कोरबा वन मंडल के पसरखेत रेंज में मुख्य मार्ग पर 14 फीट लंबा किंग कोबरा सड़क पार करते दिखा, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद डीएफओ प्रेमलता यादव को भी घटना से अवगत कराया गया। एसडीओ सूर्यकांत सोनी ने रेस्क्यू टीम आर.सी.आर.एस. के अविनाश यादव को मौके पर रवाना किया। तब तक किंग कोबरा झगरहा-हाटी मार्ग को पार कर आगे बढ़ चुका था, जिससे मार्ग पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बारिश के बीच अविनाश और उनकी टीम ने करीब एक घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर कोबरा को सुरक्षित पकड़ा और उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। स्वस्थ पाए जाने पर उसे घने जंगल में छोड़ दिया गया। इस दौरान रेंजर देवदत्त खांडे, अशोक कुमार और अन्य वन अमला भी मौजूद रहा। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में टीम द्वारा अब तक 50 से अधिक किंग कोबरा का रेस्क्यू किया जा चुका है।
कोरबा वन मंडल के पसरखेत रेंज में मुख्य मार्ग पर 14 फीट लंबा किंग कोबरा सड़क पार करते दिखा, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद डीएफओ प्रेमलता यादव को भी घटना से अवगत कराया गया। एसडीओ सूर्यकांत सोनी ने रेस्क्यू टीम आर.सी.आर.एस. के अविनाश यादव को मौके पर रवाना किया। तब तक किंग कोबरा झगरहा-हाटी मार्ग को पार कर आगे बढ़ चुका था, जिससे मार्ग पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बारिश के बीच अविनाश और उनकी टीम ने करीब एक घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर कोबरा को सुरक्षित पकड़ा और उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। स्वस्थ पाए जाने पर उसे घने जंगल में छोड़ दिया गया। इस दौरान रेंजर देवदत्त खांडे, अशोक कुमार और अन्य वन अमला भी मौजूद रहा। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में टीम द्वारा अब तक 50 से अधिक किंग कोबरा का रेस्क्यू किया जा चुका है।
- कोरबा वन मंडल के पसरखेत रेंज में मुख्य मार्ग पर 14 फीट लंबा किंग कोबरा सड़क पार करते दिखा, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद डीएफओ प्रेमलता यादव को भी घटना से अवगत कराया गया। एसडीओ सूर्यकांत सोनी ने रेस्क्यू टीम आर.सी.आर.एस. के अविनाश यादव को मौके पर रवाना किया। तब तक किंग कोबरा झगरहा-हाटी मार्ग को पार कर आगे बढ़ चुका था, जिससे मार्ग पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बारिश के बीच अविनाश और उनकी टीम ने करीब एक घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर कोबरा को सुरक्षित पकड़ा और उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। स्वस्थ पाए जाने पर उसे घने जंगल में छोड़ दिया गया। इस दौरान रेंजर देवदत्त खांडे, अशोक कुमार और अन्य वन अमला भी मौजूद रहा। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में टीम द्वारा अब तक 50 से अधिक किंग कोबरा का रेस्क्यू किया जा चुका है।1
- छत्तीसगढ़ के चांपा में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने 10 लाख 55 हजार रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया है और एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया है।1
- रायगढ़ जिले की तमनार थाना पुलिस ने बैंक और सार्वजनिक स्थानों पर उठाईगिरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह के फरार मास्टरमाइंड हरि उर्फ विशाल नट को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने अपने साथी धर्मेन्द्र नट उर्फ धर्मेन्द्र मीणा के साथ मिलकर तीन अलग-अलग घटनाओं में कुल ₹2 लाख 44 हजार की उठाईगिरी की थी। पुलिस धर्मेन्द्र नट को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, और वारदात में इस्तेमाल की गईं दो अपाचे मोटरसाइकिलें तथा डिक्की तोड़ने के औजार भी बरामद किए जा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी व एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने मामले की गहन जांच की। पुलिस ने अपेक्स बैंक और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया और तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि पहली वारदात 9 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब झरना निवासी गोसाई राम राठिया के बैग से बाजारपारा में ₹20 हजार, पासबुक और एटीएम कार्ड चोरी हुए थे। दूसरी घटना 14 मई को हुई, जिसमें सराईपाली निवासी 65 वर्षीय रहंसराम खम्हारे अपेक्स बैंक से ₹24 हजार निकालने