आरसीसी सड़क की मांग, लेकिन बन रही इंटरलॉकिंग — आखिर क्या है माजरा? रमियाबेहड़ ब्लॉक के जिम्मेदार क्यों मौन? गांव वालों में आक्रोश 👉 आरसीसी सड़क की मांग, लेकिन बन रही इंटरलॉकिंग — आखिर क्या है माजरा? रमियाबेहड़ ब्लॉक के जिम्मेदार क्यों मौन? गांव वालों में आक्रोश लखीमपुर खीरी। विकास खंड रमियाबेहड़ की ग्राम पंचायत क्षेत्र के ग्राम तेजन पुरवा में सड़क निर्माण को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां गांव में आरसीसी सड़क की मांग की गई थी, वहीं अब जबरन इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण शुरू करा दिया गया है, जिससे गांव में चर्चा और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से गांव के लोग कीचड़ और गंदगी से जूझ रहे थे। बरसात के मौसम में रास्ते से निकलना तक मुश्किल हो जाता था। परेशान होकर गांववासियों ने 1076 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरसीसी सड़क बनाने की मांग की थी। ग्रामीणों के अनुसार यह मांग ग्राम तेजन पुरवा के पूर्व साइड में डामर रोड से लल्लन के घर के सामने तक आरसीसी सड़क निर्माण को लेकर की गई थी। लेकिन अब मौके पर आरसीसी की जगह इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण शुरू कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब ग्रामीणों ने आरसीसी सड़क की मांग की थी तो आखिर इंटरलॉकिंग क्यों बनाई जा रही है? क्या इसके पीछे कोई तकनीकी कारण है या फिर कोई और खेल चल रहा है? ग्रामीण यह भी पूछ रहे हैं कि आखिर ब्लॉक रमियाबेहड़ के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर मौन क्यों हैं? क्या उन्हें ग्रामीणों की समस्या दिखाई नहीं दे रही या फिर जानबूझकर इस मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है? अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेते हैं या फिर ग्रामीणों को ऐसे ही अधूरे विकास से समझौता करना पड़ेगा। 👉 ग्रामीणों का सीधा सवाल — जब मांग आरसीसी सड़क की थी, तो इंटरलॉकिंग क्यों? रिपोर्ट: शाहिद मंसूरी पत्रकार – SM UP NEWS7
आरसीसी सड़क की मांग, लेकिन बन रही इंटरलॉकिंग — आखिर क्या है माजरा? रमियाबेहड़ ब्लॉक के जिम्मेदार क्यों मौन? गांव वालों में आक्रोश 👉 आरसीसी सड़क की मांग, लेकिन बन रही इंटरलॉकिंग — आखिर क्या है माजरा? रमियाबेहड़ ब्लॉक के जिम्मेदार क्यों मौन? गांव वालों में आक्रोश लखीमपुर खीरी। विकास खंड रमियाबेहड़ की ग्राम पंचायत क्षेत्र के ग्राम तेजन पुरवा में सड़क निर्माण को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां गांव में आरसीसी सड़क की मांग की गई थी, वहीं अब जबरन इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण शुरू करा दिया गया है, जिससे गांव में चर्चा और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से गांव के लोग कीचड़ और गंदगी से जूझ रहे थे। बरसात के मौसम में रास्ते से निकलना तक मुश्किल हो जाता था। परेशान होकर गांववासियों ने 1076 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरसीसी सड़क बनाने की मांग की थी। ग्रामीणों के अनुसार यह मांग ग्राम तेजन पुरवा के पूर्व साइड में डामर रोड से लल्लन के घर के सामने तक आरसीसी सड़क निर्माण को लेकर की गई थी। लेकिन अब मौके पर आरसीसी की जगह इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण शुरू कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब ग्रामीणों ने आरसीसी सड़क की मांग की थी तो आखिर इंटरलॉकिंग क्यों बनाई जा रही है? क्या इसके पीछे कोई तकनीकी कारण है या फिर कोई और खेल चल रहा है? ग्रामीण यह भी पूछ रहे हैं कि आखिर ब्लॉक रमियाबेहड़ के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर मौन क्यों हैं? क्या उन्हें ग्रामीणों की समस्या दिखाई नहीं दे रही या फिर जानबूझकर इस मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है? अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेते हैं या फिर ग्रामीणों को ऐसे ही अधूरे विकास से समझौता करना पड़ेगा। 👉 ग्रामीणों का सीधा सवाल — जब मांग आरसीसी सड़क की थी, तो इंटरलॉकिंग क्यों? रिपोर्ट: शाहिद मंसूरी पत्रकार – SM UP NEWS7
