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इंदौर में मेट्रो परियोजना स्थल पर मलबा गिरने की एक घटना सामने आई है। इस घटना में लोगों की जान बाल-बाल बची है। यह वीडियो जनता के लिए एक महत्वपूर्ण अलर्ट के रूप में साझा किया जा रहा है, ताकि लोग ऐसी स्थितियों के प्रति जागरूक रहें।
Dinesh Chandra Rathore
इंदौर में मेट्रो परियोजना स्थल पर मलबा गिरने की एक घटना सामने आई है। इस घटना में लोगों की जान बाल-बाल बची है। यह वीडियो जनता के लिए एक महत्वपूर्ण अलर्ट के रूप में साझा किया जा रहा है, ताकि लोग ऐसी स्थितियों के प्रति जागरूक रहें।
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- महू स्थित भेरूलाल पाटीदार शासकीय महाविद्यालय में नीट परीक्षा केंद्र से शुक्रवार शाम दो अज्ञात युवकों ने सीसीटीवी कैमरे चुरा लिए। यह घटना महाविद्यालय परिसर में पहले से ही चौकीदार और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद हुई, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले कथित पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए परीक्षा से ठीक दो दिन पहले ही अतिरिक्त कैमरे लगाए गए थे, जिनकी चोरी ने कॉलेज परिसर में हड़कंप मचा दिया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रवीण ओझा ने तत्काल दिल्ली, भोपाल और एनटीए को घटना की सूचना दी और बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर नए कैमरे लगाकर परीक्षा शांतिपूर्ण कराने के पूरे इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने चौकीदार की भूमिका की आंतरिक जांच की भी जानकारी दी। हालांकि, जिस वाणिज्य विभाग से कैमरे चोरी हुए, उसकी प्रभारी डॉ. अर्चना जैन ने जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि वे अधिकृत नहीं हैं, जिससे संशय और बढ़ गया। इस बीच, नीट परीक्षा केंद्रों की सीधी निगरानी पीएमओ कार्यालय से की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही बड़गोंदा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और महाविद्यालय परिसर के अन्य सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि चौकीदार और कैमरों की मौजूदगी के बावजूद परीक्षा से ठीक पहले ये कैमरे किस मकसद से चुराए गए। पुलिस पेपर लीक या नकल कराने की साजिश की आशंका से इनकार नहीं कर रही है, और कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही भी जांच के दायरे में है। वर्तमान में, नीट परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है, केंद्र पर जैमर, मेटल डिटेक्टर और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, तथा परीक्षार्थियों को सघन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।1
- इंदौर शहर में शनिवार को हुई तेज बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। इस बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। प्रदेश में मानसून की गतिविधियाँ तेज होने के साथ ही, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। बारिश का सबसे महत्वपूर्ण लाभ भूजल स्तर पर देखा गया है। लंबे समय से पानी की कमी और लगातार गिरते जलस्तर के कारण शहर के कई इलाकों में बोरिंग सूखने की कगार पर पहुँच गए थे, लेकिन इस हालिया बारिश ने जल स्रोतों को एक नई संजीवनी प्रदान की है। वहीं, बारिश के कारण शहर के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी निर्मित हुई। इन सबके बावजूद, किसानों और आम नागरिकों ने इस बारिश का गर्मजोशी से स्वागत किया है। मौसम विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि आगामी दिनों में भी इंदौर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे न केवल गर्मी से और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है, बल्कि जल संकट में भी कमी आने की संभावना जताई गई है।1
- इंदौर में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें सांसद शंकर लालवानी जी, नगर प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गी जी और विधायक गोलू शुक्ला जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा जी के मार्गदर्शन में हुआ। प्रदर्शनी के अवसर पर पार्टी के ओबीसी महामंत्री जीतू कुशवाहा जी और पार्टी कार्यकर्ता विक्रम चौहान जी अपने साथियों सहित उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम को कवर करने के लिए इंडिया न्यूज़ 7 से पत्रकार राजेंद्र मालवीय भी मौजूद थे।1
- कृषि कॉलेज के छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए हल्लाबोल किया। इस दौरान छात्रों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर कॉलेज प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा।1
- इंदौर, जिसे 'नवाचारों की नगरी' कहा जाता है, वहाँ की सड़कों की जानलेवा गड्ढों और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों पर नगर निगम से सवाल पूछने पर एक 'शायराना' और दार्शनिक जवाब मिलता है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि सड़कें बारिश के 'इश्क' में डूब जाती हैं, जिसके कारण उनके गड्ढे दिखना बंद हो जाते हैं। वास्तविकता यह है कि नगर निगम के पास जनता की जान की परवाह करने का समय नहीं है, क्योंकि वे पानी की किल्लत के प्रबंधन, कचरा निस्तारण की 'कलाकारी', गरीबों के ठेले-गुमटी हटाने और लोगों के आशियाने उजाड़ने जैसे कामों में व्यस्त हैं। इस मानसून में, जनता को अपनी जान की परवाह खुद करने की सलाह दी गई है, क्योंकि निगम ने उनकी जिंदगी का कोई ठेका नहीं ले रखा है।1
- इंदौर में सोशल मीडिया पर चाकू लहराकर लोगों को धमकाने का वीडियो वायरल होने के बाद चंदन नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी फैज़ान उर्फ टिन्ना को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। शहर में अपराध और चाकूबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रख रही थी। इसी दौरान चंदन नगर क्षेत्र से एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक युवक सार्वजनिक स्थान पर हाथ में चाकू लहराते हुए दिखाई दे रहा था। वीडियो संज्ञान में आते ही पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू की और आरोपी फैज़ान उर्फ टिन्ना की पहचान की। जांच में पता चला कि 16 जून की शाम इमामबाड़ा ई-सेक्टर में आरोपी ने एक व्यक्ति से नशा करने के लिए दो हजार रुपये की मांग की थी। पैसे देने से इनकार करने पर उसने चाकू निकालकर धमकाया, गाली-गलौज की और मारपीट की। इस घटना के दौरान लोगों की भीड़ जमा होने लगी थी, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। चंदन नगर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त धारदार चाकू बरामद किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पूर्व से आठ आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और उससे आगे की पूछताछ की जा रही है।1
- इंदौर में मेट्रो परियोजना स्थल पर मलबा गिरने की एक घटना सामने आई है। इस घटना में लोगों की जान बाल-बाल बची है। यह वीडियो जनता के लिए एक महत्वपूर्ण अलर्ट के रूप में साझा किया जा रहा है, ताकि लोग ऐसी स्थितियों के प्रति जागरूक रहें।1
- मध्यप्रदेश के मुरैना स्थित एक सरकारी अस्पताल में एक नर्स ने मरीज के परिजन को थप्पड़ मार दिया। बताया गया है कि परिजन ने नर्स से ड्रिप (बोतल) बदलने की गुज़ारिश की थी, जिस पर नर्स को गुस्सा आ गया और उन्होंने परिजन को थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना को लेकर सवाल उठाया गया है कि अगर आम नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में भी ऐसी गुंडागर्दी झेलनी पड़े, तो वे आखिर कहां जाएंगे। अब यह देखना होगा कि क्या नर्स पर कोई कार्रवाई होती है या फिर सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने के आरोप में परिजन पर ही कार्रवाई की जाएगी।1