दमोह के सिंग्रामपुर में महान वीरांगना रानी दुर्गावती जी के आगामी बलिदान दिवस कार्यक्रम की तैयारियों का प्रदेश संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने निरीक्षण किया। जबेरा विधानसभा क्षेत्र के खेल स्टेडियम सिंग्रामपुर में 24 जून को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक के बाद, राज्यमंत्री श्री लोधी ने स्वयं कार्यक्रम स्थल का दौरा किया और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध, सुव्यवस्थित और गरिमामय ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रानी दुर्गावती जी का बलिदान साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का एक अद्वितीय उदाहरण है, इसलिए यह आयोजन उनकी गौरवशाली विरासत के अनुरूप भव्यता एवं श्रद्धा के साथ होना चाहिए। 24 जून के इस बलिदान दिवस कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, वीरांगना रानी दुर्गावती जी के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे और उनके अद्वितीय शौर्य एवं बलिदान का स्मरण किया जाएगा। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों में जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया, जनपद सीईओ रुपेश सेन, सत्येंद्र ठाकुर, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे। इनके साथ ही, बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी मौजूद रहे।
दमोह के सिंग्रामपुर में महान वीरांगना रानी दुर्गावती जी के आगामी बलिदान दिवस कार्यक्रम की तैयारियों का प्रदेश संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने निरीक्षण किया। जबेरा विधानसभा क्षेत्र के खेल स्टेडियम सिंग्रामपुर में 24 जून को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक के बाद, राज्यमंत्री श्री लोधी ने स्वयं कार्यक्रम स्थल का दौरा किया और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध, सुव्यवस्थित और गरिमामय ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रानी दुर्गावती जी का बलिदान साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का एक अद्वितीय उदाहरण है, इसलिए यह आयोजन उनकी गौरवशाली विरासत के अनुरूप भव्यता एवं श्रद्धा के साथ होना चाहिए। 24 जून के इस बलिदान दिवस कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, वीरांगना रानी दुर्गावती जी के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे और उनके अद्वितीय शौर्य एवं बलिदान का स्मरण किया जाएगा। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों में जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया, जनपद सीईओ रुपेश सेन, सत्येंद्र ठाकुर, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे। इनके साथ ही, बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी मौजूद रहे।
- दमोह में महाकाल मित्र मंडल सेवा समिति ने जटाशंकर मंदिर समिति को तत्काल भंग करने, मंदिर संचालन के लिए एक प्रशासक नियुक्त करने और 'भोले की रसोई' को पूर्ववत संचालित करने की अनुमति देने की पुरजोर मांग की है। समिति अध्यक्ष साहिल विरमानी की ओर से प्रशासन को दिए गए आवेदन में जटाशंकर मंदिर समिति पर सामाजिक एवं धार्मिक सेवा कार्यों में अनावश्यक बाधाएँ उत्पन्न करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदन में बताया गया है कि महाकाल मित्र मंडल सेवा समिति द्वारा संचालित 'भोले की रसोई' के माध्यम से गरीब, असहाय, वृद्ध और जरूरतमंद लोगों को केवल 5 रुपये में सम्मानपूर्वक पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता रहा है। समिति का कहना है कि अब रसोई को बंद कराने या उसके संचालन में अनुचित हस्तक्षेप करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे हजारों जरूरतमंद लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके सेवा कार्य केवल भोजन सेवा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे लावारिस शवों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार, रक्तदान जागरूकता अभियान और वृद्धाश्रम में प्रत्येक शनिवार सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी करते हैं। आवेदन में मंदिर समिति के कार्यों में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाते हुए एक निष्पक्ष प्रशासक की नियुक्ति की मांग की गई है। समिति ने प्रशासन से जनहित और धार्मिक मर्यादा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'भोले की रसोई' का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी भी सेवा कार्य में व्यवधान को रोकने का आग्रह किया है। महाकाल मित्र मंडल ने जटाशंकर मंदिर समिति द्वारा अनावश्यक बाधाएँ उत्पन्न करने के विरोध में कलेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा है।1
- एक पोस्ट में इस बात पर हैरानी व्यक्त की गई है कि किसी व्यक्ति को इतना भयभीत पहले कभी नहीं देखा गया। इसमें यह सवाल भी उठाया गया है कि यदि कोई पढ़ा-लिखा होता, तो क्या वह सीधे आँख में आँख डालकर बात कर पाता।1
- अपने खिलाफ दर्ज मामले पर व्यक्ति ने अपना व्यक्तिगत पक्ष रखा है, जिसमें उन्होंने कानून और न्यायपालिका के प्रति पूर्ण सम्मान व्यक्त किया और कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनका उद्देश्य हमेशा समाज के कमजोर और पीड़ित लोगों की आवाज़ उठाना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी किसी अनजानी गलती से किसी को ठेस पहुँची है, तो उन्हें उसका खेद है, और अंतिम निर्णय माननीय न्यायालय द्वारा किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे वीडियो को पूरा देखें, अपनी राय शालीन भाषा में दें और किसी भी प्रकार की अफवाह या आपत्तिजनक टिप्पणी से बचें, यह इंगित करते हुए कि दुष्कर्म पीड़ित ब्राह्मण समाज की बिटिया को न्याय दिलाना उन्हें महंगा पड़ा है।1
