कुसमुंडा खदान में 'सोनू मोनू कंपनी' के खिलाफ कर्मचारियों का फूटा गुस्सा; HPC दर और बदहाल रास्तों को लेकर खोला मोर्चा कोरबा: एसईसीएल (SECL) की प्रमुख कुसमुंडा कोयला खदान परिसर में सोनू मोनू कंपनी के अंतर्गत कार्यरत चालकों (ड्राइवर्स), हेल्परों और सुपरवाइजरों के बीच भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। सोनू मोनू कंपनी द्वारा किए जा रहे कथित शोषण, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उचित HPC (हाई पावर कमेटी) वेतन दर न मिलने से क्षुब्ध होकर कर्मचारियों ने खदान परिसर में ही उग्र प्रदर्शन किया और एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। बदहाल रास्ते और जान-माल का जोखिम प्रदर्शन कर रहे सोनू मोनू कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में खदान के भीतर की सड़कें बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी हैं। इसके बावजूद सोनू मोनू कंपनी के प्रबंधन द्वारा उनसे जबरन भारी वाहन चलवाए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि इस खराब रास्ते के कारण यदि किसी गाड़ी में कोई टूट-फूट या तकनीकी फॉल्ट आता है, तो उसकी पूरी जवाबदेही सोनू मोनू कंपनी के संबंधित इंचार्ज और अधिकारियों की होगी, न कि गरीब ड्राइवरों की। HPC दर न मिलने पर जताई भारी नाराजगी प्रदर्शन के दौरान जब कर्मचारियों से पूछा गया कि किसे-किसे निर्धारित HPC दर के अनुसार वेतन/भुगतान नहीं मिल रहा है, तो सोनू मोनू कंपनी के सभी उपस्थित कर्मचारियों, ड्राइवरों और सुपरवाइजरों ने एक स्वर में हाथ उठाकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सोनू मोनू कंपनी उन्हें उनके जायज हक और नियमानुसार तय HPC रेट से वंचित रख रही है। आंदोलन और काम बंद करने की चेतावनी कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सोनू मोनू कंपनी जल्द से जल्द सभी कर्मचारियों के लिए नियमानुसार HPC दर लागू नहीं करती है और खदान के रास्तों की स्थिति में सुधार नहीं कराती है, तो वे कंपनी के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन के अंत में सभी कर्मचारियों ने "जय जोहार, जय छत्तीसगढ़" के नारों के साथ अपनी एकजुटता दिखाई और चेतावनी दी कि यदि सोनू मोनू कंपनी ने मांगें पूरी नहीं कीं, तो खदान का कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।
कुसमुंडा खदान में 'सोनू मोनू कंपनी' के खिलाफ कर्मचारियों का फूटा गुस्सा; HPC दर और बदहाल रास्तों को लेकर खोला मोर्चा कोरबा: एसईसीएल (SECL) की प्रमुख कुसमुंडा कोयला खदान परिसर में सोनू मोनू कंपनी के अंतर्गत कार्यरत चालकों (ड्राइवर्स), हेल्परों और सुपरवाइजरों के बीच भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। सोनू मोनू कंपनी द्वारा किए जा रहे कथित शोषण, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उचित HPC (हाई पावर कमेटी) वेतन दर न मिलने से क्षुब्ध होकर कर्मचारियों ने खदान परिसर में ही उग्र प्रदर्शन किया और एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। बदहाल रास्ते और जान-माल का जोखिम प्रदर्शन कर रहे सोनू मोनू कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में खदान के भीतर की सड़कें बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी हैं। इसके बावजूद सोनू मोनू कंपनी के प्रबंधन द्वारा उनसे जबरन भारी वाहन चलवाए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि इस खराब रास्ते के कारण यदि किसी गाड़ी में कोई टूट-फूट या तकनीकी फॉल्ट आता है, तो उसकी पूरी जवाबदेही सोनू मोनू
कंपनी के संबंधित इंचार्ज और अधिकारियों की होगी, न कि गरीब ड्राइवरों की। HPC दर न मिलने पर जताई भारी नाराजगी प्रदर्शन के दौरान जब कर्मचारियों से पूछा गया कि किसे-किसे निर्धारित HPC दर के अनुसार वेतन/भुगतान नहीं मिल रहा है, तो सोनू मोनू कंपनी के सभी उपस्थित कर्मचारियों, ड्राइवरों और सुपरवाइजरों ने एक स्वर में हाथ उठाकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सोनू मोनू कंपनी उन्हें उनके जायज हक और नियमानुसार तय HPC रेट से वंचित रख रही है। आंदोलन और काम बंद करने की चेतावनी कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सोनू मोनू कंपनी जल्द से जल्द सभी कर्मचारियों के लिए नियमानुसार HPC दर लागू नहीं करती है और खदान के रास्तों की स्थिति में सुधार नहीं कराती है, तो वे कंपनी के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन के अंत में सभी कर्मचारियों ने "जय जोहार, जय छत्तीसगढ़" के नारों के साथ अपनी एकजुटता दिखाई और चेतावनी दी कि यदि सोनू मोनू कंपनी ने मांगें पूरी नहीं कीं, तो खदान का कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।
