चुंचरुंगपुर से रावन 5 किलोमीटर तक रोड़ बहुत ही जर्जर है जो बलौदा बाजार के लिए मुख्य मार्ग है आय दिन हो रहा है दुर्घटना शासन प्रशासन और नहीं कोई अधिकारी, जनप्रतिनिधि सुध लेने नहीं पहुंचते उठ रहे हैं सवाल। सड़क या मौत का गड्ढा?चुंचरुंगपुर से बलौदा बाजार जाने वाले मुख्य मार्ग बदहाली से बढ़ती खतरा प्रशासन और अधिकारी, कंपनी प्रबंधन पर उठे सवाल कौन है जिम्मेदार। पलारी ब्लाक के ग्राम पंचायत चुंचरूंगपुर से रावन तक 5 किलोमीटर तक रोड़ बहुत ही जर्जर है यह रोड़ बलौदा बाजार के लिए मुख्य मार्ग से जुड़ा हुआ है जो कई सालों से बहुत ही ख़राब दैनि स्थिति में है न तो शासन प्रशासन इसमें ध्यान दें रहें हैं नहीं कोई ईसे देखने के लिए आ रहें हैं सड़क पर बने बड़े बड़े गड्ढे बारीश के दौरान जलभराव और किचड़ के कारण इस मार्ग से गुजरना लोगों के लिए परेशानी के साथ साथ जोखिम भरा हो गया है रोजाना इस सड़क से स्कूली बच्चे,किसान, ग्रामीण, व्यापारी, सुबह साम हजारों कि संख्या में आवागमन करते हैं और तो और इस सड़क से छोटे बड़े वाहन भी गुजरते हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि न ही शासन बना रहा है ना ही पास में लगा हुआ सीमेंट कंपनी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है इस रोड़ में आय दिन छोटे मोटे दुर्घटना घटती रहती है स्कूली बच्चे बहुत ही डरे सहमें हुए अपने जान को जोखिम डाल कर स्कूल जाते हैं लोगो का कहना है कि कहीं कोई बड़ी दुर्घटना न घट जाए कई बार चुंचरुंगपुर के ग्रामीण अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी प्रबंधन से सीकायत कर चुके हैं फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है न ही साशन प्रशासन के कोई जवाबदार अधिकारी आ करके निरीक्षण कर नहीं गया कहें जाएं तो यहां के भोले भाले जनता का कोई सुनवाई नहीं हो रहा है सिर्फ ओट बैंकिंग के समय बड़े जनप्रतिनिधि आते हैं बड़े बड़े वादे करके चले जाते हैं फिर जीतने के बाद कोई पुछाडी नहीं रहता है केवल कागजी कार्रवाई टेबल तक सीमित रह जाता है आश्वासन देकर चुप बैठ जाता है और ना ही कंपनी प्रबंधन को जबकि चुंचरुंगपुर आश्रीत गांव होने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है कभी कभी कंपनी प्रबंधन छोटे छोटे गड्ढों में वेस्ट मटेरियल डाल कर रख दिया जाता है फिर कुछ दिनों बाद यह रोड़ ज्यौ का त्यौ हो जाता है गर्मी के दिनों में बड़े बड़े कंपनी के गाड़ी चलाने से धूल दस्ट उड़ने से ग्रामीणों को अपने सेहत की खीलवाड झेलना भी पड़ता है बारीश के एक महीने में अभी तक आठ से दस स्कूली बच्चे कई बार गीर कर गंभीर चोट भी लग चुका है कंपनी में कार्य करने जाने वाले मजदूर भी आने जाने समय जर्जर रोड़ के चलते कई बार गंभीर चोट का शिकार हो चुका है फिर भी शासन प्रशासन और कंपनी प्रबंधन किसी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति गंभीर चोट पहुंचता है तो शासन प्रशासन और कंपनी प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार रहेगा।
चुंचरुंगपुर से रावन 5 किलोमीटर तक रोड़ बहुत ही जर्जर है जो बलौदा बाजार के लिए मुख्य मार्ग है आय दिन हो रहा है दुर्घटना शासन प्रशासन और नहीं कोई अधिकारी, जनप्रतिनिधि सुध लेने नहीं पहुंचते उठ रहे हैं सवाल। सड़क या मौत का गड्ढा?चुंचरुंगपुर से बलौदा बाजार जाने वाले मुख्य मार्ग बदहाली से बढ़ती खतरा प्रशासन और अधिकारी, कंपनी प्रबंधन पर उठे सवाल कौन है जिम्मेदार। पलारी ब्लाक के ग्राम पंचायत चुंचरूंगपुर से रावन तक 5 किलोमीटर तक रोड़ बहुत ही जर्जर है यह रोड़ बलौदा बाजार के लिए मुख्य मार्ग से जुड़ा हुआ है जो कई सालों से बहुत ही ख़राब दैनि स्थिति में है न तो शासन प्रशासन इसमें ध्यान दें रहें हैं नहीं कोई ईसे देखने के लिए आ रहें हैं सड़क पर
