बाँदा के जसपुरा क्षेत्र में स्थित बालू डंप पर जिला पंचायत तहबाजारी के नाम पर ट्रकों से कथित अवैध वसूली किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का आरोप है कि बालू डंप से निकलने वाले ट्रकों से निर्धारित शुल्क के अलावा भी अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे हैं। आरोप है कि एक चार पहिया गाड़ी में सवार होकर चार लड़के आते हैं और गुंडई के बल पर पैसे वसूलते हैं। पैसे न देने पर वे ट्रक चालकों के साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इस अवैध वसूली के कारण सड़क पर ट्रकों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे भीषण जाम की स्थिति बन जाती है और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वाहन चालकों का कहना है कि पैसे न देने पर ट्रकों को आगे बढ़ने से रोका जाता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस क्षेत्र में पहले भी बालू परिवहन और अवैध खनन से जुड़े विवाद सामने आते रहे हैं। इस मामले में जब बाँदा के खनिज अधिकारी से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि यह मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन यदि अवैध वसूली हो रही है तो इस पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पूरे मामले की जानकारी देने के लिए जब पैलानी एसडीएम अंकित वर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन ही नहीं उठा।
बाँदा के जसपुरा क्षेत्र में स्थित बालू डंप पर जिला पंचायत तहबाजारी के नाम पर ट्रकों से कथित अवैध वसूली किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का आरोप है कि बालू डंप से निकलने वाले ट्रकों से निर्धारित शुल्क के अलावा भी अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे हैं। आरोप है कि एक चार पहिया गाड़ी में सवार होकर चार लड़के आते हैं और गुंडई के बल पर पैसे वसूलते हैं। पैसे न देने पर वे ट्रक चालकों के साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इस अवैध वसूली के कारण सड़क पर ट्रकों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे भीषण जाम की स्थिति बन जाती है और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वाहन चालकों का कहना है कि पैसे न देने पर ट्रकों को आगे बढ़ने से रोका जाता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस क्षेत्र में पहले भी बालू परिवहन और अवैध खनन से जुड़े विवाद सामने आते रहे हैं। इस मामले में जब बाँदा के खनिज अधिकारी से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि यह मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन यदि अवैध वसूली हो रही है तो इस पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पूरे मामले की जानकारी देने के लिए जब पैलानी एसडीएम अंकित वर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन ही नहीं उठा।
- बाँदा के जसपुरा क्षेत्र में स्थित बालू डंप पर जिला पंचायत तहबाजारी के नाम पर ट्रकों से कथित अवैध वसूली किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का आरोप है कि बालू डंप से निकलने वाले ट्रकों से निर्धारित शुल्क के अलावा भी अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे हैं। आरोप है कि एक चार पहिया गाड़ी में सवार होकर चार लड़के आते हैं और गुंडई के बल पर पैसे वसूलते हैं। पैसे न देने पर वे ट्रक चालकों के साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इस अवैध वसूली के कारण सड़क पर ट्रकों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे भीषण जाम की स्थिति बन जाती है और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वाहन चालकों का कहना है कि पैसे न देने पर ट्रकों को आगे बढ़ने से रोका जाता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस क्षेत्र में पहले भी बालू परिवहन और अवैध खनन से जुड़े विवाद सामने आते रहे हैं। इस मामले में जब बाँदा के खनिज अधिकारी से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि यह मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन यदि अवैध वसूली हो रही है तो इस पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पूरे मामले की जानकारी देने के लिए जब पैलानी एसडीएम अंकित वर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन ही नहीं उठा।2
