ब्यावर में राज्य सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत पत्रकारों ने राजियावास तालाब का भ्रमण कर क्षेत्र में संचालित जल संरक्षण एवं जल संचय गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता श्री पृथ्वीराज ने उपस्थित पत्रकारों को जल संरक्षण के महत्व, वर्षा जल संचयन तथा क्षेत्र में संचालित जल संरचनाओं की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। ग्राम पंचायत राजियावास के सरपंच श्री बृजपाल सिंह रावत ने राजियावास तालाब के स्थानीय महत्व एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए जानकारी दी कि यह तालाब वर्षों से ग्रामीणों के लिए जल का प्रमुख स्रोत रहा है। उन्होंने गांव में चल रही जल संरक्षण गतिविधियों एवं जनसहभागिता से किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी साझा की। कनिष्ठ अभियंता श्री पृथ्वीराज ने यह भी बताया कि जल संसाधन विभाग की मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत फूलसागर जालिया बांध, नारायण सागर बांध एवं रायपुर लूणी बांध क्षेत्र की प्रमुख जल संरचनाएं हैं, जिनसे सिंचाई एवं जल संरक्षण कार्य संचालित हो रहे हैं। उन्होंने विभाग के अधीन ब्यावर क्षेत्र में जवाजा तालाब, राजियावास तालाब, देलवाड़ा तालाब, मकरेड़ा तालाब, बलाड़ तालाब, काबरा तालाब, कालीकांकर तालाब एवं फूलसागर जालिया बांध को प्रमुख जल स्रोत बताया। वहीं, बदनौर क्षेत्र में देव सागर, मसूदा क्षेत्र में नारायण सागर एवं लौहड़ी बांध तथा जैतारण क्षेत्र में रायपुर लूणी बांध, गिरीनन्दा एवं बाबरा प्रमुख जल संरचनाएं हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायत समिति विभाग से हस्तांतरित 96 तालाब भी क्षेत्र में संचालित हैं, जिनके माध्यम से जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण के कार्य किए जा रहे हैं। सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री सतीश सोनी ने बताया कि भ्रमण के दौरान पत्रकारों ने जल संरक्षण कार्यों का अवलोकन किया तथा जल संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
ब्यावर में राज्य सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत पत्रकारों ने राजियावास तालाब का भ्रमण कर क्षेत्र में संचालित जल संरक्षण एवं जल संचय गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता श्री पृथ्वीराज ने उपस्थित पत्रकारों को जल संरक्षण के महत्व, वर्षा जल संचयन तथा क्षेत्र में संचालित जल संरचनाओं की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। ग्राम पंचायत राजियावास के सरपंच श्री बृजपाल सिंह रावत ने राजियावास तालाब के स्थानीय महत्व एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए जानकारी दी कि यह तालाब वर्षों से ग्रामीणों के लिए जल का प्रमुख स्रोत रहा है। उन्होंने गांव में चल रही जल संरक्षण गतिविधियों एवं जनसहभागिता से किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी साझा की। कनिष्ठ अभियंता श्री पृथ्वीराज ने यह भी बताया कि जल संसाधन विभाग की मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत फूलसागर जालिया बांध, नारायण सागर बांध एवं रायपुर लूणी बांध क्षेत्र की प्रमुख जल संरचनाएं हैं, जिनसे सिंचाई एवं जल संरक्षण कार्य संचालित हो रहे हैं। उन्होंने विभाग के अधीन ब्यावर क्षेत्र में जवाजा तालाब, राजियावास तालाब, देलवाड़ा तालाब, मकरेड़ा तालाब, बलाड़ तालाब, काबरा तालाब, कालीकांकर तालाब एवं फूलसागर जालिया बांध को प्रमुख जल स्रोत बताया। वहीं, बदनौर क्षेत्र में देव सागर, मसूदा क्षेत्र में नारायण सागर एवं लौहड़ी बांध तथा जैतारण क्षेत्र में रायपुर लूणी बांध, गिरीनन्दा एवं बाबरा प्रमुख जल संरचनाएं हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायत समिति विभाग से हस्तांतरित 96 तालाब भी क्षेत्र में संचालित हैं, जिनके माध्यम से जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण के कार्य किए जा रहे हैं। सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री सतीश सोनी ने बताया कि भ्रमण के दौरान पत्रकारों ने जल संरक्षण कार्यों का अवलोकन किया तथा जल संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