बने बड़े बड़े गड्ढे बारीश के दौरान जलभराव और किचड़ के कारण इस मार्ग से गुजरना लोगों के लिए परेशानी के साथ साथ जोखिम भरा हो गया है रोजाना इस सड़क से स्कूली बच्चे,किसान, ग्रामीण, व्यापारी, सुबह साम हजारों कि संख्या में आवागमन करते हैं और तो और इस सड़क से छोटे बड़े वाहन भी गुजरते हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि न ही शासन बना रहा है ना ही पास में लगा हुआ सीमेंट कंपनी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है इस रोड़ में आय दिन छोटे मोटे दुर्घटना घटती रहती है स्कूली बच्चे बहुत ही डरे सहमें हुए अपने जान को जोखिम डाल कर स्कूल जाते हैं लोगो का कहना है कि कहीं कोई बड़ी दुर्घटना न घट जाए कई बार
चुंचरुंगपुर के ग्रामीण अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी प्रबंधन से सीकायत कर चुके हैं फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है न ही साशन प्रशासन के कोई जवाबदार अधिकारी आ करके निरीक्षण कर नहीं गया कहें जाएं तो यहां के भोले भाले जनता का कोई सुनवाई नहीं हो रहा है सिर्फ ओट बैंकिंग के समय बड़े जनप्रतिनिधि आते हैं बड़े बड़े वादे करके चले जाते हैं फिर जीतने के बाद कोई पुछाडी नहीं रहता है केवल कागजी कार्रवाई टेबल तक सीमित रह जाता है आश्वासन देकर चुप बैठ जाता है और ना ही कंपनी प्रबंधन को जबकि चुंचरुंगपुर आश्रीत गांव होने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है कभी कभी कंपनी प्रबंधन छोटे छोटे गड्ढों में वेस्ट मटेरियल डाल कर रख दिया
जाता है फिर कुछ दिनों बाद यह रोड़ ज्यौ का त्यौ हो जाता है गर्मी के दिनों में बड़े बड़े कंपनी के गाड़ी चलाने से धूल दस्ट उड़ने से ग्रामीणों को अपने सेहत की खीलवाड झेलना भी पड़ता है बारीश के एक महीने में अभी तक आठ से दस स्कूली बच्चे कई बार गीर कर गंभीर चोट भी लग चुका है कंपनी में कार्य करने जाने वाले मजदूर भी आने जाने समय जर्जर रोड़ के चलते कई बार गंभीर चोट का शिकार हो चुका है फिर भी शासन प्रशासन और कंपनी प्रबंधन किसी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति गंभीर चोट पहुंचता है तो शासन प्रशासन और कंपनी प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार रहेगा।
- चुंचरुंगपुर से रावन 5 किलोमीटर तक रोड़ बहुत ही जर्जर है जो बलौदा बाजार के लिए मुख्य मार्ग है आय दिन हो रहा है दुर्घटना शासन प्रशासन और नहीं कोई अधिकारी, जनप्रतिनिधि सुध लेने नहीं पहुंचते उठ रहे हैं सवाल। सड़क या मौत का गड्ढा?चुंचरुंगपुर से बलौदा बाजार जाने वाले मुख्य मार्ग बदहाली से बढ़ती खतरा प्रशासन और अधिकारी, कंपनी प्रबंधन पर उठे सवाल कौन है जिम्मेदार। पलारी ब्लाक के ग्राम पंचायत चुंचरूंगपुर से रावन तक 5 किलोमीटर तक रोड़ बहुत ही जर्जर है यह रोड़ बलौदा बाजार के लिए मुख्य मार्ग से जुड़ा हुआ है जो कई सालों से बहुत ही ख़राब दैनि स्थिति में है न तो शासन प्रशासन इसमें ध्यान दें रहें हैं नहीं कोई ईसे देखने के लिए आ रहें हैं सड़क पर बने बड़े बड़े गड्ढे बारीश के दौरान जलभराव और किचड़ के कारण इस मार्ग से गुजरना लोगों के लिए परेशानी के साथ साथ जोखिम भरा हो गया है रोजाना इस सड़क से स्कूली बच्चे,किसान, ग्रामीण, व्यापारी, सुबह साम हजारों कि संख्या में आवागमन