हमीरपुर जिले के मौदहा में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के बंटवारे के समय पाकिस्तान गए एक परिवार की करीब 10 बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कराकर सरकारी संपत्ति घोषित कर दिया है। मौदहा कस्बे के मौजा हामिद शहीद बाबा के निकट स्थित खाता संख्या 151, गाटा संख्या 1300क, 1301क, 1378क, 1383क, 1390क, 1938क और 1939क की लगभग दस बीघा जमीन सरकारी दस्तावेजों में इस्माइल पुत्र पीर मोहम्मद (हाल मुकाम पाकिस्तान) के नाम दर्ज है। इस जमीन पर वर्तमान में हुसैनिया निवासी नईमुद्दीन और राना परवीन ने अवैध कब्जा कर रखा था। आलाधिकारियों के आदेश पर जांच पूरी होने के बाद मंगलवार को उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह, क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय, नायब तहसीलदार महेंद्र गुप्ता सहित राजस्व विभाग के जिम्मेदारों और पुलिस बल की मौजूदगी में इस जमीन को कब्जा मुक्त कराकर नगर पालिका के अधीन कर दिया गया। इस कार्रवाई के संबंध में उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह ने बताया कि यह एक शत्रु संपत्ति थी, जिसके मालिक बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए थे। कुछ लोगों द्वारा इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर फसल बोई जा रही थी, जिसे पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सरकारी कब्जे में ले लिया गया है। अब इस जमीन की मेड़बंदी कर इसे सुरक्षित किया जा रहा है और यहाँ जल्द ही सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगाया जाएगा। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से कस्बे के अन्य अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया है। कस्बे में अभी भी कई स्थानों पर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे मौजूद हैं, जिनपर आने वाले समय में प्रशासन द्वारा जल्द ही ऐसी ही कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
हमीरपुर जिले के मौदहा में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के बंटवारे के समय पाकिस्तान गए एक परिवार की करीब 10 बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कराकर सरकारी संपत्ति घोषित कर दिया है। मौदहा कस्बे के मौजा हामिद शहीद बाबा के निकट स्थित खाता संख्या 151, गाटा संख्या 1300क, 1301क, 1378क, 1383क, 1390क, 1938क और 1939क की लगभग दस बीघा जमीन सरकारी दस्तावेजों में इस्माइल पुत्र पीर मोहम्मद (हाल मुकाम पाकिस्तान) के नाम दर्ज है। इस जमीन पर वर्तमान में हुसैनिया निवासी नईमुद्दीन और राना परवीन ने अवैध कब्जा कर रखा था। आलाधिकारियों के आदेश पर जांच पूरी होने के बाद मंगलवार को उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह, क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय, नायब तहसीलदार महेंद्र गुप्ता सहित राजस्व विभाग के जिम्मेदारों और पुलिस बल की मौजूदगी में इस जमीन को कब्जा मुक्त कराकर नगर पालिका के अधीन कर दिया गया। इस कार्रवाई के संबंध में उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह ने बताया कि यह एक शत्रु संपत्ति थी, जिसके मालिक बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए थे। कुछ लोगों द्वारा इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर फसल बोई जा रही थी, जिसे पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सरकारी कब्जे में ले लिया गया है। अब इस जमीन की मेड़बंदी कर इसे सुरक्षित किया जा रहा है और यहाँ जल्द ही सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगाया जाएगा। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से कस्बे के अन्य अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया है। कस्बे में अभी भी कई स्थानों पर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे मौजूद हैं, जिनपर आने वाले समय में प्रशासन द्वारा जल्द ही ऐसी ही कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
- बांदा के कंचन पुरवा काली देवी मंदिर में आषाढ़ी अमावस्या के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन भाजपा नेता श्याम मोहन धुरिया द्वारा कराया गया।1