- ब्यावर में राज्य सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत पत्रकारों ने राजियावास तालाब का भ्रमण कर क्षेत्र में संचालित जल संरक्षण एवं जल संचय गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता श्री पृथ्वीराज ने उपस्थित पत्रकारों को जल संरक्षण के महत्व, वर्षा जल संचयन तथा क्षेत्र में संचालित जल संरचनाओं की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। ग्राम पंचायत राजियावास के सरपंच श्री बृजपाल सिंह रावत ने राजियावास तालाब के स्थानीय महत्व एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए जानकारी दी कि यह तालाब वर्षों से ग्रामीणों के लिए जल का प्रमुख स्रोत रहा है। उन्होंने गांव में चल रही जल संरक्षण गतिविधियों एवं जनसहभागिता से किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी साझा की। कनिष्ठ अभियंता श्री पृथ्वीराज ने यह भी बताया कि जल संसाधन विभाग की मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत फूलसागर जालिया बांध, नारायण सागर बांध एवं रायपुर लूणी बांध क्षेत्र की प्रमुख जल संरचनाएं हैं, जिनसे सिंचाई एवं जल संरक्षण कार्य संचालित हो रहे हैं। उन्होंने विभाग के अधीन ब्यावर क्षेत्र में जवाजा तालाब, राजियावास तालाब, देलवाड़ा तालाब, मकरेड़ा तालाब, बलाड़ तालाब, काबरा तालाब, कालीकांकर तालाब एवं फूलसागर जालिया बांध को प्रमुख जल स्रोत बताया। वहीं, बदनौर क्षेत्र में देव सागर, मसूदा क्षेत्र में नारायण सागर एवं लौहड़ी बांध तथा जैतारण क्षेत्र में रायपुर लूणी बांध, गिरीनन्दा एवं बाबरा प्रमुख जल संरचनाएं हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायत समिति विभाग से हस्तांतरित 96 तालाब भी क्षेत्र में संचालित हैं, जिनके माध्यम से जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण के कार्य किए जा रहे हैं। सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री सतीश सोनी ने बताया कि भ्रमण के दौरान पत्रकारों ने जल संरक्षण कार्यों का अवलोकन किया तथा जल संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।1
- ब्यावर के नानणा गांव, हाल अली नगर मुंदरी महिंद्रातान निवासी दीपाराम कटारिया के पुत्र राहुल की ग्राम सुरडिया खान में दोपहर स्नान करते समय डूबने से मौत हो गई। दुखद है कि कठिन प्रयासों के बावजूद अभी तक राहुल का शव बरामद नहीं किया जा सका है। शव की तलाश और खान के पानी को बाहर निकालने के लिए प्रशासन और गांव बस्ती का पूरा सहयोग मिल रहा है। इस कार्य में दो ट्रैक्टरों के साथ श्री सीमेंट की एक विशेष पानी निकालने वाली मशीन भी लगाई गई है।3
- पाली जिले के सीरियारी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान कार्यशाला आयोजित की गई। यह दो दिवसीय कार्यशाला आचार्य भिक्षु स्थल पर रखी गई थी। इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा के जिला आईटी सहसंयोजक धर्मवीर कीर का जिला पदाधिकारी ने पार्टी का दुपट्टा भेंट कर मान-सम्मान किया। कार्यशाला के अंतिम दिवस पर, कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी कार्यकर्ताओं का स्वागत किया गया। यह सम्मान समारोह जिला अध्यक्ष सुनील जी भंडारी के नेतृत्व में, कैबिनेट अविनाश गहलोत और प्रभारी मंत्री जबर सिंह जी खरा के सानिध्य में संपन्न हुआ।1
- राष्ट्रीय रक्षा समिति ब्यावर ने सामाजिक चेतना और पारिवारिक सुरक्षा पर केंद्रित बहुचर्चित फिल्म "Teesri Begum" का सामूहिक अवलोकन आयोजित किया, जिसे दर्शकों से भरपूर सराहना मिल रही है। इस विशेष अवसर पर श्री प्रकाश आर्य, एडवोकेट गोविंद अग्रवाल, और बड़ी संख्या में मौजूद मातृशक्ति सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिकों ने फिल्म के सशक्त संदेश की सराहना की। यह फिल्म समाज को जागरूक करने के साथ-साथ बेटियों की सुरक्षा के प्रति हर किसी को सजग रहने की महत्वपूर्ण प्रेरणा देती है। फिल्म "Teesri Begum" को ब्यावर सहित कई शहरों में दर्शकों के बीच भारी उत्साह मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप सभी शो हाउसफुल चल रहे हैं। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म BookMyShow पर भी फिल्म को उत्कृष्ट पब्लिक रिव्यूज प्राप्त हुए हैं। इस असाधारण सफलता को देखते हुए, राष्ट्रीय रक्षा समिति ब्यावर ने आमजन से इस फिल्म को सपरिवार देखने की विशेष अपील की है, जो बेटियों की सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता का एक बड़ा संदेश प्रसारित करती है।1
