सुल्तानपुर के नगर पंचायत कोइरीपुर को "आदर्श नगर पंचायत" बनाने और विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हनुमान नगर और विवेक नगर की बदहाल सड़कें इन दावों की पोल खोल रही हैं। इन दोनों वार्डों में सड़कें लंबे समय से बेहद जर्जर स्थिति में हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में रोजाना भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। सड़क पर बने जगह-जगह बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई गिट्टियां राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं। विशेषकर बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की स्थिति और भी ज्यादा जानलेवा हो जाती है। स्कूली बच्चे, दोपहिया वाहन चालक, बुजुर्ग और महिलाएं रोजाना जोखिम उठाकर इस रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में कई बार छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, फिर भी इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। निवासियों ने आरोप लगाया है कि जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान कई बार इस गंभीर समस्या की ओर खींचा गया, लेकिन उनकी चुप्पी और उदासीनता के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से हनुमान नगर तथा विवेक नगर की सड़कों का तत्काल निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द मरम्मत और पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो आगे होने वाले किसी भी बड़े हादसे की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
सुल्तानपुर के नगर पंचायत कोइरीपुर को "आदर्श नगर पंचायत" बनाने और विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हनुमान नगर और विवेक नगर की बदहाल सड़कें इन दावों की पोल खोल रही हैं। इन दोनों वार्डों में सड़कें लंबे समय से बेहद जर्जर स्थिति में हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में रोजाना भारी परेशानियों से जूझना
पड़ रहा है। सड़क पर बने जगह-जगह बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई गिट्टियां राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं। विशेषकर बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की स्थिति और भी ज्यादा जानलेवा हो जाती है। स्कूली बच्चे, दोपहिया वाहन चालक, बुजुर्ग और महिलाएं रोजाना जोखिम उठाकर इस रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में कई बार छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, फिर भी इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। निवासियों ने आरोप लगाया है कि जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान कई बार इस गंभीर समस्या की ओर खींचा गया, लेकिन उनकी चुप्पी और उदासीनता के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय
नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से हनुमान नगर तथा विवेक नगर की सड़कों का तत्काल निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द मरम्मत और पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो आगे होने वाले किसी भी बड़े हादसे की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
- सुल्तानपुर के नगर पंचायत कोइरीपुर को "आदर्श नगर पंचायत" बनाने और विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हनुमान नगर और विवेक नगर की बदहाल सड़कें इन दावों की पोल खोल रही हैं। इन दोनों वार्डों में सड़कें लंबे समय से बेहद जर्जर स्थिति में हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में रोजाना भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। सड़क पर बने जगह-जगह बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई गिट्टियां राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं। विशेषकर बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की स्थिति और भी ज्यादा जानलेवा हो जाती है। स्कूली बच्चे, दोपहिया वाहन चालक, बुजुर्ग और महिलाएं रोजाना जोखिम उठाकर इस रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में कई बार छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, फिर भी इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। निवासियों ने आरोप लगाया है कि जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान कई बार इस गंभीर समस्या की ओर खींचा गया, लेकिन उनकी चुप्पी और उदासीनता के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से हनुमान नगर तथा विवेक नगर की सड़कों का तत्काल निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द मरम्मत और पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो आगे होने वाले किसी भी बड़े हादसे की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।4
