गोरखपुर के कैंम्पियरगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने दहेज हत्या के एक मामले में कार्रवाई करते हुए दो पुरुष और एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई महिला संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। यह मामला दहेज प्रताड़ना के बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, कैंम्पियरगंज थाने में दहेज हत्या एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा संख्या 276/2026 दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान, पुलिस टीम ने रविवार को चान्दीपुर गांव निवासी विजय निषाद पुत्र रामकेवल निषाद, रामकेवल निषाद पुत्र महाबली और माधुरी पत्नी गणेश को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतका के परिजनों ने दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई, और साक्ष्यों एवं जांच के आधार पर नामजद आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक उत्तरी के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी कैंम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में, प्रभारी निरीक्षक कैंम्पियरगंज के नेतृत्व में गठित टीम ने की। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक रविशंकर तिवारी, कांस्टेबल शर्ना यादव, कांस्टेबल प्रमोद कुमार, महिला कांस्टेबल करीना और महिला कांस्टेबल निक्की सिंह शामिल थीं। तीनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
गोरखपुर के कैंम्पियरगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने दहेज हत्या के एक मामले में कार्रवाई करते हुए दो पुरुष और एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई महिला संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। यह मामला दहेज प्रताड़ना के बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, कैंम्पियरगंज थाने में दहेज हत्या एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा संख्या 276/2026 दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान, पुलिस टीम ने रविवार को चान्दीपुर गांव निवासी विजय निषाद पुत्र रामकेवल निषाद, रामकेवल निषाद पुत्र महाबली और माधुरी पत्नी गणेश को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतका के परिजनों ने दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई, और साक्ष्यों एवं जांच के आधार पर नामजद आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक उत्तरी के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी कैंम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में, प्रभारी निरीक्षक कैंम्पियरगंज के नेतृत्व में गठित टीम ने की। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक रविशंकर तिवारी, कांस्टेबल शर्ना यादव, कांस्टेबल प्रमोद कुमार, महिला कांस्टेबल करीना और महिला कांस्टेबल निक्की सिंह शामिल थीं। तीनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
- संतकबीरनगर पुलिस ने एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मेंहदावल-नौलखा मार्ग पर मुहिया पुल के पास से झपट्टेमारी और छिनैती के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रभारी एसओजी और थाना मेंहदावल पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार आरोपी मो. कामिल उर्फ अली और मो. अहमद उर्फ अली उर्फ नाटे हैं, जो गोरखपुर जनपद के निवासी बताए गए हैं। पुलिस द्वारा खुलासा की गई घटना 23 मई 2026 की है, जब वादी इरशाद अहमद की माँ घर के सामने बैठी थीं। तभी मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने पानी मांगने के बहाने पास आकर उनके गले से सोने की चेन जबरन छीन ली और फरार हो गए। इस संबंध में थाना मेंहदावल पर मु0अ0सं0 223/2026 धारा 304(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और आर्थिक तंगी के कारण विभिन्न स्थानों पर झपट्टामारी, छिनैती और चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। अभियुक्त मो. अहमद उर्फ अली उर्फ नाटे ने 2020 में चोरी के धन के बंटवारे को लेकर अपने एक मित्र की हत्या करने की बात भी कबूली, जिसमें नशे की हालत में उसने पत्थर और ब्लेड का इस्तेमाल किया था। पूछताछ के दौरान मो. अहमद के कब्जे से अवैध गांजा भी बरामद हुआ। उन्होंने 21 मई 2026 को एक मोटरसाइकिल चोरी करने और लाल डिग्गी क्षेत्र में छोड़ देने की बात बताई, साथ ही उसी रात लगभग 09:00 बजे गोरखपुर के जगनाथपुर वनकटी चक दुर्गा मंदिर के पास से एक और मोटरसाइकिल चोरी करने की बात भी स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि गोरखपुर में अधिक सीसीटीवी कैमरे होने के कारण वे ग्रामीण क्षेत्रों को निशाना बनाते थे और पहचान छिपाने के लिए कैप व मुंह ढककर चलते थे, साथ ही विरोध होने पर फरार होने के लिए मिर्च पाउडर भी रखते थे। अछिया गांव में हुई चेन स्नैचिंग की घटना को