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छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। उन्होंने रायपुर AIIMS में अपनी अंतिम सांस ली। उनके निधन से देशभर के कला और सांस्कृतिक जगत में गहरी शोक की लहर फैल गई है। डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति और लोक परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाकर एक अमिट इतिहास रचा था।
CG RIGHT TIMES NEWS
छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। उन्होंने रायपुर AIIMS में अपनी अंतिम सांस ली। उनके निधन से देशभर के कला और सांस्कृतिक जगत में गहरी शोक की लहर फैल गई है। डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति और लोक परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाकर एक अमिट इतिहास रचा था।
- User3910Karwi, Chitrakoot🤝13 hrs ago
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- बिलासपुर पुलिस ने रविवार सुबह अपराधियों और चाकूबाजों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सघन कार्रवाई करते हुए पूरे शहर में एक साथ रेड अभियान चलाया। इस व्यापक मुहिम के तहत, पुलिस ने 90 संदिग्ध एवं आदतन गुंडा-बदमाशों को हिरासत में लेकर उनकी जांच-पड़ताल की। इस कार्रवाई के बाद 76 बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि 12 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। इसके अतिरिक्त, दो आरोपियों को अवैध धारदार हथियार के साथ गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है। यह विशेष अभियान पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के निर्देशन में शहर के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ चलाया गया। पुलिस टीमों ने निगरानी बदमाशों, चाकूबाजों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के ठिकानों पर दबिश देकर उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया। पूछताछ और जांच के उपरांत, 76 आदतन अपराधियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 एवं 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि 12 आरोपियों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। अभियान के दौरान पकड़े गए दो बदमाशों के खिलाफ अवैध धारदार हथियार रखने के आरोप में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। बिलासपुर पुलिस ने सभी चिन्हित गुंडा-बदमाशों और चाकूबाजों को सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में मारपीट, दहशत फैलाने, अवैध हथियार रखने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर जिला बदर और अन्य कड़े कानूनी प्रावधान भी शामिल होंगे। पुलिस ने आम नागरिकों से क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है और यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।1
- बिलासपुर में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, तोरवा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए सट्टा नेटवर्क से जुड़े चार आदतन सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में जिले में अवैध जुआ-सट्टा एवं संगठित सट्टेबाजी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में तोरवा पुलिस लगातार छापेमार कार्रवाई कर रही है। यह कार्रवाई हाल ही में सट्टा सरगना किशन चंद समेत चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना को आगे बढ़ाते हुए की गई है। गिरफ्तार किए गए चारों सटोरियों की पहचान 53 वर्षीय दीपक रामनानी, 50 वर्षीय अजहर जुननानी, 56 वर्षीय सुधीर बोले और 30 वर्षीय शुभम पांडे के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी पहले भी जुआ-सट्टा से जुड़े मामलों में संलिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी प्रकरण दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में संगठित तरीके से अवैध सट्टा संचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर, आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धाराओं 6 एवं 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। तोरवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, और ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बिलासपुर में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया है। शहर के आईएमए भवन में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों का कहना है कि इस प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है, और उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, ईसाई समाज ने हिंदू संगठनों के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईसाई समाज ने स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा केवल नियमित प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है और किसी भी प्रकार का धर्मांतरण नहीं कराया जाता है। इस घटना के बाद, बिलासपुर में हिंदू और ईसाई समाज आमने-सामने आ गए हैं, जिससे धर्मांतरण का यह मामला गर्मा गया है।1
- कोरबा वन मंडल के पसरखेत रेंज में मुख्य मार्ग पर 14 फीट लंबा किंग कोबरा सड़क पार करते दिखा, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद डीएफओ प्रेमलता यादव को भी घटना से अवगत कराया गया। एसडीओ सूर्यकांत सोनी ने रेस्क्यू टीम आर.सी.आर.एस. के अविनाश यादव को मौके पर रवाना किया। तब तक किंग कोबरा झगरहा-हाटी मार्ग को पार कर आगे बढ़ चुका था, जिससे मार्ग पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बारिश के बीच अविनाश और उनकी टीम ने करीब एक घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर कोबरा को सुरक्षित पकड़ा और उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। स्वस्थ पाए जाने पर उसे घने जंगल में छोड़ दिया गया। इस दौरान रेंजर देवदत्त खांडे, अशोक कुमार और अन्य वन अमला भी मौजूद रहा। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में टीम द्वारा अब तक 50 से अधिक किंग कोबरा का रेस्क्यू किया जा चुका है।1