के बाद यात्री प्रतीक्षालय में बैठे थे और उनके थैले से नकदी व दस्तावेज अज्ञात चोर लेकर फरार हो गए। तीसरी और सबसे बड़ी वारदात 8 जून 2026 को हुई थी, जब गौरबहरी निवासी लोकेश्वर पटेल अपेक्स बैंक से ₹2 लाख निकालकर मोटरसाइकिल की डिक्की में रखकर तहसील कार्यालय गए थे; लौटने पर उनकी डिक्की टूटी मिली और पूरी रकम गायब थी। लगातार पतासाजी के बाद 19 जून 2026 को पुलिस ने धर्मेन्द्र नट को गिरफ्तार किया था, जिसने पूछताछ में हरि उर्फ विशाल नट के साथ मिलकर तीनों वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, चोरी की रकम से खरीदी गई दूसरी नई अपाचे मोटरसाइकिल और डिक्की तोड़ने में इस्तेमाल किए गए लोहे के औजार बरामद किए गए। मुख्य आरोपी हरि उर्फ विशाल नट उस समय जिला कोरिया के एक अन्य मामले में जिला जेल बैकुंठपुर में बंद था। तमनार पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की। आरोपी ने तीनों उठाईगिरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया कि उसने और उसके साथी ने चोरी की रकम का अधिकांश हिस्सा आपस में बांटकर जुआ खेलने और खाने-पीने में खर्च कर दिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के उपरांत पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पुनः न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस पूरे मामले का सफल खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक बनारसी सिदार, हेम प्रकाश सोन और आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- बिलासपुर के अग्रसेन चौक स्थित एक निजी परिसर में कथित धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद इलाके का माहौल गरमा गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता तारबहार थाने पहुंचे और परिसर का घेराव कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन के पदाधिकारी थाने में डटे रहे, जबकि बाहर जुटे कार्यकर्ताओं ने 'जय श्री राम' के नारे लगाकर अपना विरोध जताया। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- बिलासपुर जिले के तोरवा थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रार्थिया ने 4 जुलाई 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके मोहल्ले का रहने वाला धरम यादव, जिसकी उम्र 40 वर्ष है और जो हेमूनगर, तोरवा, बिलासपुर का निवासी है, लंबे समय से उस पर बुरी नीयत रख रहा था और अभद्र व्यवहार करता था। शिकायत के अनुसार, 4 जुलाई की शाम करीब 3:30 बजे आरोपी धरम यादव ने गाली-गलौज करते हुए महिला के साथ छेड़छाड़ की और बुरी नीयत से उसके सीने को छुआ। इस मामले में थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 370/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74, 296, 115(2) और 351(3) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी रजनीश सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की। आरोपी धरम यादव को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और उसे 5 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई। तोरवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में तत्काल और सख्त कार्रवाई की जा रही है और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।1
- बिलासपुर में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया है। शहर के आईएमए भवन में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों का कहना है कि इस प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है, और उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, ईसाई समाज ने हिंदू संगठनों के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईसाई समाज ने स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा केवल नियमित प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है और किसी भी प्रकार का धर्मांतरण नहीं कराया जाता है। इस घटना के बाद, बिलासपुर में हिंदू और ईसाई समाज आमने-सामने आ गए हैं, जिससे धर्मांतरण का यह मामला गर्मा गया है।1
