बिलासपुर पुलिस ने रविवार सुबह अपराधियों और चाकूबाजों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सघन कार्रवाई करते हुए पूरे शहर में एक साथ रेड अभियान चलाया। इस व्यापक मुहिम के तहत, पुलिस ने 90 संदिग्ध एवं आदतन गुंडा-बदमाशों को हिरासत में लेकर उनकी जांच-पड़ताल की। इस कार्रवाई के बाद 76 बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि 12 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। इसके अतिरिक्त, दो आरोपियों को अवैध धारदार हथियार के साथ गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है। यह विशेष अभियान पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के निर्देशन में शहर के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ चलाया गया। पुलिस टीमों ने निगरानी बदमाशों, चाकूबाजों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के ठिकानों पर दबिश देकर उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया। पूछताछ और जांच के उपरांत, 76 आदतन अपराधियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 एवं 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि 12 आरोपियों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। अभियान के दौरान पकड़े गए दो बदमाशों के खिलाफ अवैध धारदार हथियार रखने के आरोप में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। बिलासपुर पुलिस ने सभी चिन्हित गुंडा-बदमाशों और चाकूबाजों को सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में मारपीट, दहशत फैलाने, अवैध हथियार रखने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर जिला बदर और अन्य कड़े कानूनी प्रावधान भी शामिल होंगे। पुलिस ने आम नागरिकों से क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है और यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
बिलासपुर पुलिस ने रविवार सुबह अपराधियों और चाकूबाजों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सघन कार्रवाई करते हुए पूरे शहर में एक साथ रेड अभियान चलाया। इस व्यापक मुहिम के तहत, पुलिस ने 90 संदिग्ध एवं आदतन गुंडा-बदमाशों को हिरासत में लेकर उनकी जांच-पड़ताल की। इस कार्रवाई के बाद 76 बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि 12 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। इसके अतिरिक्त, दो आरोपियों को अवैध धारदार हथियार के साथ गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है। यह विशेष अभियान पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के निर्देशन में शहर के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ चलाया गया। पुलिस टीमों ने निगरानी बदमाशों, चाकूबाजों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के ठिकानों पर दबिश देकर उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया। पूछताछ और जांच के उपरांत, 76 आदतन अपराधियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 एवं 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि 12 आरोपियों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। अभियान के दौरान पकड़े गए दो बदमाशों के खिलाफ अवैध धारदार हथियार रखने के आरोप में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। बिलासपुर पुलिस ने सभी चिन्हित गुंडा-बदमाशों और चाकूबाजों को सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में मारपीट, दहशत फैलाने, अवैध हथियार रखने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर जिला बदर और अन्य कड़े कानूनी प्रावधान भी शामिल होंगे। पुलिस ने आम नागरिकों से क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है और यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
- बिलासपुर में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखाते हुए तोरवा पुलिस ने छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के एक आरोपी को घटना के कुछ ही समय बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान धरम यादव (40 वर्ष), निवासी हेमूनगर, थाना तोरवा, बिलासपुर के रूप में हुई है, जिस पर एक महिला के साथ अश्लील हरकत करने, गाली-गलौज करने और बुरी नीयत से छेड़छाड़ करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 4 जुलाई 2026 को थाना तोरवा पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी लंबे समय से उसके प्रति बुरी नीयत रखता था और अभद्र व्यवहार करता था। शिकायत में बताया गया कि 4 जुलाई की शाम लगभग 3:30 बजे आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए महिला के साथ अश्लील हरकत की और बुरी नीयत से उसके सीने को छूने का प्रयास किया। इस मामले में थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 370/2026 के तहत धारा 74, 296, 115(2) एवं 351(3) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत मिलते ही थाना प्रभारी रजनीश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस टीम रवाना की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी धरम यादव को गिरफ्तार कर लिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे 5 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया गया। तोरवा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।1
