उदयपुर जिले के भटेवर कस्बे में नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। निर्माण स्थल पर दिनभर उड़ रहे धूल-मिट्टी के गुबारों ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे निर्माण के दौरान हो रही खुदाई और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण पूरे दिन धूल उड़ती रहती है। इस गंभीर समस्या के चलते हाईवे किनारे स्थित घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर धूल की मोटी परतें जम गई हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित निर्माण कंपनी से हाईवे पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने की पुरजोर मांग की है ताकि इस समस्या का समाधान हो सके और लोगों को राहत मिल सके।
उदयपुर जिले के भटेवर कस्बे में नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। निर्माण स्थल पर दिनभर उड़ रहे धूल-मिट्टी के गुबारों ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे निर्माण के दौरान हो रही खुदाई और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण पूरे दिन धूल उड़ती रहती है। इस गंभीर समस्या के चलते हाईवे किनारे स्थित घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर धूल की मोटी परतें जम गई हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित निर्माण कंपनी से हाईवे पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने की पुरजोर मांग की है ताकि इस समस्या का समाधान हो सके और लोगों को राहत मिल सके।
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर में सकल जैन समाज ने सोमवार को उप जिला कलेक्टर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से हाल ही में रीवा में विहाररत आर्यिका माताजी (जैन साध्वी) के साथ हुई दुखद घटना पर समाज ने गहरा आक्रोश और चिंता व्यक्त की है। समाज ने कहा कि इस हादसे में दोनों साध्वी महाराज का असामयिक निधन हो गया, जिसे केवल सड़क दुर्घटना मानना उचित नहीं है। जैन समाज ने उपलब्ध वीडियो क्लिपों और अन्य तथ्यों के आधार पर इस घटना को लेकर गहरी आशंका जताई है। समाज ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को पकड़ा जा सके। समाज ने जोर दिया कि, जैन समाज अहिंसा और शांति में विश्वास रखता है, फिर भी लगातार जैन साधु-साध्वियों के साथ ऐसी घटनाएं होना अत्यंत चिंता का विषय है।1
- सरेवडी रायपुर में 23 मई 2026 को आयोजित एक भक्तिमय भजन संध्या की मनमोहक झलक प्रस्तुत की गई है। इस अवसर पर यह गहन संदेश भी दिया गया कि जहाँ सच्ची भक्ति होती है, वहीं वास्तविक शांति की अनुभूति होती है।1
- राजसमंद में दो दिवसीय मध्य प्रदेश राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल की शुरुआत हुई है। इस उद्घाटन समारोह में राजसमंद विधायक दिप्ती माहेश्वरी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवकीनंदन गुर्जर सहित खेल जगत से जुड़ी प्रमुख हस्तियाँ, प्रतियोगिता में भाग लेने आए पहलवान और स्थानीय खेल प्रेमी उपस्थित रहे। केसरी कुश्ती दंगल के आयोजनकर्ता शिवा जाट ने बताया कि यह प्रतियोगिता प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है और इस वर्ष के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने आगे जानकारी दी कि इस दंगल में राजस्थान और मध्य प्रदेश के नामी गिरामी पहलवान अपना खेल कौशल दिखाने के लिए राजसमंद पहुँचे हैं।1
- नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल और नंदलाल पुरबिया ने गंगा दशहरा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। इस संदेश में चारभुजा नाथ, सांवरिया सेठ और भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए 'बम बम भोले' का उद्घोष भी किया गया है। यह शुभकामना संदेश जनहित में प्रसारित किया गया है।4
- एसपी धर्मेंद्र सिंह के 'एक्शन मोड' में आते ही शहर में एक बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। इस अभियान के तहत यातायात पुलिस और नगर परिषद ने मिलकर मोर्चा संभाला है, जिसके परिणामस्वरूप सड़कों से अतिक्रमण हटाकर ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित किया गया है। यह कार्रवाई शहर में यातायात की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, और इससे शहर की परिवहन व्यवस्था में सुधार देखा गया है।2