स्वीकार करते हुए उन्होंने बताया कि सोने की चेन को एक अज्ञात व्यक्ति को ₹25,000/- में बेच दिया था, और बरामद ₹10,000/- उसी धनराशि का हिस्सा हैं, बाकी रकम खाने-पीने और अन्य खर्चों में व्यय कर दी गई। आरोपियों के पास से 2 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा, 4 मोबाइल फोन, लाल मिर्च पाउडर, 1 पर्स, चाभी का गुच्छा, 6 सिम कार्ड, 1 मोटरसाइकिल और ₹10,000/- नकद बरामद किए गए हैं। इस बरामदी के आधार पर थाना मेंहदावल पर मु0अ0स0 226/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी एसओजी रजनीश राय, हे0का0 अनुप राय, का0 दीपक सिंह, का0 विवेक मिश्रा और मेंहदावल एसओ राकेश कुमार सिंह, उ0नि0 आशुतोष मणि त्रिपाठी, उ0नि0 मैनेजर यादव, हे0का0 रामरतन तिवारी, का0 अनुराग कुमार सिंह, रि0का0 विशाल निषाद, एण्टी थेप्ट सेल का0 वीर बहादुर यादव, का0 अरुण हलवाई, का0 ज्ञानप्रकाश सिंह सहित सर्विलांस टीम के कर्मी शामिल रहे। एसपी संदीप कुमार मीना ने इस कार्य के लिए पुलिस टीमों को ₹25,000/- नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।3
- माननीय मुख्यमंत्री जी के शहर गोरखपुर में, धर्मशाला तिवारी जी के हाता के पास गुरुद्वारा से सटी एक गली को लेकर नगर निगम से अनुरोध किया गया है। यह अपील विशेष रूप से गोरखपुर नगर निगम से की गई है, जिसमें इस क्षेत्र की गली संबंधी समस्या पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है।2
- संतकबीरनगर जनपद में लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच, शहर के एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता आलोक श्रीवास्तव के बंद पड़े आवास पर चोरों ने धावा बोल दिया। इस वारदात में लाखों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी कर ली गई, जिससे एक बार फिर कानून-व्यवस्था और रात्रिकालीन गश्त पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, आलोक श्रीवास्तव बीते 10 अप्रैल 2026 से अपने पिता के स्वास्थ्य उपचार के लिए नोएडा में रह रहे थे, जिसके चलते उनका घर बंद था। शनिवार देर रात पड़ोसियों ने घर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं और आलोक श्रीवास्तव को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर जब घर की स्थिति का जायजा लिया गया, तो चोरी की बड़ी घटना का खुलासा हुआ। आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में तीन संदिग्ध व्यक्ति रात करीब 11:30 बजे से 1:50 बजे के बीच घर की रेकी करते और चोरी की घटना को अंजाम देते साफ दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक, चोरों ने सोने के आभूषणों में दो अंगूठियां, एक मंगलसूत्र, एक लॉकेट और एक नथिया सहित लगभग ₹2 लाख मूल्य के जेवरात उड़ा लिए। इसके अतिरिक्त, चांदी के आभूषणों में पाजेब, कमर करधनी, कई जोड़ी पायल, बच्चों के आभूषण और चांदी के सिक्के शामिल थे, जिनकी कुल कीमत करीब ₹3 लाख बताई गई है। चोरों ने घर में रखी ₹5 से ₹6 हजार की नकदी भी अपने साथ ले ली। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। सभासद प्रतिनिधि मुन्ना पांडे द्वारा पुलिस प्रशासन को मामले की जानकारी दिए जाने के बाद, एसओजी टीम और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लग सके। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही चोरी का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- संतकबीरनगर जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने एक साइबर ठगी के पीड़ित को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹50,000 की ठगी गई धनराशि वापस दिलाई, जिसके बाद पीड़ित और उसके परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। यह सफलता पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में संचालित 'फेक साइबर क्राइम अभियान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करना है। दरअसल, थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर ₹50,000 ले लिए थे। रुपये लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही धनराशि वापस की गई, जिससे उन्हें ठगी का शिकार होने का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। शिकायत मिलने के तुरंत बाद, महुली पुलिस और साइबर टीम ने बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके मामले की जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ₹50,000 की पूरी ठगी गई रकम वापस करा दी गई। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव, और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की अहम भूमिका रही। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, संदेश या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी गई है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।2
