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मुंगेली सिटी कोतवाली पुलिस ने एक चोरी के मामले का महज 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और चोरी हुए 11 सोने के लॉकेट के साथ ₹2,000 नकद बरामद किए। मामले में, एक विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्यायालय में पेश किया गया, जबकि मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर उनके बीट सिस्टम की प्रभावशीलता को उजागर किया है।
CG RIGHT TIMES NEWS
मुंगेली सिटी कोतवाली पुलिस ने एक चोरी के मामले का महज 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और चोरी हुए 11 सोने के लॉकेट के साथ ₹2,000 नकद बरामद किए। मामले में, एक विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्यायालय में पेश किया गया, जबकि मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर उनके बीट सिस्टम की प्रभावशीलता को उजागर किया है।
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- बिलासपुर में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, तोरवा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए सट्टा नेटवर्क से जुड़े चार आदतन सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में जिले में अवैध जुआ-सट्टा एवं संगठित सट्टेबाजी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में तोरवा पुलिस लगातार छापेमार कार्रवाई कर रही है। यह कार्रवाई हाल ही में सट्टा सरगना किशन चंद समेत चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना को आगे बढ़ाते हुए की गई है। गिरफ्तार किए गए चारों सटोरियों की पहचान 53 वर्षीय दीपक रामनानी, 50 वर्षीय अजहर जुननानी, 56 वर्षीय सुधीर बोले और 30 वर्षीय शुभम पांडे के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी पहले भी जुआ-सट्टा से जुड़े मामलों में संलिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी प्रकरण दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में संगठित तरीके से अवैध सट्टा संचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर, आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धाराओं 6 एवं 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। तोरवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, और ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बलौदाबाजार विकासखंड के लाहौद में 5 जुलाई को, खरीफ सीजन की तैयारियों के मद्देनजर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उन्हें शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने समिति में उपलब्ध कृषि सुविधाओं, खाद-बीज वितरण व्यवस्था, पैक्स कम्प्यूटरीकरण और माइक्रो एटीएम सेवा का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि समिति में खाद एवं बीज समय पर उपलब्ध हो रहे हैं और समिति प्रतिदिन सुबह करीब 8:30 बजे से संचालित होती है। इस पर कलेक्टर ने समिति के कार्यों की सराहना की और निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो तथा सभी आवश्यक कृषि संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाएँ। उन्होंने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए बताया कि नैनो डीएपी और नैनो यूरिया उपलब्ध हैं, जो उत्पादन लागत कम करने और बेहतर परिणाम प्राप्त करने में सहायक हैं। कलेक्टर ने खरीफ सीजन के लिए फसल चयन पर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि यदि सामान्य से कम वर्षा की संभावना हो, तो किसान धान के स्थान पर अन्य उपयुक्त फसलों की खेती पर विचार करें ताकि संभावित नुकसान कम हो सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि धान के स्थान पर वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को राज्य शासन की ओर से 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता प्रदान की जाती है। पैक्स कम्प्यूटरीकरण व्यवस्था का अवलोकन करते हुए कलेक्टर ने समिति प्रबंधक से सॉफ्टवेयर में लॉग-इन कर कृषि ऋण सहित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने किसानों से भी कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था पर फीडबैक लिया और निर्देश दिए कि सभी सेवाएँ पारदर्शी, सरल और समयबद्ध ढंग से उपलब्ध हों। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने माइक्रो एटीएम सुविधा के बारे में बताया कि अब किसानों को छोटी-मोटी नकदी जरूरतों के लिए बैंक जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे प्राथमिक कृषि सहकारी समिति में उपलब्ध माइक्रो एटीएम से 20 हजार रुपये तक की नकद राशि आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से इस सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।1
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक 15 वर्षीय गुम बालिका को सकुशल बरामद करने के साथ ही उससे दुष्कर्म करने वाले अपचारी बालक और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया है। पहले मामले में, 14 जून को एक 15 वर्षीय बालिका की माँ ने चौकी रैरूमाखुर्द में अपनी बेटी के 10 जून से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनकी बेटी को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने का संदेह जताया गया था, जिस पर पुलिस ने तुरंत 165/2026, धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया। 18 जून को बालिका अपनी माँ के साथ चौकी में उपस्थित हुई और महिला अधिकारी के समक्ष दिए बयान में बताया कि विधि से संघर्षरत एक बालक ने उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले जाकर उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए। जांच के दौरान मामले में BNS की धारा 64(2)(m), 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 भी जोड़ी गईं। बालिका का न्यायालयीन बयान कराकर बाल कल्याण समिति, रायगढ़ के माध्यम से उसकी काउंसलिंग भी कराई गई। पुलिस टीम ने आरोपित बालक को उसके निवास से तलाश कर हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोप स्वीकार करने तथा चिकित्सीय परीक्षण में साक्ष्य मिलने पर 1 जुलाई को विधिसम्मत निरुद्ध कर उसे बाल न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। दूसरे मामले में, 2 जुलाई को महिला थाना रायगढ़ को 31 वर्षीय एक पीड़िता से लिखित शिकायत प्राप्त हुई। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2018 में उसकी पहचान महेंद्र पासवान (31, निवासी जूटमिल सामने गली, थाना जूटमिल) से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को अविवाहित बताकर विवाह का भरोसा दिलाया और किराये के मकान में रखकर लंबे समय तक पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। हाल ही में पीड़िता को जानकारी हुई कि आरोपी पहले से विवाहित है और उसके तीन बच्चे भी हैं। 