- बिलासपुर में अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ तोरवा पुलिस का अभियान लगातार तेज हो रहा है। पुलिस ने सट्टा नेटवर्क पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए चार आदतन सटोरियों को गिरफ्तार कर संगठित अपराध के तहत कार्रवाई की है। इस लगातार कार्रवाई से जिले में सट्टा कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई सट्टा सरगना किशन चंद बजाज सहित चार आरोपियों की गिरफ्तारी के ठीक अगले दिन की गई है। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व वाली तोरवा पुलिस ने दीपक रामनानी, अजहर जुननानी, सुधीर बोले और शुभम पांडे को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि ये चारों आरोपी लंबे समय से अवैध सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़े थे और उनके खिलाफ पहले भी जुआ-सट्टा संबंधी प्रकरण दर्ज हैं। इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए। प्रारंभिक जांच में संगठित रूप से सट्टा संचालन के पर्याप्त सबूत मिलने के बाद, उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 एवं 7 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 112 के तहत भी अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध जुआ-सट्टा, संगठित अपराध और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- बलौदाबाजार विकासखंड के लाहौद में 5 जुलाई को, खरीफ सीजन की तैयारियों के मद्देनजर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उन्हें शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने समिति में उपलब्ध कृषि सुविधाओं, खाद-बीज वितरण व्यवस्था, पैक्स कम्प्यूटरीकरण और माइक्रो एटीएम सेवा का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि समिति में खाद एवं बीज समय पर उपलब्ध हो रहे हैं और समिति प्रतिदिन सुबह करीब 8:30 बजे से संचालित होती है। इस पर कलेक्टर ने समिति के कार्यों की सराहना की और निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो तथा सभी आवश्यक कृषि संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाएँ। उन्होंने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए बताया कि नैनो डीएपी और नैनो यूरिया उपलब्ध हैं, जो उत्पादन लागत कम करने और बेहतर परिणाम प्राप्त करने में सहायक हैं। कलेक्टर ने खरीफ सीजन के लिए फसल चयन पर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि यदि सामान्य से कम वर्षा की संभावना हो, तो किसान धान के स्थान पर अन्य उपयुक्त फसलों की खेती पर विचार करें ताकि संभावित नुकसान कम हो सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि धान के स्थान पर वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को राज्य शासन की ओर से 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता प्रदान की जाती है। पैक्स कम्प्यूटरीकरण व्यवस्था का अवलोकन करते हुए कलेक्टर ने समिति प्रबंधक से सॉफ्टवेयर में लॉग-इन कर कृषि ऋण सहित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने किसानों से भी कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था पर फीडबैक लिया और निर्देश दिए कि सभी सेवाएँ पारदर्शी, सरल और समयबद्ध ढंग से उपलब्ध हों। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने माइक्रो एटीएम सुविधा के बारे में बताया कि अब किसानों को छोटी-मोटी नकदी जरूरतों के लिए बैंक जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे प्राथमिक कृषि सहकारी समिति में उपलब्ध माइक्रो एटीएम से 20 हजार रुपये तक की नकद राशि आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से इस सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।1
- बिलासपुर जिले के डड़हा बोदरी स्थित वार्ड क्रमांक 10 की जर्जर सड़क वर्षों से क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। बिलासपुर हाई कोर्ट और एयरपोर्ट के नजदीक नगर पालिका परिषद बोदरी के अंतर्गत आने वाली यह सड़क बरसात शुरू होते ही कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बारिश में सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है, जिससे आपात स्थिति में एम्बुलेंस का गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है और मरीजों को चारपाई या अन्य साधनों से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की है, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। क्षेत्र में केवल कक्षा 5 तक का प्राथमिक विद्यालय होने के कारण कक्षा 6 से आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को प्रतिदिन चकरभाठा जाना पड़ता है, जहाँ खराब सड़क और कीचड़ के कारण उन्हें काफी परेशानी होती है। कई छात्र समय बचाने के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे पैदल जाने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस जन समस्या को लेकर ग्रामीणों ने 2023 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी किया था, जिसके बाद शासन-प्रशासन ने उन्हें जल्द सड़क बनाने का आश्वासन दिया था। तत्पश्चात, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने सड़क का भूमि पूजन भी किया था, मगर निर्माण कार्य नहीं हो पाया। वार्ड 10 डड़हा के कांग्रेसी पूर्व पार्षद कमलेश नोनिया और ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर एसडीएम कार्यालय बिल्हा, नगर पालिका बोदरी, कलेक्टर ऑफिस बिलासपुर और सीएम हाउस रायपुर में भी ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन सड़क का निर्माण नहीं हुआ। कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ में शुरू हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने शासन से मांग की है कि वार्ड क्रमांक 10 की सड़क का प्राथमिकता के आधार पर पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करना विकास के दावों पर सवाल खड़ा करता है। लगातार शिकायत आवेदन देने के बाद भी सड़क निर्माण न होने और बरसात का मौसम शुरू होने से हो रही परेशानियों को देखते हुए आक्रोशित ग्रामीण युवाओं और पूर्व पार्षद कमलेश नोनिया ने आज स्वयं के खर्च पर ट्रैक्टर से सामग्री मंगवाकर श्रमदान करते हुए जानलेवा गड्ढों को भरने का काम किया है, ताकि लोगों को थोड़ी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने पूर्व पार्षद और युवाओं के इस नेक कार्य की सराहना की है।1