रायगढ़ जिले की तमनार थाना पुलिस ने बैंक और सार्वजनिक स्थानों पर उठाईगिरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह के फरार मास्टरमाइंड हरि उर्फ विशाल नट को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने अपने साथी धर्मेन्द्र नट उर्फ धर्मेन्द्र मीणा के साथ मिलकर तीन अलग-अलग घटनाओं में कुल ₹2 लाख 44 हजार की उठाईगिरी की थी। पुलिस धर्मेन्द्र नट को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, और वारदात में इस्तेमाल की गईं दो अपाचे मोटरसाइकिलें तथा डिक्की तोड़ने के औजार भी बरामद किए जा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी व एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने मामले की गहन जांच की। पुलिस ने अपेक्स बैंक और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया और तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि पहली वारदात 9 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब झरना निवासी गोसाई राम राठिया के बैग से बाजारपारा में ₹20 हजार, पासबुक और एटीएम कार्ड चोरी हुए थे। दूसरी घटना 14 मई को हुई, जिसमें सराईपाली निवासी 65 वर्षीय रहंसराम खम्हारे अपेक्स बैंक से ₹24 हजार निकालने के बाद यात्री प्रतीक्षालय में बैठे थे और उनके थैले से नकदी व दस्तावेज अज्ञात चोर लेकर फरार हो गए। तीसरी और सबसे बड़ी वारदात 8 जून 2026 को हुई थी, जब गौरबहरी निवासी लोकेश्वर पटेल अपेक्स बैंक से ₹2 लाख निकालकर मोटरसाइकिल की डिक्की में रखकर तहसील कार्यालय गए थे; लौटने पर उनकी डिक्की टूटी मिली और पूरी रकम गायब थी। लगातार पतासाजी के बाद 19 जून 2026 को पुलिस ने धर्मेन्द्र नट को गिरफ्तार किया था, जिसने पूछताछ में हरि उर्फ विशाल नट के साथ मिलकर तीनों वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, चोरी की रकम से खरीदी गई दूसरी नई अपाचे मोटरसाइकिल और डिक्की तोड़ने में इस्तेमाल किए गए लोहे के औजार बरामद किए गए। मुख्य आरोपी हरि उर्फ विशाल नट उस समय जिला कोरिया के एक अन्य मामले में जिला जेल बैकुंठपुर में बंद था। तमनार पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की। आरोपी ने तीनों उठाईगिरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया कि उसने और उसके साथी ने चोरी की रकम का अधिकांश हिस्सा आपस में बांटकर जुआ खेलने और खाने-पीने में खर्च कर दिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के उपरांत पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पुनः न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस पूरे मामले का सफल खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक बनारसी सिदार, हेम प्रकाश सोन और आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रायगढ़ जिले की तमनार थाना पुलिस ने बैंक और सार्वजनिक स्थानों पर उठाईगिरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह के फरार मास्टरमाइंड हरि उर्फ विशाल नट को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने अपने साथी धर्मेन्द्र नट उर्फ धर्मेन्द्र मीणा के साथ मिलकर तीन अलग-अलग घटनाओं में कुल ₹2 लाख 44 हजार की उठाईगिरी की थी। पुलिस धर्मेन्द्र नट को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, और वारदात में इस्तेमाल की गईं दो अपाचे मोटरसाइकिलें तथा डिक्की तोड़ने के औजार भी बरामद किए जा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी व एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने मामले की गहन जांच की। पुलिस ने अपेक्स बैंक और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया और तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि पहली वारदात 9 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब झरना निवासी गोसाई राम राठिया के बैग से बाजारपारा में ₹20 हजार, पासबुक और एटीएम कार्ड चोरी हुए थे। दूसरी घटना 14 मई को हुई, जिसमें सराईपाली निवासी 65 वर्षीय रहंसराम खम्हारे अपेक्स बैंक से ₹24 हजार निकालने के बाद यात्री प्रतीक्षालय में बैठे थे और उनके थैले से नकदी व दस्तावेज अज्ञात चोर लेकर फरार हो गए। तीसरी और सबसे बड़ी वारदात 8 जून 2026 को हुई थी, जब गौरबहरी निवासी लोकेश्वर पटेल अपेक्स बैंक से ₹2 लाख निकालकर मोटरसाइकिल की डिक्की में रखकर तहसील कार्यालय गए थे; लौटने पर उनकी डिक्की टूटी मिली और पूरी रकम गायब थी। लगातार पतासाजी के बाद 19 जून 2026 को पुलिस ने धर्मेन्द्र नट को गिरफ्तार किया था, जिसने पूछताछ में हरि उर्फ विशाल नट के साथ मिलकर तीनों वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, चोरी की रकम से खरीदी गई दूसरी नई अपाचे मोटरसाइकिल और डिक्की तोड़ने में इस्तेमाल किए गए लोहे के औजार बरामद किए गए। मुख्य आरोपी हरि उर्फ विशाल नट उस समय जिला कोरिया के एक अन्य मामले में जिला जेल बैकुंठपुर में बंद था। तमनार पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की। आरोपी ने तीनों उठाईगिरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया कि उसने और उसके साथी ने चोरी की रकम का अधिकांश हिस्सा आपस में बांटकर जुआ खेलने और खाने-पीने में खर्च कर दिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के उपरांत पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पुनः न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस पूरे मामले का सफल खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक बनारसी सिदार, हेम प्रकाश सोन और आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- बिलासपुर में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, तोरवा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए सट्टा नेटवर्क से जुड़े चार आदतन सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में जिले में अवैध जुआ-सट्टा एवं संगठित सट्टेबाजी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में तोरवा पुलिस लगातार छापेमार कार्रवाई कर रही है। यह कार्रवाई हाल ही में सट्टा सरगना किशन चंद समेत चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना को आगे बढ़ाते हुए की गई है। गिरफ्तार किए गए चारों सटोरियों की पहचान 53 वर्षीय दीपक रामनानी, 50 वर्षीय अजहर जुननानी, 56 वर्षीय सुधीर बोले और 30 वर्षीय शुभम पांडे के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी पहले भी जुआ-सट्टा से जुड़े मामलों में संलिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी प्रकरण दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में संगठित तरीके से अवैध सट्टा संचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर, आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धाराओं 6 एवं 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। तोरवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, और ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- मुंगेली सिटी कोतवाली पुलिस ने एक चोरी के मामले का महज 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और चोरी हुए 11 सोने के लॉकेट के साथ ₹2,000 नकद बरामद किए। मामले में, एक विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्यायालय में पेश किया गया, जबकि मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर उनके बीट सिस्टम की प्रभावशीलता को उजागर किया है।1
- छत्तीसगढ़ के चांपा में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने 10 लाख 55 हजार रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया है और एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया है।1
- कोरबा जिले के नकटीगांव में गरीबों के घर तोड़े जाने के विरोध में कांग्रेस ने अपना ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। यह प्रदर्शन घर तोड़ने की कार्रवाई के खिलाफ था।1
- छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। उन्होंने रायपुर AIIMS में अपनी अंतिम सांस ली। उनके निधन से देशभर के कला और सांस्कृतिक जगत में गहरी शोक की लहर फैल गई है। डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति और लोक परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाकर एक अमिट इतिहास रचा था।1
- बिलासपुर जिले के डड़हा बोदरी स्थित वार्ड क्रमांक 10 की जर्जर सड़क वर्षों से क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। बिलासपुर हाई कोर्ट और एयरपोर्ट के नजदीक नगर पालिका परिषद बोदरी के अंतर्गत आने वाली यह सड़क बरसात शुरू होते ही कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बारिश में सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है, जिससे आपात स्थिति में एम्बुलेंस का गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है और मरीजों को चारपाई या अन्य साधनों से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की है, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। क्षेत्र में केवल कक्षा 5 तक का प्राथमिक विद्यालय होने के कारण कक्षा 6 से आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को प्रतिदिन चकरभाठा जाना पड़ता है, जहाँ खराब सड़क और कीचड़ के कारण उन्हें काफी परेशानी होती है। कई छात्र समय बचाने के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे पैदल जाने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस जन समस्या को लेकर ग्रामीणों ने 2023 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी किया था, जिसके बाद शासन-प्रशासन ने उन्हें जल्द सड़क बनाने का आश्वासन दिया था। तत्पश्चात, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने सड़क का भूमि पूजन भी किया था, मगर निर्माण कार्य नहीं हो पाया। वार्ड 10 डड़हा के कांग्रेसी पूर्व पार्षद कमलेश नोनिया और ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर एसडीएम कार्यालय बिल्हा, नगर पालिका बोदरी, कलेक्टर ऑफिस बिलासपुर और सीएम हाउस रायपुर में भी ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन सड़क का निर्माण नहीं हुआ। कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ में शुरू हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने शासन से मांग की है कि वार्ड क्रमांक 10 की सड़क का प्राथमिकता के आधार पर पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करना विकास के दावों पर सवाल खड़ा करता है। लगातार शिकायत आवेदन देने के बाद भी सड़क निर्माण न होने और बरसात का मौसम शुरू होने से हो रही परेशानियों को देखते हुए आक्रोशित ग्रामीण युवाओं और पूर्व पार्षद कमलेश नोनिया ने आज स्वयं के खर्च पर ट्रैक्टर से सामग्री मंगवाकर श्रमदान करते हुए जानलेवा गड्ढों को भरने का काम किया है, ताकि लोगों को थोड़ी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने पूर्व पार्षद और युवाओं के इस नेक कार्य की सराहना की है।1