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दमोह जिले में आरईएस विभाग के कार्यालय में एक कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। आरोप है कि ठेकेदार से जुड़े कुछ लोगों ने विभाग के एस.एस.ई. राजीव लोचन चौबे पर हमला कर उनके साथ मारपीट की। घटना के समय अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर श्री चौबे को बचाया। इस घटना के बाद, विभाग के सभी कर्मचारी लामबंद होकर कोतवाली पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
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दमोह जिले में आरईएस विभाग के कार्यालय में एक कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। आरोप है कि ठेकेदार से जुड़े कुछ लोगों ने विभाग के एस.एस.ई. राजीव लोचन चौबे पर हमला कर उनके साथ मारपीट की। घटना के समय अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर श्री चौबे को बचाया। इस घटना के बाद, विभाग के सभी कर्मचारी लामबंद होकर कोतवाली पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
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- देर रात हुई अपनी ट्रेन यात्रा के पश्चात पूज्य सरकार बाबा बागेश्वर दिल्ली पहुंचे। दिल्ली के हज़रत निजामुद्दीन स्टेशन पर उनके भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया।1
- एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है जहाँ एक ब्यूटी सैलून की मालकिन यास्मीन खान ने युवा ईसाई और हिंदू महिलाओं को लुभाने के लिए उन्हें "मुफ्त" कोर्स का लालच दिया। जब ये युवतियां वहां पहुंचीं, तो यास्मीन ने उनके ड्रिंक्स में नशीली दवा मिला दी, जिसके बाद वे बेहोश हो गईं। युवतियों के बेहोश होते ही, यास्मीन ने अपने शौहर मोहम्मद खान को बुलाया, जिसने उनके साथ रेप किया, जबकि यास्मीन खुद दरवाजे पर पहरा देती रही। उन्होंने इन गलत हरकतों को रिकॉर्ड किया ताकि युवतियों को ब्लैकमेल किया जा सके और उन्हें और अधिक मुस्लिम पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जा सके। जब उससे पूछताछ की गई तो यास्मीन ने इन घृणित अपराधों को यह कहकर सही ठहराया कि "गैर-मुस्लिम लड़कियों" के साथ रेप में मदद करने से उसे "जन्नत" मिलेगी। इस पूरी घटना को "चुस्लाम" बताया गया है।1
- मंगलवार को कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में छतरपुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर बलबीर रमन और विभागीय जिलाधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे, जबकि जिले के अनुभागों के एसडीएम और तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। जनसुनवाई में कुल 220 शिकायती आवेदन प्राप्त हुए, जिनका परीक्षण किया गया और संबंधित विभागों को उनके प्राथमिकता के आधार पर निराकरण के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान शिक्षा, राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, ग्रामीण विकास, विद्युत मंडल, स्वास्थ्य, खाद्य, आदिम जाति, श्रम, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित शिकायतें सुनी गईं। संयुक्त कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने का आदेश दिया। जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि प्राप्त आवेदनों का प्रमुखता के साथ निराकरण सुनिश्चित करें।1
- कटनी जिले के बिलहरी चौकी क्षेत्र में कथित रूप से संचालित जुआ और सट्टा कारोबार का पर्दाफाश करने वाले पत्रकारों ने अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है। पत्रकारों ने मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और उन लोगों पर कार्रवाई की जाए जिन्होंने इस खुलासे के बाद उन्हें निशाना बनाते हुए झूठी शिकायतें दर्ज कराई हैं। ज्ञापन में आरोप है कि अवैध कारोबार का खुलासा होने के बाद पत्रकारों के खिलाफ झूठी शिकायतें दी जा रही हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि बिलहरी चौकी के पास हरदौल घाट तालाब किनारे स्थित एक खेत में कथित तौर पर लंबे समय से जुआ और सट्टे का संचालन हो रहा था, जिसमें ई-रिक्शा का भी इस्तेमाल होता था। सूचना मिलने पर 12 जून को तीन पत्रकार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस को सूचित किया। पत्रकारों का दावा है कि पुलिस के आने की भनक लगते ही मौके पर मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज छिपाने का प्रयास किया। बाद में पुलिस के पहुंचने पर खेत से कुछ सामग्री बरामद होने की बात ज्ञापन में कही गई है, जिसके बाद यह खबर प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद, ज्ञापन के अनुसार, कुछ लोगों ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर पत्रकारों पर डराकर पैसे लेने का आरोप लगाया है। पत्रकारों ने इस आरोप को पूरी तरह से झूठा और दबाव बनाने की कोशिश बताया है। उन्होंने मांग की है कि यदि शिकायतें झूठी पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। पत्रकारों ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़े करती हैं। गौरतलब है कि इस मामले में लगाए गए आरोप पत्रकारों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के दावों पर आधारित हैं। वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों और पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।1