- बलौदाबाजार विकासखंड के लाहौद में 5 जुलाई को, खरीफ सीजन की तैयारियों के मद्देनजर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उन्हें शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने समिति में उपलब्ध कृषि सुविधाओं, खाद-बीज वितरण व्यवस्था, पैक्स कम्प्यूटरीकरण और माइक्रो एटीएम सेवा का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि समिति में खाद एवं बीज समय पर उपलब्ध हो रहे हैं और समिति प्रतिदिन सुबह करीब 8:30 बजे से संचालित होती है। इस पर कलेक्टर ने समिति के कार्यों की सराहना की और निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो तथा सभी आवश्यक कृषि संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाएँ। उन्होंने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए बताया कि नैनो डीएपी और नैनो यूरिया उपलब्ध हैं, जो उत्पादन लागत कम करने और बेहतर परिणाम प्राप्त करने में सहायक हैं। कलेक्टर ने खरीफ सीजन के लिए फसल चयन पर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि यदि सामान्य से कम वर्षा की संभावना हो, तो किसान धान के स्थान पर अन्य उपयुक्त फसलों की खेती पर विचार करें ताकि संभावित नुकसान कम हो सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि धान के स्थान पर वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को राज्य शासन की ओर से 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता प्रदान की जाती है। पैक्स कम्प्यूटरीकरण व्यवस्था का अवलोकन करते हुए कलेक्टर ने समिति प्रबंधक से सॉफ्टवेयर में लॉग-इन कर कृषि ऋण सहित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने किसानों से भी कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था पर फीडबैक लिया और निर्देश दिए कि सभी सेवाएँ पारदर्शी, सरल और समयबद्ध ढंग से उपलब्ध हों। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने माइक्रो एटीएम सुविधा के बारे में बताया कि अब किसानों को छोटी-मोटी नकदी जरूरतों के लिए बैंक जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे प्राथमिक कृषि सहकारी समिति में उपलब्ध माइक्रो एटीएम से 20 हजार रुपये तक की नकद राशि आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से इस सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।1
- बलौदाबाजार में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर पालिका की मानसून-पूर्व तैयारियों की पोल खोल दी है। शनिवार को हुई लगभग आधे घंटे की बरसात के बाद शहर के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ और नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस जलभराव का मुख्य कारण नालियों की समय पर सफाई न होना और समुचित जल निकासी व्यवस्था का अभाव बताया गया है। शहर में ज्ञान गंगा स्कूल के सामने, तहसील कार्यालय परिसर, कन्हा विहार और रामसागर तालाब क्षेत्र सहित कई अन्य स्थानों पर जलभराव की गंभीर स्थिति बनी। सड़कों पर इतना पानी भर गया कि वे तालाब जैसी दिखने लगीं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और राहगीरों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नगर पालिका हर साल मानसून से पहले नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन पहली ही बारिश ने इन दावों की हकीकत उजागर कर दी। कई नालियां गाद और कचरे से पूरी तरह पटी हुई पाई गईं, जिसके कारण वर्षा का पानी समय पर निकल नहीं पाया और सड़कों पर जमा हो गया। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता खेलावन जायसवाल ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद शहर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं बन पाई है। जायसवाल ने सीधे आरोप लगाया कि "ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद पहली ही बारिश में व्यवस्थाएं पूरी तरह विफल साबित हुई हैं। जनता को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं और शहर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है।" जायसवाल ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था में सुधार लाने, नालियों की व्यापक सफाई करने और जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए स्थायी समाधान खोजने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी दिनों में लगातार बारिश के दौरान शहरवासियों की परेशानियां और अधिक बढ़ सकती हैं। जलभराव के कारण कई स्थानों पर दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रही, जिससे नागरिकों में चिंता बढ़ गई। शहरवासियों ने नगर पालिका से केवल कागजी तैयारियों पर ही निर्भर रहने के बजाय जमीनी स्तर पर ठोस और प्रभावी कार्य करने की अपील की है। यह स्थिति नगर पालिका की मानसून-पूर्व तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, और अब शहरवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है।1