दमोह जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रविवार, 21 जून को होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा से पहले शनिवार दोपहर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने संयुक्त रूप से परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। जिले में नीट परीक्षा के लिए कुल तीन केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 1147 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचेंगे। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर पहुँचकर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया, पेयजल आपूर्ति, बिजली की उपलब्धता, अभिभावकों के बैठने की व्यवस्था और यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने विशेष रूप से एक्सीलेंस स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया और बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रवेश प्रक्रिया के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय रखा गया है। विद्यार्थियों का केंद्रों पर प्रवेश सुबह 11:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक जारी रहेगा, जिसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, परीक्षार्थियों के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है और अभिभावकों को धूप में इंतजार न करना पड़े, इसके लिए अलग से टेंट भी लगाए जा रहे हैं। बिजली आपूर्ति में बाधा आने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है, ताकि परीक्षा संचालन में कोई व्यवधान न आए। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों व जवानों को निर्देश दिए कि वे परीक्षा अवधि के दौरान पूरी मुस्तैदी और सतर्कता से अपनी ड्यूटी निभाएं। उन्होंने केंद्रों के बाहर भीड़ नियंत्रण, अभिभावकों की सुविधा सुनिश्चित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। इस निरीक्षण के दौरान एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया, एसडीएम सौरव गंधर्व और जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें और अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज लाना सुनिश्चित करें।
दमोह जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रविवार, 21 जून को होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा से पहले शनिवार दोपहर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने संयुक्त रूप से परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। जिले में नीट परीक्षा के लिए कुल तीन केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 1147 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचेंगे। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर पहुँचकर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया, पेयजल आपूर्ति, बिजली की उपलब्धता, अभिभावकों के बैठने की व्यवस्था और यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने विशेष रूप से एक्सीलेंस स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया और बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रवेश प्रक्रिया के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय रखा गया है। विद्यार्थियों का केंद्रों पर प्रवेश सुबह 11:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक जारी रहेगा, जिसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, परीक्षार्थियों के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है और अभिभावकों को धूप में इंतजार न करना पड़े, इसके लिए अलग से टेंट भी लगाए जा रहे हैं। बिजली आपूर्ति में बाधा आने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है, ताकि परीक्षा संचालन में कोई व्यवधान न आए। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों व जवानों को निर्देश दिए कि वे परीक्षा अवधि के दौरान पूरी मुस्तैदी और सतर्कता से अपनी ड्यूटी निभाएं। उन्होंने केंद्रों के बाहर भीड़ नियंत्रण, अभिभावकों की सुविधा सुनिश्चित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। इस निरीक्षण के दौरान एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया, एसडीएम सौरव गंधर्व और जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें और अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज लाना सुनिश्चित करें।
- दमोह में महाकाल मित्र मंडल सेवा समिति ने जटाशंकर मंदिर समिति को तत्काल भंग करने, मंदिर संचालन के लिए एक प्रशासक नियुक्त करने और 'भोले की रसोई' को पूर्ववत संचालित करने की अनुमति देने की पुरजोर मांग की है। समिति अध्यक्ष साहिल विरमानी की ओर से प्रशासन को दिए गए आवेदन में जटाशंकर मंदिर समिति पर सामाजिक एवं धार्मिक सेवा कार्यों में अनावश्यक बाधाएँ उत्पन्न करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदन में बताया गया है कि महाकाल मित्र मंडल सेवा समिति द्वारा संचालित 'भोले की रसोई' के माध्यम से गरीब, असहाय, वृद्ध और जरूरतमंद लोगों को केवल 5 रुपये में सम्मानपूर्वक पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता रहा है। समिति का कहना है कि अब रसोई को बंद कराने या उसके संचालन में अनुचित हस्तक्षेप करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे हजारों जरूरतमंद लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके सेवा कार्य केवल भोजन सेवा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे लावारिस शवों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार, रक्तदान जागरूकता अभियान और वृद्धाश्रम में प्रत्येक शनिवार सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी करते हैं। आवेदन में मंदिर समिति के कार्यों में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाते हुए एक निष्पक्ष प्रशासक की नियुक्ति की मांग की गई है। समिति ने प्रशासन से जनहित और धार्मिक मर्यादा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'भोले की रसोई' का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी भी सेवा कार्य में व्यवधान को रोकने का आग्रह किया है। महाकाल मित्र मंडल ने जटाशंकर मंदिर समिति द्वारा अनावश्यक बाधाएँ उत्पन्न करने के विरोध में कलेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। प्रधानमंत्री ने उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू का जीवन और सार्वजनिक सेवा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। अपने शुभकामना संदेश में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्थान और जनसेवा के प्रति समर्पण की सराहना की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की। इस बीच, देशभर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उनके जन्मदिन पर बधाइयां और शुभकामनाएं मिल रही हैं।1