30 जून को विवाद होने के बाद आरोपी ने उसे घर से निकाल दिया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने 64/2026, धारा 69 BNS के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। बयान के साथ चिकित्सीय परीक्षण कर आवश्यक जैविक साक्ष्य सुरक्षित किए गए। आरोपी महेंद्र पासवान की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया। वैधानिक कार्रवाइयों के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि "अभियान संवेदना" के माध्यम से बाल सुरक्षा और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर तत्काल, संवेदनशील और कड़ाई से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या महिला थाना में दें, ताकि समय पर बचाव और उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- बिलासपुर जिले के तारबहार थाना क्षेत्र में स्थित रेलवे हॉस्पिटल के पास कांग्रेस नेता और ठेकेदारी का काम करने वाले श्याम कश्यप के साथ मारपीट की एक गंभीर वारदात हुई है। जानकारी के अनुसार, श्याम कश्यप अपनी दैनिक दिनचर्या के तहत रेलवे हॉस्पिटल के पास जॉगिंग करने निकले थे, तभी तीन नकाबपोश व्यक्तियों ने उन पर हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले में श्याम कश्यप के सिर में काफी गंभीर चोटें आने की बात कही जा रही है। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। इस घटना को लेकर मामला भी दर्ज कर लिया गया है।1
- कोरबा वन मंडल के पसरखेत रेंज में मुख्य मार्ग पर 14 फीट लंबा किंग कोबरा सड़क पार करते दिखा, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद डीएफओ प्रेमलता यादव को भी घटना से अवगत कराया गया। एसडीओ सूर्यकांत सोनी ने रेस्क्यू टीम आर.सी.आर.एस. के अविनाश यादव को मौके पर रवाना किया। तब तक किंग कोबरा झगरहा-हाटी मार्ग को पार कर आगे बढ़ चुका था, जिससे मार्ग पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बारिश के बीच अविनाश और उनकी टीम ने करीब एक घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर कोबरा को सुरक्षित पकड़ा और उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। स्वस्थ पाए जाने पर उसे घने जंगल में छोड़ दिया गया। इस दौरान रेंजर देवदत्त खांडे, अशोक कुमार और अन्य वन अमला भी मौजूद रहा। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में टीम द्वारा अब तक 50 से अधिक किंग कोबरा का रेस्क्यू किया जा चुका है।1
- बिलासपुर में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही तारबाहर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जिसने म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का संचालन करने वाले दो फरार आरोपियों अमीर उर्फ अमीरुद्दीन (29) और मोहम्मद अल्मास गाजी (24) को रायपुर से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस पहले ही चार अन्य आरोपियों दीपेश कुमार गुप्ता, नवनीत मिश्रा, ऋषभ साहू और राजा घरानी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। यह कार्रवाई 13 मई 2026 को मिली एक सूचना के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें बताया गया था कि स्टेट बैंक, व्यापार विहार, बिलासपुर के पास एक व्यक्ति कमीशन का लालच देकर लोगों को उनके बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिए तैयार कर रहा है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर शुरू हुई इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में विवेचना के दौरान साइबर सेल से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन विश्लेषण के आधार पर फरार आरोपियों अमीर उर्फ अमीरुद्दीन और मोहम्मद अल्मास गाजी के रायपुर में होने की जानकारी मिली थी। रायपुर में गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कमीशन के बदले म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में सहयोग करते थे। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से जुड़े ऐसे नेटवर्क के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- बिलासपुर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के मामलों में इस्तेमाल होने वाले 'म्यूल बैंक खातों' के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में तारबाहर पुलिस ने दो फरार आरोपियों अमीर उर्फ अमीरुद्दीन (29) और मोहम्मद अल्मास गाजी (24) को रायपुर से गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में सहयोग करते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 13 मई 2026 को मिली एक मुखबिर सूचना के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें बताया गया था कि स्टेट बैंक, व्यापार विहार बिलासपुर के आसपास एक व्यक्ति लोगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के एवज में कमीशन का लालच दे रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर शुरू हुई इस जांच में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में पहले ही दीपेश कुमार गुप्ता, नवनीत मिश्रा, ऋषभ साहू और राजा घरानी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। प्रकरण में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश के दौरान, साइबर सेल से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन विश्लेषण के आधार पर पुलिस को दोनों आरोपियों के रायपुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से रायपुर पहुंचकर उन्हें दबोच लिया। पूछताछ में अमीर उर्फ अमीरुद्दीन और मोहम्मद अल्मास गाजी ने स्वीकार किया कि वे कमीशन लेकर ऐसे बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए होता था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 317(4), 112 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया और उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध में सहयोग करने वाले म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।1
- शनिवार शाम पटपर और चुराघाट गांवों के बीच एक अनियंत्रित बाइक से गिरकर तीन लोग घायल हो गए। रात 9:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, शाम 5:30 बजे एक कॉलर ने डायल 112 को फोन कर इस घटना की सूचना दी थी, जिसमें बताया गया था कि बाइक सवार तीनों लोग गिर गए हैं और उन्हें चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। घायल हुए क्लेश ध्रुव, वीर नारायण ध्रुव और अखिलेश नेताम को डायल 112 वाहन से बिल्हा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और वहां भर्ती कराया गया है। उनका इलाज जारी है।1