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए एक विशेष संदेश जारी किया है। युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री की ओर से यह खास संदेश दिया गया है।1
- पिहानी स्थित श्री संकट मोचन हनुमत धाम में आयोजित होने वाले 11 कुंडीय श्रीहनुमान महायज्ञ, भव्य मूर्ति स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आयोजन में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पिहानी-शाहाबाद मार्ग पर वर्षों से फैली झाड़ियों को जेसीबी मशीन से हटवाकर सड़क को चौड़ा और सुरक्षित बनाया जा रहा है। इस कदम से श्रद्धालुओं के आवागमन में होने वाली परेशानियां दूर होंगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। इस विशाल आयोजन को सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से मुख्य संयोजक एवं समाजसेवी जोगराज सिंह खुद मोर्चा संभाले हुए हैं और लगातार निरीक्षण कर कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। मंदिर परिसर में यज्ञशाला, विशाल मंडप, बिजली, पेयजल, साफ-सफाई, रोशनी और विशाल भंडारे की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। तैयारियों को गति देने के लिए क्षेत्र के श्रद्धालु भी बढ़-चढ़कर श्रमदान कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, सामाजिक एकता और सनातन संस्कृति के गौरव का भव्य प्रतीक बनेगा। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और इसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।1
- सुल्तानपुर जिले के सेमरी बाजार से बिरसिंहपुर रोड पर करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित कंपोजिट शराब की दुकान के साथ कथित रूप से चलाए जा रहे देसी बार का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में लोगों की भीड़ खुलेआम शराब पीती हुई दिखाई दे रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस स्थिति की वजह से इलाके में आए दिन नशे में मारपीट, गाली-गलौज, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाएं घट रही हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि इस कथित कैंटीन का संचालन आबकारी विभाग की मेहरबानी से किया जा रहा है। आरोप हैं कि अधिकारियों तक महीना पहुंचने के कारण कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंद ली गई हैं। इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या नियम-कानून सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। चेताया गया है कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो कल होने वाली किसी भी बड़ी वारदात या अनहोनी की जिम्मेदारी दुकान संचालकों के साथ-साथ उन अधिकारियों की भी होगी जो अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़े हुए हैं।1
- अमेठी में "ऑपरेशन चक्रव्यूह" के तहत थाना गौरीगंज, जामो पुलिस तथा स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरजनपदीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है। क्षेत्राधिकारी गौरीगंज अखिलेश वर्मा के नेतृत्व में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार युवकों को संदिग्ध हालत में पकड़ा गया, जिन्होंने पूछताछ में दोनों बाइक चोरी की होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर कुल 15 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनमें 8 पूरी मोटरसाइकिलें और 7 कटी हुई मोटरसाइकिलों के भारी मात्रा में कलपुर्जे शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जामो थाना क्षेत्र निवासी दिनेश कुमार अग्रहरि (24 वर्ष), मोहम्मद वासिद (22 वर्ष), मोहम्मद ताजीर उर्फ महताब (26 वर्ष) और फैसल खान (20 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मोहम्मद ताजीर और फैसल विभिन्न इलाकों से बाइक चोरी करते थे और उन्हें मोहम्मद वासिद के जरिये दिनेश अग्रहरि को बेच देते थे। इसके बाद दिनेश अपने घर में बने गोदाम में मोटरसाइकिलों को काटकर उनके इंजन, चेसिस, टायर और रिम अलग-अलग करता था तथा उन्हें कानपुर ले जाकर बेच देता था। पुलिस ने दिनेश के घर और गोदाम से 6 पूरी मोटरसाइकिलें तथा 7 अन्य मोटरसाइकिलों के पुर्जे बरामद किए हैं। जांच के अनुसार इस गिरोह ने गौरीगंज, जामो और जायस थाना क्षेत्रों में चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। बरामदगी के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 317(2), 317(4) और 3(5) की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. और अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में हुई इस सफल कार्रवाई पर एसपी अमेठी ने पूरी पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।4