- कटनी जिले के बहोरीबंद स्थित ग्राम पंचायत हथियागढ़ में ‘स्वच्छता ही सेवा’ और ‘आत्मनिर्भर गांव’ के नारों को साकार करते हुए ग्रामीणों ने स्वयं सफाई अभियान चलाया। हर बार प्रशासन या पंचायत कर्मियों पर निर्भर रहने की बजाय, गांव के जागरूक नागरिकों ने खुद आगे आकर मोर्चा संभाला और पंचायत परिसर के सामने स्वच्छता की एक प्रेरणादायक तस्वीर पेश की। रविवार सुबह, जब आमतौर पर लोग आराम करते हैं, हथियागढ़ के युवाओं की एक टोली हाथों में झाड़ू, तसले और कुदाल लेकर पंचायत भवन के सामने जमा हुई। उन्होंने परिसर के मुख्य द्वार और आसपास फैले कचरे, कटीली झाड़ियों और प्लास्टिक के वेस्ट को देखते ही देखते साफ कर दिया। इस पहल के पीछे ग्रामीणों की सोच थी कि यह पंचायत और गांव उनका अपना है, और जिस तरह वे अपने घर के सामने सफाई रखते हैं, उसी तरह अपनी पंचायत के सामने भी सफाई रख सकते हैं। इसी विचार के साथ यह अभियान शुरू किया गया। इस स्वच्छता अभियान में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भाई मोनू रजक, जन साहस यूनियन के सदस्य सौरभ राज रैदास, कपिल झरिया और अन्य ग्रामीण युवा उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश में एक पत्रकार को गरीब ब्राह्मण समाज की बेटी के साथ हुए बलात्कार के मामले में न्याय दिलाने वाली खबर प्रकाशित करना महंगा पड़ गया है। खबर छापने के बाद पत्रकार पुष्पेंद्र लोधी को लगातार धमकियां मिल रही हैं, साथ ही उनके खिलाफ एक मामला भी दर्ज किया गया है। पीड़ित को न्याय दिलाने के प्रयास में लगे पत्रकार पुष्पेंद्र लोधी के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पुलिस प्रशासन पहले भी अत्याचार करने वाले बेईमानों के खिलाफ गरीब शोषित वर्ग को न्याय दिलाने वाली खबरें छापने वाले पत्रकारों को जेल भेज चुका है। इसी संदर्भ में एक घटना तब सामने आई थी, जब मृतक महेंद्र सिंह लोधी को न्याय दिलाने के लिए पत्रकार दमोह कलेक्टरेट पहुंचे थे। उस दौरान दमोह कलेक्टरेट के भीतर ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग और पत्रकारों पर ब्राह्मणवादी पत्रकारों द्वारा हमला किया गया था, लेकिन पुलिस प्रशासन दमोह ने उन मनुवादी ब्राह्मणवादी पत्रकारों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की, जिन्होंने कलेक्टरेट के अंदर ही हमला किया था। ऐसे में यह गंभीर सवाल उठता है कि क्या एक निर्दोष पत्रकार को इस तरह से न्याय से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने का कोई अधिकार नहीं है।1
- दमोह जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रविवार, 21 जून को होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा से पहले शनिवार दोपहर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने संयुक्त रूप से परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। जिले में नीट परीक्षा के लिए कुल तीन केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 1147 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचेंगे। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर पहुँचकर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया, पेयजल आपूर्ति, बिजली की उपलब्धता, अभिभावकों के बैठने की व्यवस्था और यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने विशेष रूप से एक्सीलेंस स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया और बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रवेश प्रक्रिया के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय रखा गया है। विद्यार्थियों का केंद्रों पर प्रवेश सुबह 11:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक जारी रहेगा, जिसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, परीक्षार्थियों के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है और अभिभावकों को धूप में इंतजार न करना पड़े, इसके लिए अलग से टेंट भी लगाए जा रहे हैं। बिजली आपूर्ति में बाधा आने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है, ताकि परीक्षा संचालन में कोई व्यवधान न आए। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों व जवानों को निर्देश दिए कि वे परीक्षा अवधि के दौरान पूरी मुस्तैदी और सतर्कता से अपनी ड्यूटी निभाएं। उन्होंने केंद्रों के बाहर भीड़ नियंत्रण, अभिभावकों की सुविधा सुनिश्चित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। इस निरीक्षण के दौरान एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया, एसडीएम सौरव गंधर्व और जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें और अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज लाना सुनिश्चित करें।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर श्री जुगल किशोर मंदिर परिसर में एक सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन का श्रवण किया। इस दौरान, बृजेंद्र प्रताप सिंह ने जोर देकर कहा कि योग को जन-जन का संस्कार बनाया जाना चाहिए, क्योंकि एक स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की नींव है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दमोह जिले के पटेरा क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में एसडीएम हटा राकेश मरकाम ने भी भाग लिया और योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। जनपद शिक्षा केंद्र पटेरा से संबद्ध विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर उत्साहपूर्वक विभिन्न योगासन व प्राणायाम किए। इस दौरान वक्ताओं ने बताया कि योग से व्यक्ति निरोग रहता है और उसका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, जिसका छात्र जीवन में विशेष महत्व है क्योंकि यह एकाग्रता, अनुशासन व स्वास्थ्य सुधार में सहायक है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुम्हारी में भी योग दिवस अत्यंत उत्साह के साथ मनाया गया, जहाँ प्रभारी प्राचार्य हरिशंकर लोधी और सेवानिवृत्त शिक्षक फूल सिंह यादव ने विद्यार्थियों व शिक्षकों को योगाभ्यास कराया और योग मुद्राओं का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, पीएम श्री हाई स्कूल मझगुवा हंसराज में भी योग कार्यक्रम हुआ, जिसमें प्रभारी प्राचार्य हेमराज ठाकुर सहित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रमों के समापन पर, उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे नियमित रूप से योग करेंगे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।2