जुन्नारदेव के वार्ड क्रमांक-3 में पानी की टंकी के नीचे बना नगर पालिका का आवासीय भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भवन की दीवारों में गहरी दरारें हैं और प्लास्टर झड़ चुका है, जिसे गिरने से बचाने के लिए बल्लियों और लोहे के पाइपों का सहारा दिया गया है। इन खतरनाक स्थितियों के बावजूद, नगर पालिका का एक कर्मचारी अपने परिवार के साथ यहां रहने को विवश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन इस भवन की जर्जर स्थिति से पूरी तरह वाकिफ होने के बावजूद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। इस मामले को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि वर्षों से शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसी भी चर्चा है कि वहां रह रहे कर्मचारी को किसी प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। राजेंद्र सूर्यवंशी, पूर्व सभापति एवं पार्षद, ने बताया कि उन्होंने सीएमओ और इंजीनियर को भवन की स्थिति से अवगत करा दिया है। नगर पालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी नेहा धुर्वे ने कहा है कि संबंधित कर्मचारियों को दो दिन पूर्व भवन खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, उपयंत्री अनुराग सरिया से संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। फिलहाल, स्थानीय लोग प्रशासन से भवन का तकनीकी परीक्षण कर उसे असुरक्षित घोषित करने और कर्मचारी परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं।
जुन्नारदेव के वार्ड क्रमांक-3 में पानी की टंकी के नीचे बना नगर पालिका का आवासीय भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भवन की दीवारों में गहरी दरारें हैं और प्लास्टर झड़ चुका है, जिसे गिरने से बचाने के लिए बल्लियों और लोहे के पाइपों का सहारा दिया गया है। इन खतरनाक स्थितियों के बावजूद, नगर पालिका का एक कर्मचारी अपने परिवार के साथ यहां रहने को विवश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन इस भवन की जर्जर स्थिति से पूरी तरह वाकिफ होने के बावजूद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। इस मामले को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि वर्षों से शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसी
भी चर्चा है कि वहां रह रहे कर्मचारी को किसी प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। राजेंद्र सूर्यवंशी, पूर्व सभापति एवं पार्षद, ने बताया कि उन्होंने सीएमओ और इंजीनियर को भवन की स्थिति से अवगत करा दिया है। नगर पालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी नेहा धुर्वे ने कहा है कि संबंधित कर्मचारियों को दो दिन पूर्व भवन खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, उपयंत्री अनुराग सरिया से संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। फिलहाल, स्थानीय लोग प्रशासन से भवन का तकनीकी परीक्षण कर उसे असुरक्षित घोषित करने और कर्मचारी परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं।
- छिंदवाड़ा नगर पालिक निगम के महापौर विक्रम अहके और आयुक्त सी.पी. राय के निर्देशन में शुक्रवार सुबह 11 बजे वार्ड नंबर 41 में 'सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ' अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत फुव्वारा चौक से दीनदयाल पार्क तक के क्षेत्र में विशेष श्रमदान और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिद्धि विनायक वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर दीपक राज जैन, स्वच्छता चैंपियन शैलेश उज्जवला व मीरा पराड़कर, वृक्ष मित्र रविंद्र कुशवाहा और समाजसेविका आराधना पवार ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। इस दौरान नागरिकों को कचरा न फैलाने, कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग करने और व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने के कड़े निर्देश दिए गए, ताकि मौसमी बीमारियों से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।1
- अमरवाड़ा भारतीय जनता पार्टी ग्रामीण मंडल के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि छिंदवाड़ा के सांसद विवेक बंटी साहू की मैहर पदयात्रा में शामिल होने के लिए पहुँचे। पदयात्रा में शामिल होकर इन पदाधिकारियों ने सांसद को अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।1
- छिंदवाड़ा जिले की चौरई जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कुंडा में निरीक्षण के दौरान भारी गड़बड़ी सामने आई है। इस स्थिति पर सीईओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंचायत सचिव और सरपंच को फटकार लगाई है। सीईओ ने गुस्से में स्पष्ट चेतावनी दी कि वे या तो अपना काम ठीक ढंग से करें, अन्यथा अपना इस्तीफा लिखकर तैयार रखें। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पंचायत में की जा रही गंदगी के लिए वे जिम्मेदार नहीं हैं और दूसरों का कचरा समेटने के लिए नहीं बैठे हैं।1
- पांढुर्णा के सौसर स्थित सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य टीम प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सक्रियता से काम कर रही है। खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपेश बोकड़े के निर्देशन में, यह टीम तहसील के 64 हाई-रिस्क गांवों और अन्य क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के साथ-साथ छाती संबंधी अन्य बीमारियों की पहचान कर मरीजों को समय पर निःशुल्क उपचार मुहैया कराना है। वरिष्ठ क्षय रोग विभाग प्रभारी सुरेश सोमकुंवर के नेतृत्व में कार्य कर रही टीम पोर्टेबल एक्स-रे और टीबी की जांच कर रही है। संदिग्ध मरीजों की पहचान करने के साथ ही, टीम फेफड़ों के संक्रमण और छाती में पानी भरने जैसी समस्याओं से ग्रसित लोगों को सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए प्रेरित कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार या वजन घटने जैसे लक्षण होने पर तत्काल निःशुल्क जांच करवाकर इस अभियान का लाभ उठाएं।3
- मध्य प्रदेश के सतना जिले की मझगवां जनपद पंचायत में कार्यरत सब इंजीनियर सतीश समेले को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की कार्रवाई के बाद सतीश समेले ने भ्रष्टाचार को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 'कौन माई का लाल है जो जनपद से लेकर भोपाल तक पैसे नहीं खाता' है। उनके इस बयान ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, जहां उन्होंने निलंबन के बाद अपने आत्मसम्मान के जागने की बात कही है।1
- परासिया जनपद पंचायत के सभाकक्ष में वीबी जीरामजी योजना के तहत विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए समस्त सचिवों और जीआरएस (GRS) को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीबी जीरामजी योजना विकसित भारत की अवधारणा को पूरा करने वाली एक प्रमुख योजना है, जिसका सही क्रियान्वयन विकसित ग्राम पंचायतों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। संजय पुन्हार ने अपने संबोधन में कहा कि वे स्वयं परासिया विधानसभा के क्षेत्र क्रमांक 8 से चुनकर आए हैं, इसलिए जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में परासिया का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। इस बैठक में जिला पंचायत सदस्य अरुण यदुवंशी, जिला पंचायत सदस्य पूनम उइके, जनपद सीईओ वर्षा झारिया और सहायक यंत्री सत्येंद्र यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी और सचिव मौजूद रहे। ज्ञात हो कि जिला पंचायत अध्यक्ष सरकार की इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जनपदों में निरंतर बैठकें कर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश में भाजपा के भीतर टिकट वितरण को लेकर भारी अंतर्कलह देखने को मिली है। नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने उग्र विरोध प्रदर्शन करते हुए भारी बवाल काटा। इस दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहन पर पथराव कर दिया, जिससे वाहन के शीशे टूट गए। अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाली पार्टी में इस तरह के विरोध और कार्यकर्ताओं का सड़क पर उतरना भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। इस घटना से पार्टी के अंदर टिकट वितरण को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ गया है, जिससे आने वाले समय में परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1