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दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने प्रदर्शन को लेकर सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि "हमारे सांसद थाने में हैं, जबकि बाहर बच्चों की पिटाई हो रही है।"
Ankur Tripathi
दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने प्रदर्शन को लेकर सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि "हमारे सांसद थाने में हैं, जबकि बाहर बच्चों की पिटाई हो रही है।"
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- दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने प्रदर्शन को लेकर सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि "हमारे सांसद थाने में हैं, जबकि बाहर बच्चों की पिटाई हो रही है।"1
- समाजवादी पार्टी महिला सभा की इटावा जिलाध्यक्ष सीमा यादव ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी पर कड़ा विरोध जताया है। सीमा यादव का कहना है कि सोशल मीडिया पर 'आकाश यादव' नाम की आईडी से उनके खिलाफ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए एक पोस्ट साझा की गई है। इस अमर्यादित पोस्ट से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर ठेस पहुंची है। इस मामले को लेकर सीमा यादव जल्द ही इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मुलाकात करेंगी। वह आरोपी के खिलाफ मानहानि और अन्य उपयुक्त कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग को लेकर एक प्रार्थना पत्र सौंपेंगी। उनका कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी की छवि खराब करने या अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ ऐसी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी दोबारा इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।1
- इटावा जिला कलेक्ट्रेट पर आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष संजीव शाक्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ सरकार के व्यवहार के विरोध में आयोजित किया गया। संजीव शाक्य ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार का यह रवैया सत्ता के अहंकार को दिखाता है, जहाँ किसानों, महिलाओं और अब युवाओं की आवाज़ को लाठियों और आँसू गैस के गोलों से दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं से बेहद परेशान है। ऐसी स्थिति में सोनम वांगचुक जी का अनशन यह साफ दर्शाता है कि युवाओं के मुद्दों पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है और देश की तरक्की के लिए युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना बेहद जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा लिया जाए और श्री सोनम वांगचुक जी व युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और जबरन कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ रोकने के लिए 'पेपर लीक' के खिलाफ सख्त कानून बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के पक्के अवसर सुनिश्चित करने हेतु ठोस नीतियां बनाने की मांग की गई। इसके अलावा, जंतर-मंतर जैसी जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करने की आवाज उठाई गई। इस विरोध प्रदर्शन में संजीव शाक्य, इकरार अहमद, मनोज यादव, अंकुर कुमार, प्रदीप कुमार, धर्मपाल, कैलाश त्रिपाठी और गिरीश बाबू शाक्य आदि लोग प्रमुखता से उपस्थित रहे।1
- इटावा के जसवंतनगर स्थित सिरहौल में एक अनोखी पाठशाला सजी, जहां खेत पाठशाला और प्रकृति गुरु बनी। यहाँ नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के मास्टर ट्रेनर एवं प्रगतिशील किसान अरविंद प्रताप सिंह परिहार के मार्गदर्शन में एरिस्टोटल वर्ल्ड स्कूल के 180 विद्यार्थियों ने प्राकृतिक खेती के गुर सीखे।1
- शिकोहाबाद में हुई महज कुछ घंटों की तेज बारिश ने शिकोहाबाद नगर पालिका के जल निकासी प्रबंधन और करोड़ों रुपये के विकास दावों की पोल खोल कर रख दी है। सालों से जिन नालों पर भारी-भरकम बजट खर्च करने का दावा किया जाता रहा, वे पहली ही तेज बारिश में पूरी तरह नाकाम साबित हुए। नतीजा यह रहा कि शहर के प्रमुख बाजार, मुख्य मार्ग और कई मोहल्ले घंटों तक जलमग्न रहे। सड़कों पर इस कदर पानी भर गया कि सड़क और नाले का फर्क ही खत्म हो गया, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में फंसकर बंद हो गए और लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। इस बदहाली की सबसे ज्यादा चर्चा तब शुरू हुई जब नगर पालिका चेयरमैन के आवास के बाहर की सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई। यही नहीं, तहसील परिसर और थाना परिसर तक भी बारिश का पानी पहुंच गया। तहसील तिराहे से नारायण तिराहे तक बने करीब 100 मीटर लंबे नाले के निर्माण के बावजूद सड़क पर भारी जलजमाव बना रहा, जिसने निर्माण कार्यों की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, पक्का तालाब क्षेत्र की स्थिति हर साल की तरह इस बार भी सबसे ज्यादा खराब रही, जहां दो-दो फुट तक पानी भर गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल सफाई और नाला निर्माण के नाम पर बजट ठिकाने लगाया जाता है, लेकिन धरातल पर हालात जस के तस बने हुए हैं। इसके अलावा, नगर के नालों का पानी हाईवे के नालों में छोड़े जाने के कारण हाईवे पर भी जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई, जिससे वहां की निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। इस बदइंतजामी से आक्रोशित जनता का कहना है कि जब करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी वीआईपी इलाकों, तहसील, थाने और बाजारों में पानी भर रहा है, तो आखिर इसकी जवाबदेही किसकी है? नागरिकों ने मांग की है कि अब कागजी योजनाओं और उद्घाटनों का खेल बंद होना चाहिए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि जनता के पैसे का सही हिसाब मिल सके।1
- भिंड में तेज बारिश के कारण जहां एक तरफ मौसम बेहद सुहावना हो गया है, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर हुए जलभराव और फिसलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आसमान पूरी तरह से बादलों से घिरा हुआ है और बारिश के चलते सड़क किनारे लगे घने पेड़ों के बीच रास्ते पूरी तरह गीले हो चुके हैं, जिससे कई जगहों पर पानी जमा हो गया है। इस बरसाती मौसम के बीच सड़कों पर सफेद कार और ऑटो रिक्शा जैसे वाहन गुजर रहे हैं। खराब मौसम और सड़क पर फिसलन को देखते हुए लोगों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में आम आदमी पार्टी ने देश के प्रख्यात वैज्ञानिक और शिक्षाविद श्री सोनम वांगचुक के लोकतांत्रिक संघर्ष के समर्थन में एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला। इसके साथ ही पार्टी ने शिक्षा के व्यवसायीकरण को बंद करने, पेपर लीक प्रकरण में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह शांतिपूर्ण मार्च शास्त्री चौराहा से शुरू होकर परेड चौराहा और गोल मार्केट तक निकाला गया, जहां कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष अभिलाख सिंह कुशवाह ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य बार-बार होने वाले पेपर लीक से बर्बाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक जैसे प्रतिष्ठित शिक्षाविद शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और पेपर लीक जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदेश संगठन मंत्री एवं चंबल संभाग प्रभारी साकेत सक्सेना ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और पार्टी युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई, तो देश का भविष्य प्रभावित होगा। इसके साथ ही जिला सचिव शाक्य ने मांग की कि निजी स्कूलों द्वारा किताबों और ड्रेस के नाम पर चलाई जा रही कमीशनखोरी पर तुरंत नियम बनाकर कार्रवाई की जाए। इस विरोध मार्च में अशोक जाटव, अंतराम प्रजापति, जयदीप राजावत, एड. अनिल शर्मा, अनुज पटवा सहित कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सी.जे.पी.) के चल रहे आंदोलन के दौरान संसद भवन की ओर कूच कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, जिससे भारी हंगामा खड़ा हो गया। इस आंदोलन का समर्थन करने पहुंचीं सपा सुप्रीमों की पत्नी व सांसद श्रीमती डिंपल यादव और सांसद धर्मेंद्र यादव को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इस बीच पुलिस का धक्का लगने से सांसद डिंपल यादव जमीन पर गिर गईं, जिससे उनके हाथ में चोट आ गई है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सांसद डिंपल यादव, सांसद धर्मेंद्र यादव, सपा के कई अन्य सांसदों और शिक्षाविद योगेंद्र यादव को हिरासत में ले लिया है। इस घटना से छात्रों और सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया है। यह आंदोलन नीट (NEET) परीक्षा का पेपर लीक होने और इसके कारण कई छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने के विरोध में किया जा रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर मैदान में यह विरोध-प्रदर्शन पिछले कई दिनों से लगातार चल रहा है।1