देवरी कलाँ की ‘श्री राधेकृष्ण गौशाला’ में भारी अव्यवस्था मवेशियों के गायब होने और फंड गबन के गंभीर आरोप, उपसरपंच ने कलेक्टर से की जाँच की माँग l लहार..ग्राम पंचायत देवरी कलाँ स्थित ‘श्री राधेकृष्ण गौशाला’ में मवेशियों की बदहाली, भ्रष्टाचार और गायों के गायब होने का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के उपसरपंच पंकज तिवारी ने गौशाला की जमीनी हकीकत उजागर करते हुए पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया है। उप सरपंच पंकज तिवारी के अनुसार, गौशाला में लंबे समय से गोवंश के लिए चारे-पानी (सानी) का कोई उचित प्रबंध नहीं है। पूरा परिसर कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुका है, जहाँ देखरेख के लिए कोई कर्मचारी तक मौजूद नहीं रहता। सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण आवारा कुत्ते परिसर में घुसकर असहाय और छोटे बछड़ों को नोच-नोच कर मार रहे हैं। कई बछड़े गंभीर रूप से घायल अवस्था में तड़पते पाए गए हैं, जिनके कान और शरीर को कुत्तों ने बुरी तरह लहूलुहान कर दिया है। *दुधारू गायों को बेचने का आरोप* उपसरपंच ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करीब 20 दिन पहले तक गौशाला में 20 बछड़े और 20 दुधारू गायें मौजूद थीं। अब यहाँ से रोजाना दो से तीन गायें गायब की जा रही हैं और उन्हें बेचे जाने की प्रबल आशंका है। जब इस संबंध में पंचायत सचिव से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने गौशाला की स्थिति से पूरी तरह अनभिज्ञता जताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। *कागजों पर लाखों का खर्च, धरातल पर शून्य* तिवारी ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल और सरकारी रिकॉर्ड में गौशाला के संचालन व रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये की राशि निकाली जा चुकी है। लेकिन धरातल पर न तो चारे की व्यवस्था है और न ही मवेशियों की सुरक्षा का कोई साधन। यह साफ तौर पर शासकीय राशि की बंदरबांट का मामला है। उप सरपंच पंकज तिवारी ने जिला कलेक्टर एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से इस पूरे प्रकरण को संज्ञान में लेने की अपील की है। उन्होंने गौशाला में हुए वित्तीय भ्रष्टाचार, गोवंश की मौत और गायब हो रही गायों के मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जाँच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की माँग की है।
देवरी कलाँ की ‘श्री राधेकृष्ण गौशाला’ में भारी अव्यवस्था मवेशियों के गायब होने और फंड गबन के गंभीर आरोप, उपसरपंच ने कलेक्टर से की जाँच की माँग l लहार..ग्राम पंचायत देवरी कलाँ स्थित ‘श्री राधेकृष्ण गौशाला’ में मवेशियों की बदहाली, भ्रष्टाचार और गायों के गायब होने का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के उपसरपंच पंकज तिवारी ने गौशाला की जमीनी हकीकत उजागर करते हुए पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया है। उप सरपंच पंकज तिवारी के अनुसार, गौशाला में लंबे समय से गोवंश के लिए चारे-पानी (सानी) का कोई उचित प्रबंध नहीं है। पूरा परिसर कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुका है, जहाँ देखरेख के लिए कोई कर्मचारी तक मौजूद नहीं रहता। सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण आवारा कुत्ते परिसर में घुसकर असहाय और छोटे बछड़ों को नोच-नोच कर मार रहे हैं। कई बछड़े गंभीर रूप से घायल अवस्था में तड़पते पाए गए हैं, जिनके कान और शरीर को कुत्तों ने बुरी तरह लहूलुहान कर दिया है। *दुधारू गायों को बेचने का आरोप* उपसरपंच ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करीब 20 दिन पहले तक गौशाला में 20 बछड़े और 20 दुधारू गायें मौजूद थीं। अब यहाँ से रोजाना दो से तीन गायें गायब की जा रही हैं और उन्हें बेचे जाने की प्रबल आशंका है। जब इस संबंध में पंचायत सचिव से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने गौशाला की स्थिति से पूरी तरह अनभिज्ञता जताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। *कागजों पर लाखों का खर्च, धरातल पर शून्य* तिवारी ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल और सरकारी रिकॉर्ड में गौशाला के संचालन व रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये की राशि निकाली जा चुकी है। लेकिन धरातल पर न तो चारे की व्यवस्था है और न ही मवेशियों की सुरक्षा का कोई साधन। यह साफ तौर पर शासकीय राशि की बंदरबांट का मामला है। उप सरपंच पंकज तिवारी ने जिला कलेक्टर एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से इस पूरे प्रकरण को संज्ञान में लेने की अपील की है। उन्होंने गौशाला में हुए वित्तीय भ्रष्टाचार, गोवंश की मौत और गायब हो रही गायों के मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जाँच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की माँग की है।