- बिलासपुर के अग्रसेन चौक स्थित एक निजी परिसर में कथित धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद इलाके का माहौल गरमा गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता तारबहार थाने पहुंचे और परिसर का घेराव कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन के पदाधिकारी थाने में डटे रहे, जबकि बाहर जुटे कार्यकर्ताओं ने 'जय श्री राम' के नारे लगाकर अपना विरोध जताया। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- बिलासपुर जिले के तोरवा थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रार्थिया ने 4 जुलाई 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके मोहल्ले का रहने वाला धरम यादव, जिसकी उम्र 40 वर्ष है और जो हेमूनगर, तोरवा, बिलासपुर का निवासी है, लंबे समय से उस पर बुरी नीयत रख रहा था और अभद्र व्यवहार करता था। शिकायत के अनुसार, 4 जुलाई की शाम करीब 3:30 बजे आरोपी धरम यादव ने गाली-गलौज करते हुए महिला के साथ छेड़छाड़ की और बुरी नीयत से उसके सीने को छुआ। इस मामले में थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 370/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74, 296, 115(2) और 351(3) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी रजनीश सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की। आरोपी धरम यादव को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और उसे 5 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई। तोरवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में तत्काल और सख्त कार्रवाई की जा रही है और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।1
- बिलासपुर में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया है। शहर के आईएमए भवन में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों का कहना है कि इस प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है, और उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, ईसाई समाज ने हिंदू संगठनों के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईसाई समाज ने स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा केवल नियमित प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है और किसी भी प्रकार का धर्मांतरण नहीं कराया जाता है। इस घटना के बाद, बिलासपुर में हिंदू और ईसाई समाज आमने-सामने आ गए हैं, जिससे धर्मांतरण का यह मामला गर्मा गया है।1
- बिल्हा क्षेत्र के दगोरी स्थित शराब भट्टी से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक सेल्समैन, जिसकी पहचान टिकेश कौशल के रूप में बताई जा रही है, कथित रूप से ड्यूटी के दौरान अहाता में बैठकर शराब का सेवन करता दिखाई दे रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी बिल्हा लोकश्वर न्यूज़ संवाददाता धीरेन्द्र मेहता से और वायरल वीडियो के माध्यम से रविवार रात 9 बजे प्राप्त हुई। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद शराब भट्टी में कार्यरत कर्मचारियों की कार्यशैली और उनके अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यदि जांच में यह वीडियो सही पाया जाता है, तो यह सेवा नियमों के उल्लंघन और ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही का मामला माना जाएगा। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर आबकारी विभाग या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो की जांच पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।1
- छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के नकटी गांव से संबंधित एक बयान को लेकर उन पर जमकर हमला बोला है। सेना ने अग्रवाल के इस बयान को लेकर उनकी कड़ी आलोचना की और उन्हें 'धो डाला'।1
- बिल्हा नगर में इन दिनों पानी की गंभीर समस्या से लोग जूझ रहे हैं, जिसके चलते जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।1
- बिलासपुर पुलिस ने रविवार सुबह अपराधियों और चाकूबाजों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सघन कार्रवाई करते हुए पूरे शहर में एक साथ रेड अभियान चलाया। इस व्यापक मुहिम के तहत, पुलिस ने 90 संदिग्ध एवं आदतन गुंडा-बदमाशों को हिरासत में लेकर उनकी जांच-पड़ताल की। इस कार्रवाई के बाद 76 बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि 12 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। इसके अतिरिक्त, दो आरोपियों को अवैध धारदार हथियार के साथ गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है। यह विशेष अभियान पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के निर्देशन में शहर के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ चलाया गया। पुलिस टीमों ने निगरानी बदमाशों, चाकूबाजों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के ठिकानों पर दबिश देकर उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया। पूछताछ और जांच के उपरांत, 76 आदतन अपराधियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 एवं 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि 12 आरोपियों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। अभियान के दौरान पकड़े गए दो बदमाशों के खिलाफ अवैध धारदार हथियार रखने के आरोप में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। बिलासपुर पुलिस ने सभी चिन्हित गुंडा-बदमाशों और चाकूबाजों को सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में मारपीट, दहशत फैलाने, अवैध हथियार रखने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर जिला बदर और अन्य कड़े कानूनी प्रावधान भी शामिल होंगे। पुलिस ने आम नागरिकों से क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है और यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।1