शनिवार को ओरमांझी प्रखंड के इरबा, डहु और आसपास के कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश तथा आकाशीय बिजली गिरने से बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। दोपहर करीब 12:30 बजे तेज गर्जन और बारिश के बीच बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जो रात लगभग 9:30 बजे बहाल हो सकी। इस लगभग नौ घंटे की बिजली कटौती से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से कई स्थानों पर बिजली तंत्र को नुकसान पहुंचा, जिससे पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इरबा स्थित मेदांता अस्पताल के आसपास का इलाका भी लंबे समय तक अंधेरे में रहा, जहां भर्ती मरीजों के परिजनों को जेरॉक्स, प्रिंटिंग और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए काफी कठिनाइयों से जूझना पड़ा। शाम ढलते ही सड़कें, बाजार और आवासीय क्षेत्र पूरी तरह अंधेरे में डूब गए, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई और लोगों को गर्मी व उमस के बीच बिना बिजली के समय बिताना पड़ा। कई घरों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई, जिसने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोपहर में आपूर्ति बाधित होने के बाद मरम्मत कार्य में तेजी लाकर जल्द बहाली सुनिश्चित की जानी चाहिए थी, क्योंकि लंबे समय तक बिजली गुल रहने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं, बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, चकला गांव के समीप बिजली लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी। विभाग ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा था, फिर भी विभागीय कर्मियों ने प्रतिकूल मौसम के बावजूद खराबी को दूर करने का प्रयास जारी रखा। अंततः, रात करीब 9:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। आकाशीय बिजली और मूसलाधार बारिश के कारण चरमराई बिजली व्यवस्था इरबा सहित कई इलाकों में आठ घंटे से अधिक समय तक ठप रही।
शनिवार को ओरमांझी प्रखंड के इरबा, डहु और आसपास के कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश तथा आकाशीय बिजली गिरने से बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। दोपहर करीब 12:30 बजे तेज गर्जन और बारिश के बीच बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जो रात लगभग 9:30 बजे बहाल हो सकी। इस लगभग नौ घंटे की बिजली कटौती से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से कई स्थानों पर बिजली तंत्र को नुकसान पहुंचा, जिससे पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इरबा स्थित मेदांता अस्पताल के आसपास का इलाका भी लंबे समय तक अंधेरे में रहा, जहां भर्ती मरीजों के परिजनों को जेरॉक्स, प्रिंटिंग और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए काफी कठिनाइयों से जूझना पड़ा। शाम ढलते ही सड़कें, बाजार और आवासीय क्षेत्र पूरी तरह अंधेरे में डूब गए, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई और लोगों को गर्मी व उमस के बीच बिना बिजली के समय बिताना पड़ा। कई घरों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई, जिसने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोपहर में आपूर्ति बाधित होने के बाद मरम्मत कार्य में तेजी लाकर जल्द बहाली सुनिश्चित की जानी चाहिए थी, क्योंकि लंबे समय तक बिजली गुल रहने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं, बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, चकला गांव के समीप बिजली लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी। विभाग ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा था, फिर भी विभागीय कर्मियों ने प्रतिकूल मौसम के बावजूद खराबी को दूर करने का प्रयास जारी रखा। अंततः, रात करीब 9:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। आकाशीय बिजली और मूसलाधार बारिश के कारण चरमराई बिजली व्यवस्था इरबा सहित कई इलाकों में आठ घंटे से अधिक समय तक ठप रही।