करते हैं और तो और इस सड़क से छोटे बड़े वाहन भी गुजरते हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि न ही शासन बना रहा है ना ही पास में लगा हुआ सीमेंट कंपनी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है इस रोड़ में आय दिन छोटे मोटे दुर्घटना घटती रहती है स्कूली बच्चे बहुत ही डरे सहमें हुए अपने जान को जोखिम डाल कर स्कूल जाते हैं लोगो का कहना है कि कहीं कोई बड़ी दुर्घटना न घट जाए कई बार चुंचरुंगपुर के ग्रामीण अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी प्रबंधन से सीकायत कर चुके हैं फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है न ही साशन प्रशासन के कोई जवाबदार अधिकारी आ करके निरीक्षण कर नहीं गया कहें जाएं तो यहां के भोले भाले जनता का कोई सुनवाई नहीं हो रहा है सिर्फ ओट बैंकिंग के समय बड़े जनप्रतिनिधि आते हैं बड़े बड़े वादे करके चले जाते हैं फिर जीतने के बाद कोई पुछाडी नहीं रहता है केवल कागजी कार्रवाई टेबल तक सीमित रह जाता है आश्वासन देकर चुप बैठ जाता है और ना ही कंपनी प्रबंधन को जबकि चुंचरुंगपुर आश्रीत गांव होने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है कभी कभी कंपनी प्रबंधन छोटे छोटे गड्ढों में वेस्ट मटेरियल डाल कर रख दिया जाता है फिर कुछ दिनों बाद यह रोड़ ज्यौ का त्यौ हो जाता है गर्मी के दिनों में बड़े बड़े कंपनी के गाड़ी चलाने से धूल दस्ट उड़ने से ग्रामीणों को अपने सेहत की खीलवाड झेलना भी पड़ता है बारीश के एक महीने में अभी तक आठ से दस स्कूली बच्चे कई बार गीर कर गंभीर चोट भी लग चुका है कंपनी में कार्य करने जाने वाले मजदूर भी आने जाने समय जर्जर रोड़ के चलते कई बार गंभीर चोट का शिकार हो चुका है फिर भी शासन प्रशासन और कंपनी प्रबंधन किसी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति गंभीर चोट पहुंचता है तो शासन प्रशासन और कंपनी प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार रहेगा।4
- सचिव के खिलाफ शिकायत पर जांच शुरू, सरपंच-पंच एवं ग्रामीणों के लिए गए बयान। कार्यवाही के दौरान होता रहा हंगामा।2
- pata chale to sampark kare 🙏1
- कॉलेज जाने को निकली 19 वर्षीय फर्स्ट ईयर की छात्रा घर नहीं लौटी तो परिजनों ने था कॉलेज जाने को निकली 19 वर्षीय फर्स्ट ईयर की छात्रा घर नहीं लौटी तो परिजनों ने थाना चकरभाठा में दर्ज कराई रिपोर्ट गुरुवार की रात 9:00 बजे चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार चकरभाठा थाना ग्रामीण छेत्र मे रहने वाले एक 43 वर्षीय पिता ने हमराह अपने भतीजा के साथ गुरुवार की साम 7.22 बजे थाना उपस्थित आकर मौखिक गुम इंसान रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसकी लडकी उम्र 19 साल निवासी ग्रामीण छेत्र थाना चकरभाठा जिला बिलासपुर छग की दिनांक 19/08/2026 के सुबह करीबन 11/00 बजे घर से SBR कालेज बिलासपुर जा रही हूँ बोलकर घर से निकली है जो अभी तक घर वापस नहीं आयी है जिसकी आस पास एवं रिस्तेदारों से पता तलास किया कोई पता नहीं चली है जिसकी हुलिया कद 5 फिट 0 इंच, रंग सांवली, चेहरा लंबा, बाल काला, शरीर सामान्य कथ्थ रंग का सलबार सूट पहनी है कालेज में प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही है छत्तीसगढी, हिन्दी भाषा बोलती है जो अपने साथ मोबाईल एवं बैग में अपने कपडे लेकर निकली है कि सूचक की सूचना पर गुम इंसान कायम कर पतासाजी मे लिया गया गुम इंसान कायमी की सूचना जरिये RM सर्व थाना चौकी प्रभारी DCRB को भेजी जाती है। एवं