गया के शेरघाटी निवासी अशोक कुमार गुप्ता, शशिभूषण नारायण सहित एक दर्जन से अधिक यात्रियों के साथ रेलवे द्वारा टिकट भाड़े में बड़ी विसंगति और 'अवैध वसूली' का मामला सामने आया है। ये यात्री बीते शनिवार, 11 जुलाई 2026 को सत्संग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूर्वा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12381) से गया से धनबाद गए थे, जहां उनसे निर्धारित 100 रुपए किराया लिया गया। लेकिन अगले दिन रविवार को जब वे धनबाद जंक्शन से गया लौटने के लिए टिकट लेने पहुंचे, तो उनसे उसी दूरी और उसी ट्रेन के लिए प्रति व्यक्ति 190 रुपए यानी लगभग दोगुना किराया मांगा गया। यात्रियों के कड़े विरोध के बावजूद काउंटर पर मौजूद बुकिंग कर्मचारी ने तर्क दिया कि सिस्टम में पूर्वा एक्सप्रेस के लिए न्यूनतम टिकट जंघई जंक्शन (494 किलोमीटर) तक का ही बनता है, जो गया से बहुत आगे है। मजबूरी में यात्रियों को 190 रुपए चुकाकर जंघई तक का टिकट लेना पड़ा, जबकि उन्हें मात्र 199 किलोमीटर दूर गया में ही उतरना था। इस विसंगति की पुष्टि मूल टिकटों से भी होती है, जहां जाने का टिकट 100 रुपए का है, वहीं वापसी के टिकटों पर गंतव्य जंघई जंक्शन दर्ज कर 190 रुपए वसूले गए। यात्रियों ने रेलवे की इस मनमानी को खुली लूट करार दिया है। इस मामले की शिकायत रेलवे हेल्पलाइन 139 और रेल मदद पोर्टल पर दर्ज कराई गई है, जिस पर अधिकारियों का संवेदनशीलता दिखाना सराहनीय रहा। हालांकि, इस घटना ने रेलवे की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि यदि न्यूनतम दूरी का नियम लागू है, तो एक दिशा से 100 रुपए में टिकट कैसे जारी हुआ? यात्री अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या गया स्टेशन का डेटा टिकट प्रणाली (UTS) में अद्यतन नहीं है और इस अतिरिक्त भाड़े की वसूली के लिए आखिरकार जिम्मेदार कौन है।
गया के शेरघाटी निवासी अशोक कुमार गुप्ता, शशिभूषण नारायण सहित एक दर्जन से अधिक यात्रियों के साथ रेलवे द्वारा टिकट भाड़े में बड़ी विसंगति और 'अवैध वसूली' का मामला सामने आया है। ये यात्री बीते शनिवार, 11 जुलाई 2026 को सत्संग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूर्वा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12381) से गया से धनबाद गए थे, जहां उनसे निर्धारित 100 रुपए किराया लिया गया। लेकिन अगले दिन रविवार को जब वे धनबाद जंक्शन से गया लौटने के लिए टिकट लेने पहुंचे, तो उनसे उसी दूरी और उसी ट्रेन के लिए प्रति व्यक्ति 190 रुपए यानी लगभग दोगुना किराया मांगा गया। यात्रियों के कड़े विरोध के बावजूद काउंटर पर मौजूद बुकिंग कर्मचारी ने तर्क दिया कि सिस्टम में पूर्वा एक्सप्रेस के लिए न्यूनतम टिकट जंघई जंक्शन (494 किलोमीटर) तक का ही बनता है, जो गया से बहुत आगे है। मजबूरी में यात्रियों को 190 रुपए चुकाकर जंघई तक का टिकट लेना पड़ा, जबकि उन्हें मात्र 199 किलोमीटर दूर गया में ही उतरना था। इस विसंगति की पुष्टि मूल टिकटों से भी होती है, जहां जाने का टिकट 100 रुपए का है, वहीं वापसी के टिकटों पर गंतव्य जंघई जंक्शन दर्ज कर 190 रुपए वसूले गए। यात्रियों ने रेलवे की इस मनमानी को खुली लूट करार दिया है। इस मामले की शिकायत रेलवे हेल्पलाइन 139 और रेल मदद पोर्टल पर दर्ज कराई गई है, जिस पर अधिकारियों का संवेदनशीलता दिखाना सराहनीय रहा। हालांकि, इस घटना ने रेलवे की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि यदि न्यूनतम दूरी का नियम लागू है, तो एक दिशा से 100 रुपए में टिकट कैसे जारी हुआ? यात्री अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या गया स्टेशन का डेटा टिकट प्रणाली (UTS) में अद्यतन नहीं है और इस अतिरिक्त भाड़े की वसूली के लिए आखिरकार जिम्मेदार कौन है।
- गया जिले के आमस प्रखंड के बाजितपुर मध्य विद्यालय में शिक्षकों की काफी कमी है। यहाँ बेहतर शिक्षा की उम्मीद लगाए सैकड़ों छात्र बैठे हैं। इस विद्यालय में वर्तमान में मैथ, हिंदी, अंग्रेजी और सोशल साइंस के शिक्षकों की बेहद जरूरत है।1
- चतरा के हंटरगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित डाहा पंचायत के पूर्व मुखिया एवं वरिष्ठ राजद नेता चंद्रदेव यादव के आवास पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नवनियुक्त पदाधिकारियों के लिए एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में नए पदाधिकारियों को पार्टी का पट्टा पहनाकर, प्रमाण-पत्र सौंपकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए राजद प्रखंड अध्यक्ष देवलाल यादव ने कहा कि राजद हमेशा से गरीब, किसान, मजदूर, दलित, पिछड़े और वंचित समाज की आवाज उठाती रही है और पार्टी का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अधिकार पहुंचाना है। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया ताकि हर गांव और पंचायत में पार्टी के सुप्रीमो लालू यादव की विचारधारा को पहुंचाया जा सके। इस मौके पर वरिष्ठ राजद नेता चंद्रदेव यादव ने कहा कि मजबूत संगठन ही पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी होती है और नए पदाधिकारियों के आने से हंटरगंज प्रखंड में राजद को नई ऊर्जा मिलेगी। पूर्व जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष प्रभु दयाल यादव ने भी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। कार्यक्रम में लेंजवा पंचायत के पूर्व मुखिया संतोष यादव, जगदीश यादव, मोहम्मद आरिफ, संतोष पासवान, शैलेन्द्र भारती, मोहन दास, कपिल दास, गनौरी यादव, विकास यादव और राजेश यादव सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- गया के बाराचट्टी में लोक कल्याण निधि लिमिटेड कंपनी के ऑनर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर फरार हो गए हैं। इस घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- गया जी के मगध आईजी कार्यालय में हर दिन शिकायतकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।1
- बिहार विधानसभा के दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और महागठबंधन के विधायकों की अनुपस्थिति राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। गया के बिपार्ड (विपार्ट) में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान जब मीडिया ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से विपक्ष की दूरी को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए इसे टाल दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कार्यक्रम में सभी को आमंत्रित किया गया था और यदि कोई नहीं आया, तो इस पर वे कुछ नहीं कह सकते। यह दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों को संसदीय परंपराओं, सदन की कार्यवाही, विधायी प्रक्रियाओं और जनहित से जुड़े विषयों की बेहतर समझ देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। इस आयोजन में सत्ता पक्ष के कई विधायक और जनप्रतिनिधि तो मौजूद रहे, लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के कई प्रमुख चेहरों की अनुपस्थिति साफ दिखाई दी। विपक्ष के इस कार्यक्रम में शामिल न होने को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या यह किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, विपक्ष की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दूसरी तरफ, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इस मुद्दे को तूल देने से बचते हुए साफ किया कि सभी दलों को समान रूप से निमंत्रण भेजा गया था और इसमें शामिल होना या न होना संबंधित नेताओं और विधायकों का व्यक्तिगत और राजनीतिक निर्णय है।1
- बिहार के औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाना परिसर के सभाकक्ष में रविवार को चौकीदार उपेंद्र पासवान की सेवानिवृत्ति पर एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता और संचालन थानाध्यक्ष शम्भू कुमार ने किया। थानाध्यक्ष ने सेवानिवृत्त चौकीदार के कार्यों को बेहतर बताते हुए कहा कि चौकीदार खासकर थानेदार का अभिन्न अंग होता है, इसलिए हर थानेदार को चौकीदारों के प्रति सहानुभूति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त चौकीदार ने अपने कार्यकाल में थाने के प्रति पूर्ण ईमानदारी से काम किया और 24 घंटे सतर्कता पूर्वक सहयोग दिया। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा जताते हुए उनके शेष जीवन के सुखमय व्यतीत होने की शुभकामना दी। समारोह में उपस्थित अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने भी सेवानिवृत्त चौकीदार के प्रति अपने-अपने उद्गार प्रकट किए। इस अवसर पर अपर थानाध्यक्ष कौशलेंद्र कुमार, एस आई उमेश कुमार, मिथिलेश कुमार, बिनोद कुमार, रविकांत कुमार, ए एस आई मुक्तिदेव निराला, विपिन कुमार, सुनील सिंह सहित चौकीदार विनोद चौधरी, रामजीत रजक, गुलजारी, विनय कुमार यादव, राजेन्द्र पासवान उर्फ टेनी जी, रामप्रवेश पासवान, पप्पू कुमार, मनोज कुमार, प्रमोद सिंह, श्रवण कुमार, अमित कुमार, उपेंद्र पासवान, प्रिंस कुमार, रंजीत कुमार, अमरकांत कुमार और अन्य सभी पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।1
- बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर 7 मिनट तक हवा में रुका रहा। इस घटना के कारण नीचे खड़े लोगों में अचानक हड़कंप मच गया और लोग इधर-उधर भागने लगे।1
- गया के डोभी थाना क्षेत्र अंतर्गत गया-डोभी सड़क मार्ग पर करमौनी कट के पास रविवार सुबह एक स्कॉर्पियो और बलेनो कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों वाहनों पर सवार दो लोगों को हल्की चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों वाहन एक ही बारात में शामिल होकर बोधगया से जमशेदपुर लौट रहे थे। इसी दौरान करमौनी कट के पास किसी कारणवश दोनों वाहनों की आपस में भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो सड़क से उतरकर सीधे खेत में जा घुसी, जबकि क्षतिग्रस्त बलेनो सड़क पर ही खड़ी रही। घटना की जानकारी मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने मौके पर मौजूद दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। डायल 112 की टीम के अनुसार, दोनों वाहन चालकों के बीच आपसी सहमति और समझौता हो जाने के बाद मामला पूरी तरह शांत हो गया, जिसके चलते इस संबंध में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।1