- देवरी कलाँ की ‘श्री राधेकृष्ण गौशाला’ में भारी अव्यवस्था मवेशियों के गायब होने और फंड गबन के गंभीर आरोप, उपसरपंच ने कलेक्टर से की जाँच की माँग l लहार..ग्राम पंचायत देवरी कलाँ स्थित ‘श्री राधेकृष्ण गौशाला’ में मवेशियों की बदहाली, भ्रष्टाचार और गायों के गायब होने का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के उपसरपंच पंकज तिवारी ने गौशाला की जमीनी हकीकत उजागर करते हुए पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया है। उप सरपंच पंकज तिवारी के अनुसार, गौशाला में लंबे समय से गोवंश के लिए चारे-पानी (सानी) का कोई उचित प्रबंध नहीं है। पूरा परिसर कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुका है, जहाँ देखरेख के लिए कोई कर्मचारी तक मौजूद नहीं रहता। सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण आवारा कुत्ते परिसर में घुसकर असहाय और छोटे बछड़ों को नोच-नोच कर मार रहे हैं। कई बछड़े गंभीर रूप से घायल अवस्था में तड़पते पाए गए हैं, जिनके कान और शरीर को कुत्तों ने बुरी तरह लहूलुहान कर दिया है। *दुधारू गायों को बेचने का आरोप* उपसरपंच ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करीब 20 दिन पहले तक गौशाला में 20 बछड़े और 20 दुधारू गायें मौजूद थीं। अब यहाँ से रोजाना दो से तीन गायें गायब की जा रही हैं और उन्हें बेचे जाने की प्रबल आशंका है। जब इस संबंध में पंचायत सचिव से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने गौशाला की स्थिति से पूरी तरह अनभिज्ञता जताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। *कागजों पर लाखों का खर्च, धरातल पर शून्य* तिवारी ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल और सरकारी रिकॉर्ड में गौशाला के संचालन व रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये की राशि निकाली जा चुकी है। लेकिन धरातल पर न तो चारे की व्यवस्था है और न ही मवेशियों की सुरक्षा का कोई साधन। यह साफ तौर पर शासकीय राशि की बंदरबांट का मामला है। उप सरपंच पंकज तिवारी ने जिला कलेक्टर एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से इस पूरे प्रकरण को संज्ञान में लेने की अपील की है। उन्होंने गौशाला में हुए वित्तीय भ्रष्टाचार, गोवंश की मौत और गायब हो रही गायों के मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जाँच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की माँग की है।1
- दतिया के सेवढ़ा के सनकुआं धाम में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने बाढ़ और आपदा से बचाव को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया। करीब दो घंटे चले इस प्रशिक्षण में 35 जवानों को बाढ़ के दौरान खुद को सुरक्षित रखने और डूबते व्यक्ति का बचाव करने की तकनीकें सिखाई गईं। लोकेशन दतिया रिपोर्ट रामबाबू जाटव 9039 222049 एंकर: दतिया के सेवढ़ा के सनकुआं धाम में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने बाढ़ और आपदा से बचाव को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया। करीब दो घंटे चले इस प्रशिक्षण में 35 जवानों को बाढ़ के दौरान खुद को सुरक्षित रखने और डूबते व्यक्ति का बचाव करने की तकनीकें सिखाई गईं। वीओ: एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट मोमराम अशपाक के नेतृत्व में ग्वालियर से पहुंची टीम ने मौके पर विभिन्न बचाव तकनीकों का प्रैक्टिकल प्रदर्शन किया। टीम ने बताया कि तेज बहाव वाले पानी में बिना सुरक्षा के उतरना खतरनाक हो सकता है। वहीं आपात स्थिति में खाली प्लास्टिक बोतल, नारियल और लकड़ी जैसी उपलब्ध वस्तुओं से अस्थायी सहारा तैयार करने की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान आधा दर्जन से अधिक बचाव तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों ने भी प्रशिक्षण देखा। बाइट: एनडीआरएफ अधिकारी/प्रशिक्षण प्रभारी वीओ: मौके पर एसडीएम अशोक अवस्थी, तहसीलदार राजेंद्र सिंह जाटव, सीएमओ महिपाल सिंह यादव सहित एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीम और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। एंकर आउट: अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय जागरूकता, सावधानी और सही बचाव तकनीक का इस्तेमाल जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है।1
