Shuru
Apke Nagar Ki App…
डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के निर्देशन में, इटौंजा टोल प्लाजा पर एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान में टीआई बीकेटी और सहायक टीआई अलीगंज ने अपनी थाना फोर्स के साथ हिस्सा लिया। कार्रवाई के दौरान, ड्रिंक एंड ड्राइव करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ आवश्यक चालानी कार्यवाही की गई।
Journalist Sonu Pal
डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के निर्देशन में, इटौंजा टोल प्लाजा पर एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान में टीआई बीकेटी और सहायक टीआई अलीगंज ने अपनी थाना फोर्स के साथ हिस्सा लिया। कार्रवाई के दौरान, ड्रिंक एंड ड्राइव करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ आवश्यक चालानी कार्यवाही की गई।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश में 'पाप धोने की मशीन' लगने का सवाल उठाते हुए, पैसे से मजबूत विजेंद्र हुड्डा की कारगुज़ारियों पर तीखी टिप्पणी की गई है। जानकारी के अनुसार, विजेंद्र हुड्डा ने 2015 के आसपास एक मीडिया हाउस शुरू किया था, जो कुछ ही समय में अलग-थलग पड़ गया। इसके बाद 2018 में उन्होंने ओला/उबर की तर्ज़ पर 'बाइक बोट टैक्सी सर्विस' लॉन्च की, जिसमें 7 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का बड़ा घोटाला सामने आया। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने हुड्डा के खिलाफ 100 से अधिक मुकदमे दर्ज किए और उन पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसके बाद वह पुलिस से बचकर विदेश भाग गए। हालांकि, विदेश से लौटने के बाद, जैसा कि बताया गया है, उन्होंने 'इतनी तगड़ी सेटिंग' की कि 'माई लॉर्ड' ने उन्हें बाहर ही बाहर 'अभयदान' दे दिया। 2024 में विजेंद्र हुड्डा ने नेता बनने का फैसला किया और लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव हारने के कुछ ही दिनों बाद, उन्होंने एक यूनिवर्सिटी खरीद ली और सीधे उसके चांसलर बन गए। पिछले साल, उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने इस यूनिवर्सिटी में छापेमारी कर पैसे लेकर डिग्रियां बांटने के एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया, जिसके चलते हुड्डा साहब को जेल जाना पड़ा। वे कुछ महीने पहले ही जेल से बाहर आए हैं। अब, हाल ही में विजेंद्र हुड्डा ने उत्तर प्रदेश में फिर से अपना टीवी चैनल 'Nation-27' लॉन्च किया है। इस लॉन्च कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के कई नेता मौजूद थे, और दूसरे राज्य के 'गवर्नर साहब' तक इसमें शामिल होने पहुंचे। इन सारी घटनाओं को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि क्या उत्तर प्रदेश में इतने सारे 'पाप' यूं ही धुल जाते हैं?1
- एक ओर जहां हुसैनाबाद ट्रस्ट और सरकार ऐतिहासिक सतखंडा तथा पुराने गेटों की मूल पहचान सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक शैली व उपयुक्त सामग्री का उपयोग कर संरक्षण का दावा कर रहे हैं, वहीं ठीक बगल में कथित तौर पर सीमेंट से नए निर्माण कर शटर वाली दुकानें बनाई जा रही हैं। यह स्थिति विरासत संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। करोड़ों रुपये खर्च करके ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के प्रयासों के बावजूद, उनके आसपास विरासत संरक्षण मानकों की खुलेआम अनदेखी कैसे हो रही है, इस पर जनता जवाब मांग रही है। यदि यह निर्माण नियमों के विरुद्ध है, तो संबंधित अधिकारियों की अब तक की खामोशी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जनता जानना चाहती है कि कहीं संरक्षण के नाम पर केवल दिखावा तो नहीं किया जा रहा और कहीं इसके पीछे व्यावसायिक हितों को बढ़ावा देने का खेल तो नहीं है।1
- लखनऊ में NEET UG-2026 की पुन:परीक्षा से ठीक पहले, ठाकुरगंज पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद किया गया है और सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखनऊ की रेजिडेंसी में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सैकड़ों लोगों के साथ योग किया। इस कार्यक्रम में लखनऊ के डीएम विशाख जी ने भी हिस्सा लिया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस दौरान कहा कि 2014 के बाद भारतीय संस्कृति का परचम पूरे विश्व में बुलंद हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग हमें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है। ब्रजेश पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का श्रेय भी दिया। योग दिवस पर अपने संदेश में, डिप्टी सीएम ने सभी से स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनाने का आह्वान किया।3
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र से सामने आया एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल दावों के मुताबिक, सड़क पर हुए एक विवाद के दौरान एक युवती और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें युवती द्वारा पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर अभद्रता भी की गई। इस घटना के दौरान मौके पर लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई थी। इस कथित वीडियो के सामने आने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था और अनुशासन को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे इन सभी दावों और घटनाक्रम की अभी तक कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और उनके आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- देशभर में हर साल केवल पाँच परीक्षाओं की तैयारी के लिए बच्चों और उनके माता-पिता से ₹3.5 लाख करोड़ की वसूली की जा रही है। यह स्थिति सरकार द्वारा अपनी ज़िम्मेदारी न निभाने का सीधा परिणाम है, जिसने न तो सस्ती और अच्छी सरकारी शिक्षा उपलब्ध कराई, बल्कि पूरी पीढ़ी के भविष्य को निजीकरण के हाथों नीलाम कर दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला करते हुए चेतावनी दी है कि वर्तमान सरकार में बेटियों और बहनों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के लिए यमराज का घर तैयार है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में मोहर्रम और ईद जैसे त्योहारों पर हुड़दंग कराया जाता था, जबकि कांवड़ यात्रा और कृष्ण जन्मोत्सव जैसी धार्मिक यात्राओं पर रोक लगा दी जाती थी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार त्योहारों पर भेदभाव करती थी और बहुसंख्यक समाज की आस्था को भी बाधित करती थी। वर्तमान भाजपा सरकार के तहत, मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि बिना किसी भेदभाव के सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जा रहे हैं और कानून-व्यवस्था मजबूत है। उन्होंने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, और सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। योगी आदित्यनाथ ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी भविष्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील व प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दिल्ली से अपने बॉयफ्रेंड से मिलने पहुँची एक युवती ने शराब के नशे में सड़क पर जमकर हंगामा किया। रात के समय हुई इस घटना में युवती ने मौके पर पहुँची पुलिस टीम के साथ बदसलूकी और हाथापाई भी की। यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब दिल्ली निवासी युवती अपने बॉयफ्रेंड परवेज से मिलने सरधना आई थी। बताया गया कि दोनों ने गाड़ी के अंदर शराब पीकर पार्टी की। पुलिस को इसकी सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुँचे और पूछताछ करने लगे, तो नशे में धुत युवती ने पुलिसकर्मियों से बहस शुरू कर दी। वायरल वीडियो में युवती एक पुलिसकर्मी की वर्दी खींचते, उंगली दिखाकर "तेरी औकात क्या है" जैसे आपत्तिजनक शब्द कहते और एक सिपाही को थप्पड़ मारने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रही है। उसने पुलिस से यह भी कहा कि वह अपने बॉयफ्रेंड से मिलने आई थी और इसमें क्या गलत है। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को देखते हुए युवती, उसके बॉयफ्रेंड और उनके साथियों का एल्कोहल टेस्ट करवाया। पुलिस ने युवती और उसके बॉयफ्रेंड को हिरासत में ले लिया और शांतिभंग (धारा 151) के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया गया। उनकी गाड़ियों को भी सीज कर दिया गया है।1