Shuru
Apke Nagar Ki App…
पीलीभीत के पूरनपुर में लगातार हो रही बिजली कटौती और बिगड़ी आपूर्ति व्यवस्था के विरोध में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं ने विद्युत डिवीजन परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरना दिया, जिससे परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। भाकियू भानु के पदाधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हो रही अघोषित बिजली कटौती से किसान और आम जनता दोनों ही बेहद परेशान हैं। यह समय धान और गन्ने की फसल की सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन घंटों बिजली गुल रहने से किसानों को भारी दिक्कतें आ रही हैं। संगठन ने अपनी मांगों के पूरा न होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी है।
Raunak Ali Ansari
पीलीभीत के पूरनपुर में लगातार हो रही बिजली कटौती और बिगड़ी आपूर्ति व्यवस्था के विरोध में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं ने विद्युत डिवीजन परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरना दिया, जिससे परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। भाकियू भानु के पदाधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हो रही अघोषित बिजली कटौती से किसान और आम जनता दोनों ही बेहद परेशान हैं। यह समय धान और गन्ने की फसल की सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन घंटों बिजली गुल रहने से किसानों को भारी दिक्कतें आ रही हैं। संगठन ने अपनी मांगों के पूरा न होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक और किसान नेता देवस्वरूप पटेल ने बीसलपुर की सगी बहनें हंसी और हनी को जनप्रिय सांसद पीलीभीत एवं माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री आदरणीय श्री जितिन प्रसाद जी से मिलवाने का संकल्प लिया है। यह पहल इन 'जीनियस' बहनों द्वारा समाज और राष्ट्र हित में किए जा रहे कार्यों को देखते हुए की गई है। देवस्वरूप पटेल ने बताया कि जितिन प्रसाद जी से जल्द मिलवा कर उनके सराहनीय कार्यों को प्रोत्साहन दिलाया जाएगा। साथ ही, उनके समाज और राष्ट्र के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए, आदरणीय जितिन प्रसाद जी के प्रयासों से भारत सरकार से हर संभव सहयोग दिलाने का प्रयास किया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक तालाब से जुड़े विवाद को लेकर ग्रामीणों के बीच भारी बवाल मच गया है। इस विवाद के कारण स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बताया गया है कि इस पूरे घटनाक्रम के चलते कई ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है।1
- बरेली में शील चौराहा पर नगर निगम की टीम द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ एक अभियान चलाया गया।1
- बकरीद के त्यौहार के मद्देनजर पीलीभीत जनपद में पुलिस के आलाधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ पैदल मार्च किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील जगहों पर जाकर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। यह पैदल मार्च अमरिया, जहानाबाद, पीलीभीत सिटी, बरखेड़ा और बीसलपुर सहित कई क्षेत्रों में किया गया। अमरिया में थानाध्यक्ष अमित सिंह की अगुवाई में सीओ सिटी अजयपाल यादव के साथ यह मार्च निकाला गया। पुलिस ने क्षेत्रीय लोगों से बकरीद के त्यौहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने का आग्रह किया है।2
- बरेली के कटरा चाँद खाँ स्थित जाटव बस्ती और मलिन बस्ती के निवासियों ने अपनी समस्याओं को लेकर नगर निगम पर धरना-प्रदर्शन किया। डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष सुनील सागर और रणवीर सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए नगर आयुक्त और महापौर को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कटरा चाँद खाँ की जाटव बस्ती, जिसे अंबेडकर भवन क्षेत्र एवं मलिन बस्ती भी कहते हैं, पिछले कई महीनों से टूटी सड़क, सीवर जाम और पेयजल संकट जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उनके अनुसार, नगर निगम द्वारा सड़क तोड़ने के बाद भी अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया है, जबकि आसपास के अन्य क्षेत्रों में यह कार्य संपन्न हो चुका है। सुनील सागर और रणवीर सिंह ने विशेष रूप से बताया कि खराब सड़कें और कीचड़ महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गए हैं, वहीं सीवर लाइन की समस्या और गंदगी से बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि दलित बस्ती के साथ विकास कार्यों में जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है। समिति ने सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब सरकार समावेशी विकास की बात करती है, तो दलित बस्तियों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित क्यों रखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जाटव बस्ती एवं अंबेडकर भवन क्षेत्र की सड़क का निर्माण कार्य तत्काल पूरा किया जाए, सीवर लाइनों की सफाई और मरम्मत की जाए तथा नियमित और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इसके साथ ही, उन्होंने विकास कार्यों में किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने की कड़ी मांग की।1