- बांदा के महुआ विकासखंड के अंतर्गत बरसड़ा बुजुर्ग उच्च प्राथमिक/प्राथमिक विद्यालय में 14 जुलाई 2026 को दोपहर 12:05 बजे ही ताला लटका मिला। निर्धारित समय से पहले स्कूल का बंद मिलना न केवल नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि उन बच्चों के अधिकारों की अनदेखी भी है जिनके भविष्य का जिम्मा इन शिक्षकों के कंधों पर है। विद्यालय में पसरा यह सन्नाटा शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। इस लापरवाही पर तीखे सवाल उठ रहे हैं कि जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी द्वारा विद्यालय के समय का कड़ाई से पालन करने के सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं, तो आखिर कुछ शिक्षक इन आदेशों को महज एक कागज का टुकड़ा समझने की हिम्मत कहां से जुटा लेते हैं? क्या उन्हें किसी कार्रवाई का भय नहीं है, या फिर व्यवस्था की खामोशी ने ही इस लापरवाही को संरक्षण दे रखा है। इस संबंध में जब कथित तौर पर फेसबुक लाइव के माध्यम से खंड शिक्षा अधिकारी आभा अग्रवाल को स्कूल बंद होने की स्थिति दिखाई गई, तो उनका कहना था कि वह "विजिट करेंगी।" लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या प्रत्यक्ष प्रमाण मिलने के बाद भी महज एक औपचारिक निरीक्षण काफी है? क्या हर बार कार्रवाई से पहले इतना समय दिया जाना जरूरी है कि अनियमितता के सारे निशान ही मिट जाएं? अब देखना यह है कि इस मामले में शिक्षा विभाग सख्त जवाबदेही तय करता है या फिर यह शिकायत भी "विजिट" के नाम पर ठंडे बस्ते में चली जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में अश्लील एवं बाल यौन शोषण (सीएसएएम) से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में साइबर क्राइम पुलिस ने सुमेरपुर कस्बे के एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सुमेरपुर कस्बे के वार्ड नंबर 13 निवासी आमिर खान के रूप में हुई है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी भरत कुमार ने बताया कि 13 जुलाई को एनसीआरपी पोर्टल पर मिली शिकायतों और एनसीएमईसी से प्राप्त सूचना के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। तकनीकी विश्लेषण के दौरान आरोपी के मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने महिलाओं और नाबालिग बच्चियों से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो का प्रचार-प्रसार करने की बात कबूल कर ली है। इस मामले को लेकर साइबर क्राइम थाना हमीरपुर में आईटी एक्ट की धारा 67बी और पॉक्सो एक्ट की धारा 15 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी आमिर खान के कब्जे से आपत्तिजनक सामग्री वाला एक मोबाइल फोन बरामद किया है। फिलहाल, इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है।1
- बाँदा के जसपुरा क्षेत्र में स्थित बालू डंप पर जिला पंचायत तहबाजारी के नाम पर ट्रकों से कथित अवैध वसूली किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का आरोप है कि बालू डंप से निकलने वाले ट्रकों से निर्धारित शुल्क के अलावा भी अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे हैं। आरोप है कि एक चार पहिया गाड़ी में सवार होकर चार लड़के आते हैं और गुंडई के बल पर पैसे वसूलते हैं। पैसे न देने पर वे ट्रक चालकों के साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इस अवैध वसूली के कारण सड़क पर ट्रकों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे भीषण जाम की स्थिति बन जाती है और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वाहन चालकों का कहना है कि पैसे न देने पर ट्रकों को आगे बढ़ने से रोका जाता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस क्षेत्र में पहले भी बालू परिवहन और अवैध खनन से जुड़े विवाद सामने आते रहे हैं। इस मामले में जब बाँदा के खनिज अधिकारी से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि यह मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन यदि अवैध वसूली हो रही है तो इस पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पूरे मामले की जानकारी देने के लिए जब पैलानी एसडीएम अंकित वर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन ही नहीं उठा।2
- हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के सिलौली गांव के पास मंगलवार को एक बाइक और साइकिल की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर तक मार्ग पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मौदहा पहुंचाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम माचा निवासी मंसूर अली उर्फ राजा अपनी खाला शहनाज बानो के साथ बाइक पर सवार होकर मौदहा आ रहे थे। जैसे ही वे सिलौली गांव के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे साइकिल सवार बैजनाथ से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। सीएचसी के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद मंसूर अली उर्फ राजा की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया है, जबकि शहनाज बानो और बैजनाथ का उपचार सीएचसी में ही किया गया। घटना की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और हादसे की जानकारी जुटाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।1