- कटनी जिले के बिलहरी चौकी क्षेत्र में जुआ और सट्टा कारोबार का कथित रूप से खुलासा करने वाले पत्रकार अब न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे हैं। पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि अवैध गतिविधियों को उजागर करने के बाद उन्हें झूठी शिकायतों के ज़रिए फंसाने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन के अनुसार, पत्रकारों को बिलहरी चौकी के पास हरदौल घाट तालाब किनारे स्थित एक खेत में लंबे समय से जुआ और सट्टे का कारोबार चलने की जानकारी मिली थी। बताया गया कि 12 जून को तीन पत्रकार मौके पर पहुंचे और स्थिति जानने के बाद पुलिस को सूचना दी। पत्रकारों का दावा है कि पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही मौके पर मौजूद लोगों ने कथित तौर पर हिसाब-किताब से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य सामग्री हटाने या छिपाने का प्रयास किया। पुलिस के पहुंचने पर खेत से कुछ सामग्री भी बरामद होने की बात ज्ञापन में कही गई है, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर समाचार प्रकाशित किया गया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि खबर छपने के बाद कुछ लोगों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर उन पर डराकर पैसे लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकारों ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, निराधार और दबाव बनाने की साजिश बताया है। उनका कहना है कि समाजहित में अवैध गतिविधियों का खुलासा करने पर सच्चाई सामने लाने वालों को ही निशाना बनाया जाता है। उन्होंने इसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए चिंता का विषय बताते हुए चेतावनी दी कि यदि झूठे मामलों में फंसाने की कोशिशें जारी रहीं, तो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निष्पक्षता प्रभावित होगी। ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि शिकायतें झूठी पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई हो। साथ ही, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। उन्होंने जोर देकर कहा, "सच दिखाने वालों को डराने की नहीं, संरक्षण देने की जरूरत है। लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता ही समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करती है।"1
- दमोह शहर के बिलबारी मोहल्ले में मंगलवार सुबह करीब 9 बजे पेयजल सप्लाई की मुख्य पाइपलाइन अचानक फूट गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पाइपलाइन में अधिक दबाव होने के कारण पानी फव्वारे की तरह काफी ऊंचाई तक उछलकर बहने लगा। इस घटना को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। पाइपलाइन फूटने से बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर बहता रहा, वहीं मोहल्ले के बच्चे पानी के इस फव्वारे के बीच आनंद लेते नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, और यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद नागरिकों ने भीषण गर्मी के इस दौर में हजारों गैलन पेयजल की बर्बादी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि जल संकट के समय इस तरह पानी का व्यर्थ बहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने नगर पालिका और संबंधित विभाग से तत्काल सुधार कार्य कराने, पानी की बर्बादी रोकने तथा इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।1
- छतरपुर एसपी कार्यालय में एक पिता-पुत्र ने चोरी के एक पुराने मामले में कार्रवाई न होने से नाराज होकर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर विरोध जताने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उन्हें यह कदम उठाने से रोक लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि एक साल पहले हुई चोरी के इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने पूर्व थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि चोरी का माल हड़प लिया गया है। अपनी मांगों को लेकर पिता-पुत्र एसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए, जिसके बाद सिविल लाइन और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची और उन्होंने स्थिति को शांत कराया।1
- कटनी नगर से व्यक्त किए गए एक भक्तिपूर्ण संदेश में, माँ शेरावाली को जीवन का सच्चा और एकमात्र सहारा बताया गया है। भक्त ने अपनी अटूट आस्था जताते हुए कहा कि जीवन की हर कठिन राह पर माँ की कृपा और आशीर्वाद ही उन्हें शक्ति प्रदान करते हैं। जब भी मन दुखी होता है, माँ शेरावाली का स्मरण नई उम्मीद और विश्वास से भर देता है। संदेश में आगे कहा गया है कि माँ की ममता, करुणा और दिव्य शक्ति के कारण ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। यह निवेदन किया गया है कि हे जगदंबा, वे अपने भक्तों पर सदा कृपा बनाए रखें और उन्हें सही मार्ग दिखाती रहें। अंत में, भक्त ने माँ शेरावाली के चरणों में अपना संपूर्ण विश्वास और संसार समर्पित करते हुए उनसे हर पल हाथ थामे रखने की प्रार्थना की है। यह दोहराया गया है कि माँ ही उनकी शक्ति, उनका विश्वास और उनका सबसे बड़ा सहारा हैं।1
- जबलपुर के एसपी कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान उस समय हंगामा मच गया, जब अपनी-अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि बात मारपीट तक पहुंच गई और परिसर में लात-घूंसे चलने लगे, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल दोनों महिलाओं को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया और उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1