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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय 'गौमाता-राष्ट्रमाता गविष्टि यात्रा' के साथ जालौन जिले के कोंच नगर पहुंचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान शंकराचार्य ने सरकार से मांग की कि गाय को केवल एक पशु के रूप में नहीं, बल्कि 'गौमाता' के रूप में घोषित किया जाए। उन्होंने सनातन धर्म के लिए 'नकली हिंदुओं' को सबसे बड़ा खतरा बताया और भाजपा, RSS समेत कई मुख्यमंत्रियों के बयानों पर तीखा निशाना साधा। शंकराचार्य ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'वैध बूचड़खाने' संबंधी बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गाय ने कौन सा ऐसा अपराध किया है, जिसके कारण उसे काटा जा रहा है। उन्होंने गौहत्या को रोकने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए समाज से एकजुट होने का आह्वान भी किया।
Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय 'गौमाता-राष्ट्रमाता गविष्टि यात्रा' के साथ जालौन जिले के कोंच नगर पहुंचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान शंकराचार्य ने सरकार से मांग की कि गाय को केवल एक पशु के रूप में नहीं, बल्कि 'गौमाता' के रूप में घोषित किया जाए। उन्होंने सनातन धर्म के लिए 'नकली हिंदुओं' को सबसे बड़ा खतरा बताया और भाजपा, RSS समेत कई मुख्यमंत्रियों के बयानों पर तीखा निशाना साधा। शंकराचार्य ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'वैध बूचड़खाने' संबंधी बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गाय ने कौन सा ऐसा अपराध किया है, जिसके कारण उसे काटा जा रहा है। उन्होंने गौहत्या को रोकने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए समाज से एकजुट होने का आह्वान भी किया।
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- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय 'गौमाता-राष्ट्रमाता गविष्टि यात्रा' के साथ जालौन जिले के कोंच नगर पहुंचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान शंकराचार्य ने सरकार से मांग की कि गाय को केवल एक पशु के रूप में नहीं, बल्कि 'गौमाता' के रूप में घोषित किया जाए। उन्होंने सनातन धर्म के लिए 'नकली हिंदुओं' को सबसे बड़ा खतरा बताया और भाजपा, RSS समेत कई मुख्यमंत्रियों के बयानों पर तीखा निशाना साधा। शंकराचार्य ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'वैध बूचड़खाने' संबंधी बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गाय ने कौन सा ऐसा अपराध किया है, जिसके कारण उसे काटा जा रहा है। उन्होंने गौहत्या को रोकने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए समाज से एकजुट होने का आह्वान भी किया।3
- उत्तर प्रदेश में निवेश, विकास और कानून-व्यवस्था से जुड़े योगी सरकार के मॉडल की चर्चा लगातार बढ़ रही है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश-अनुकूल नीतियों और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अब कई अन्य राज्य भी उत्तर प्रदेश की कुछ नीतियों का अध्ययन और उनका अनुसरण कर रहे हैं, जिससे यूपी एक मिसाल के तौर पर उभर रहा है।1
- जालौन जिले में निर्धारित समय से पूर्व ही शराब ठेकों पर शराब की बिक्री शुरू हो जाती है, जहाँ सुबह 10 बजे से पहले ही दुकानें खुल जाती हैं। यह बताया गया है कि शराब ठेकेदार खुद खड़े होकर समय से पहले शराब बिकवा रहे हैं, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास स्थित एक देशी शराब ठेके से संबंधित है। इस पूरे प्रकरण में आबकारी विभाग की भूमिका बेहद संदिग्ध नजर आ रही है, क्योंकि विभाग द्वारा जांच के नाम पर हर बार केवल खानापूर्ति ही की जाती है। जिले भर में ठेकों पर निर्धारित समय से पहले ही शराब की बिक्री होने लगती है।1
- जालौन जिले की ग्राम पंचायत सिरसा दोगड़ी के ग्रामीणों ने विकास कार्यों में कथित व्यापक वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से इन आरोपों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों के भुगतान एक ही व्यक्ति के खाते में विभिन्न मदों जैसे समाचार-पत्र विज्ञापन, सफाई कार्य, ठेकेदारी, मजदूरी, पुलिया व सड़क निर्माण तथा रंगाई-पुताई के नाम पर किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति को कुल लगभग ₹7,16,189/- का भुगतान किया गया है, जो प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता प्रतीत होती है। इसके साथ ही, मनरेगा योजना के तहत संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर जॉब कार्ड जारी कर उन्हें मजदूरी भी दी गई है, जिसे नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत की कूड़ा गाड़ियां और अन्य सरकारी वाहन निजी उपयोग में रखे जा रहे हैं, और हाल ही में प्राप्त सामाजिक कैमरे तथा वाटर कूलर, जिन्हें सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किया जाना था, कथित तौर पर निजी परिसरों में लगा दिए गए हैं। प्रार्थना पत्र में सूचना का अधिकार अधिनियम, उत्तरप्रदेश पंचायत राज अधिनियम, मनरेगा अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सामान्य वित्तीय नियमों का हवाला देते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से ग्राम पंचायत के पिछले 5 वर्षों के आय-व्यय का ऑडिट, विकास कार्यों व भुगतान अभिलेखों की जांच, मनरेगा जॉब कार्ड व मजदूरी भुगतान की समग्र जांच, सरकारी संपत्ति के निजी उपयोग की जांच और दोषी पाए जाने पर वैधानिक व दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की है। प्रार्थीगण ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही की अपेक्षा जताई है।1
- गौ माता की रक्षा के संदेश के साथ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद कोंच पहुँचे, जहाँ उनका भव्य अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि उनकी 'गविष्टि यात्रा' गौ माता की सुरक्षा के लिए समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है।1
- कानपुर देहात के माती सभागार कक्ष कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में जिला उद्योग एवं व्यापार बन्धु की मासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनपद के उद्यमियों और व्यापारी बंधुओं द्वारा प्रस्तुत की गई विभिन्न समस्याओं, सुझावों और मांगों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने इन सभी मुद्दों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- जनपद जालौन में शनिवार देर शाम आए तेज आंधी-तूफान ने नगर और आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में लाखों रुपये का व्यापक नुकसान हुआ, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। तेज आंधी के कारण दुकानों, मकानों, पेट्रोल पंपों, कोल्ड स्टोरेजों और मोबाइल टावरों सहित विभिन्न निर्माणों को भारी क्षति पहुँची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर ई-रिक्शा तक असंतुलित होकर डगमगाते नजर आए, जिससे सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए। आंधी के दौरान बड़ी संख्या में विशाल पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे कई मार्गों पर यातायात बाधित हो गया। बिजली के खंभे और तार टूटने से कई इलाकों की विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई। तूफान का असर नगर के प्रमुख झंडा चौराहा पर भी दिखा, जहाँ स्थापित विशाल तिरंगा झंडा भी तेज हवाओं की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस आंधी-तूफान ने कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये का नुकसान पहुँचाया है। इसी के मद्देनजर प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है, और फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।4