- अमेठी कोतवाली क्षेत्र के गंगोली गांव में दो मासूम बच्चों के साथ मारपीट करने और उन्हें घंटों बंधक बनाकर रखने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के ही एक दुकानदार ने ₹500 चोरी का आरोप लगाकर बच्चों को अपने घर में बंद कर दिया और उनकी बेरहमी से पिटाई की। परिजनों के अनुसार, एक बच्चा दुकान पर सामान लेने गया था और उसके घर पहुंचने के कुछ देर बाद ही दुकानदार ने उस पर ₹500 चोरी करने का आरोप लगा दिया। आरोप है कि दुकानदार दोनों बच्चों को अपने घर ले गया और करीब दो घंटे तक उन्हें बांधकर रखा व उनकी पिटाई की। जब बच्चों के माता-पिता खोजते हुए वहां पहुंचे, तब भी बच्चे घर में बंद थे। इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे बच्चों को छोड़ा गया। घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद अमेठी कोतवाली पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया है। न्याय पाने के लिए परिवार लगातार पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पीड़ित परिवार में गहरा रोष और निराशा है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और बच्चों को न्याय दिलाने की मांग की है।3
- सुलतानपुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत के आदेश के बाद नगर कोतवाली में मामला दर्ज कर लिया गया है। ठठेरी बाजार निवासी आलोक बरनवाल के आवेदन पर कोर्ट ने नगर कोतवाली पुलिस को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच करने और 7 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का स्पष्ट निर्देश दिया था। यह पूरा विवाद गोलाघाट स्थित मकान संख्या 1093 को लेकर हुआ है, जहां दीवानी न्यायालय के आदेश पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई की जा रही थी। पीड़ित आलोक बरनवाल के अनुसार, 31 जनवरी 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे जब हल्का अमीन, एक सिपाही, दरोगा और परिवार के सदस्य मकान पर पहुंचे, तो किराएदार अजय पांडेय ने अदालत का आदेश मानने से मना कर दिया। इसके बाद अजय पांडेय, आशुमान पांडेय, सतीश उर्फ मुन्ना और 20-25 अज्ञात लोगों ने गाली-गलौज करते हुए हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने पीड़ित के चचेरे भाई मुकुन्द बरनवाल और स्टाफ सदस्य हरजीत सिंह की बेरहमी से पिटाई की। उन्हें गला दबाकर और जमीन पर पटक-पटककर मारा गया, जिससे मुकुन्द मौके पर ही बेहोश हो गए। इस दौरान विपक्षी अजय पांडेय ने पीड़ित को पीटते हुए धमकी दी कि यदि मकान का बैनामा उनके नाम नहीं किया गया, तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। घटना के बाद पीड़ित ने कोतवाली नगर और पुलिस अधीक्षक से लिखित व ऑनलाइन शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित को ही डांट-डपटकर वापस भेज दिया। स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारियों से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने अदालत का रुख किया। मामले की गंभीरता, प्रस्तुत वीडियो फुटेज और चोटों के निशानों को देखते हुए न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया। इस आदेश के बाद कोतवाली नगर में 3 नामजद और 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसकी जांच उप-निरीक्षक प्रदीप कुमार यादव को सौंपी गई है।1
- सुल्तानपुर जनपद के दोस्तपुर थाना क्षेत्र से पुलिस ने हत्या के प्रयास, अपहरण और मारपीट के मामले में वांछित अभियुक्त अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 24 जुलाई को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी कादीपुर के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक दोस्तपुर के नेतृत्व में उपनिरीक्षक जगदीश सिंह और कांस्टेबल वीरेंद्र यादव की टीम ने मोहल्ला बभनइया पूरब निवासी 22 वर्षीय अभिषेक यादव को पकड़ा। यह मामला 17 जून का है, जब पीड़ित ने दोस्तपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, अभियुक्त ने पूर्व में हुए भूमि एग्रीमेंट को निरस्त कराने का दबाव बनाया था। विरोध करने पर उसने जान से मारने की नीयत से फायर किया, जो चूक गया। इसके बाद अभियुक्त ने लोहे की रॉड से पीड़ित के सिर पर वार किया और जबरन वाहन में बैठाकर अपहरण कर लिया। इसके उपरांत, चीनी मिल कादीपुर के पास खेत में लाठी-डंडों एवं लात-घूंसों से मारपीट करने के बाद पीड़ित को सराय समोखपुर क्षेत्र में छोड़ दिया गया था। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी कर अभियुक्त अभिषेक यादव को सुल्तानपुर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी है, जिसके खिलाफ दोस्तपुर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत चार मामले पहले से दर्ज हैं।1