- मंगलवार को बरेली के कटरा चाँद खाँ की जाटव बस्ती और मलिन बस्ती के निवासियों का गुस्सा नगर निगम में फूट पड़ा। डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान सेवा समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने बदहाल सड़क, सीवर जाम और पेयजल की गंभीर समस्याओं को लेकर नगर निगम पर धरना-प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। समिति के अध्यक्ष सुनील सागर और रणवीर सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने नगर आयुक्त और महापौर को ज्ञापन सौंपकर इन समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नगर निगम ने कई महीने पहले क्षेत्र की सड़क तोड़ दी थी, लेकिन उसका निर्माण आज तक पूरा नहीं कराया गया है, जिसके कारण पूरी बस्ती में कीचड़ और गंदगी फैली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टूटी सड़क और सीवर की समस्या से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। लोगों ने यह भी कहा कि गंदगी और जलभराव के कारण बस्ती में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है, जबकि अन्य इलाकों में सड़कों का निर्माण हो गया है, दलित बस्ती की लगातार अनदेखी की जा रही है। समिति ने अपनी मांगों में कहा कि सड़क निर्माण का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए, सीवर लाइन की तुरंत सफाई और मरम्मत करवाई जाए, तथा बस्ती में साफ पेयजल की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।4
- पीलीभीत के पूरनपुर में लगातार हो रही बिजली कटौती और बिगड़ी आपूर्ति व्यवस्था के विरोध में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं ने विद्युत डिवीजन परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरना दिया, जिससे परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। भाकियू भानु के पदाधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हो रही अघोषित बिजली कटौती से किसान और आम जनता दोनों ही बेहद परेशान हैं। यह समय धान और गन्ने की फसल की सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन घंटों बिजली गुल रहने से किसानों को भारी दिक्कतें आ रही हैं। संगठन ने अपनी मांगों के पूरा न होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी है।1
- पीलीभीत में आगामी बकरीद के त्यौहार के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस प्रशासन ने भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें फ्लैग मार्च का आयोजन, संवेदनशील स्थानों की पहचान करना और इन चिन्हित क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखने के निर्देश जारी करना शामिल है।1
- आगामी ईद-उल-अज़हा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से पीलीभीत का जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। जनपद में कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस बल ने नगर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में पैदल गश्त और फ्लैग मार्च किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करना और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देना है। इस व्यापक अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक ने नगर क्षेत्र के प्रमुख बाजारों, व्यस्त चौराहों, मिश्रित आबादी वाले रिहायशी इलाकों और अन्य संवेदनशील स्थानों का गहन निरीक्षण किया। फ्लैग मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को परखा गया, ताकि त्योहार के दौरान यातायात या सुरक्षा से जुड़ी कोई बाधा उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अत्यंत सचेत एवं मुस्तैद रहने की हिदायत दी। उन्होंने मुख्य बिंदुओं पर बैरियर लगाकर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा असामाजिक गतिविधि की सूचना मिलने पर पुलिस को बिना समय गंवाए तत्काल प्रभाव से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से निकाले गए इस फ्लैग मार्च में पुलिस अधीक्षक के साथ अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी नगर, थाना कोतवाली और थाना सुनगढ़ी की पुलिस टीम भारी बल के साथ मौजूद रही। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से भी त्योहार को शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की है।4