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आपको इतनी जल्दबाजी क्यों है ? आप जातिगत जनगणना के बाद महिला आरक्षण इसलिए नहीं लागू करना चाहते ताकि आपको आरक्षण न देना पड़ें - अखिलेश यादव आपको इतनी जल्दबाजी क्यों है ? आप जातिगत जनगणना के बाद महिला आरक्षण इसलिए नहीं लागू करना चाहते ताकि आपको आरक्षण न देना पड़ें - अखिलेश यादव
Shoaib Khan
आपको इतनी जल्दबाजी क्यों है ? आप जातिगत जनगणना के बाद महिला आरक्षण इसलिए नहीं लागू करना चाहते ताकि आपको आरक्षण न देना पड़ें - अखिलेश यादव आपको इतनी जल्दबाजी क्यों है ? आप जातिगत जनगणना के बाद महिला आरक्षण इसलिए नहीं लागू करना चाहते ताकि आपको आरक्षण न देना पड़ें - अखिलेश यादव
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- # **लखीमपुर खीरी: मोहम्मदी में 'खनन माफिया' के हौसले बुलंद, ITI कॉलेज का अस्तित्व खतरे में! स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर नेशनल न्यूज़ लाइव लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश एंकर *** लखीमपुर खीरी के अमीर नगर चौकी क्षेत्र के ग्राम बरेठी में प्रशासन मौन, जेसीबी और डंपरों ने मचाया तांडव; छात्रों ने कैमरे पर बयां किया अपना दर्द** **लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश):** जनपद लखीमपुर खीरी के कोतवाली मोहम्मदी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी अमीर नगर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सूबे की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्लॉक कुंभी के ग्राम बरेठी में अवैध खनन माफियाओं का आतंक इस कदर व्याप्त है कि उन्होंने शिक्षा के मंदिर यानी आईटीआई (ITI) स्कूल की नींव तक को हिलाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रहे अवैध खनन के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि यहाँ पढ़ने वाले सैकड़ों छात्रों का भविष्य भी दांव पर लग गया है। ### **दिन-रात चल रहा 'पीला पंजा', धूल में डूबा भविष्य** स्थानीय ग्रामीणों और आईटीआई कॉलेज के स्टाफ के अनुसार, ग्राम बरेठी में अवैध खनन का काला कारोबार किसी छिपकर नहीं, बल्कि डंके की चोट पर किया जा रहा है। अवैध खनन माफिया बेखौफ होकर जेसीबी (JCB) मशीनों, डंपरों और ट्रैक्टर-ट्रालियों के काफिले के साथ धरती का सीना चीर रहे हैं। हालात यह हैं कि दिन-रात चलने वाले इन भारी वाहनों के कारण पूरे इलाके में धूल का गुबार छाया रहता है, जिससे कॉलेज के छात्रों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। सड़कों की हालत खस्ता हो चुकी है और खनन माफियाओं की दबंगई के आगे स्थानीय लोग भी बोलने से कतरा रहे हैं। ### **अधिकारियों की फाइलों में दबे प्रार्थना पत्र** खबर की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आईटीआई स्कूल के अध्यापकों ने इस समस्या के समाधान के लिए हाथ-पांव मारना कम नहीं किया। अध्यापकों द्वारा कई संबंधित उच्चाधिकारियों को लिखित प्रार्थना पत्र दिए गए। स्थानीय पुलिस चौकी से लेकर तहसील प्रशासन तक को अवगत कराया गया, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। > "हमने सोचा था कि शिकायत के बाद कार्रवाई होगी और हमारे बच्चों को शांतिपूर्ण माहौल मिलेगा, लेकिन यहाँ तो शिकायत के बाद खनन की रफ्तार और भी धुआंधार हो गई है। ऐसा लगता है जैसे माफियाओं को कानून का कोई डर ही नहीं है।" — **एक पीड़ित अध्यापक (नाम गोपनीय)** > ### **कैमरे के सामने छलका छात्रों का दर्द** जब मीडिया की टीम मौके पर पहुँची, तो आईटीआई कॉलेज के छात्रों ने कैमरे के सामने अपना दुखड़ा सुनाया। छात्रों का कहना है कि मशीनों के शोर के कारण क्लास में पढ़ाई करना असंभव हो गया है। * **ध्वनि प्रदूषण:** भारी मशीनों और डंपरों के शोर से एकाग्रता भंग होती है। * **सुरक्षा का खतरा:** तेज रफ्तार डंपरों के कारण कॉलेज आने-जाने वाले छात्रों को हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है। * **अवसाद:** छात्रों का कहना है कि वे यहाँ कौशल विकास और शिक्षा लेने आते हैं, लेकिन खनन का यह नंगा नाच देखकर वे मानसिक रूप से परेशान हैं। ### **प्रशासनिक मिलीभगत की उठ रही बू** क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर पुलिस चौकी अमीर नगर और स्थानीय कोतवाली की नाक के नीचे इतना बड़ा अवैध कारोबार कैसे फल-फूल रहा है? ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफियाओं और कुछ भ्रष्ट कारिंदों के बीच गहरी सांठगांठ है, जिसके कारण कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। जब भी कोई टीम निरीक्षण के लिए आती है, माफियाओं को पहले ही सूचना मिल जाती है और काम बंद कर दिया जाता है। ### **पर्यावरण और बुनियादी ढांचे पर प्रहार** अवैध खनन केवल शिक्षा को ही प्रभावित नहीं कर रहा, बल्कि भूगर्भ जल स्तर और क्षेत्र की पारिस्थितिकी को भी नष्ट कर रहा है। गहरे गड्ढे खोदने के कारण पास की कृषि भूमि के कटान का खतरा बढ़ गया है। वहीं, जिन ट्रैक्टर-ट्रालियों से मिट्टी ढोई जा रही है, वे बिना ढके चलती हैं, जिससे वायु प्रदूषण अपने चरम पर है। ### **मुख्य बिंदु: एक नज़र में** | क्षेत्र | समस्या | जिम्मेदार | प्रभावित | |---|---|---|---| | **ग्राम बरेठी, मोहम्मदी** | अवैध खनन (जेसीबी/डंपर) | खनन माफिया | ITI कॉलेज एवं छात्र | | **कार्रवाई का दर्जा** | शून्य (प्रार्थना पत्र लंबित) | स्थानीय प्रशासन | जनसामान्य | ### **निष्कर्ष: कब जागेगा प्रशासन?** उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद मोहम्मदी क्षेत्र में खनन माफियाओं का यह 'बोलबाला' सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। अगर समय रहते इन माफियाओं पर नकेल नहीं कसी गई, तो वह दिन दूर नहीं जब यह आईटीआई कॉलेज केवल कागजों पर रह जाएगा और यहाँ का पर्यावरण पूरी तरह तबाह हो जाएगा। अब देखना यह है कि इस खबर के प्रकाशित होने के बाद लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक इस मामले में क्या कड़ा रुख अपनाते हैं। क्या छात्रों को उनका शांत वातावरण वापस मिलेगा, या माफियाओं का यह 'धुआंधार' खेल ऐसे ही जारी रहेगा? वाइट आईटीआई कॉलेज के स्टूडेंट की वाइट आईटीआई कॉलेज के अध्यापक की2