- भीलवाड़ा जिले के मांडल क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां गलत दिशा से आ रही एक मोटरसाइकिल और कार के बीच टक्कर में तीन युवक घायल हो गए। यह घटना मांडल चौराहा से रायला की ओर जाने वाले सर्विस रोड पर लीलैंड कंपनी के निकट हुई, जब गलत दिशा से आ रही मोटरसाइकिल सीधे कार से टकरा गई। हादसे में मोटरसाइकिल सवार डाबला निवासी 20 वर्षीय प्रदीप पिता जय सिंह भाटी, 21 वर्षीय दलीचंद पिता हरिकिशन गुर्जर और 22 वर्षीय लोकेश पिता किशन प्रजापत गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही बनेड़ा की 108 एंबुलेंस के पायलट प्रकाश चंद्र और ईएमटी रमेश चंद्र तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे, जिन्होंने तत्परता से सभी घायल युवकों को महात्मा गांधी जिला अस्पताल में भर्ती कराया।1
- रियांबड़ी नगर पालिका क्षेत्र में निजी बसों की मनमानी के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जसनगर चौराहा समेत अन्य मुख्य मार्गों पर निजी बस चालक सड़क के बीचों-बीच बसें खड़ी कर सवारियां उतारते-चढ़ाते हैं, जिससे प्रतिदिन घंटों लंबा जाम लग रहा है। इस स्थिति के कारण आमजन, मरीज, विद्यार्थी और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, निजी बस चालक खुलेआम यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और बसों को निर्धारित स्टैंड के बजाय मनमर्जी से कहीं भी रोक देते हैं। इसके परिणामस्वरूप, जसनगर चौराहा से रायका बाग और राजकीय चिकित्सालय मार्ग तक वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार हालात इतने गंभीर हो जाते हैं कि एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहन भी इसी जाम में फंस जाते हैं। स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भी रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है, और कुछ छात्र समय पर परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुँच पाते, जिससे उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है। नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों का भी कीमती समय बर्बाद हो रहा है। नागरिकों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की इस निष्क्रियता के कारण निजी बस संचालकों के हौसले बुलंद हो गए हैं, और वे रायका बाग से जसनगर चौराहा तक पूरे रास्ते में जगह-जगह बसें रोककर सवारियां भरते रहते हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि निजी बसों के लिए निर्धारित ठहराव स्थल तय किए जाएं। साथ ही, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन को प्रतिदिन लगने वाले इस जाम से राहत मिल सके।1
- रायपुर निवासी डॉ. महेन्द्र भाटी 'त्रिकाल' को कामधेनु सेना का राष्ट्रीय संरक्षक नियुक्त किया गया है। कामधेनु राष्ट्रीय गौ रक्षा समिति नागौर और कामधेनु सेना के संस्थापक श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी कुशालगिरी महाराज ने उनकी इस नियुक्ति पर हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। स्वामी कुशालगिरी महाराज ने इस अवसर पर बताया कि डॉ. महेन्द्र भाटी 'त्रिकाल' लंबे समय से गौ सेवा, सामाजिक सरोकार और जनहित कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। यह भी विदित रहे कि डॉ. भाटी 'त्रिकाल' पूर्व में कामधेनु राष्ट्रीय गौ रक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी सफलतापूर्वक निभा चुके हैं और वे स्वामी कुशालगिरी महाराज के करीबी सहयोगियों में शामिल रहे हैं। डॉ. महेन्द्र भाटी 'त्रिकाल' की इस नियुक्ति से संगठन से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं में हर्ष का माहौल है। सभी ने विश्वास व्यक्त किया है कि उनके सशक्त नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संगठन गौ रक्षा एवं सामाजिक सेवा के कार्यों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।1
- Post by Super News1