कटनी जिले के बिलहरी चौकी क्षेत्र में जुआ और सट्टा कारोबार का कथित रूप से खुलासा करने वाले पत्रकार अब न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे हैं। पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि अवैध गतिविधियों को उजागर करने के बाद उन्हें झूठी शिकायतों के ज़रिए फंसाने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन के अनुसार, पत्रकारों को बिलहरी चौकी के पास हरदौल घाट तालाब किनारे स्थित एक खेत में लंबे समय से जुआ और सट्टे का कारोबार चलने की जानकारी मिली थी। बताया गया कि 12 जून को तीन पत्रकार मौके पर पहुंचे और स्थिति जानने के बाद पुलिस को सूचना दी। पत्रकारों का दावा है कि पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही मौके पर मौजूद लोगों ने कथित तौर पर हिसाब-किताब से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य सामग्री हटाने या छिपाने का प्रयास किया। पुलिस के पहुंचने पर खेत से कुछ सामग्री भी बरामद होने की बात ज्ञापन में कही गई है, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर समाचार प्रकाशित किया गया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि खबर छपने के बाद कुछ लोगों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर उन पर डराकर पैसे लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकारों ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, निराधार और दबाव बनाने की साजिश बताया है। उनका कहना है कि समाजहित में अवैध गतिविधियों का खुलासा करने पर सच्चाई सामने लाने वालों को ही निशाना बनाया जाता है। उन्होंने इसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए चिंता का विषय बताते हुए चेतावनी दी कि यदि झूठे मामलों में फंसाने की कोशिशें जारी रहीं, तो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निष्पक्षता प्रभावित होगी। ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि शिकायतें झूठी पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई हो। साथ ही, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। उन्होंने जोर देकर कहा, "सच दिखाने वालों को डराने की नहीं, संरक्षण देने की जरूरत है। लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता ही समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करती है।"
कटनी जिले के बिलहरी चौकी क्षेत्र में जुआ और सट्टा कारोबार का कथित रूप से खुलासा करने वाले पत्रकार अब न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे हैं। पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि अवैध गतिविधियों को उजागर करने के बाद उन्हें झूठी शिकायतों के ज़रिए फंसाने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन के अनुसार, पत्रकारों को बिलहरी चौकी के पास हरदौल घाट तालाब किनारे स्थित एक खेत में लंबे समय से जुआ और सट्टे का कारोबार चलने की जानकारी मिली थी। बताया गया कि 12 जून को तीन पत्रकार मौके पर पहुंचे और स्थिति जानने के बाद पुलिस को सूचना दी। पत्रकारों का दावा है कि पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही मौके पर मौजूद लोगों ने कथित तौर पर हिसाब-किताब से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य सामग्री हटाने या छिपाने का प्रयास किया। पुलिस के पहुंचने पर खेत से कुछ सामग्री भी बरामद होने की बात ज्ञापन में कही गई है, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर समाचार प्रकाशित किया गया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि खबर छपने के बाद कुछ लोगों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर उन पर डराकर पैसे लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकारों ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, निराधार और दबाव बनाने की साजिश बताया है। उनका कहना है कि समाजहित में अवैध गतिविधियों का खुलासा करने पर सच्चाई सामने लाने वालों को ही निशाना बनाया जाता है। उन्होंने इसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए चिंता का विषय बताते हुए चेतावनी दी कि यदि झूठे मामलों में फंसाने की कोशिशें जारी रहीं, तो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निष्पक्षता प्रभावित होगी। ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि शिकायतें झूठी पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई हो। साथ ही, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। उन्होंने जोर देकर कहा, "सच दिखाने वालों को डराने की नहीं, संरक्षण देने की जरूरत है। लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता ही समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करती है।"
