कविता 🔥 क्रांति का बिगुल 🔥 कलम भी मेरी, आवाज़ भी मेरी — अब बदलाव की बारी है! रचनाकार: सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ मैं चिंगारी बनकर निकली हूँ, तूफ़ानों से टकराने को, सोई हुई इस दुनिया को, सच का आईना दिखाने को। मेरे शब्दों में आग भी है, आँखों में अंगार है, मैं सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ हूँ, मेरा संघर्ष ही हथियार है! अब चुप्पी की दीवारों पर, हथौड़ा बनकर वार करो, अन्यायों के सिंहासन से, सच का नया शृंगार करो। जो भूखे पेट सोते हैं, उनके हक़ की बात करो, जो बेटियाँ डरकर जीती हैं, उनके सपनों की बात करो! नारी को अबला कहने वालों, इतिहास उठाकर देखो, झाँसी की रानी के साहस को, अपने भीतर झाँककर देखो। जिस दिन नारी जाग उठेगी, हर जंजीर पिघल जाएगी, अन्यायों की ऊँची दीवारें, मिट्टी में मिल जाएँगी! न सत्ता से सम्मान माँगूँ, न झूठी जय-जयकार मुझे, जनता के आँसू पोंछ सकूँ, बस इतना अधिकार मुझे। मेरी कलम बिकने वाली नहीं, मेरा ज़मीर आज़ाद रहेगा, जब तक साँसें चलती हैं, सच का परचम आबाद रहेगा! उठो जवानों, उठो किसानों, अपने अधिकार पहचानो, जाति-धर्म की दीवारें तोड़ो, इंसान को इंसान मानो। नफ़रत की आँधी थम जाएगी, प्रेम का दीप जलाना है, भारत माँ के आँगन में, न्याय का सूरज लाना है! मैं महज़ शब्दों की कवयित्री नहीं, जन-जन की हुंकार हूँ, दबे-कुचले लोगों के हक़ की, मैं निर्भीक ललकार हूँ। मेरी कविता मेरा संकल्प, मेरा जनहित अभियान है, सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ की कलम ही, मेरे भारत की पहचान है! 🚩 इंकलाब का अर्थ है— अन्याय के आगे न झुकना, और बदलाव की शुरुआत स्वयं से करना! 🚩 जनहित सर्व समाज सेवा समिति संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश कविता 🔥 क्रांति का बिगुल 🔥 कलम भी मेरी, आवाज़ भी मेरी — अब बदलाव की बारी है! रचनाकार: सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ मैं चिंगारी बनकर निकली हूँ, तूफ़ानों से टकराने को, सोई हुई इस दुनिया को, सच का आईना दिखाने को। मेरे शब्दों में आग भी है, आँखों में अंगार है, मैं सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ हूँ, मेरा संघर्ष ही हथियार है! अब चुप्पी की दीवारों पर, हथौड़ा बनकर वार करो, अन्यायों के सिंहासन से, सच का नया शृंगार करो। जो भूखे पेट सोते हैं, उनके हक़ की बात करो, जो बेटियाँ डरकर जीती हैं, उनके सपनों की बात करो! नारी को अबला कहने वालों, इतिहास उठाकर देखो, झाँसी की रानी के साहस को, अपने भीतर झाँककर देखो। जिस दिन नारी जाग उठेगी, हर जंजीर पिघल जाएगी, अन्यायों की ऊँची दीवारें, मिट्टी में मिल जाएँगी! न सत्ता से सम्मान माँगूँ, न झूठी जय-जयकार मुझे, जनता के आँसू पोंछ सकूँ, बस इतना अधिकार मुझे। मेरी कलम बिकने वाली नहीं, मेरा ज़मीर आज़ाद रहेगा, जब तक साँसें चलती हैं, सच का परचम आबाद रहेगा! उठो जवानों, उठो किसानों, अपने अधिकार पहचानो, जाति-धर्म की दीवारें तोड़ो, इंसान को इंसान मानो। नफ़रत की आँधी थम जाएगी, प्रेम का दीप जलाना है, भारत माँ के आँगन में, न्याय का सूरज लाना है! मैं महज़ शब्दों की कवयित्री नहीं, जन-जन की हुंकार हूँ, दबे-कुचले लोगों के हक़ की, मैं निर्भीक ललकार हूँ। मेरी कविता मेरा संकल्प, मेरा जनहित अभियान है, सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ की कलम ही, मेरे भारत की पहचान है! 🚩 इंकलाब का अर्थ है— अन्याय के आगे न झुकना, और बदलाव की शुरुआत स्वयं से करना! 🚩 जनहित सर्व समाज सेवा समिति संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश
कविता 🔥 क्रांति का बिगुल 🔥 कलम भी मेरी, आवाज़ भी मेरी — अब बदलाव की बारी है! रचनाकार: सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ मैं चिंगारी बनकर निकली हूँ, तूफ़ानों से टकराने को, सोई हुई इस दुनिया को, सच का आईना दिखाने को। मेरे शब्दों में आग भी है, आँखों में अंगार है, मैं सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ हूँ, मेरा संघर्ष ही हथियार है! अब चुप्पी की दीवारों पर, हथौड़ा बनकर वार करो, अन्यायों के सिंहासन से, सच का नया शृंगार करो। जो भूखे पेट सोते हैं, उनके हक़ की बात करो, जो बेटियाँ डरकर जीती हैं, उनके सपनों की बात करो! नारी को अबला कहने वालों, इतिहास उठाकर देखो, झाँसी की रानी के साहस को, अपने भीतर झाँककर देखो। जिस दिन नारी जाग उठेगी, हर जंजीर पिघल जाएगी, अन्यायों की ऊँची दीवारें, मिट्टी में मिल जाएँगी! न सत्ता से सम्मान माँगूँ, न झूठी जय-जयकार मुझे, जनता के आँसू पोंछ सकूँ, बस इतना अधिकार मुझे। मेरी कलम बिकने वाली नहीं, मेरा ज़मीर आज़ाद रहेगा, जब तक साँसें चलती हैं, सच का परचम आबाद रहेगा! उठो जवानों, उठो किसानों, अपने अधिकार पहचानो, जाति-धर्म की दीवारें तोड़ो, इंसान को इंसान मानो। नफ़रत की आँधी थम जाएगी, प्रेम का दीप जलाना है, भारत माँ के आँगन में, न्याय का सूरज लाना है! मैं महज़ शब्दों की कवयित्री नहीं, जन-जन की हुंकार हूँ, दबे-कुचले लोगों के हक़ की, मैं निर्भीक ललकार हूँ। मेरी कविता मेरा संकल्प, मेरा जनहित अभियान है, सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ की कलम ही, मेरे भारत की पहचान है! 🚩 इंकलाब का अर्थ है— अन्याय के आगे न झुकना, और बदलाव की शुरुआत स्वयं से करना! 🚩 जनहित सर्व समाज सेवा समिति संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश कविता 🔥 क्रांति का बिगुल 🔥 कलम भी मेरी, आवाज़ भी मेरी — अब बदलाव की बारी है! रचनाकार: सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ मैं चिंगारी बनकर निकली हूँ, तूफ़ानों से टकराने को, सोई हुई इस दुनिया को, सच का आईना दिखाने को। मेरे शब्दों में आग भी है, आँखों में अंगार है, मैं सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ हूँ, मेरा संघर्ष ही हथियार है! अब चुप्पी की दीवारों पर, हथौड़ा बनकर वार करो, अन्यायों के सिंहासन से, सच का नया शृंगार करो। जो भूखे पेट सोते हैं, उनके हक़ की बात करो, जो बेटियाँ डरकर जीती हैं, उनके सपनों की बात करो! नारी को अबला कहने वालों, इतिहास उठाकर देखो, झाँसी की रानी के साहस को, अपने भीतर झाँककर देखो। जिस दिन नारी जाग उठेगी, हर जंजीर पिघल जाएगी, अन्यायों की ऊँची दीवारें, मिट्टी में मिल जाएँगी! न सत्ता से सम्मान माँगूँ, न झूठी जय-जयकार मुझे, जनता के आँसू पोंछ सकूँ, बस इतना अधिकार मुझे। मेरी कलम बिकने वाली नहीं, मेरा ज़मीर आज़ाद रहेगा, जब तक साँसें चलती हैं, सच का परचम आबाद रहेगा! उठो जवानों, उठो किसानों, अपने अधिकार पहचानो, जाति-धर्म की दीवारें तोड़ो, इंसान को इंसान मानो। नफ़रत की आँधी थम जाएगी, प्रेम का दीप जलाना है, भारत माँ के आँगन में, न्याय का सूरज लाना है! मैं महज़ शब्दों की कवयित्री नहीं, जन-जन की हुंकार हूँ, दबे-कुचले लोगों के हक़ की, मैं निर्भीक ललकार हूँ। मेरी कविता मेरा संकल्प, मेरा जनहित अभियान है, सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ की कलम ही, मेरे भारत की पहचान है! 🚩 इंकलाब का अर्थ है— अन्याय के आगे न झुकना, और बदलाव की शुरुआत स्वयं से करना! 🚩 जनहित सर्व समाज सेवा समिति संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश
- कविता 🔥 क्रांति का बिगुल 🔥 कलम भी मेरी, आवाज़ भी मेरी — अब बदलाव की बारी है! रचनाकार: सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ मैं चिंगारी बनकर निकली हूँ, तूफ़ानों से टकराने को, सोई हुई इस दुनिया को, सच का आईना दिखाने को। मेरे शब्दों में आग भी है, आँखों में अंगार है, मैं सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ हूँ, मेरा संघर्ष ही हथियार है! अब चुप्पी की दीवारों पर, हथौड़ा बनकर वार करो, अन्यायों के सिंहासन से, सच का नया शृंगार करो। जो भूखे पेट सोते हैं, उनके हक़ की बात करो, जो बेटियाँ डरकर जीती हैं, उनके सपनों की बात करो! नारी को अबला कहने वालों, इतिहास उठाकर देखो, झाँसी की रानी के साहस को, अपने भीतर झाँककर देखो। जिस दिन नारी जाग उठेगी, हर जंजीर पिघल जाएगी, अन्यायों की ऊँची दीवारें, मिट्टी में मिल जाएँगी! न सत्ता से सम्मान माँगूँ, न झूठी जय-जयकार मुझे, जनता के आँसू पोंछ सकूँ, बस इतना अधिकार मुझे। मेरी कलम बिकने वाली नहीं, मेरा ज़मीर आज़ाद रहेगा, जब तक साँसें चलती हैं, सच का परचम आबाद रहेगा! उठो जवानों, उठो किसानों, अपने अधिकार पहचानो, जाति-धर्म की दीवारें तोड़ो, इंसान को इंसान मानो। नफ़रत की आँधी थम जाएगी, प्रेम का दीप जलाना है, भारत माँ के आँगन में, न्याय का सूरज लाना है! मैं महज़ शब्दों की कवयित्री नहीं, जन-जन की हुंकार हूँ, दबे-कुचले लोगों के हक़ की, मैं निर्भीक ललकार हूँ। मेरी कविता मेरा संकल्प, मेरा जनहित अभियान है, सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ की कलम ही, मेरे भारत की पहचान है! 🚩 इंकलाब का अर्थ है— अन्याय के आगे न झुकना, और बदलाव की शुरुआत स्वयं से करना! 🚩 जनहित सर्व समाज सेवा समिति संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश कविता 🔥 क्रांति का बिगुल 🔥 कलम भी मेरी, आवाज़ भी मेरी — अब बदलाव की बारी है! रचनाकार: सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ मैं चिंगारी बनकर निकली हूँ, तूफ़ानों से टकराने को, सोई हुई इस दुनिया को, सच का आईना दिखाने को। मेरे शब्दों में आग भी है, आँखों में अंगार है, मैं सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ हूँ, मेरा संघर्ष ही हथियार है! अब चुप्पी की दीवारों पर, हथौड़ा बनकर वार करो, अन्यायों के सिंहासन से, सच का नया शृंगार करो। जो भूखे पेट सोते हैं, उनके हक़ की बात करो, जो बेटियाँ डरकर जीती हैं, उनके सपनों की बात करो! नारी को अबला कहने वालों, इतिहास उठाकर देखो, झाँसी की रानी के साहस को, अपने भीतर झाँककर देखो। जिस दिन नारी जाग उठेगी, हर जंजीर पिघल जाएगी, अन्यायों की ऊँची दीवारें, मिट्टी में मिल जाएँगी! न सत्ता से सम्मान माँगूँ, न झूठी जय-जयकार मुझे, जनता के आँसू पोंछ सकूँ, बस इतना अधिकार मुझे। मेरी कलम बिकने वाली नहीं, मेरा ज़मीर आज़ाद रहेगा, जब तक साँसें चलती हैं, सच का परचम आबाद रहेगा! उठो जवानों, उठो किसानों, अपने अधिकार पहचानो, जाति-धर्म की दीवारें तोड़ो, इंसान को इंसान मानो। नफ़रत की आँधी थम जाएगी, प्रेम का दीप जलाना है, भारत माँ के आँगन में, न्याय का सूरज लाना है! मैं महज़ शब्दों की कवयित्री नहीं, जन-जन की हुंकार हूँ, दबे-कुचले लोगों के हक़ की, मैं निर्भीक ललकार हूँ। मेरी कविता मेरा संकल्प, मेरा जनहित अभियान है, सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ की कलम ही, मेरे भारत की पहचान है! 🚩 इंकलाब का अर्थ है— अन्याय के आगे न झुकना, और बदलाव की शुरुआत स्वयं से करना! 🚩 जनहित सर्व समाज सेवा समिति संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश1
- थाना कृष्णा नगर की सर्राफा चौकी अंतर्गत आलमबाग के सर्राफा बाजार में बीती रात बद्री प्रसाद ज्वैलर्स के शोरूम में लगी आग लखनऊ थाना कृष्णा नगर की सर्राफा चौकी अंतर्गत आलमबाग के सर्राफा बाजार में बीती रात बद्री प्रसाद ज्वैलर्स के शोरूम में लगी आग2