- उरई परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा निर्गत आदेशों के अनुक्रम में बस-बाॅडी कोड एवं ऊँचाई मानकों के अनुपालन, अतिरिक्त सामान/कैरियर पर उरई परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा निर्गत आदेशों के अनुक्रम में बस-बाॅडी कोड एवं ऊँचाई मानकों के अनुपालन, अतिरिक्त सामान/कैरियर पर अत्यधिक लोड की जाँच तथा यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष प्रवर्तन अभियान "ऑपरेशन कवच-2.0’’ दिनांक 28, 29 एवं 30 सितम्बर 2026 को तीन दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान (24 घण्टे अनवरित) संचालित किया जा रहा है। जनपद में एक अधिकारी की कमी होने के कारण उक्त अभियान में अन्य सम्भाग के अधिकारियों की भी ड्यूटी लगायी गयी है। दिनांक 28 सितम्बर 2026 की रात्रि एवं 29 सितम्बर 2026 के पूर्वान्ह् तक राजेश कुमार सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), जालौन द्वारा नियम विरुद्ध पायी गयीं 02 स्लीपर बसों व हेमचन्द्र गौतम, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), झाँसी द्वारा 02 स्लीपर बसों तथा आनन्द राय कुरील, यात्रीकर/मालकर अधिकारी, जालौन द्वारा 01 स्लीपर बस के विरुद्ध चालान/निरुद्ध की कार्यवाही करते हुए जनपद के विभिन्न थानों में निरुद्ध किया गया तथा इसके अतिरिक्त काफी बड़ी संख्या में अन्य अभियोगों में भी बसों के चालान किये गये। अभियान के दौरान यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया, जिन बसों के विरुद्ध निरुद्ध की कार्यवाही की गयी, उनके यात्रियों को गन्तव्य तक पहुँचाने हेतु उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, उरई (जालौन) की बसों की सहयोग से वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गयी। बसों द्वारा की जानी वाली यात्रा को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु उक्त अभियान अग्रिम आदेशों तक निरन्तर जारी रहेगा।1
- जालौन जिले में एक बार फिर से विभिन्न स्थानों पर घटित घटनाक्रम को लेकर खबरनामा नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले में विभिन्न स्थानों पर घटित घटनाक्रम को लेकर खास खबरनामा दिखाने जा रहे हैं तो आप शुरू एप्प पर देखें खास रिपोर्ट देवेश कुमार स्वर्णकार के साथ1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | जालौन जालौन: मामूली कहासुनी में दो पक्षों में जमकर चले लाठी-डंडे, फटे सिर जालौन नगर के मुहल्ला चिमनदुबे में मंगलवार को मामूली कहासुनी के बाद दो पक्षों में विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे, जिसमें कई लोग घायल होने की सूचना है और कुछ लोगों के सिर फट गए। विवाद के बाद दोनों पक्ष कोतवाली जालौन पहुंच गए, जहां पुलिस ने मामले की जानकारी लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | जालौन जालौन: मामूली कहासुनी में दो पक्षों में जमकर चले लाठी-डंडे, फटे सिर जालौन नगर के मुहल्ला चिमनदुबे में मंगलवार को मामूली कहासुनी के बाद दो पक्षों में विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे, जिसमें कई लोग घायल होने की सूचना है और कुछ लोगों के सिर फट गए। विवाद के बाद दोनों पक्ष कोतवाली जालौन पहुंच गए, जहां पुलिस ने मामले की जानकारी लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।1
- जालौन में मामूली कहासुनी में दो पक्षों में जमकर चले लाठी-डंडे, फटे सिर जालौन नगर के मुहल्ला चिमनदुबे में मंगलवार को मामूली कहासुनी के बाद दो पक्षों में विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे, जिसमें कई लोग घायल होने की सूचना है और कुछ लोगों के सिर फट गए। विवाद के बाद दोनों पक्ष कोतवाली जालौन पहुंच गए, जहां पुलिस ने मामले की जानकारी लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।2
