उरई में पुलिस अधीक्षक जालौन ने साइबर थाना का आकस्मिक निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने थाना कार्यालय के अभिलेखों, साइबर अपराध शिकायत रजिस्टर, लंबित प्रकरणों, साइबर हेल्प डेस्क, महिला हेल्प डेस्क, तकनीकी उपकरणों, डिजिटल साक्ष्य कक्ष, मालखाना और अन्य अभिलेखों का गहन अवलोकन किया। पुलिस अधीक्षक ने अभिलेखों के समुचित रखरखाव और अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित साइबर शिकायतों और विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने और पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने जन-जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने, लोगों को साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करने तथा थाना परिसर में साफ-सफाई एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने यह स्पष्ट किया कि साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
उरई में पुलिस अधीक्षक जालौन ने साइबर थाना का आकस्मिक निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने थाना कार्यालय के अभिलेखों, साइबर अपराध शिकायत रजिस्टर, लंबित प्रकरणों, साइबर हेल्प डेस्क, महिला हेल्प डेस्क, तकनीकी उपकरणों, डिजिटल साक्ष्य कक्ष, मालखाना और अन्य
अभिलेखों का गहन अवलोकन किया। पुलिस अधीक्षक ने अभिलेखों के समुचित रखरखाव और अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित साइबर शिकायतों और विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने और पीड़ितों को त्वरित सहायता
उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने जन-जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने, लोगों को साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करने तथा थाना परिसर में साफ-सफाई एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के संबंध में भी आवश्यक
दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने यह स्पष्ट किया कि साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय 'गौमाता-राष्ट्रमाता गविष्टि यात्रा' के साथ जालौन जिले के कोंच नगर पहुंचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान शंकराचार्य ने सरकार से मांग की कि गाय को केवल एक पशु के रूप में नहीं, बल्कि 'गौमाता' के रूप में घोषित किया जाए। उन्होंने सनातन धर्म के लिए 'नकली हिंदुओं' को सबसे बड़ा खतरा बताया और भाजपा, RSS समेत कई मुख्यमंत्रियों के बयानों पर तीखा निशाना साधा। शंकराचार्य ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'वैध बूचड़खाने' संबंधी बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गाय ने कौन सा ऐसा अपराध किया है, जिसके कारण उसे काटा जा रहा है। उन्होंने गौहत्या को रोकने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए समाज से एकजुट होने का आह्वान भी किया।3
- उत्तर प्रदेश में निवेश, विकास और कानून-व्यवस्था से जुड़े योगी सरकार के मॉडल की चर्चा लगातार बढ़ रही है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश-अनुकूल नीतियों और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अब कई अन्य राज्य भी उत्तर प्रदेश की कुछ नीतियों का अध्ययन और उनका अनुसरण कर रहे हैं, जिससे यूपी एक मिसाल के तौर पर उभर रहा है।1
- जालौन जिले में निर्धारित समय से पूर्व ही शराब ठेकों पर शराब की बिक्री शुरू हो जाती है, जहाँ सुबह 10 बजे से पहले ही दुकानें खुल जाती हैं। यह बताया गया है कि शराब ठेकेदार खुद खड़े होकर समय से पहले शराब बिकवा रहे हैं, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास स्थित एक देशी शराब ठेके से संबंधित है। इस पूरे प्रकरण में आबकारी विभाग की भूमिका बेहद संदिग्ध नजर आ रही है, क्योंकि विभाग द्वारा जांच के नाम पर हर बार केवल खानापूर्ति ही की जाती है। जिले भर में ठेकों पर निर्धारित समय से पहले ही शराब की बिक्री होने लगती है।1
- जनपद कानपुर देहात के विकास खंड अकबरपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पतरा सड़वा में 26 मई 2025 को झोपड़ी में अचानक आग लगने की दुःखद घटना में अजय की पत्नी पारुल (26 वर्ष) की जलकर दुःखद मृत्यु हो गई थी। यह जानकारी जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा दी गई। इस हृदयविदारक घटना के उपरांत, प्रदेश सरकार ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए पीड़ित परिवार को राहत सहायता उपलब्ध कराई है। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार, प्रदेश सरकार के माननीय कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने मृतका की पुत्री अनन्या के नाम ₹4 लाख की राहत सहायता का चेक प्रदान किया। परिजनों ने प्रदेश सरकार एवं प्रशासन द्वारा प्रदान की गई इस सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है। जनपद प्रशासन ने पीड़ित परिवार को यह भी आश्वस्त किया है कि शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पात्रतानुसार अन्य आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में पीड़ित परिवार को यह आर्थिक सहायता मिली है।1
- उत्तर प्रदेश के उरई शहर में कल रात आई तेज आंधी के कारण कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली व्यवस्था समय पर सुचारू न होने से आम नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। अपने इस आक्रोश को व्यक्त करते हुए, गुस्साए लोगों ने आज कालपी रोड स्थित कान्हा हॉस्पिटल के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान उन्होंने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।1