- भारत में पतियों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया गया है, जहाँ उन्हें कहीं करंट देकर हत्या की जा रही है, कहीं पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया जा रहा है, कहीं जहर दिया जा रहा है, कहीं सुपारी किलर से मारा जा रहा है, तो कहीं मानसिक प्रताड़ना देकर आत्महत्या तक मजबूर किया जा रहा है। इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा गया है कि समाज हर बार पुरुष को ही कठोर मान लेता है, उसकी पीड़ा को मज़ाक बना देता है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि क्या पति इंसान नहीं होता, और क्या उसके आंसू, उसका दर्द, या उसकी मानसिक यातना किसी कानून या समाज को दिखाई नहीं देती। यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग “अबला” की आड़ लेकर कानून का डर दिखाते हैं, झूठे आरोप लगाते हैं, और अवैध संबंध छुपाने के लिए परिवार तक बर्बाद कर देते हैं। इस संदर्भ में, यह पुरजोर मांग की गई है कि अब समय आ गया है कि कानून सिर्फ लिंग देखकर नहीं, बल्कि अपराध देखकर फैसला करे। पोस्ट में कहा गया है कि पुरुषों की चुप्पी अब उनकी कमजोरी नहीं रही, बल्कि यह समाज की संवेदनहीनता बन चुकी है। यह साफ तौर पर कहा गया है कि हर अत्याचार गलत है – चाहे वह महिला पर हो या पुरुष पर – और न्याय बराबरी का होना चाहिए, एकतरफा नहीं। अंत में, यह गंभीर टिप्पणी की गई है कि हर दिन किसी न किसी पति की मौत की खबर सामने आ रही है, पर बेगुनाह पुरुष की मौत से किसी को कोई मतलब नहीं होता।1
- चित्तौड़गढ़ में आयुष हॉस्पिटल समाज बंधुओं के स्वास्थ्य को समर्पित है, जो निरंतर आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहा है। हॉस्पिटल का मुख्य उद्देश्य एक स्वस्थ शरीर के आधार पर सुखी जीवन सुनिश्चित करना है। यह आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) में स्थित है और अनुभवी चिकित्सकों द्वारा विभिन्न रोगों की जाँच तथा परामर्श के लिए ओपीडी सुविधा उपलब्ध है। गंभीर एवं लंबे समय से चल रहे रोगों के उपचार हेतु आयुष हॉस्पिटल में स्वच्छ एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त 10 बेड का इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) भी मौजूद है। यहाँ कमर दर्द, सर्वाइकल, सायटिका, घुटनों एवं जोड़ों का दर्द, लकवा, नसों से संबंधित समस्याएँ, मोटापा, थायरॉइड प्रबंधन, गैस, कब्ज, पेट रोग, त्वचा रोग, एलर्जी, माइग्रेन, सिरदर्द, और महिलाओं एवं वृद्धजन के स्वास्थ्य देखभाल जैसी समस्याओं का सफल उपचार किया जाता है। पंचकर्म चिकित्सा में अभ्यंग, स्वेदन, कटि बस्ती, जानू बस्ती जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। हॉस्पिटल की विशेषताओं में विशुद्ध आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक उपचार, अनुभवी चिकित्सक डॉ. C.P. Patel और विशेषज्ञ टीम के साथ प्रशिक्षित स्टाफ की सेवाएँ शामिल हैं। यह एक NABH प्रमाणित आयुर्वेद हॉस्पिटल है, जहाँ मेडिक्लेम पॉलिसी / हेल्थ इंश्योरेंस के अंतर्गत भी उपचार सुविधा उपलब्ध है। यहाँ रोग के मूल कारण पर आधारित सुरक्षित उपचार प्रदान किया जाता है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक आयुर्वेद चिकित्सा का संयोजन है। डॉ. C.P. Patel और उनकी टीम रोगी की प्रकृति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करती है। स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान लोगों को सुरक्षित एवं प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार के लिए हॉस्पिटल से संपर्क करने का आग्रह किया गया है।1
- उदयपुर जिले के भटेवर कस्बे में नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। निर्माण स्थल पर दिनभर उड़ रहे धूल-मिट्टी के गुबारों ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे निर्माण के दौरान हो रही खुदाई और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण पूरे दिन धूल उड़ती रहती है। इस गंभीर समस्या के चलते हाईवे किनारे स्थित घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर धूल की मोटी परतें जम गई हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित निर्माण कंपनी से हाईवे पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने की पुरजोर मांग की है ताकि इस समस्या का समाधान हो सके और लोगों को राहत मिल सके।1