मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के मानपुर में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आयोजित कांग्रेस के धरना प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल तथा ड्यूटी पर तैनात तहसीलदार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान हुआ, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, 23 जून को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं, बिजली संकट और वन्यजीवों के बढ़ते हमलों के विरोध में मानपुर में यह धरना प्रदर्शन आयोजित किया था। प्रदर्शनकारी प्रशासन से इन समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग कर रहे थे और इसी दौरान कांग्रेस नेताओं ने मौके पर कलेक्टर को बुलाने की मांग रखी। मौके पर मौजूद तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और प्रशासन की ओर से ज्ञापन लेने की बात कही, लेकिन कांग्रेस नेता कलेक्टर की मौजूदगी पर अड़े रहे, जिससे पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और तहसीलदार के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान पूर्व मंत्री ने अधिकारी से कहा, "आंख मत दिखाइए", जिस पर तहसीलदार ने भी जवाब देते हुए कहा कि "तमीज में बात कीजिए"। इसके बाद कुछ देर तक दोनों के बीच तीखे संवाद चलते रहे और मौके पर मौजूद कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। इस पूरे घटनाक्रम को कुछ लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। इस विवाद के चलते कुछ समय के लिए धरना स्थल पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। प्रशासनिक अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच लगातार बातचीत होती रही, जिसके बाद अपर कलेक्टर मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। उनकी मौजूदगी में कांग्रेस नेताओं ने किसानों की समस्याओं, बिजली व्यवस्था में सुधार और वन्यजीवों से सुरक्षा की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी यह बहस चर्चा का विषय बन गई है। कांग्रेस समर्थक इसे किसानों की आवाज उठाने का मामला बता रहे हैं, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के समर्थन में भी कई प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। हालांकि, प्रशासन या पूर्व मंत्री की ओर से इस वायरल वीडियो और पूरे विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह तय है कि किसानों के मुद्दों को लेकर शुरू हुआ यह धरना अब पूर्व मंत्री और तहसीलदार के बीच हुई तीखी बहस के कारण पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बन गया है।
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के मानपुर में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आयोजित कांग्रेस के धरना प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल तथा ड्यूटी पर तैनात तहसीलदार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान हुआ, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, 23 जून को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं, बिजली संकट और वन्यजीवों के बढ़ते हमलों के विरोध में मानपुर में यह धरना प्रदर्शन आयोजित किया था। प्रदर्शनकारी प्रशासन से इन समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग कर रहे थे और इसी दौरान कांग्रेस नेताओं ने मौके पर कलेक्टर को बुलाने की मांग रखी। मौके पर मौजूद तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और प्रशासन की ओर से ज्ञापन लेने की बात कही, लेकिन कांग्रेस नेता कलेक्टर की मौजूदगी पर अड़े रहे, जिससे पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और तहसीलदार के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान पूर्व मंत्री ने अधिकारी से कहा, "आंख मत दिखाइए", जिस पर तहसीलदार ने भी जवाब देते हुए कहा कि "तमीज में बात कीजिए"। इसके बाद कुछ देर तक दोनों के बीच तीखे संवाद चलते रहे और मौके पर मौजूद कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। इस पूरे घटनाक्रम को कुछ लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। इस विवाद के चलते कुछ समय के लिए धरना स्थल पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। प्रशासनिक अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच लगातार बातचीत होती रही, जिसके बाद अपर कलेक्टर मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। उनकी मौजूदगी में कांग्रेस नेताओं ने किसानों की समस्याओं, बिजली व्यवस्था में सुधार और वन्यजीवों से सुरक्षा की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी यह बहस चर्चा का विषय बन गई है। कांग्रेस समर्थक इसे किसानों की आवाज उठाने का मामला बता रहे हैं, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के समर्थन में भी कई प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। हालांकि, प्रशासन या पूर्व मंत्री की ओर से इस वायरल वीडियो और पूरे विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह तय है कि किसानों के मुद्दों को लेकर शुरू हुआ यह धरना अब पूर्व मंत्री और तहसीलदार के बीच हुई तीखी बहस के कारण पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बन गया है।
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के मानपुर में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आयोजित कांग्रेस के धरना प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल तथा ड्यूटी पर तैनात तहसीलदार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान हुआ, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, 23 जून को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं, बिजली संकट और वन्यजीवों के बढ़ते हमलों के विरोध में मानपुर में यह धरना प्रदर्शन आयोजित किया था। प्रदर्शनकारी प्रशासन से इन समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग कर रहे थे और इसी दौरान कांग्रेस नेताओं ने मौके पर कलेक्टर को बुलाने की मांग रखी। मौके पर मौजूद तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और प्रशासन की ओर से ज्ञापन लेने की बात कही, लेकिन कांग्रेस नेता कलेक्टर की मौजूदगी पर अड़े रहे, जिससे पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और तहसीलदार के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान पूर्व मंत्री ने अधिकारी से कहा, "आंख मत दिखाइए", जिस पर तहसीलदार ने भी जवाब देते हुए कहा कि "तमीज में बात कीजिए"। इसके बाद कुछ देर तक दोनों के बीच तीखे संवाद चलते रहे और मौके पर मौजूद कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। इस पूरे घटनाक्रम को कुछ लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। इस विवाद के चलते कुछ समय के लिए धरना स्थल पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। प्रशासनिक अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच लगातार बातचीत होती रही, जिसके बाद अपर कलेक्टर मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। उनकी मौजूदगी में कांग्रेस नेताओं ने किसानों की समस्याओं, बिजली व्यवस्था में सुधार और वन्यजीवों से सुरक्षा की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी यह बहस चर्चा का विषय बन गई है। कांग्रेस समर्थक इसे किसानों की आवाज उठाने का मामला बता रहे हैं, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के समर्थन में भी कई प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। हालांकि, प्रशासन या पूर्व मंत्री की ओर से इस वायरल वीडियो और पूरे विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह तय है कि किसानों के मुद्दों को लेकर शुरू हुआ यह धरना अब पूर्व मंत्री और तहसीलदार के बीच हुई तीखी बहस के कारण पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बन गया है।1
- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित पाली सर्किट हाउस में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पाली एवं घुनघुटी मंडलों की एक बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता पाली मंडल अध्यक्ष श्रीमती राधा विजय तिवारी ने की। बैठक में उमरिया जिला संगठन प्रभारी श्री राजेंद्र पांडे, भाजपा एससी मोर्चा के जिला अध्यक्ष श्री दिलीप प्रजापति, वरिष्ठ नेता श्री सरजू प्रसाद अग्रवाल और श्री सुदामा प्रसाद विश्वकर्मा सहित कई महत्वपूर्ण पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपस्थित प्रमुख सदस्यों में पूर्व पार्षद श्री बहादुर सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष व एल्डरमैन श्री प्रदीप सोनी, जिला सहकोष अध्यक्ष श्री प्रेमलता बर्मन, मंडल महामंत्री श्री विमल अग्रवाल, मंडल उपाध्यक्ष एवं नगर पालिका पाली एल्डरमैन श्री कामता विश्वकर्मा, पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रमोद साहू, घुनघुटी मंडल अध्यक्ष श्री अशोक नायक अपनी टीम के साथ, वार्ड नंबर 4 के वरिष्ठ नेता भोला विश्वकर्मा, मंडल उपाध्यक्ष गुलाब साहू, देवी सिंह, भीम सिंह, वरिष्ठ नेता श्री राजकुमार खरे गणेश, शंकर सोनी, प्रेम गुप्ता, एल्डरमैन कमलभान सिंह, समय लाल साहू, शंकर पुरी, सुरेश विश्वकर्मा, किसन कोरी, शिवम मिश्रा और क्षेत्रपाल सिंह शामिल थे। इनके अतिरिक्त, समस्त कार्यकर्ता गण भी इस बैठक में मौजूद थे।4
- उमरिया जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में एक चीतल को केला खिलाने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना उमरिया-ताला मार्ग पर स्थित मगधी परीक्षेत्र के प्रवेश द्वार के ठीक सामने हुई, जहां बांधवगढ़ घूमने आए पर्यटकों की एक कार में सवार पर्यटक द्वारा समीप से गुजर रहे चीतल को केला खिलाया गया। इस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए, पार्क प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने वाहन नंबर के आधार पर घटना की जांच करने और वन्य जीव अधिनियम के तहत संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।2
- साइबर सुरक्षा से जुड़ा एक अभियान चल रहा है।1
- आज शनिवार सुबह बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक व्यक्ति द्वारा जंगल में स्वतंत्र रूप से घूम रहे चीतल को केले खिलाने का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक कार क्रमांक-26 BH 4973 में सवार युवक ने सड़क किनारे घूम रहे चीतल को अपने पास बुलाकर केले खिलाना शुरू कर दिया था। इस दौरान वहां से गुजर रहे कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने उसे ऐसा करने से मना भी किया, लेकिन युवक नहीं माना। इसके बाद इन प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर उसे वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पार्क प्रबंधन तुरंत एक्शन मोड में आ गया और गाड़ी नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गया है। फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने इस मामले में स्पष्ट रूप से कहा है कि वन्य जीव से छेड़छाड़ करना अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान होते ही उसके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।3
- डिंडोरी के नर्मदा गंज में स्थित एक सार्वजनिक कॉम्प्लेक्स को निजी बनाने की कोशिश के चलते ठेकेदारों ने उस पर ताला लगा दिया है। इस कार्रवाई के कारण, यह सार्वजनिक परिसर महीनों से बंद पड़ा है। स्थानीय नगरपालिका की ओर से इस स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और उसकी बेपरवाही स्पष्ट रूप से दिख रही है।4
- मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के पाली में मोहर्रम का त्यौहार पूरे भक्तिभाव और अकीदत के साथ मनाया गया। इस दौरान लोगों ने अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।1
- विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के प्रति लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ उमरिया-ताला मार्ग पर एक कार सवार युवक ने सड़क किनारे खड़े चीतल को केला खिलाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन तत्काल हरकत में आ गया है। जानकारी के अनुसार, शनिवार को कार नंबर 26 BH 4973 में सवार यह युवक उमरिया-ताला मार्ग से गुजर रहा था। उसने चीतल को देखकर गाड़ी रोकी और उसे पास बुलाकर केला खिलाने लगा। मौके पर मौजूद कुछ राहगीरों और प्रत्यक्षदर्शियों ने उसे वन्यजीवों को बाहरी खाद्य पदार्थ न खिलाने की सलाह दी, क्योंकि यह नियमों के विरुद्ध है, लेकिन युवक ने उनकी बात नहीं मानी और चीतल को भोजन देता रहा। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों ने इस लापरवाही पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। मामला संज्ञान में आने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया गया है। वाहन के नंबर के आधार पर युवक की पहचान की जा रही है, और पहचान होते ही उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि टाइगर रिजर्व या किसी भी वन क्षेत्र में वन्यजीवों को बाहरी खाद्य पदार्थ खिलाना, उनके प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप करना या उनके अत्यधिक करीब जाने का प्रयास करना कानूनन अपराध है। इससे वन्यजीवों की प्राकृतिक आदतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और भविष्य में मानव एवं वन्यजीव संघर्ष की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। वन विभाग ने पर्यटकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे जंगल भ्रमण के दौरान वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उन्हें किसी भी प्रकार का भोजन न दें। अधिकारियों ने दोहराया कि वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक व्यवहार को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1