- शनिवार को ओरमांझी प्रखंड के इरबा, डहु और आसपास के कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश तथा आकाशीय बिजली गिरने से बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। दोपहर करीब 12:30 बजे तेज गर्जन और बारिश के बीच बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जो रात लगभग 9:30 बजे बहाल हो सकी। इस लगभग नौ घंटे की बिजली कटौती से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से कई स्थानों पर बिजली तंत्र को नुकसान पहुंचा, जिससे पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इरबा स्थित मेदांता अस्पताल के आसपास का इलाका भी लंबे समय तक अंधेरे में रहा, जहां भर्ती मरीजों के परिजनों को जेरॉक्स, प्रिंटिंग और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए काफी कठिनाइयों से जूझना पड़ा। शाम ढलते ही सड़कें, बाजार और आवासीय क्षेत्र पूरी तरह अंधेरे में डूब गए, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई और लोगों को गर्मी व उमस के बीच बिना बिजली के समय बिताना पड़ा। कई घरों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई, जिसने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोपहर में आपूर्ति बाधित होने के बाद मरम्मत कार्य में तेजी लाकर जल्द बहाली सुनिश्चित की जानी चाहिए थी, क्योंकि लंबे समय तक बिजली गुल रहने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं, बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, चकला गांव के समीप बिजली लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी। विभाग ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा था, फिर भी विभागीय कर्मियों ने प्रतिकूल मौसम के बावजूद खराबी को दूर करने का प्रयास जारी रखा। अंततः, रात करीब 9:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। आकाशीय बिजली और मूसलाधार बारिश के कारण चरमराई बिजली व्यवस्था इरबा सहित कई इलाकों में आठ घंटे से अधिक समय तक ठप रही।1
- रामगढ़ जिले के कुजू थाना क्षेत्र अंतर्गत अरगड्डा में शनिवार को अवैध कोयला खनन के दौरान एक दुखद हादसे में चार लोगों की जान चली गई। घटना के बाद, माइंस रेस्क्यू टीम ने सभी को खदान से बाहर निकाला और तत्काल इलाज के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।1
- रांची के बड़ा गाँव रोड पर लगे स्ट्रीट लैंप खराब हो गए हैं।1
- सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है, उसे “जनता विरोधी” और “युवा विरोधी” करार दिया। चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस सरकार को “उखाड़ फेंकना है”।1
- सोशल मीडिया पर खेल जगत से जुड़ी एक चर्चा जोर पकड़ रही है, जिसमें यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या अब क्रिकेट में वैभव के बाद आशीर्वाद का 'जलवा' देखने को मिलेगा। यह जिज्ञासा मुख्य रूप से क्रिकेट, शतक और आईपीएल जैसी खेल खबरों के संदर्भ में है।1
- शनिवार दोपहर रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड अंतर्गत इरबा क्षेत्र में अचानक हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी, उमस और तेज धूप से परेशान लोगों को इस बारिश से बड़ी राहत मिली है। बारिश शुरू होते ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण सुहावना हो गया। बारिश के दौरान, तेज ग्रज के साथ क्षेत्र में तेज हवाएं भी चलीं, जिससे लोगों ने गर्मी से काफी राहत महसूस की। हालांकि, कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण सड़कों पर जलजमाव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने बारिश थमने तक दुकानों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रुककर इंतजार किया। मौसम में आए इस बदलाव से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं; उनका मानना है कि यह बारिश खेतों और फसलों के लिए लाभदायक साबित होगी तथा आगामी कृषि कार्यों में भी सहायता मिलेगी। स्थानीय लोगों ने इस बारिश को लगातार बढ़ती गर्मी के बीच 'किसी राहत की फुहार से कम नहीं' बताया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है, जिससे लोगों को गर्मी से और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुरुष पुलिसकर्मी और एक महिला के बीच 'कार्रवाई' जैसा दृश्य दिखाई दे रहा है। इस वीडियो को लेकर लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएँ चल रही हैं और वे अपनी-अपनी राय साझा कर रहे हैं। इस घटना ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे जनता में गहरी दिलचस्पी और बहस छिड़ गई है। हालांकि, वीडियो की जगह, समय और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। रांची क्लब टीवी ने स्पष्ट किया है कि वह इस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता, स्थान, समय या संदर्भ की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। इस सामग्री का मुख्य उद्देश्य केवल सूचना और सार्वजनिक जागरूकता फैलाना है, और यह सार्वजनिक रूप से प्रसारित सोशल मीडिया फुटेज पर आधारित है। चैनल दर्शकों से आग्रह करता है कि वे इस वीडियो को देखकर अपनी राय कमेंट बॉक्स में ज़रूर साझा करें, ताकि सार्वजनिक चर्चा और जुड़ाव को बढ़ावा मिल सके।1