अलीगढ़ के कोइल क्षेत्र में रामजीलाल के निधन के बाद विरासत और उत्तराधिकार को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में अमितलाल और श्यामवीर समेत अन्य लोग शामिल हैं। घटनाक्रम के अनुसार, रामजीलाल ने अपने जीवनकाल में दो शादियाँ की थीं। हिंदू उत्तराधिकार कानून के प्रावधानों के विपरीत, उन्होंने अपनी पहली पत्नी रूमाली उर्फ रामवती के जीवित रहते हुए ही दिल्ली की निवासी कांता रानी से छिपकर दूसरी शादी कर ली थी। रामजीलाल ने पहली पत्नी रामवती को बिना तलाक दिए छोड़ दिया था। इसके बाद रूमाली ने भरण-पोषण की मांग की, जिसे लेकर रामजीलाल के साथ राजीनामा हुआ था। हालांकि, बाद में रामजीलाल ने यह भरोसा तोड़ दिया और अपनी पहली पत्नी को अपने साथ नहीं रखा। इस स्थिति से परेशान होकर रूमाली ने दूसरी शादी कर ली। अब रामजीलाल के निधन के बाद वारिसों के बीच संपत्ति को लेकर झगड़ा चल रहा है। इस पूरे विवाद के बीच यह बात भी सामने आई है कि बालकों का भी विरासत में हक बनता है।
अलीगढ़ के कोइल क्षेत्र में रामजीलाल के निधन के बाद विरासत और उत्तराधिकार को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में अमितलाल और श्यामवीर समेत अन्य लोग शामिल हैं। घटनाक्रम के अनुसार, रामजीलाल ने अपने जीवनकाल में दो शादियाँ की थीं। हिंदू उत्तराधिकार कानून के प्रावधानों के विपरीत, उन्होंने अपनी पहली पत्नी रूमाली उर्फ रामवती के जीवित रहते हुए ही दिल्ली की निवासी कांता रानी से छिपकर दूसरी शादी कर ली थी। रामजीलाल ने पहली पत्नी रामवती को बिना तलाक दिए छोड़ दिया था। इसके बाद रूमाली ने भरण-पोषण की मांग की, जिसे लेकर रामजीलाल के साथ राजीनामा हुआ था। हालांकि, बाद में रामजीलाल ने यह भरोसा तोड़ दिया और अपनी पहली पत्नी को अपने साथ नहीं रखा। इस स्थिति से परेशान होकर रूमाली ने दूसरी शादी कर ली। अब रामजीलाल के निधन के बाद वारिसों के बीच संपत्ति को लेकर झगड़ा चल रहा है। इस पूरे विवाद के बीच यह बात भी सामने आई है कि बालकों का भी विरासत में हक बनता है।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा और विभिन्न किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में महापंचायत का आयोजन किया। किसान पिछले 1.5 वर्षों से इस समझौते के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं और विभिन्न पंचायत, यात्राओं तथा धरना-प्रदर्शनों के माध्यम से इसके संभावित खतरों के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं। इस दौरान किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह कोई साधारण व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने समय रहते एकजुट होकर शांतिपूर्ण आंदोलन करने का आह्वान किया है, ताकि भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के सामने संकट न खड़ा हो। प्रदर्शनकारी किसानों की यह स्पष्ट मांग है कि इस व्यापार समझौते को पूरी तरह से रद्द किया जाए।2
- बुलंदशहर की शिकारपुर कोतवाली के अंतर्गत कस्बा शिकारपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जहांगीराबाद चुंगी पर बिरयानी की ठेली लगाने वाले एक विक्रेता की वेज बिरयानी में मरी हुई छिपकली का सिर मिला है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। घटना का खुलासा तब हुआ जब एक युवक ने वेज बिरयानी में छिपकली का सिर मिलने के बाद इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विक्रेता रोज की तरह अपनी बिरयानी बेच रहा था, जिससे कई लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा गया। वीडियो सामने आने के बावजूद अब तक बिरयानी विक्रेता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसे लेकर जनता में तीखी प्रतिक्रिया है। लोगों का आरोप है कि खाद्य विभाग की लापरवाही के कारण ही इस तरह की घटना के बाद भी दोषी के विरुद्ध कदम नहीं उठाया गया है।4
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित भवानीपूर गाँव में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले 10 से 15 वर्षों में यहाँ सड़क, बिजली और पक्की सड़कों के निर्माण के मामले में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्थिति इतनी खराब है कि स्कूली बच्चों को रोजाना बरसाती पानी और कीचड़ के बीच से गुजरकर शिक्षा के लिए जाना पड़ता है, साथ ही गाँव में बच्चों के खेलने के लिए कोई मैदान भी उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'ट्रिपल इंजन' सरकार के विकास दावों पर निशाना साधते हुए इसे 'डिजिटल भारत' के दावों के विपरीत बताया है। समुदाय का आरोप है कि अलीगढ़ में बंजारा जाति के गाँवों में विकास की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों का स्पष्ट प्रश्न है कि क्या बंजारा समाज से होने के कारण ही उनके गाँव में विकास योजनाएं नहीं पहुंच रही हैं। समाज का तर्क है कि अन्य जातियों के गाँवों में उन्हें पूर्ण विकास नजर आता है, जबकि बंजारा बहुल गाँवों की स्थिति उपेक्षित बनी हुई है। पूरी बंजारा बिरादरी अब यह पूछ रही है कि आखिर विकास की दौड़ में उनके गाँवों को पीछे क्यों रखा गया है।4
- अलीगढ़ कलेक्ट्रेट कचहरी परिसर में महिला अधिवक्ता लक्ष्मी यादव ने अधिवक्ताओं द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न से परेशान होकर सड़क पर लेटकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप किया और महिला अधिवक्ता को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।1
- मेरठ प्रकरण को लेकर चौधरी राकेश टिकैत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह का व्यवहार सामने आया है, वह किसी एसएसपी का नहीं हो सकता। #मेरठ प्रकरण के संदर्भ में दी गई यह टिप्पणी सीधे तौर पर पुलिस अधिकारी की कार्यशैली और आचरण पर सवाल खड़ा करती है।1
- अलीगढ़ के धौर्रा बाईपास रोड पर क्वार्सी थाना क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घटना के संबंध में स्थानीय स्तर पर जानकारी सामने आई है, जिसमें बड़ी दुर्घटना को टलने की बात कही गई है।1