उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक ऐसा मजेदार वाकया सामने आया है, जिसे सुनकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं। रैली ग्राउंड में सुरक्षा में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी और एक आम व्यक्ति के बीच हुई बातचीत अब खूब चटखारे लेकर शेयर की जा रही है। यह घटना तब हुई जब वीआईपी सुरक्षा और भारी भीड़ के कारण लोगों का रैली ग्राउंड से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। इसी दौरान एक परेशान शख्स ने ड्यूटी पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी से गुहार लगाई, 'मैडम! हमको बस यहां से जाने दीजिए, बहुत तगड़े से हमको पेशाब लगी हुई है... अब बर्दाश्त नहीं हो रहा!' इस पर पुलिसकर्मी ने कड़क अंदाज में जवाब दिया, 'तुमको पहले से पता नहीं था क्या? ये सब पहले करके (घर से) आते!' कड़क सुरक्षा के बीच ‘नेचुरल कॉल’ (पेशाब) से जुड़ी इस संकट और पुलिसिया जवाब का यह किस्सा अब चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस पर मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं और कह रहे हैं कि रैली में आने से पहले अब जनता को 'ट्रेनिंग' लेकर आना पड़ेगा। इस घटना को लेकर लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि मुख्यमंत्री की रैली में जाने से पहले सोच-समझकर जाना चाहिए, क्योंकि पेशाब के लिए भी पुलिस बाहर नहीं आने देगी।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक ऐसा मजेदार वाकया सामने आया है, जिसे सुनकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं। रैली ग्राउंड में सुरक्षा में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी और एक आम व्यक्ति के बीच हुई बातचीत अब खूब चटखारे लेकर शेयर की जा रही है। यह घटना तब हुई जब वीआईपी सुरक्षा और भारी भीड़ के कारण लोगों का रैली ग्राउंड से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। इसी दौरान एक परेशान शख्स ने ड्यूटी पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी से गुहार लगाई, 'मैडम! हमको बस यहां से जाने दीजिए, बहुत तगड़े से हमको पेशाब लगी हुई है... अब बर्दाश्त नहीं हो रहा!' इस पर पुलिसकर्मी ने कड़क अंदाज में जवाब दिया, 'तुमको पहले से पता नहीं था क्या? ये सब पहले करके (घर से) आते!' कड़क सुरक्षा के बीच ‘नेचुरल कॉल’ (पेशाब) से जुड़ी इस संकट और पुलिसिया जवाब का यह किस्सा अब चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस पर मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं और कह रहे हैं कि रैली में आने से पहले अब जनता को 'ट्रेनिंग' लेकर आना पड़ेगा। इस घटना को लेकर लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि मुख्यमंत्री की रैली में जाने से पहले सोच-समझकर जाना चाहिए, क्योंकि पेशाब के लिए भी पुलिस बाहर नहीं आने देगी।
- मुरादाबाद जिले के डिलारी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक आधुनिक अंदाज़ में पैदल गश्त की। इस दौरान, प्रभारी निरीक्षक ने एंटी-रायट 'अंजलि सूट' पहनकर क्षेत्र में भ्रमण किया, जो उनकी तैनाती के दौरान पुलिसिंग के एक नए तरीके को दर्शाता है।1
- 10 मुहर्रम के अवसर पर, इमाम हुसैन को उस शख्सियत के रूप में याद किया गया है जिसने जालिम यज़ीद के सामने अपना सर झुकाने से इनकार कर दिया था। यह बताया गया कि इमाम हुसैन ने अपना सर कटवा देना स्वीकार कर लिया, लेकिन जालिम यज़ीद के सामने कभी भी सर नहीं झुकाया।1
- रामपुर जिले में शाहाबाद-टांडा रोड पर एक सरकारी नाले की सफाई न होने से समस्या बनी हुई है। बताया गया है कि इस नाले की कोई सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है और कोई भी उनकी बात नहीं सुन रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, लोगों ने जिलाधिकारी (DM) से इस मामले का संज्ञान लेने और नाले की तत्काल सफाई करवाने की अपील की है।1