- कोंच में सेवा संकल्प अभियान में रंगों का संगम, छात्राओं ने प्राकृतिक सामग्री से बनाई रंगोलियां जालौन के कोंच के सेवा संकल्प अभियान के तहत मंगलवार दोपहर 2:30 बजे महाविद्यालय परिसर में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि रंगोली तैयार करने में कृत्रिम रंगों के बजाय फूल, पत्तियां और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग किया गया। प्राकृतिक सामग्री से सजी रंगोलियां परिसर में आकर्षण का केंद्र रहीं। छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के फूलों की पंखुड़ियों, हरी पत्तियों और अन्य प्राकृतिक सामग्री को कलात्मक ढंग से सजाकर आकर्षक डिजाइन तैयार किए। प्रतिभागियों ने प्राकृतिक संसाधनों के रंग, आकार और स्वरूप का बेहतर संयोजन करते हुए अपनी कल्पनाशीलता को रंगोली के माध्यम से प्रस्तुत किया। अलग-अलग डिजाइन और प्राकृतिक रंगों से सजी रंगोलियों को देखने के लिए छात्राओं और महाविद्यालय परिवार में उत्साह नजर आया। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता को बढ़ावा देने के साथ ही उन्हें प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जागरूक करना रहा। छात्राओं ने प्राकृतिक सामग्री का उपयोग कर यह संदेश दिया कि प्रकृति में उपलब्ध संसाधनों का रचनात्मक और उपयोगी तरीके से प्रयोग किया जा सकता है। प्रतियोगिता में तैयार रंगोलियों का निर्णायक मंडल ने बारीकी से निरीक्षण किया। मूल्यांकन में रचनात्मकता, प्राकृतिक सामग्री का उपयोग, डिजाइन, सजावट, रंग संयोजन और प्रस्तुति को आधार बनाया गया। प्रतियोगिता में आशी पटेल और स्नेहा पटेल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। ऋषिका पुरोहित द्वितीय रहीं, जबकि पूजा पटेल, रश्मि गौतम, काजल और कशिश पटेल ने तृतीय स्थान हासिल किया। निर्णायक मंडल में डॉ. मधुर लता द्विवेदी, डॉ. अल्पना सिंह, डॉ. लवकेश कुमार और कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र नाथ मिश्रा शामिल रहे। निर्णायकों ने छात्राओं की रचनात्मकता और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में कला और रचनात्मकता के साथ प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में सहायक होती हैं। प्रतियोगिता में छात्राओं की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम सफल रहा। रंगोली के माध्यम से सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों को रचनात्मक गतिविधि से जोड़ते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और बेहतर उपयोग का संदेश दिया गया।1
- कोंच,विधिक साक्षरता दिवस पर छात्राओं को पॉक्सो एक्ट और निशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी जालौन जे कोंच नगर स्थित जीजीआईसी कॉलेज में मंगलवार को दोपहर एक बजे विधिक साक्षरता एवं जागरूकता दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सिविल जज सतनाम सिंह और तहसीलदार कोंच मनोज कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम अहिंसा दिवस के विशेष अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट 2012 तथा निशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जागरूक करने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने बताया कि बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण और अपराध से बचाने के लिए कानून में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने छात्राओं से किसी भी तरह की परेशानी होने पर बिना डर के परिजनों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने की अपील की। सिविल जज सतनाम सिंह ने कहा कि कानूनी जानकारी प्रत्येक व्यक्ति के लिए जरूरी है। अपने अधिकारों और कानून के प्रावधानों की जानकारी होने से लोग समय पर उचित कदम उठा सकते हैं। वहीं तहसीलदार मनोज कुमार ने भी छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि कानून सभी को सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए है। कार्यक्रम में पीएलबी न्याय विभाग की स्नेह राजा, पीएलवी जगपाल सतनाम, डॉ. साबी मिश्रा, अल्का भारती, प्राची, दिव्या, डोली और पूनम सहित विद्यालय का स्टाफ व छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने कानूनी प्रावधानों से संबंधित जानकारी प्राप्त की और अपनी जिज्ञासाओं के बारे में भी चर्चा की।1