- *बुलंदशहर: खुर्जा के ओयो होटल में पुलिस की छापेमारी...* दो युवक और दो युवतियां पकड़ी गईं। एक कमरे में हिंदू छात्रा के साथ मुस्लिम युवक मिलने की सूचना पर राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे और हंगामा किया... छात्रा के बैग से किताबें-कॉपियां मिलीं, होटल में फर्जी पहचान पत्र के आधार पर कमरे देने और कथित देह व्यापार के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है... पकड़े गए युवक-युवतियों से पूछताछ के साथ उनके परिजनों से संपर्क कर थाने बुलाया गया... *बुलंदशहर: खुर्जा के ओयो होटल में पुलिस की छापेमारी...* दो युवक और दो युवतियां पकड़ी गईं। एक कमरे में हिंदू छात्रा के साथ मुस्लिम युवक मिलने की सूचना पर राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे और हंगामा किया... छात्रा के बैग से किताबें-कॉपियां मिलीं, होटल में फर्जी पहचान पत्र के आधार पर कमरे देने और कथित देह व्यापार के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है... पकड़े गए युवक-युवतियों से पूछताछ के साथ उनके परिजनों से संपर्क कर थाने बुलाया गया...1
- Lucknow Triple Murder Case : आरोपी के मकान पर चला बुलडोजर, सहादतगंज में बड़ी कार्रवाई! #LucknowTripleMurder #BulldozerAction #Saadatganj #LucknowNews #UPPolice #CrimeNews #BharatSamachar Lucknow Triple Murder Case : आरोपी के मकान पर चला बुलडोजर, सहादतगंज में बड़ी कार्रवाई!1
- लखनऊ-सहादतगंज क्षेत्र मे हुए ट्रिपल हत्याकांड में lda की कार्रवाई आरोपी के घर को एलडीए ने किया सील अवैध निर्माण घोषित करके चारों तरफ से घर सील LDA की कई टीमें मौके पर लखनऊ-सहादतगंज क्षेत्र मे हुए ट्रिपल हत्याकांड में lda की कार्रवाई आरोपी के घर को एलडीए ने किया सील अवैध निर्माण घोषित करके चारों तरफ से घर सील LDA की कई टीमें मौके पर अधिकारियों के साथ मौके पर मौजूद मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी ट्रिपल हत्याकांड के बाद आरोपी के घर पर कार्रवाई1
- Lucknow LDA *लखनऊ की पहचान - ऐतिहासिक मोती झील को जिंदा दफनाया जा रहा है!* आबादी के बीचों-बीच शहर की इस धरोहर झील को मलबे और खनन की मिट्टी से पाट कर प्लॉट बना कर बेचने का खेल चल रहा है। चंद पैसों की कमाई के लिए सफेदपोश नेताओं का गैंग पीछे से पूरा सिस्टम चला रहा है। क्षेत्र में भारी आक्रोश है। लोग कह रहे हैं - विधायक चुप हैं, पार्षद ने मुंह बंद कर लिया, अधिकारी देख कर भी अनदेखा कर रहे हैं। जनता तमाशा देख रही है। याद रखिए - तालाब पाटना पर्यावरण हत्या है, हाईकोर्ट और NGT के आदेशों का सीधा उल्लंघन है। एक जांच हुई तो पाटन करने वाली जेसीबी से लेकर परमिशन देने वाले तक सबकी फाइल खुलेगी। LDA और जिला प्रशासन से सीधी कहना - मोती झील का पाटन तुरंत रोका जाए, नहीं तो जनता सड़क पर उतरेगी।1
- चक्रवात 'अर्नव' का आंध्र प्रदेश तट पर असर, 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं, विशाखापट्टनम में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं, आंध्र प्रदेश और यानम में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी, ओडिशा के तटीय जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड में भी असर पड़ने की आशंका1
- मुजफ्फरनगर: प्रेम विवाह की रंजिश में युवक की हत्या, ईंटों से पीट-पीटकर ली जान, दो आरोपी गिरफ्तार मुजफ्फरनगर के खतौली में प्रेम विवाह की रंजिश में युवक अक्षय कुमार की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवती के परिजनों ने चुना भट्टी रोड पर अक्षय को घेरकर ईंटों से पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। मेरठ में उपचार के दौरान अक्षय की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है बाइट: अमृत जैन, एसपी सिटी, मुजफ्फरनगर इंद्र कुमार, मृतक के चाचा1