- उत्तर प्रदेश के जनपद संत कबीर नगर में वृद्धा पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया गया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी को संबोधित एक शिकायत पत्र में बताया गया है कि समाज कल्याण अधिकारी द्वारा की जा रही इस धांधली के कारण अधिकांश बुजुर्गों का पेंशन रोक दिया गया है। उन्हें यह बताया जा रहा है कि उनका आधार या मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, जबकि बैंक रिकॉर्ड के अनुसार उनके आधार नंबर और बैंक खाते सभी आवश्यक दस्तावेजों और मोबाइल से पूरी तरह लिंक हैं। शिकायत में एक विशिष्ट आधार नंबर 4822 3894 2546 का हवाला देते हुए पूछा गया है कि बैंक रिकॉर्ड के बावजूद इस उपभोक्ता का पेंशन क्यों रोका गया है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जिन लोगों का वृद्धा पेंशन रोका गया है, उनके पैसे आखिर कहाँ जा रहे हैं और कौन इन पैसों को हड़प रहा है। इसे एक गंभीर समस्या बताते हुए, पत्र में इसकी गहनता से जांच की मांग की गई है। बढ़ती कीमतों, गैस और सीएनजी के दामों में उछाल के कारण जनता पहले से ही त्राहि-त्राहि कर रही है और हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में वृद्धा पेंशन का रुक जाना जनता के लिए और भी विकट समस्या बन गया है। शासन-प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेने और सभी लोगों का रोका हुआ पेंशन शीघ्र अति शीघ्र उनके बैंक खातों में जारी करने की अपील की गई है। यह जनता की प्रमुख मांग है।1
- संतकबीरनगर पुलिस के "क्रैक साइबर क्राइम अभियान" को एक और बड़ी सफलता मिली है, जहाँ साइबर ठगी के शिकार हुए एक युवक को पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के बाद 50 हजार रुपये की ठगी गई राशि वापस मिल गई है। यह घटना तब सामने आई जब थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने शिकायत दर्ज कराई कि एक व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर 50 हजार रुपये की ठगी की थी। आरोप है कि पैसे लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही रकम वापस की गई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन में थाना महुली पुलिस और साइबर क्राइम हेल्प डेस्क की टीम तत्काल सक्रिय हुई। टीम ने बैंकिंग और तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए गहन जांच की और लगातार प्रयासों से पीड़ित असजद हुसैन की पूरी 50 हजार रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक उनके खाते में वापस करवा दी। इस सराहनीय कार्य में थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय, उपनिरीक्षक अनुज यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव तथा महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संतकबीरनगर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में न आएं और ऑनलाइन लेनदेन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। पुलिस ने संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेशों पर विश्वास न करने और अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी है।1
- जनपद संतकबीरनगर पुलिस परिवार के लिए रविवार का दिन भावुक क्षणों से भरा रहा, जब पुलिस विभाग में अपनी लंबी सेवाएं पूर्ण करने वाले तीन पुलिसकर्मियों को अधिवर्षता आयु पूर्ण होने पर ससम्मान विदाई दी गई। यह विदाई समारोह रिजर्व पुलिस लाइन संतकबीरनगर के सभागार में आयोजित किया गया, जहाँ सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी कार्यालय के अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों के सेवाकाल के अनुभव साझा किए और विभाग में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इन कर्मियों ने अपने पूरे कार्यकाल में निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ सेवाएं देकर विभाग की गरिमा बढ़ाई है। समारोह के दौरान, सेवानिवृत्त कर्मियों को माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर तथा धर्मग्रंथ भेंट कर सम्मानित किया गया। उनसे उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली गई और यह आश्वस्त किया गया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की आवश्यकता या समस्या होने पर विभाग हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा। पुलिस सेवा से सेवानिवृत्ति प्राप्त करने वाले इन पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस शंकर सिंह, फायर सर्विस चालक सुरेन्द्र कुमार राय और फायरमैन रामकेश शर्मा शामिल हैं, जिन्होंने अधिवर्षता आयु पूर्ण की है। इस भावुक विदाई के समय, उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानजनक जीवन की कामना की।1
- उत्तर प्रदेश के फरेंदा में एक अमेरिकी नागरिक को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों ने घंटों तक उससे गहन पूछताछ की। यह मामला अवैध वीजा से जुड़ा बताया गया है, और मिली जानकारी के अनुसार आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था।1