- बाँदा के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित डीएम कॉलोनी (जीआईसी हॉस्टल के पीछे) में पिछले पाँच दिनों से नलों में गंदा और मटमैला पानी आने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। दूषित जलापूर्ति के कारण क्षेत्रवासियों को पीने के पानी के लिए बेहद परेशान होना पड़ रहा है। लोगों को मजबूरी में बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है या फिर अन्य स्थानों से स्वच्छ पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी बेहद बदबूदार है, जो पीने तो दूर, घरेलू उपयोग के लायक भी नहीं है। इसके कारण बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों में जलजनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। क्षेत्रवासियों को आशंका है कि पेयजल पाइपलाइन में रिसाव होने या फिर सीवर लाइन का पानी मिलने की वजह से यह समस्या उत्पन्न हुई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र में डायरिया, टाइफाइड और अन्य गंभीर बीमारियाँ फैल सकती हैं। स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी, जल संस्थान एवं नगर पालिका प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या की जांच कराकर पाइपलाइन दुरुस्त करने और स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि स्वच्छ पेयजल पाना प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है और प्रशासन को जनहित में इसका समाधान जल्द से जल्द करना चाहिए।1
- बांदा जिले के जसपुरा विकास खंड अंतर्गत नांदादेव गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र से लेकर रमेश डॉक्टर के दरवाजे तक जाने वाला रास्ता बेहद खराब हो चुका है। सड़क की दयनीय स्थिति के कारण स्थानीय लोगों का इस मार्ग पर चलना भी काफी मुश्किल हो गया है। इस समस्या को देखते हुए लोगों ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया है कि कृपया इस खराब रास्ते को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए।1
- ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग शुरू किया जा रहा है। इस तकनीक की मदद से सड़क में गड्ढे, दरारें और अन्य खराबियों की जल्दी पहचान की जा सकेगी, जिससे समय पर मरम्मत कर ग्रामीण संपर्क मार्गों को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। अब गांव की सड़कों पर AI की निगरानी रहेगी और सड़क खराब होते ही तुरंत इसका पता चल जाएगा।1
- हमीरपुर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने मेरठ में प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और इसके बाद जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। पार्टी पदाधिकारियों ने सौंपे गए ज्ञापन में ललिता गौतम हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने, मेरठ के एसएसपी अवनीश पांडेय को बर्खास्त करने तथा प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। इसके साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी की गई है। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र ही कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू में शहीद पत्रकार स्वर्गीय सुरेश चंद्रगुप्त की 43वीं पुण्यतिथि अत्यंत सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने शहीद पार्क के सुंदरीकरण कराए जाने का बड़ा ऐलान किया है।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के बंटवारे के समय पाकिस्तान गए एक परिवार की करीब 10 बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कराकर सरकारी संपत्ति घोषित कर दिया है। मौदहा कस्बे के मौजा हामिद शहीद बाबा के निकट स्थित खाता संख्या 151, गाटा संख्या 1300क, 1301क, 1378क, 1383क, 1390क, 1938क और 1939क की लगभग दस बीघा जमीन सरकारी दस्तावेजों में इस्माइल पुत्र पीर मोहम्मद (हाल मुकाम पाकिस्तान) के नाम दर्ज है। इस जमीन पर वर्तमान में हुसैनिया निवासी नईमुद्दीन और राना परवीन ने अवैध कब्जा कर रखा था। आलाधिकारियों के आदेश पर जांच पूरी होने के बाद मंगलवार को उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह, क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय, नायब तहसीलदार महेंद्र गुप्ता सहित राजस्व विभाग के जिम्मेदारों और पुलिस बल की मौजूदगी में इस जमीन को कब्जा मुक्त कराकर नगर पालिका के अधीन कर दिया गया। इस कार्रवाई के संबंध में उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह ने बताया कि यह एक शत्रु संपत्ति थी, जिसके मालिक बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए थे। कुछ लोगों द्वारा इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर फसल बोई जा रही थी, जिसे पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सरकारी कब्जे में ले लिया गया है। अब इस जमीन की मेड़बंदी कर इसे सुरक्षित किया जा रहा है और यहाँ जल्द ही सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगाया जाएगा। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से कस्बे के अन्य अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया है। कस्बे में अभी भी कई स्थानों पर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे मौजूद हैं, जिनपर आने वाले समय में प्रशासन द्वारा जल्द ही ऐसी ही कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- बांदा में अतिक्रमण हटाने पहुँची टीम पर हमला किया गया है। घटना के दौरान टीम में शामिल लेखपाल के साथ अभद्रता की गई और दरोगा की वर्दी फाड़ने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।1