बुलंदशहर की शिकारपुर कोतवाली के अंतर्गत कस्बा शिकारपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जहांगीराबाद चुंगी पर बिरयानी की ठेली लगाने वाले एक विक्रेता की वेज बिरयानी में मरी हुई छिपकली का सिर मिला है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। घटना का खुलासा तब हुआ जब एक युवक ने वेज बिरयानी में छिपकली का सिर मिलने के बाद इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विक्रेता रोज की तरह अपनी बिरयानी बेच रहा था, जिससे कई लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा गया। वीडियो सामने आने के बावजूद अब तक बिरयानी विक्रेता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसे लेकर जनता में तीखी प्रतिक्रिया है। लोगों का आरोप है कि खाद्य विभाग की लापरवाही के कारण ही इस तरह की घटना के बाद भी दोषी के विरुद्ध कदम नहीं उठाया गया है।
बुलंदशहर की शिकारपुर कोतवाली के अंतर्गत कस्बा शिकारपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जहांगीराबाद चुंगी पर बिरयानी की ठेली लगाने वाले एक विक्रेता की वेज बिरयानी में मरी हुई छिपकली का सिर मिला है। इस
घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। घटना का खुलासा तब हुआ जब एक युवक ने वेज बिरयानी में छिपकली का सिर मिलने के बाद इसका वीडियो बनाकर सोशल
मीडिया पर वायरल कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विक्रेता रोज की तरह अपनी बिरयानी बेच रहा था, जिससे कई लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा गया। वीडियो सामने आने के बावजूद अब तक बिरयानी विक्रेता के खिलाफ कोई कार्रवाई
नहीं हुई है, जिसे लेकर जनता में तीखी प्रतिक्रिया है। लोगों का आरोप है कि खाद्य विभाग की लापरवाही के कारण ही इस तरह की घटना के बाद भी दोषी के विरुद्ध कदम नहीं उठाया गया है।
- बुलंदशहर की शिकारपुर कोतवाली के अंतर्गत कस्बा शिकारपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जहांगीराबाद चुंगी पर बिरयानी की ठेली लगाने वाले एक विक्रेता की वेज बिरयानी में मरी हुई छिपकली का सिर मिला है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। घटना का खुलासा तब हुआ जब एक युवक ने वेज बिरयानी में छिपकली का सिर मिलने के बाद इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विक्रेता रोज की तरह अपनी बिरयानी बेच रहा था, जिससे कई लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा गया। वीडियो सामने आने के बावजूद अब तक बिरयानी विक्रेता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसे लेकर जनता में तीखी प्रतिक्रिया है। लोगों का आरोप है कि खाद्य विभाग की लापरवाही के कारण ही इस तरह की घटना के बाद भी दोषी के विरुद्ध कदम नहीं उठाया गया है।4
- अलीगढ़ जिले के गांगरोल गांव में एक किशोर अमन को सांप ने उसके घर पर पैर में काट लिया। अमन, जो विक्रम का पुत्र है, सांप के काटने के बाद गंभीर रूप से बीमार हो गया। परिजनों ने आनन-फानन में उसे उपचार के लिए हाथरस जिला अस्पताल पहुँचाया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर तत्काल उपचार शुरू किया।1
- दक्षिण मध्य रेलवे ने नंदीग्राम एक्सप्रेस की फर्स्ट एसी बर्थ को विवाहित जोड़े के लिए विशेष रूप से सजाने के वायरल वीडियो मामले में सख्त कार्रवाई की है। जांच के दौरान पता चला कि यह घटना 6 जुलाई की है, जब एक दंपति ने फर्स्ट एसी कूपे बुक करवाया था और सजावट के लिए एक निजी ऑनलाइन डेकोरेटर को ट्रेन में बुलाया था। इस घटना के सामने आने के बाद, रेलवे ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में उस समय तैनात टिकट चेकर (टीटीई) को निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, रेलवे ने बिना टिकट ट्रेन में प्रवेश करके कूपे को सजाने वाले निजी डेकोरेटर के खिलाफ भी रेलवे अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच जारी है।1
- अलीगढ़ जनपद की इगलास तहसील स्थित बेसवा कस्बे में सीजन की पहली बारिश के बाद ही बदहाली की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कस्बे के मुख्य बाजार में जगह-जगह गंदगी के अंबार लग गए हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस मामले में जब नगर पंचायत अध्यक्ष से संपर्क किया गया, तो उन्होंने जल्द ही गंदगी की सफाई करवाने का आश्वासन दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित रोहाना टोल प्लाजा पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले की कुछ गाड़ियों को रोक लिया। इस दौरान चंद्रशेखर आजाद और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विवाद के दौरान एक इंस्पेक्टर और भीम आर्मी के बीच बहस भी हुई, जिसमें इंस्पेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि वे इंस्पेक्टर हैं और इंस्पेक्टर ही रहेंगे। यह घटनाक्रम चंद्रशेखर आजाद और पुलिस के आमने-सामने आने के बाद चर्चा में आया है।1