बिल्सी थाना क्षेत्र के बमेड़ गांव के किसानों ने सोमवार को बिजली कटौती के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर उनके गांव के साथ सौतेला व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने शिकायत की कि जहां अन्य गांवों को सिंचाई के लिए लगातार बिजली मिल रही है, वहीं उनके गांव को तीन दिन में केवल 3 घंटे बिजली दी जा रही है, जिसके कारण उनकी मक्का की फसल सूख रही है। किसानों ने चिंता व्यक्त की कि यदि फसल नहीं होगी तो उनका जीवन-यापन कैसे होगा। किसानों ने यह भी बताया कि जो थोड़ी-बहुत बिजली आती भी है, उसमें बार-बार ट्रिपिंग होती रहती है, जिससे उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन बिजली विभाग पर कोई असर नहीं हुआ। ग्रामीण राजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि बिजली बरौलिया तक आती है, लेकिन बमेड़ गांव में नहीं, जिससे उनकी मक्का की फसल बर्बाद हो रही है। सतीश चंद्र ने तीन घंटे की बिजली में भी लगातार ट्रिपिंग की समस्या बताई, जिसे उन्होंने व्यर्थ बताया। वीरेंद्र ने भी बार-बार शिकायत के बावजूद अपने गांव के साथ सौतेले व्यवहार की बात दोहराई। इस मामले को लेकर उप जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह से बात की गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे बिजली विभाग के अधिकारियों से चर्चा करेंगे और इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान कराया जाएगा।
बिल्सी थाना क्षेत्र के बमेड़ गांव के किसानों ने सोमवार को बिजली कटौती के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर उनके गांव के साथ सौतेला व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने शिकायत की कि जहां अन्य गांवों को सिंचाई के लिए लगातार बिजली मिल रही है, वहीं उनके गांव को तीन दिन में केवल 3 घंटे बिजली दी जा रही है, जिसके कारण उनकी मक्का की फसल सूख रही है। किसानों ने चिंता व्यक्त की कि यदि फसल नहीं होगी तो उनका जीवन-यापन कैसे होगा। किसानों ने यह भी बताया कि जो थोड़ी-बहुत बिजली आती भी है, उसमें बार-बार ट्रिपिंग होती रहती है, जिससे उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन बिजली विभाग पर कोई असर नहीं हुआ। ग्रामीण राजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि बिजली बरौलिया तक आती है, लेकिन बमेड़ गांव में नहीं, जिससे उनकी मक्का की फसल बर्बाद हो रही है। सतीश चंद्र ने तीन घंटे की बिजली में भी लगातार ट्रिपिंग की समस्या बताई, जिसे उन्होंने व्यर्थ बताया। वीरेंद्र ने भी बार-बार शिकायत के बावजूद अपने गांव के साथ सौतेले व्यवहार की बात दोहराई। इस मामले को लेकर उप जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह से बात की गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे बिजली विभाग के अधिकारियों से चर्चा करेंगे और इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान कराया जाएगा।
- बदायूं की एसएसपी अंकिता शर्मा ने ईद-उल-अज़्हा (बकरीद) के अवसर पर एक विशेष अपील जारी की है, जिसमें उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारे के साथ बकरीद मनाने का आग्रह किया है। एसएसपी शर्मा ने खुले में कुर्बानी देने और अफवाहें फैलाने पर कड़ा पहरा रखने की बात कही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और सोशल मीडिया पर भी पैनी नज़र रखी जाएगी।1
- बदायूँ जिले के हरी नगला बावत ललई गांव में स्थित प्रसिद्ध मजार पर आयोजित कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह मजार हिंदू और मुस्लिम दोनों की आस्था को दर्शाती है, और आज यह मेले का कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित हुआ।1
