल (न्यूज टीवी इंडिया ब्यूरो चीफ), जगदीश पटेल, यूपी की बात के जिला संवाददाता पुष्पराज सिंह, डेली भारत न्यूज संवाददाता विवेक पटेल, राजरावत, दिवाकर पाल, सिमरन, ज्ञानेन्द्र पाठक, सुनील यादव, परवेज आलम, सुशील यादव, मनीष यादव, समाजसेवी सुरेंद्र केशरवानी सहित सैकड़ों पत्रकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। दीपावली के अवसर पर आयोजित इस सम्मान समारोह ने पत्रकारों और समाजसेवियों के बीच आपसी सहयोग, सम्मान और सामाजिक सरोकारों को नई मजबूती देने का संदेश दिया।
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    दीपावली पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि घनश्याम कोटार ने सैकड़ों पत्रकारों को अंगवस्त्र भेंट कर किया सम्मानित

जसरा ब्लॉक के मीटिंग हॉल में आयोजित हुआ भव्य पत्रकार सम्मान समारोह, पत्रकारों ने समाजसेवी घनश्याम कोटार के प्रति जताया आभार
घूरपुर, प्रयागराज। दीपावली के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर विकासखंड जसरा के मीटिंग हॉल में पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि एवं समाजसेवी घनश्याम कोटार ने क्षेत्र के सैकड़ों पत्रकारों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। पत्रकारों से खचाखच भरे मीटिंग हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता, सामाजिक दायित्व और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार आनंद जायसवाल ने किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं। अपनी कलम की ताकत से पत्रकार समाज में व्याप्त बुराइयों और भ्रष्टाचार को उजागर कर शासन-प्रशासन तक आम जनता की आवाज पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं हिन्दुस्तान अखबार के प्रतिनिधि आलोक त्रिपाठी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को सही दिशा देने का माध्यम है। पत्रकार दिन-रात, धूप-छांव, गर्मी और सर्दी की परवाह किए बिना जनहित से जुड़ी खबरों को लोगों तक पहुंचाते हैं। पत्रकारों का दायित्व है कि वे निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ अपनी कलम चलाते रहें।
समारोह में मौजूद पत्रकारों ने एक स्वर में समाजसेवी घनश्याम कोटार के सामाजिक कार्यों की सराहना की। पत्रकारों ने कहा कि घनश्याम कोटार बारा विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। जरूरतमंदों और वंचितों की मदद के लिए वे तन, मन और धन से सदैव तत्पर रहते हैं।
वहीं सम्मान समारोह के आयोजक घनश्याम कोटार ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रहते हुए भी उन्होंने जनता की सेवा को प्राथमिकता दी और आज भी निरंतर समाजसेवा के कार्यों में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। अपनी कलम के माध्यम से वे समाज को जागरूक करने के साथ-साथ जरूरतमंदों और वंचितों की आवाज बनते हैं। पत्रकारों का सम्मान करना मेरे लिए गौरव की बात है। समाजसेवा का यह सिलसिला आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से दैनिक भास्कर के जिला प्रभारी दुर्गेश पाण्डेय, वरिष्ठ पत्रकार आलोक त्रिपाठी, पीसी पाण्डेय, रामबाबू पटेल (न्यूज टीवी इंडिया ब्यूरो चीफ), जगदीश पटेल, यूपी की बात के जिला संवाददाता पुष्पराज सिंह, डेली भारत न्यूज संवाददाता विवेक पटेल, राजरावत, दिवाकर पाल, सिमरन, ज्ञानेन्द्र पाठक, सुनील यादव, परवेज आलम, सुशील यादव, मनीष यादव, समाजसेवी सुरेंद्र केशरवानी सहित सैकड़ों पत्रकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
दीपावली के अवसर पर आयोजित इस सम्मान समारोह ने पत्रकारों और समाजसेवियों के बीच आपसी सहयोग, सम्मान और सामाजिक सरोकारों को नई मजबूती देने का संदेश दिया।
    user_RAMBABU PATEL
    RAMBABU PATEL
    Insurance Agent Bara, Prayagraj•
    12 hrs ago
  • #शुभ_दीपावली  #माँ_लक्ष्मी  #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम  #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन
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    #शुभ_दीपावली  #माँ_लक्ष्मी  #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम  #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन
    user_CHAIRMAN CRIME CONTROL
    CHAIRMAN CRIME CONTROL
    मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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