- पलिया नगर की प्रमुख सड़कों में शुमार मछली मण्डी रोड की हालत इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी यह सड़क राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है। स्थानीय लोगों को रोजाना आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं इसी मार्ग से आने-जाने वाले स्कूली बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। नगरवासियों का कहना है कि इस सड़क के निर्माण की मांग कई बार नगर पालिका प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की इस उदासीनता से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बता दें कि यह रोड नगर के मुख्य चमन चौराहा से होकर मछली मण्डी, दुधवा रोड, सीओ ऑफिस एवं सम्पूर्णानगर रोड तक जुड़ती है। इतना महत्वपूर्ण मार्ग होने के बावजूद इसका निर्माण न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। बरसात के दिनों में इस सड़क की स्थिति और भी बदतर हो जाती है। जगह-जगह पानी भर जाने से सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल राहगीरों तक को निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार वाहन चालक गड्ढों में फंसकर चोटिल भी हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। नगर पालिका ईओ विजय बहादुर यादव ने बताया कि मछली मण्डी रोड को कार्ययोजना में शामिल किया जा चुका है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर रोड का निर्माण कराया जाएगा।1
- यूपी: विशुद्ध रूप से फिल्मी गुंडागर्दी का सीन है... हापुड: गुंडे कार से आते हैं। कार के रुकते ही लाठी डंडे और पिस्टल से लैस कई गुंडे कार से उतरते हैं। फायरिंग करते हैं, फिर दुकानों का सामान फेंकने लग जाते हैं, दहशत की वजह से सड़क पर भगदड़ मच जाती है, लोग दरवाजे बंद कर घरों में छिप जाते हैं। ऐसे सीन अपने फिल्मों में देखे होंगे, अब आप हापुड के गांव गोहरे से आई इस तस्वीर को देखिये, आपको लगेगा किसी फिल्म से गुंडई की क्लिप काटकर वायरल की गई है।1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- अमरावती में सामने आए सनसनीखेज अश्लील वीडियो कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अयान अहमद, उजेर खान, शहद और तरबेज शामिल हैं। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने 180 से अधिक स्कूल और कॉलेज की छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाकर उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाई। इसके बाद इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। सूत्रों के अनुसार, 350 से ज्यादा वीडियो ऑनलाइन शेयर किए गए हैं। इस मामले में कई पीड़ित लड़कियां नाबालिग बताई जा रही हैं, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं, पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखी जा रही है और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। 👉 यह मामला साइबर अपराध और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।1
- 138 विधानसभा में निघासन से ढकेरवा चौराहा तक बहुजन समाज पार्टी के द्वारा 14 अप्रैल 12 साल डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की रैली धूमधाम से मनाई गई2
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के बांकेगंज क्षेत्र के मोतीपुर गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर कई वर्षों से पंचशील का झंडा लगाकर अंबेडकर जयंती मनाई जाती रही है, उसी ग्राम समाज की जमीन पर ग्रामीणों और ग्राम प्रधान की सहमति से मूर्ति स्थापित की गई थी। आरोप है कि मूर्ति स्थापना के बाद कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा उसे क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। गांव के लोगों ने एक महिला और बांकेगंज चौकी के दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए हैं और दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि जब मूर्ति को उखाड़ने की कोशिश की गई, तो बहुजन समाज के लोगों ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और नाराज लोग सड़कों पर उतर आए। हालात तनावपूर्ण हो गए, हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस टीम स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रही। 👉 फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। 📢 ग्रामीणों की मांग: दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।3
- आपको इतनी जल्दबाजी क्यों है ? आप जातिगत जनगणना के बाद महिला आरक्षण इसलिए नहीं लागू करना चाहते ताकि आपको आरक्षण न देना पड़ें - अखिलेश यादव1