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time aagya hai abhi chup Rehna ka time nhi hai aavaj utho apne Dharm ke liye aaj nhi lade tho kal kat jayege sab jaago hindu jaago time aagya hai abhi
Rohit
time aagya hai abhi chup Rehna ka time nhi hai aavaj utho apne Dharm ke liye aaj nhi lade tho kal kat jayege sab jaago hindu jaago time aagya hai abhi
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- अजमेर/पुष्कर। राजस्थान के अजमेर जिले स्थित पुष्कर घाटी में रविवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों से भरे परिवार को मातम में बदल दिया। यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 31 लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बस में कुल 33 यात्री सवार थे, जो पीसांगन क्षेत्र के भडसुरी गांव में पारिवारिक कार्यक्रम में मायरा लेकर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि पुष्कर घाटी में सांझी छत के पास बस का स्टेयरिंग अचानक फेल हो गया, जिससे चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। बस पहले सड़क किनारे बनी रेलिंग से टकराई और फिर पलटियां खाते हुए गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में विमला देवी और पूजा की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से खाई से निकालकर पुष्कर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर घायलों को अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर किया गया। कपड़ों की रस्सी बनाकर बचाई जानें हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर सबसे पहले मौके पर पहुंचे। खाई गहरी होने के कारण लोगों ने अपने कपड़ों की रस्सी बनाकर घायलों को बाहर निकाला। कई लोग घायल यात्रियों को कंधों पर उठाकर सड़क तक लाए। स्थानीय लोगों की तत्परता से कई जिंदगियां बच सकीं। झाड़ियों ने रोकी बस की रफ्तार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस स्थान पर बस गिरी, वहां नीचे पेड़ और कंटीली झाड़ियां थीं। बस सीधे नीचे गिरने के बजाय झाड़ियों में अटकती हुई पलटती गई, जिससे उसकी रफ्तार कम हो गई। यही वजह रही कि बड़ा हादसा और अधिक भयावह होने से बच गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पुष्कर घाटी जैसे संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। तीखे मोड़, पुराने वाहन, कमजोर सुरक्षा रेलिंग और तकनीकी जांच की कमी जैसी समस्याएं लगातार हादसों को न्योता दे रही हैं। पुष्कर घाटी का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और कमजोर व्यवस्था का गंभीर संकेत है। दो महिलाओं की मौत ने परिवारों की खुशियां छीन लीं, जबकि स्थानीय लोगों की बहादुरी ने मानवता की मिसाल कायम की। अब देखना यह है कि प्रशासन इससे सबक लेता है या नहीं।1
- *धन के अभाव में किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता —मनोज आहूजा* *लोक अदालत घर बैठे न्याय का सशक्त माध्यम—संजय लोढ़ा* *केकड़ी 20अप्रैल (पवन राठी )* *राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से सोमवार को ताल्लुका विधिक सेवा समिति केकड़ी के तत्वावधान में पंचायत समिति सभागार में डोर-स्टेप काउंसलिंग बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम ताल्लुका विधिक सेवा समिति केकड़ी के अध्यक्ष प्रवीण कुमार वर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ। बैठक में पैनल अधिवक्ता मनोज आहूजा ने भिनाय क्षेत्र से संबंधित 12 प्रकरणों में पक्षकारों को समझाइश कर लोक अदालत के माध्यम से विवादों के अंतिम निस्तारण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए मामलों का समाधान आपसी सहमति से होता है और इसमें अपील का प्रावधान नहीं होने से विवाद का स्थायी समाधान संभव हो पाता है। मनोज आहूजा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39(ए) के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या अन्य अक्षमता के कारण न्याय से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से देशभर में ताल्लुका स्तर से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, अभिरक्षा में निरुद्ध व्यक्ति, तथा कैंसर और एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों सहित अन्य जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता का अधिकार है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है, जो हर तीन माह में आयोजित होती हैं। इन लोक अदालतों में राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावे, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण तथा अन्य सिविल मामलों का निस्तारण किया जाता है।* *कार्यक्रम में समाजसेवी संजय लोढ़ा ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को घर बैठे न्याय मिल रहा है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए।* *अधिवक्ता युसूफ खान ने भी ग्रामीणों को आपसी सहमति से विवाद निपटाने की सलाह देते हुए बताया कि अब राजस्व से जुड़े मामले भी लोक अदालत के दायरे में शामिल किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन भिनाय के अध्यक्ष धर्मवीर बामनिया, मोहम्मद युसूफ खान, ताराप्रकाश जोशी, जयकुमार तेजवानी, ताराचंद मेवाड़ा, शेरा वर्मा, बसंत मेवाड़ा, अमरचंद खटीक, सत्यनारायण खटीक सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार अध्यक्ष धर्मवीर बामनिया ने व्यक्त किया।*4
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी NH-162 पर भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित कार ट्रक से टकराई, दो महिलाएं व एक बच्चा घायल रायपुर के समीप नेशनल हाईवे 162 पर एक सड़क हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एक कार अज्ञात कारणों से अचानक अनियंत्रित हो गई और आगे चल रहे ट्रक के पीछे जाकर टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में कार में सवार दो महिलाएं और एक बच्चा घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को कार से बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता प्रदान की। बाद में घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हादसे के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। #RaipurNews #RoadAccident #NH162 #BreakingNews #AccidentNews #RajasthanNews #RoadSafety #CarAccident #HighwayAccident #LocalNews1