- रामपुर जिले के धीरज नगर गांव में सड़क की बेहद खराब हालत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। एक वीडियो में दिखाया गया है कि धीरज नगर को टांडा बादली से जोड़ने वाली यह सड़क कितनी खस्ताहाल है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और क्षेत्र के संबंधित विधायक दल से इस जर्जर सड़क का निर्माण तुरंत कराने की जोरदार मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक ऐसा मजेदार वाकया सामने आया है, जिसे सुनकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं। रैली ग्राउंड में सुरक्षा में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी और एक आम व्यक्ति के बीच हुई बातचीत अब खूब चटखारे लेकर शेयर की जा रही है। यह घटना तब हुई जब वीआईपी सुरक्षा और भारी भीड़ के कारण लोगों का रैली ग्राउंड से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। इसी दौरान एक परेशान शख्स ने ड्यूटी पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी से गुहार लगाई, 'मैडम! हमको बस यहां से जाने दीजिए, बहुत तगड़े से हमको पेशाब लगी हुई है... अब बर्दाश्त नहीं हो रहा!' इस पर पुलिसकर्मी ने कड़क अंदाज में जवाब दिया, 'तुमको पहले से पता नहीं था क्या? ये सब पहले करके (घर से) आते!' कड़क सुरक्षा के बीच ‘नेचुरल कॉल’ (पेशाब) से जुड़ी इस संकट और पुलिसिया जवाब का यह किस्सा अब चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस पर मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं और कह रहे हैं कि रैली में आने से पहले अब जनता को 'ट्रेनिंग' लेकर आना पड़ेगा। इस घटना को लेकर लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि मुख्यमंत्री की रैली में जाने से पहले सोच-समझकर जाना चाहिए, क्योंकि पेशाब के लिए भी पुलिस बाहर नहीं आने देगी।1
- दर्शकों को 'मस्त' वीडियो देखने के लिए चैनल को शेयर और सब्सक्राइब करने के लिए प्रेरित किया गया है। इसके अतिरिक्त, उनसे चैनल को फॉलो करने का भी अनुरोध किया गया है।1
- अयोध्या में श्रीराम मंदिर में कथित दान चोरी के मामले को लेकर मुरादाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को 'सदबुद्धि पदयात्रा' निकाली। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर निकली इस पदयात्रा के दौरान प्रदर्शनकारी कांग्रेसियों ने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से उच्च-स्तरीय जांच कराने की मांग की। कांग्रेसियों ने यह भी मांग रखी कि चारों पीठ के शंकराचार्यों के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। पार्टी नेताओं का कहना है कि श्रीराम मंदिर में दान चोरी की खबरों से रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर जिला और शहर के पदाधिकारियों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नगर निगम पार्षदों ने मिलकर दान चोरी से मुक्ति के लिए यह सद्बुद्धि पदयात्रा शहर के हाथी वाले मंदिर से लालबाग काली मंदिर तक निकाली। यात्रा का समापन हनुमान चालीसा पढ़कर किया गया। इस मौके पर शहर अध्यक्ष जुनैद इकराम कुरैशी ने तंज कसते हुए कहा कि 'डबल इंजन की सरकार' पहले मतदान लूटती थी और अब दान भी लूटना शुरू कर दिया है। जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर ने आरोप लगाया कि सरकार राम मंदिर के नाम से बनी थी, लेकिन अब मंदिर की दान डकैती के नाम से हटेगी, और यह मुद्दा आने वाले चुनावों में महत्वपूर्ण बनेगा। पदयात्रा में जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर, शहर अध्यक्ष जुनैद इकराम कुरैशी सहित शमीम चौधरी, नजाकत ठेकेदार, मो. अब्बास, अजय गोपाल रस्तोगी, आजम खां, श्याम बाबू वाल्मीकि, अशोक कपूर, अंजार हुसैन, पार्षद नदीम अंसारी, नदीमुद्दीन, सफदर नियाजी, नेता सादिक, बन्ने पहलवान, शौकत अली, नीटू लोधी, अशरफ अली और याकूब कुरैशी समेत तमाम कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के इस कथित मामले से सियासत गर्मा गई है।4