- कटनी जिले के बिलहरी चौकी क्षेत्र में कथित रूप से संचालित जुआ और सट्टा कारोबार का पर्दाफाश करने वाले पत्रकारों ने अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है। पत्रकारों ने मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और उन लोगों पर कार्रवाई की जाए जिन्होंने इस खुलासे के बाद उन्हें निशाना बनाते हुए झूठी शिकायतें दर्ज कराई हैं। ज्ञापन में आरोप है कि अवैध कारोबार का खुलासा होने के बाद पत्रकारों के खिलाफ झूठी शिकायतें दी जा रही हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि बिलहरी चौकी के पास हरदौल घाट तालाब किनारे स्थित एक खेत में कथित तौर पर लंबे समय से जुआ और सट्टे का संचालन हो रहा था, जिसमें ई-रिक्शा का भी इस्तेमाल होता था। सूचना मिलने पर 12 जून को तीन पत्रकार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस को सूचित किया। पत्रकारों का दावा है कि पुलिस के आने की भनक लगते ही मौके पर मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज छिपाने का प्रयास किया। बाद में पुलिस के पहुंचने पर खेत से कुछ सामग्री बरामद होने की बात ज्ञापन में कही गई है, जिसके बाद यह खबर प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद, ज्ञापन के अनुसार, कुछ लोगों ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर पत्रकारों पर डराकर पैसे लेने का आरोप लगाया है। पत्रकारों ने इस आरोप को पूरी तरह से झूठा और दबाव बनाने की कोशिश बताया है। उन्होंने मांग की है कि यदि शिकायतें झूठी पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। पत्रकारों ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़े करती हैं। गौरतलब है कि इस मामले में लगाए गए आरोप पत्रकारों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के दावों पर आधारित हैं। वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों और पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।1
- कटनी जिले के बिलहरी चौकी क्षेत्र में जुआ और सट्टा कारोबार का कथित रूप से खुलासा करने वाले पत्रकार अब न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे हैं। पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि अवैध गतिविधियों को उजागर करने के बाद उन्हें झूठी शिकायतों के ज़रिए फंसाने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन के अनुसार, पत्रकारों को बिलहरी चौकी के पास हरदौल घाट तालाब किनारे स्थित एक खेत में लंबे समय से जुआ और सट्टे का कारोबार चलने की जानकारी मिली थी। बताया गया कि 12 जून को तीन पत्रकार मौके पर पहुंचे और स्थिति जानने के बाद पुलिस को सूचना दी। पत्रकारों का दावा है कि पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही मौके पर मौजूद लोगों ने कथित तौर पर हिसाब-किताब से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य सामग्री हटाने या छिपाने का प्रयास किया। पुलिस के पहुंचने पर खेत से कुछ सामग्री भी बरामद होने की बात ज्ञापन में कही गई है, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर समाचार प्रकाशित किया गया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि खबर छपने के बाद कुछ लोगों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर उन पर डराकर पैसे लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकारों ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, निराधार और दबाव बनाने की साजिश बताया है। उनका कहना है कि समाजहित में अवैध गतिविधियों का खुलासा करने पर सच्चाई सामने लाने वालों को ही निशाना बनाया जाता है। उन्होंने इसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए चिंता का विषय बताते हुए चेतावनी दी कि यदि झूठे मामलों में फंसाने की कोशिशें जारी रहीं, तो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निष्पक्षता प्रभावित होगी। ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि शिकायतें झूठी पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई हो। साथ ही, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। उन्होंने जोर देकर कहा, "सच दिखाने वालों को डराने की नहीं, संरक्षण देने की जरूरत है। लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता ही समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करती है।"1