- *होली मिलन समारोह को सफल बनाने के लिए भाजपा नेता अनिल गुप्ता ने गांव गांव जाकर क्षेत्रवासियों को किया आमंत्रित* *कल सुबह मंगलम पैलेस में होने वाले होली मिलन समारोह की तैयारियाँ हुई पूरी* खमरिया खीरी। कस्बा खमरिया स्थित मंगलम पैलेस में आयोजित होने वाले भारतीय जनता पार्टी के होली मिलन समारोह को सफल बनाने के लिए पूर्व सदस्य जिला पंचायत व भाजपा नेता अनिल गुप्ता लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क कर रहे हैं,इसी क्रम में अनिल गुप्ता ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों व कस्बों का भ्रमण कर लोगों से मुलाकात की और उन्हें होली मिलन समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी सौहार्द और मेल-मिलाप की भावना और मजबूत होती है।इस दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों व नगरवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर होली मिलन समारोह की शोभा बढ़ाएं। जनसंपर्क के दौरान लोगों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह भी देखने को मिला और लोगों ने कार्यक्रम में शामिल होने का आश्वासन दिया,बताया गया कि यह भव्य होली मिलन समारोह कस्बा खमरिया के मंगलम पैलेस में आयोजित किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी शामिल होंगे। निवेदक - टीम अनिल गुप्ता 🙏🙏1
- फिर एक गरीब और अनाथ बिटिया की शादी में किया मदद।1
- 👉 आरसीसी सड़क की मांग, लेकिन बन रही इंटरलॉकिंग — आखिर क्या है माजरा? रमियाबेहड़ ब्लॉक के जिम्मेदार क्यों मौन? गांव वालों में आक्रोश लखीमपुर खीरी। विकास खंड रमियाबेहड़ की ग्राम पंचायत क्षेत्र के ग्राम तेजन पुरवा में सड़क निर्माण को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां गांव में आरसीसी सड़क की मांग की गई थी, वहीं अब जबरन इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण शुरू करा दिया गया है, जिससे गांव में चर्चा और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से गांव के लोग कीचड़ और गंदगी से जूझ रहे थे। बरसात के मौसम में रास्ते से निकलना तक मुश्किल हो जाता था। परेशान होकर गांववासियों ने 1076 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरसीसी सड़क बनाने की मांग की थी। ग्रामीणों के अनुसार यह मांग ग्राम तेजन पुरवा के पूर्व साइड में डामर रोड से लल्लन के घर के सामने तक आरसीसी सड़क निर्माण को लेकर की गई थी। लेकिन अब मौके पर आरसीसी की जगह इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण शुरू कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब ग्रामीणों ने आरसीसी सड़क की मांग की थी तो आखिर इंटरलॉकिंग क्यों बनाई जा रही है? क्या इसके पीछे कोई तकनीकी कारण है या फिर कोई और खेल चल रहा है? ग्रामीण यह भी पूछ रहे हैं कि आखिर ब्लॉक रमियाबेहड़ के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर मौन क्यों हैं? क्या उन्हें ग्रामीणों की समस्या दिखाई नहीं दे रही या फिर जानबूझकर इस मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है? अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेते हैं या फिर ग्रामीणों को ऐसे ही अधूरे विकास से समझौता करना पड़ेगा। 👉 ग्रामीणों का सीधा सवाल — जब मांग आरसीसी सड़क की थी, तो इंटरलॉकिंग क्यों? रिपोर्ट: शाहिद मंसूरी पत्रकार – SM UP NEWS71
- 🚨 यूपी – कानपुर से बड़ी खबर कानपुर में भूतेश्वर मंदिर के महंत प्रशांत गिरी उर्फ गोलू पंडित के साथ भीड़ द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि 2 दिन पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें कथित तौर पर नॉनवेज खाते हुए देखा गया। वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों में नाराज़गी बढ़ गई और इसी को लेकर विवाद हो गया। फिलहाल मामले को लेकर पुलिस जांच में जुटी हुई है। 👉 आप इस घटना पर क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। #Kanpur #UPNews #BreakingNews #UttarPradesh #NewsUpdate1
