लड़की के इश्क में, पागल युवक चढ़ा बीएसएनल टावर पर। युवक के फोन पर पुलिस संपर्क साधे हुए हैं। सीन यह है कि नेशनल हाईवे 24/30 किनारे, ग्राम कछियानी खेड़ा में बीएसएनएल के माइक्रोवेव स्टेशन पर लगे टावर पर, इश्क में पागल युवक चढ़ गया और बिल्कुल अंतिम छोर पर पहुंचकर जैसे गाना गा रहा हो इश्क में मेरे रब्बा जाने में क्या कर जाता, तुझसे प्यार न करता तो शायद मैं मर जाता। यह किसी पिक्चर का सीन नहीं है, बल्कि यह एक हकीकत है। एक लड़की के इश्क में पागल, पिलर के ग्राम कपसेड़ा का लड़का बीएसएनएल टावर पर चढ़ गया। टावर की ऊंचाई की बात करेंतो यह तहसील क्षेत्र का सबसे ऊंचा बीएसएनल का टावर है। मौके पर तिलक कोतवाली की पुलिस कोतवाल जुगल किशोर के नेतृत्व में मौजूद है और लड़के के मोबाइल नंबर पर संपर्क बनाए हुए हैं। तमाम मशक्कत के बाद, जनपद के थाना जैतीपुर क्षेत्र जहां की लड़की बताई जा रही है उसके घर भेज कर परिवार को बुलाया जा रहा है ताकि वे उसे मना करके नीचे उतरने में सफल हो सके।
लड़की के इश्क में, पागल युवक चढ़ा बीएसएनल टावर पर। युवक के फोन पर पुलिस संपर्क साधे हुए हैं। सीन यह है कि नेशनल हाईवे 24/30 किनारे, ग्राम कछियानी खेड़ा में बीएसएनएल के माइक्रोवेव स्टेशन पर लगे टावर पर, इश्क में पागल युवक चढ़ गया और बिल्कुल अंतिम छोर पर पहुंचकर जैसे गाना गा रहा हो इश्क में मेरे रब्बा जाने में क्या कर जाता, तुझसे प्यार न करता तो शायद मैं मर जाता। यह किसी पिक्चर का सीन नहीं है, बल्कि यह एक हकीकत है। एक लड़की के इश्क में पागल, पिलर के ग्राम कपसेड़ा का लड़का बीएसएनएल टावर पर चढ़ गया। टावर की ऊंचाई की बात करेंतो यह तहसील क्षेत्र का सबसे ऊंचा बीएसएनल का टावर है। मौके पर तिलक कोतवाली की पुलिस कोतवाल जुगल किशोर के नेतृत्व में मौजूद है और लड़के के मोबाइल नंबर पर संपर्क बनाए हुए हैं। तमाम मशक्कत के बाद, जनपद के थाना जैतीपुर क्षेत्र जहां की लड़की बताई जा रही है उसके घर भेज कर परिवार को बुलाया जा रहा है ताकि वे उसे मना करके नीचे उतरने में सफल हो सके।
- सीन यह है कि नेशनल हाईवे 24/30 किनारे, ग्राम कछियानी खेड़ा में बीएसएनएल के माइक्रोवेव स्टेशन पर लगे टावर पर, इश्क में पागल युवक चढ़ गया और बिल्कुल अंतिम छोर पर पहुंचकर जैसे गाना गा रहा हो इश्क में मेरे रब्बा जाने में क्या कर जाता, तुझसे प्यार न करता तो शायद मैं मर जाता। यह किसी पिक्चर का सीन नहीं है, बल्कि यह एक हकीकत है। एक लड़की के इश्क में पागल, पिलर के ग्राम कपसेड़ा का लड़का बीएसएनएल टावर पर चढ़ गया। टावर की ऊंचाई की बात करेंतो यह तहसील क्षेत्र का सबसे ऊंचा बीएसएनल का टावर है। मौके पर तिलक कोतवाली की पुलिस कोतवाल जुगल किशोर के नेतृत्व में मौजूद है और लड़के के मोबाइल नंबर पर संपर्क बनाए हुए हैं। तमाम मशक्कत के बाद, जनपद के थाना जैतीपुर क्षेत्र जहां की लड़की बताई जा रही है उसके घर भेज कर परिवार को बुलाया जा रहा है ताकि वे उसे मना करके नीचे उतरने में सफल हो सके।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद लखीमपुर खीरी में चंद्रशेखर आजाद आए जनता के बीच अपने विचार रखें जनता ने खूब सराहनीय दी कमान पब्लिक हजारों के साथ आदमी मौजूद रहे1
- Post by रिपोर्टर रईस खान1
- शाहजहांपुर के भावलखेड़ा क्षेत्र की रोजा मंडी समिति में सोमवार सुबह नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की। भवन टैक्स बकाया होने के कारण बैंक ऑफ बड़ौदा और एचडीएफसी बैंक की शाखाओं को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से बैंक उपभोक्ता और कर्मचारी दोनों प्रभावित हुए हैं, खासकर वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन होने के कारण कर्मचारियों में चिंता है।1
- शाहजहांपुर के गौरव, अमर शहीदों की प्रतिमाओं को तोड़े जाने की घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि हमारी अस्मिता पर सीधा आघात है। इस गंभीर मुद्दे पर कांग्रेसजनों ने लगातार तीन चरणों में आंदोलन किया, जिसके बाद नगर आयुक्त ने दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन अफसोस, कार्रवाई करने के बजाय नगर आयुक्त का ही स्थानांतरण कर दिया गया। इससे साफ है कि असली दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है, और वही लोग फिर से नगर निगम को दीमक की तरह खोखला करने में जुट गए हैं। इसी के विरोध में आज कांग्रेसजनों ने एकजुट होकर नगर निगम का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ पुतला दहन किया। यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि न्याय की मांग है। अगर जल्द से जल्द दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Ashish Awasthi Ljp R प्रदेश सचिव बरेली मंडल प्रभारी1
- हर साल बैसाख (अप्रैल) माह में लगने वाले पांच दिवसीय जानकी महाराज मेले की चल रही है तेजी से तैयारियां। शाहजहपुर जनपद में दिल्ली लखनऊ हाइवे पर ग्राम कापसेड़ा में हर साल बैसाख माह (अप्रैल) में लगने वाले पांच दिवसीय प्राचीन मेले की तैयारियां तेजी से चल रही है। 100 सौ से भी अधिक सालों से लगने वाले इस प्राचीन मेले में देश भर से हजारों श्रद्धालु यहां पांच है। दिल्ली लखनऊ हाइवे किनारे लगने वाले इस मेले को पुलिस एवं प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिलता है जिससे हाईवे पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और आम तौर पर यातायात चलता रहे। मेला प्रबंधन के लोगों ने बताया कि इस बार हमारी उम्मीदों से बढ़ कर श्रद्धालुओं के आने संभावना के चलते हमें तैयारियों में और व्यवस्थाओं में तेजी के साथ कम करना पड़ रहा है क्योंकि अब समय नहीं बचा है।1