- कटनी नगर से व्यक्त किए गए एक भक्तिपूर्ण संदेश में, माँ शेरावाली को जीवन का सच्चा और एकमात्र सहारा बताया गया है। भक्त ने अपनी अटूट आस्था जताते हुए कहा कि जीवन की हर कठिन राह पर माँ की कृपा और आशीर्वाद ही उन्हें शक्ति प्रदान करते हैं। जब भी मन दुखी होता है, माँ शेरावाली का स्मरण नई उम्मीद और विश्वास से भर देता है। संदेश में आगे कहा गया है कि माँ की ममता, करुणा और दिव्य शक्ति के कारण ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। यह निवेदन किया गया है कि हे जगदंबा, वे अपने भक्तों पर सदा कृपा बनाए रखें और उन्हें सही मार्ग दिखाती रहें। अंत में, भक्त ने माँ शेरावाली के चरणों में अपना संपूर्ण विश्वास और संसार समर्पित करते हुए उनसे हर पल हाथ थामे रखने की प्रार्थना की है। यह दोहराया गया है कि माँ ही उनकी शक्ति, उनका विश्वास और उनका सबसे बड़ा सहारा हैं।1
- कटनी के संतनगर स्थित ब्रेनी बियर प्री स्कूल में आयोजित समर कैंप का समापन एवं सम्मान समारोह बड़े उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में भाजपा मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्री श्याम निषाद ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि वार्ड पार्षद श्री जयनारायण निषाद विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। अतिथियों ने बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान बच्चों ने नृत्य, गीत, कला और हस्तकला सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी इन प्रस्तुतियों की उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने खुले दिल से सराहना की और बच्चों की कड़ी मेहनत व आत्मविश्वास की खूब प्रशंसा की। समर कैंप में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले बच्चों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यालय की प्रिंसिपल मैडम, समस्त शिक्षकों और विद्यालय के डायरेक्टर श्री सतीश सोनी (गुड्डू चाचा) के प्रयासों की भी सराहना की। अतिथियों ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों के लिए बधाई और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागी बच्चों और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं देकर किया गया। इस भव्य अवसर पर विद्यालय परिवार, अभिभावक और कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।1
- समाजवादी पार्टी के सांसद और अखिलेश यादव के करीबी जावेद अली के एक बयान पर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा है कि "बहुसंख्यक समाज (यानी हिंदू समाज) अब बहुत जहरीला हो गया है"। इस बयान के जवाब में, टिप्पणीकार ने सपा पर हिंदुओं को लगातार अपमानित करने और कथित मुस्लिम-परस्त नीति अपनाने का आरोप लगाया है, साथ ही विभिन्न घटनाओं का हवाला भी दिया है। आरोप है कि हाल ही में देहरादून में मुसलमानों ने एक पिछड़े समाज के हिंदू की पीट-पीट कर हत्या कर दी। इससे पहले, उन्नाव में मुसलमानों द्वारा एक मंदिर के पुजारी की तलवार से इसलिए हत्या कर दी गई थी, क्योंकि उसने अजान के समय आरती बजा दी थी। टिप्पणीकार का कहना है कि हर रोज हिंदुओं को मारा-काटा जा रहा है और हिंदू लड़कियों का बलात्कार किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद समाजवादी पार्टी हिंदुओं को ही "जहरीला" बता रही है। आरोप यह भी है कि भारत का विपक्ष और खासकर समाजवादी पार्टी लगातार हिंदुओं को अपमानित कर रहे हैं, कभी रामचरितमानस का अपमान करते हैं तो कभी सनातन को डेंगू-मलेरिया बताते हैं। इस पृष्ठभूमि में, व्यंग्यपूर्वक कहा गया है कि ऐसे में वही हिंदू समाजवादी पार्टी को वोट देगा जिसके घर में किसी "जावेद पंचर वाला" या "असलम कबाड़ी वाला" का आना-जाना लगा होगा। कहा गया है कि यही बहुसंख्यक हिंदू समाज, हिंदू धर्म-संस्कृति विरोधी और मुस्लिम परस्त सपा का संपूर्ण सफाया करेगा, जैसा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के साथ हुआ। सपा मुस्लिम नेता के इन हिंदू विरोधी और जहरीले बयानों को सपा की "लंका लगाने" वाला बताया गया है, जिसका नतीजा अगले चुनाव में स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।1
- देर रात हुई अपनी ट्रेन यात्रा के पश्चात पूज्य सरकार बाबा बागेश्वर दिल्ली पहुंचे। दिल्ली के हज़रत निजामुद्दीन स्टेशन पर उनके भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया।1
- मैहर जिले में, मैहर मछली मंडी के ठीक बगल में अवैध शराब खुलेआम बेची जा रही है। यह स्थिति सीधे तौर पर प्रशासन की नाक के नीचे उत्पन्न हो रही है, जिससे उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।1
- Post by Balkishan Namdev1