- ईसानगर–हसनपुर कटौली में आम के पेड़ों पर आरी, गरीब बच्चों के मुंह से छीने जा रहे मीठे फल? ईसानगर थाना क्षेत्र, हसनपुर कटौली (लखीमपुर खीरी) ईसानगर क्षेत्र के हसनपुर कटौली में इन दिनों बड़ी संख्या में आम के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा सैकड़ों पेड़ों पर आरी चलाकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंपरों में लकड़ी भरकर बाहर भेजी जा रही है। गांव वालों का कहना है कि जिन आम के पेड़ों से हर साल गरीब परिवारों के बच्चे मीठे फल खाकर खुश होते थे, वही पेड़ अब ठेकेदारों की भेंट चढ़ रहे हैं। लोगों के मुताबिक अगर यही हाल रहा तो इस सीजन में गरीब जनता के बच्चों को आम खाने के लिए तरसना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतनी भारी मात्रा में पेड़ों की कटाई होने के बावजूद वन विभाग और वन रेंज अधिकारी की चुप्पी आखिर क्यों है? ग्रामीणों में चर्चा है कि क्या यह सब “गुलाबी नोटों” के दम पर हो रहा है, या फिर प्रशासन की नजर इस पर नहीं पड़ रही? स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath लगातार “एक वृक्ष मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दे रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। एक तरफ पेड़ लगाने की बात, तो दूसरी तरफ हजारों पेड़ों पर आरी चलने से पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार हसनपुर कटौली क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कटे हुए पेड़ों की लकड़ी के ढेर और ड्रम पड़ी लकड़ी देखी जा सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि: इतनी बड़ी कटाई की अनुमति किसने दी? वन विभाग की जिम्मेदारी किसकी है? पर्यावरण और गरीबों के हक की रक्षा कौन करेगा? इस पूरे मामले को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन तुरंत जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे, ताकि पर्यावरण भी बचे और गरीबों के बच्चों के मुंह से मीठे फल न छीने जाएं। हक की आवाज न्यूज़ चैनल प्रधान संपादक: ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य 📞 8948983388 हर खबर के लिए संपर्क करें1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | लखीमपुर खीरी ईसानगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सिसैया कटौली रोड पर चहलर के पास सोमवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां तेज रफ्तार बस और बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस और बाइक में आग लग गई और बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गई। हादसे के बाद मौके पर मचा हड़कंप टक्कर के तुरंत बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी सरकारी अस्पताल भेजा गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जान नहीं गई, लेकिन हालात बेहद भयावह थे। मदद पहुंचने में भारी लापरवाही स्थानीय लोगों का आरोप है कि— पुलिस और एंबुलेंस करीब 30 मिनट की देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड 2 घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंच सकी जबकि आग लगातार फैलती रही और लोग अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने का प्रयास करते रहे। प्रशासन और परिवहन विभाग पर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि— हादसों पर काबू पाने की व्यवस्था कहां है? प्राइवेट बसों की रफ्तार पर लगाम क्यों नहीं? ओवरलोडिंग और लापरवाही पर कार्रवाई क्यों नहीं? जिम्मेदार अधिकारी चुप क्यों हैं? जनता में भारी आक्रोश घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा देखने को मिला। लोगों का कहना है कि अगर समय पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पहुंच जाती, तो नुकसान और डर का माहौल कम हो सकता था। हर दिन बढ़ रहे सड़क हादसे, सिस्टम फेल! जिले में आए दिन हो रहे सड़क हादसे यह साबित कर रहे हैं कि यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, और सड़कों पर मनमानी जारी है। प्रशासन से जनता की मांग तत्काल राहत-बचाव व्यवस्था मजबूत की जाए तेज रफ्तार और अवैध बसों पर सख्त कार्रवाई हो जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए हक की आवाज न्यूज़ चैनल संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा शन्नो आचार्य 8601660864 हर खबर के लिए संपर्क करें खबर पर नजर बनाए रखें — सच दिखाने की जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।1
- जंगली जानवरों का आतंक रुकने का नहीं ले रहा नाम अब इंसान जंगली शिकारी जानवरों के लिए बन गए हैं भेड़ बकरी1
- अपने गांव,शहर,की छोटी बड़ी खबरें देखने के लिए हमारे चैनल को लाइक फॉलो,सब्सक्राइब करें।1