गुम यूवती घर से SBR कालेज बिलासपुर जा रही हूँ बोलकर घर से निकली है जो अभी तक घर वापस नहीं आयी है लापता व्यक्ति का ठीकाना एवं सुरक्षा अज्ञात होने से उसके किसी अज्ञात व्यकित / व्यक्तियों के द्वारा ले जाकर अज्ञात स्थान पर रखे जाने के संभावना से इस स्तर पर इंकार नहीं जा सकता जिसकी तत्काल विवेचना आवश्यक है। अत माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा G GANESH V STATE OF TAMILNADU ORS में दिये गये निदेर्शी के अनुपालन में तथा वर्तमान परिस्थितियों एवं लापता होने के प्रकृति को दृष्टिगत रखते हुए अज्ञात व्यक्ति/ व्यक्तियो के विरूद्ध अपराध धारा 140(3) BNS 2023 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया1
- *शादी का झांसा देकर महिला का शारीरिक शोषण करने वाला आरोपी सरकंडा पुलिस की गिरफ्त में*1
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- बिहान योजना से जुड़कर बिल्हा क्षेत्र की सविता कश्यप ने संवारी अपनी आजीविका समूह क बिहान योजना से जुड़कर बिल्हा क्षेत्र की सविता कश्यप ने संवारी अपनी आजीविका समूह की अन्य दीदियों को भी मिला आत्मनिर्भरता का सहारा आज गुरुवार की शाम 5 बजे पी आर ओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी अनुसार बिल्हा ब्लॉक के ग्राम बसहा की रहने वाली श्रीमती सविता कश्यप आज बिहान योजना से जुड़कर अपनी मेहनत और लगन से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। वे ’’राधे-राधे महिला स्व सहायता समूह’’ की सक्रिय सदस्य हैं। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा हुए और उन्होंने अपने हुनर को आजीविका का साधन बनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया। स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद श्रीमती सविता कश्यप को ’’आरएफ एवं सीआईएफ ऋण’’ की सुविधा प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने अपनी आजीविका गतिविधियों को शुरू करने और आगे बढ़ाने में किया। समूह के माध्यम से वे अब ’’आचार, पापड़, बड़ी और बिजौरी’’ जैसे विभिन्न खाद्य उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों को स्थानीय बाजार एवं आसपास के क्षेत्रों में विक्रय कर उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। पहले जहां घरेलू कार्यों तक ही उनकी गतिविधियां सीमित थीं, वहीं अब वे अपने हुनर को व्यवसाय का रूप देकर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। अपने उत्पादों की गुणवत्ता और मेहनत के कारण उन्हें ग्राहकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में उन्हें आर्थिक सहयोग मिल रहा है। श्रीमती सविता कश्यप बताती हैं कि स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। समूह की बैठकों और सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें नई जानकारी एवं अनुभव प्राप्त होते हैं। समूह की अन्य दीदियों के साथ मिलकर काम करने से उन्हें उत्पादन, विक्रय और आजीविका गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने का अवसर मिल रहा है। बिहान योजना ने ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्रीमती सविता कश्यप की यह कहानी बताती है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, समूह का सहयोग और आवश्यक आर्थिक सहायता मिले, तो वे अपनी मेहनत और हुनर के बल पर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं, बल्कि गांव में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी कायम कर सकती हैं।1