- उत्तर प्रदेश के Budaun स्थित गांधी नेत्र चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर भारत स्काउट गाइड संस्था द्वारा आयोजित निशुल्क जल सेवा शिविर के 25वें दिन राहगीरों और यात्रियों को शीतल जल और शरबत वितरित किया गया। तपती धूप और गर्म हवाओं के बीच शरबत पाकर लोगों ने काफी राहत महसूस की और स्काउट-गाइड के सेवा कार्यों की जमकर सराहना की। इस शरबत वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका चेयरमैन फात्मा रजा ने फीता काटकर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भीषण गर्मी में प्यासे लोगों को शीतल जल और शरबत पिलाना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। फात्मा रजा ने स्काउट-गाइड संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संगठन समाजसेवा के माध्यम से लगातार मानवता का संदेश दे रहा है, जो अन्य संगठनों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने युवाओं से समाज सेवा कर देश का गौरव बनने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर स्काउट संस्था के प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला मुख्यायुक्क्त महेश चंद्र सक्सेना ने सेवा, अनुशासन और समर्पण को स्काउट-गाइड की पहचान बताया। उन्होंने यह भी कहा कि निस्वार्थ सेवा से बच्चे देशभक्त और क्रांतिकारी बनते हैं। राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान प्राप्त जिला संगठन कमिश्नर मोहम्मद असरार ने बच्चों को चुनौतियों को स्वीकारने और राष्ट्र के लिए उपयोगी बनने की प्रेरणा दी। पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि आज, 26 मई को भी शरबत वितरण जारी रहेगा, जबकि 27 मई को पिछले एक माह से लगातार जल सेवा में जुटे स्काउट-गाइड को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जिला सचिव आलोक कुमार पाठक, राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान प्राप्त कुंवरसेन, कमलेश ज्ञानी, नंदराम शाक्य, अवधेश सक्सेना, मधुरिमा रस्तोगी, फरदीन अहमद, हिमांशु कश्यप, सचिन यादव, शुभम यादव, अमोली सक्सेना, उर्मी मौर्य, यष्टि सक्सेना, आकांक्षा साहू, सिद्धि गुप्ता, सचिन पाल, रुचित बाबू और प्रेम सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति व स्काउट-गाइड के सदस्य मौजूद रहे।1
- बरेली के थाना भमोरा पुलिस ने शनिवार रात करीब 9 बजे बल्लिया बाजार में कार्रवाई करते हुए जुआ खेलते हुए पाँच लोगों को गिरफ्तार किया। चौकी प्रभारी शैलेंद्र तोमर के नेतृत्व में मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, मौके से त्रिकुनिया निवासी धर्मेंद्र, ब्रह्मपुर निवासी भूरे, श्यामपुर निवासी अजय मौर्य और बल्लिया निवासी गौरव व आशीष यादव को पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से 12,270 रुपये नकद और 52 पत्तों की ताश बरामद हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज करते हुए आवश्यक कानूनी कार्यवाही की है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप निरीक्षक केशव कुमार, कांस्टेबल प्रदीप, विनोद समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।2
- बिहार से एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मियों पर एक एम्बुलेंस चालक को रोकने, उससे बदसलूकी करने और अवैध रूप से जुर्माना मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के समय एम्बुलेंस में एक मरीज भी मौजूद था, लेकिन इसके बावजूद वाहन को रोका गया और बहस की स्थिति पैदा हो गई। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि एम्बुलेंस चालक बार-बार यह कह रहा है कि उसकी कोई गलती नहीं है, बल्कि गलती पुलिस की तरफ से हुई है। इस पर एक पुलिसकर्मी कथित तौर पर गुस्सा होकर ड्राइवर को धमकाने और मारपीट करने के लिए उसकी तरफ दौड़ता नजर आता है। आरोप है कि बिना किसी ठोस वजह के जुर्माना वसूलने की कोशिश की जा रही थी। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या अब आपातकालीन सेवाओं को भी इसी तरह रोका जाएगा और क्या हमेशा आम आदमी को ही निशाना बनाया जाएगा। यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है और लोग पुलिस के इस रवैये पर अपनी कड़ी नाराजगी जता रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।1
- बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बकरीद पर्व को शांतिपूर्वक मनाने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी खुले स्थान पर जानवरों की कुर्बानी न दी जाए और जिन पशुओं पर प्रतिबंध है, उनकी कुर्बानी से बचें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस को किसी भी जगह पर प्रतिबंधित जानवर की कुर्बानी दिए जाने की जानकारी मिलती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से ऐसी कार्रवाई से बचने और त्योहार को शांति व सौहार्द के साथ मनाने का आग्रह किया।1
- बदायूं जनपद में 25 मई 2026 को गंगा दशहरा पर्व पर गंगा स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें 15 वर्षीय किशोर सिलेरा की मृत्यु हो गई और एक 10 वर्षीय किशोर अभी भी लापता है। लापता किशोर की तलाश पुलिस गोताखोर और ब्लड पाक द्वारा की जा रही है। यह घटना जनपद हाथरस के ग्राम कानू वकानू और ग्राम पिचोटी से आए एक ही परिवार के सात लोगों के साथ हुई। ये सभी जेठ माह के गंगा दशहरा पर्व पर बदायूं में गंगा स्नान के लिए आए थे। उन्होंने कछला घाट पर स्नान न करके, घाट से लगभग 2 किलोमीटर दूर नरोरा की तरफ एक गहरे गड्ढे में गंगा स्नान करना शुरू किया। अचानक सभी लोग डूबने लगे। सूचना मिलने पर, नाविको और स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पाँच लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया। हालांकि, दो लोग गहरे पानी में डूब गए, जिनमें से 15 वर्षीय किशोर सिलेरा ने अपनी जान गंवा दी। हादसे की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी अवनीश राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकित शर्मा ने कछला घाट के नजदीक घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।4
- ज्येष्ठ माह के दशहरे पर्व पर गंगा स्नान के लिए हाथरस जनपद के हसाइन थाना क्षेत्र के कानू गाँव से उझानी (बदायूँ) स्थित गंगा घाट पर आए एक ही परिवार के छह लोग गंगा में डूबने लगे। चीख-पुकार सुनकर गंगा घाट पर मौजूद तैराकों ने कड़ी मशक्कत के बाद चार लोगों को सकुशल जीवित बाहर निकाल लिया। हालांकि, गोताखोरों द्वारा पानी से बाहर निकाले जाने तक नीलेश पुत्र ओमवीर की मौत हो चुकी थी। इसके अतिरिक्त, लगभग 12 वर्षीय शिखा भी पानी में डूबकर लापता हो गई है। गोताखोर अभी भी शिखा की तलाश कर रहे हैं।2
- प्रदेश या देश में किसी भी दुखद घटना के घटित होने पर, एक व्यक्ति को "बहन मायावती जी का शासन और उनकी सरकार" की याद आती है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो को देखकर गहरा सदमा और खामोशी महसूस हुई है, जिसमें उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी के कार्यकाल के दौरान एक पिता को अपनी बच्ची को गोद में लिए अस्पतालों का चक्कर लगाते देखा गया, जिसका कारण अस्पतालों की कमी बताई गई है। इस घटना के संदर्भ में, देश और प्रदेश की जनता से कई सवाल उठाए गए हैं कि आखिर क्यों वे देश में एक अच्छा शासन लागू करना नहीं चाहते। सवाल है कि क्यों भारत देश की जनता धर्म और जाति के आधार पर वोट करती है। व्यक्ति पूछता है कि क्या देश के इन हालातों को देखकर जनता को दुख नहीं होता और क्या उन्हें यह महसूस नहीं होता कि आज देश में महंगाई चरम सीमा पर है। यह भी पूछा गया है कि क्या सस्ती कीमतों पर कोई भी चीज नहीं खरीदी जा सकती है। विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाया गया है, कि वह इन "तानाशाही नेताओं" का मुकाबला करने और उन्हें प्रदेश व देश की सत्ता से दूर करने के लिए मजबूती से आगे क्यों नहीं आ रहा है। अंत में, यह गंभीर प्रश्न उठाया गया है कि जनता देश का नेतृत्व अच्छे हाथों में क्यों नहीं सौंपती, जिससे जनता की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।1