- सरवाड़ में मालियान समाज का ऐतिहासिक सामूहिक विवाह सम्मेलन 👉 107 जोड़े एक साथ बंधे परिणय सूत्र में सरवाड़ शहर में क्षत्रिय फूल मालियान सैनी समाज का पहला सामूहिक विवाह सम्मेलन ऐतिहासिक बन गया। सोमवार को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 107 जोड़ों ने एक साथ अग्नि के समक्ष फेरे लेकर नया जीवन शुरू किया, जिससे पूरा माहौल उत्साह और उल्लास से भर गया। दो दिवसीय इस आयोजन में महामंडलेश्वर स्वामी कुशालगिरीजी महाराज ने पहुंचकर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया, वहीं विधायक शत्रुघ्न गौतम ने भी शिरकत कर सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। सम्मेलन में समाज की ओर से सभी जोड़ों को जरूरी घरेलू सामान और विभिन्न संगठनों द्वारा उपहार भेंट किए गए। भारत विकास परिषद ने भी कन्यादान स्वरूप टिफिन सेट प्रदान किए। हजारों लोगों की मौजूदगी में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में वर-वधुओं ने वरमाला पहनाकर जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाईं, वहीं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से विवाह सम्पन्न हुआ। ➡️ सम्मेलन में उमड़ी भीड़ ने पूरे आयोजन को मेले जैसा रूप दे दिया। ➡️ समाज के पदाधिकारियों और भामाशाहों का भी सम्मान किया गया। 👉 यह सम्मेलन सामाजिक समरसता, सहयोग और परंपरा का शानदार उदाहरण बनकर उभरा।1
- रायपुर पुलिस का सख्त अभियान: रात के हादसों पर रोक के लिए मुख्य बाजार सहित कई स्थानों पर लगाए रेडियम रिफ्लेक्टर” मंगलवार सुबह 7 बजे मिली जानकारी अनुसार सड़क हादसों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए रायपुर थाना पुलिस ने एक व्यापक और प्रभावी पहल करते हुए विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत दुपहिया, तिपहिया एवं अन्य धीमी गति से चलने वाले वाहनों पर रेडियम रिफ्लेक्टिव स्टीकर लगाए जा रहे हैं, ताकि रात के समय भी ये वाहन दूर से स्पष्ट दिखाई दे सकें और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो। पुलिस द्वारा रायपुर बस स्टैंड परिसर, लिलांबा टोल टैक्स के साथ-साथ मुख्य बाजार क्षेत्र में भी विशेष अभियान चलाया गया। यहां से गुजरने वाले बिना रिफ्लेक्टर वाले वाहनों को रोककर मौके पर ही रेडियम टेप चस्पा किए गए। भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में इस पहल को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान खासकर मोटरसाइकिल, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा और ट्रैक्टर चालकों को प्राथमिकता दी गई, क्योंकि ये वाहन अक्सर कम रोशनी में नजर नहीं आते और हादसों का शिकार हो जाते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोहरे, धुंध या रात के अंधेरे में सड़क किनारे खड़े या धीमी गति से चल रहे वाहनों को पीछे से आने वाले चालक समय रहते नहीं देख पाते। ऐसी स्थिति में तेज रफ्तार वाहन अचानक टकरा जाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं। रेडियम रिफ्लेक्टर लगने के बाद जैसे ही किसी वाहन की हेडलाइट इन पर पड़ती है, ये चमक उठते हैं और आगे चल रहा वाहन दूर से ही दिखाई देने लगता है। अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने न केवल रिफ्लेक्टर लगाए, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन, हेलमेट पहनने, ओवरलोडिंग से बचने और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की भी सख्त हिदायत दी। कई स्थानों पर चालकों को समझाइश देकर जागरूक किया गया कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रशिक्षु आरपीएस एवं रायपुर थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड, टोल टैक्स और मुख्य बाजार जैसे स्थानों पर वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, इसलिए इन्हें प्राथमिकता दी गई है। आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और अधिक से अधिक वाहनों को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अपने वाहनों पर रेडियम रिफ्लेक्टर अवश्य लगवाएं, ताकि सड़क पर स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। इस अभियान से जहां एक ओर सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता भी तेजी से बढ़ रही है। रायपुर पुलिस की यह पहल क्षेत्र में सराहना का विषय बनी हुई है।1
- ब्यावर :- शहर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ब्यावर के कार्यालय के बाहर अत्यधिक कचरा पसरा है एवं यह कचरा सीएमएचओ कार्यालय से लेकर रेन बसेरा के पास भी फैला हुआ है ।1
- Post by Alert Nation News1
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र घोटाले की जांच तेज, SOG टीम ने खंगाले अस्पताल रिकॉर्ड ब्यावर में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाने के मामले में जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। इस प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम जांच के लिए ब्यावर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी है। एसओजी टीम ने अमृतकौर अस्पताल से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज तलब किए हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। जांच के दौरान टीम अस्पताल के रिकॉर्ड, मेडिकल बोर्ड की कार्यप्रणाली और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है और लोग जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।1
- Post by आपकी आवाज न्यूज़ राजस्थान1