- अपने खिलाफ दर्ज मामले पर व्यक्ति ने अपना व्यक्तिगत पक्ष रखा है, जिसमें उन्होंने कानून और न्यायपालिका के प्रति पूर्ण सम्मान व्यक्त किया और कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनका उद्देश्य हमेशा समाज के कमजोर और पीड़ित लोगों की आवाज़ उठाना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी किसी अनजानी गलती से किसी को ठेस पहुँची है, तो उन्हें उसका खेद है, और अंतिम निर्णय माननीय न्यायालय द्वारा किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे वीडियो को पूरा देखें, अपनी राय शालीन भाषा में दें और किसी भी प्रकार की अफवाह या आपत्तिजनक टिप्पणी से बचें, यह इंगित करते हुए कि दुष्कर्म पीड़ित ब्राह्मण समाज की बिटिया को न्याय दिलाना उन्हें महंगा पड़ा है।1
- दमोह जिले में गेहूं में डाली जाने वाली दवा की दुर्गंध के कारण कुछ बच्चों की मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जनता से अपील की है कि वे इस संबंध में सावधानी बरतें।1
- दमोह जिले में गेहूं और अन्य अनाज के भंडारण में इस्तेमाल होने वाली कीटनाशक दवा की दुर्गंध से बच्चों की दुखद मौत के बाद, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिलेवासियों से विशेष सावधानी बरतने की मार्मिक अपील की है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि अनाज संरक्षण के लिए उपयोग की जाने वाली ये दवाएं अत्यंत विषैली होती हैं और इनके उपयोग के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि इन दवाओं को बच्चों की पहुँच से दूर एक सुरक्षित स्थान पर रखें और इनके उपयोग के समय कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने दवा के उपयोग संबंधी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने पर जोर दिया। यदि दवा की तीव्र गंध, सांस लेने में परेशानी, चक्कर आना या कोई अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल प्रभावित व्यक्ति को खुले स्थान पर ले जाकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार दिलाने की सलाह दी गई है। कलेक्टर ने इस बात पर भी बल दिया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि अनाज भंडारण में प्रयुक्त रसायनों का उपयोग पूरी सतर्कता के साथ करें और बच्चों सहित परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।1
- वन से सामने आई एक वीडियो में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संबंधित विभाग की चौकन्नीता पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। यह वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि जहाँ नेता एक वृक्ष लगाकर तस्वीरें खिंचवाते हैं, वहीं वे एक बार में पाँच वृक्ष कटवा रहे हैं। इस विरोधाभासी रवैये को देखते हुए यह प्रश्न उठता है कि आखिर पर्यावरण को सुरक्षित कैसे रखा जा सकेगा।1
- दमोह जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रविवार, 21 जून को होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा से पहले शनिवार दोपहर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने संयुक्त रूप से परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। जिले में नीट परीक्षा के लिए कुल तीन केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 1147 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचेंगे। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर पहुँचकर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया, पेयजल आपूर्ति, बिजली की उपलब्धता, अभिभावकों के बैठने की व्यवस्था और यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने विशेष रूप से एक्सीलेंस स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया और बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रवेश प्रक्रिया के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय रखा गया है। विद्यार्थियों का केंद्रों पर प्रवेश सुबह 11:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक जारी रहेगा, जिसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, परीक्षार्थियों के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है और अभिभावकों को धूप में इंतजार न करना पड़े, इसके लिए अलग से टेंट भी लगाए जा रहे हैं। बिजली आपूर्ति में बाधा आने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है, ताकि परीक्षा संचालन में कोई व्यवधान न आए। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों व जवानों को निर्देश दिए कि वे परीक्षा अवधि के दौरान पूरी मुस्तैदी और सतर्कता से अपनी ड्यूटी निभाएं। उन्होंने केंद्रों के बाहर भीड़ नियंत्रण, अभिभावकों की सुविधा सुनिश्चित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। इस निरीक्षण के दौरान एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया, एसडीएम सौरव गंधर्व और जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें और अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज लाना सुनिश्चित करें।1
- कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सल्फास के सुरक्षित उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने किसानों और आमजन से अपील की है कि सल्फास का उपयोग अत्यंत सीमित मात्रा में और पूरी सावधानी के साथ करें, क्योंकि इसके इस्तेमाल में बरती गई कोई भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।1