पाकुड़ के एलीट पब्लिक स्कूल में शनिवार को एक अंतर सदन वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी तार्किक क्षमता, प्रभावशाली वक्तृत्व कला और समसामयिक विषयों की समझ का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास और स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद की भावना को विकसित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जहां वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि वाद-विवाद का उद्देश्य किसी को पराजित करना नहीं, बल्कि विचारों का आदान-प्रदान, तर्कपूर्ण चर्चा और सत्य की खोज करना है। प्रतियोगिता का मुख्य विषय "क्या विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) उचित है या अनुचित?" रखा गया था। इस विषय पर नालंदा, विक्रमशिला, तक्षशिला और पंचशिला सदन के प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष में संवैधानिक प्रावधानों, समसामयिक घटनाओं और तथ्यों के आधार पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल द्वारा विषय की समझ, तर्कशक्ति, भाषा, प्रस्तुति, आत्मविश्वास और समय-प्रबंधन के आधार पर किए गए मूल्यांकन में नालंदा सदन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि विक्रमशिला सदन उपविजेता रहा। दोनों विजेता टीमों को ट्रॉफी और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक अरविंद साह, सह-निदेशक अनुपम आनंद और प्रधानाचार्य अभिजीत राय ने सभी प्रतिभागियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बहस लोकतांत्रिक समाज की पहचान है और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में अंग्रेजी विभाग के स्नातकोत्तर शिक्षक बिट्टू लाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही और विद्यालय परिवार ने ऐसे आयोजनों को आगे भी जारी रखने की बात कही है।
पाकुड़ के एलीट पब्लिक स्कूल में शनिवार को एक अंतर सदन वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी तार्किक क्षमता, प्रभावशाली वक्तृत्व कला और समसामयिक विषयों की समझ का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास और स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद की भावना को विकसित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जहां वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि वाद-विवाद का उद्देश्य किसी को पराजित करना नहीं, बल्कि विचारों का आदान-प्रदान, तर्कपूर्ण चर्चा और सत्य की खोज करना है। प्रतियोगिता का मुख्य विषय "क्या विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) उचित है या अनुचित?" रखा गया था। इस विषय पर नालंदा, विक्रमशिला, तक्षशिला और पंचशिला सदन के प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष में संवैधानिक प्रावधानों, समसामयिक घटनाओं और तथ्यों के आधार पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल द्वारा विषय की समझ, तर्कशक्ति, भाषा, प्रस्तुति, आत्मविश्वास और समय-प्रबंधन के आधार पर किए गए मूल्यांकन में नालंदा सदन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि विक्रमशिला सदन उपविजेता रहा। दोनों विजेता टीमों को ट्रॉफी और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक अरविंद साह, सह-निदेशक अनुपम आनंद और प्रधानाचार्य अभिजीत राय ने सभी प्रतिभागियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बहस लोकतांत्रिक समाज की पहचान है और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में अंग्रेजी विभाग के स्नातकोत्तर शिक्षक बिट्टू लाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही और विद्यालय परिवार ने ऐसे आयोजनों को आगे भी जारी रखने की बात कही है।
- साहिबगंज जिले के उधवा शहर की सड़कों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। इस रास्ते से नेता, पुलिस और मुखिया समेत सभी लोग गुजरते हैं, लेकिन उधवा के इस हाल पर किसी की भी नजर नहीं पड़ रही है। इस बदहाली को लेकर निराशा जताई गई है कि आखिर जिम्मेदार लोग और आम जनता उधवा की इस खस्ताहाल स्थिति की लगातार अनदेखी कर रहे हैं।1
- झारखंड के गोड्डा में प्यार की एक ऐसी अंधी कहानी सामने आई है, जहां एक मौसी को बेटी से प्यार हो गया। इस अनोखे रिश्ते को देखकर लोग पूरी तरह हैरान रह गए, जिसके बाद दोनों ने आपस में शादी भी कर ली। मौसी और बेटी के बीच हुई यह शादी अब हर तरफ जमकर वायरल हो रही है और लोग इसे देखकर दंग हैं।1
- झारखंड के गोड्डा जिले के मेहरमा में जंगल का एक खतरनाक दृश्य सामने आया है, जो इस दुनिया में छुपी बातों को दर्शाता है।1
- follow me guys aisi video ke liye like karo comment kar lo bhai log1
- साहिबगंज के लाल बथानी के एक बच्चे ने कबड्डी खेलते हुए बड़ी जीत हासिल की है। इस शानदार उपलब्धि पर बच्चे का हौसला बढ़ाते हुए लोगों से पूछा गया है कि क्या वे इस बड़ी जीत पर उसे बधाई नहीं देंगे। संदेश में खेल के महत्व पर जोर देते हुए कहा गया है कि अगर खेल है तो जिंदगी मस्त है। खेल खेलने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और इंसान स्वस्थ रहता है।1
- गोड्डा के मेहरमा में आधी रात को एटीएम से पैसे निकालने के बाद बिहार पुलिस के एक गार्ड और आम जनता (पब्लिक) के बीच हुई बातचीत का मामला सामने आया है। इस घटना में देखा जा सकता है कि आधी रात को एटीएम से पैसे निकालने के निर्णय को गार्ड ने किस रूप में लिया और इसके बाद सुरक्षा में तैनात गार्ड व पब्लिक के बीच किस तरह की बातचीत और बहस हुई।1
- बांका जिले में अवर निरीक्षक मद्य निषेध भर्ती प्रारंभिक लिखित परीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आ रहा है। इसी सिलसिले में जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षार्थियों की जांच, पहचान सत्यापन, बैठने की व्यवस्था और पूरी परीक्षा संचालन प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया। परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा बिहार सरकार के सभी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जानी चाहिए। बांका जिले में इस परीक्षा के सफल आयोजन के लिए कुल 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कड़ी निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।1
- गंगा जलमार्ग के माध्यम से बिहार के बेगूसराय स्थित बरौनी रिफाइनरी को एक बड़ी सौगात मिली है। कोलकाता के डायमंड हार्बर बंदरगाह से भेजा गया 1,668 मीट्रिक टन वजनी डेप्रोपेनाइजर स्प्लिटर और डीथेनाइजर तीन कार्गो जलयानों के जरिए 713 किलोमीटर की लंबी यात्रा तय करके बेगूसराय के सिमरिया पहुंच गया है। ये अत्याधुनिक इकाइयां बरौनी रिफाइनरी के विस्तार और आधुनिकीकरण के कार्यों में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।1