- बड़ा हादसा टला: PNC इंफ्राटेक की कोयला गाड़ी में लगी आग, तत्परता से जलने से बची गाड़ी रात के अंधेरे में साइट पर मच गया हड़कंप रात के समय PNC इंफ्राटेक लिमिटेड के कार्यक्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब कोयला ले जा रही एक बड़ी डंपर/ट्रक गाड़ी से अचानक धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। हालांकि, मौके पर मौजूद कर्मचारियों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की वजह से एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया और पूरी गाड़ी जलने से बाल-बाल बच गई। कैसे हुआ हादसा? प्राप्त जानकारी के अनुसार, PNC इंफ्राटेक की कोयला लोड गाड़ी अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। अचानक वाहन के पिछले हिस्सों/टायरों के पास से ज़ोरदार धुआं और चिंगारियां उठने लगीं। देखते ही देखते धुएं का गुबार फैल गया और आग पकड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया वर्करों ने दिखाई बहादुरी और सूझबूझ घटना घटते ही वहां मौजूद चालकों और वर्करों ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला: अग्निशमन यंत्र का इस्तेमाल: घटनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर सिलेंडर उठाए और बिना डरे आग के स्रोत पर स्प्रे करना शुरू कर दिया। समय पर पाया गया काबू: कर्मचारियों की सतर्कता के चलते आग विकराल रूप लेने से पहले ही बुझा दी गई, जिससे लाखों रुपये का नुकसान होने से बच गया। बड़ा नुकसान टला कोयला अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण अगर आग जरा सी भी फैल जाती, तो पूरी गाड़ी और उस पर लदा कोयला जलकर खाक हो सकता था। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और किसी भी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है।1
- बिलासपुर रेंज में साइबर अपराध पर आईजी सख्त, फर्जी SIM बेचने वालों पर FIR के निर्देश, बिलासपुर रेंज में साइबर अपराध पर आईजी सख्त, फर्जी SIM बेचने वालों पर FIR के निर्देश, साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज राम गोपाल गर्ग ने साइबर थानों और साइबर सेल की समीक्षा बैठक ली। बैठक में रेंज के सभी साइबर थानों के अधिकारियों और प्रभारियों से साइबर अपराधों की स्थिति की जानकारी ली गई। आईजी ने साइबर पोर्टल पर लंबित शिकायतों और FIR का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए। रेंज के सभी थानों को रोजाना नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर लॉगिन करने और प्राप्त शिकायतों पर उसी दिन कार्रवाई करने को कहा गया। वहीं, फर्जी या संदिग्ध SIM बेचने और एक्टिवेट करने वाले POS एजेंटों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में साइबर ठगी के मामलों में बैंकों में होल्ड की गई राशि को पीड़ितों के खातों में जल्द वापस कराने पर भी जोर दिया गया। 15 दिन से ज्यादा पुराने बैंक होल्ड मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, IP एड्रेस, WhatsApp और Telegram अकाउंट को ब्लॉक कराने तथा गिरफ्तार साइबर अपराधियों की जानकारी ‘समन्वय पोर्टल’ पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए। आईजी राम गोपाल गर्ग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि साइबर अपराधों पर कार्रवाई में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत मिलनी चाहिए।1
- सुप्रभात दोस्तों कुछ दिन पहले बिलासपुर में हुई झमाझम बारिश1
- Nagar Panchayat Bhanhimydi me छोटे-छोटे biwi bacchon ke sath barish me Bahar Ghar Se Kar Diya tabhi Suraj aur Suresh Apne pita ke Naam per FIR karvane gaye the police walon Ne saaf mana kar diya FIR nahin ho sakta bolkar Ghar ki baat Hai bolkar ab bolo kahan jaenge kya Sarkar aise karti hai koi bhi man baap apne bacchon ko aise nikal denge छोटे-छोटे bacchon ke liye yah video share jarur karna1
- राम के नाम का पुल, सौंदर्यीकरण अब तक अधूरा!लोगों की भावनाएं अधूरी राम सेतु के सौंदर्यीकरण में देरी, , लोगों की भावनाएं अधूरी ,,देखें Ground Report अरपा नदी पर बने करीब सौ साल पुराने पुल को भगवान राम के नाम पर ‘राम सेतु’ नाम दिए जाने के बाद इसके सौंदर्यीकरण की योजना बनाई गई थी। नगर निगम की ओर से इसके लिए करीब 2 करोड़ 61 लाख रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया, जिसे एमआईसी की बैठक में सर्वसम्मति से मंजूरी भी मिल चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की बात भी सामने आई है, लेकिन इसके बावजूद अब तक राम सेतु के सौंदर्यीकरण का काम शुरू नहीं हो सका है।1
- बिलासा ताल में वन मंत्री केदार ने किया फुट वुडन ओवर ब्रिज का किया लोकार्पण बिलासा ताल में वन मंत्री केदार ने किया फुट वुडन ओवर ब्रिज का किया लोकार्पण1
- बिलासपुर: अड्डेबाजी और नशाखोरी पर सिरगिट्टी पुलिस की कार्रवाई थाना सिरगिट्टी क्षेत्र में अशांति फैलाने, अड्डेबाजी और नशाखोरी पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने चिन्हित स्थानों पर चेकिंग के दौरान 9 आरोपियों को प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। पुलिस ने आरोपियों को शांति व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि नशाखोरी या सार्वजनिक स्थानों पर अशांति फैलाने वालों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। सिरगिट्टी पुलिस ने ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।1