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बांदा जिले के जसपुरा विकास खंड अंतर्गत नांदादेव गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र से लेकर रमेश डॉक्टर के दरवाजे तक जाने वाला रास्ता बेहद खराब हो चुका है। सड़क की दयनीय स्थिति के कारण स्थानीय लोगों का इस मार्ग पर चलना भी काफी मुश्किल हो गया है। इस समस्या को देखते हुए लोगों ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया है कि कृपया इस खराब रास्ते को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए।

1 hr ago
user_Chhotu Prajapati
Chhotu Prajapati
पैलानी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

बांदा जिले के जसपुरा विकास खंड अंतर्गत नांदादेव गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र से लेकर रमेश डॉक्टर के दरवाजे तक जाने वाला रास्ता बेहद खराब हो चुका है। सड़क की दयनीय स्थिति के कारण स्थानीय लोगों का इस मार्ग पर चलना भी काफी मुश्किल हो गया है। इस समस्या को देखते हुए लोगों ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया है कि कृपया इस खराब रास्ते को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बांदा जिले के जसपुरा विकास खंड अंतर्गत नांदादेव गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र से लेकर रमेश डॉक्टर के दरवाजे तक जाने वाला रास्ता बेहद खराब हो चुका है। सड़क की दयनीय स्थिति के कारण स्थानीय लोगों का इस मार्ग पर चलना भी काफी मुश्किल हो गया है। इस समस्या को देखते हुए लोगों ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया है कि कृपया इस खराब रास्ते को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए।
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    बांदा जिले के जसपुरा विकास खंड अंतर्गत नांदादेव गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र से लेकर रमेश डॉक्टर के दरवाजे तक जाने वाला रास्ता बेहद खराब हो चुका है। सड़क की दयनीय स्थिति के कारण स्थानीय लोगों का इस मार्ग पर चलना भी काफी मुश्किल हो गया है।

इस समस्या को देखते हुए लोगों ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया है कि कृपया इस खराब रास्ते को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए।
    user_Chhotu Prajapati
    Chhotu Prajapati
    पैलानी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बांदा के महुआ रेलवे पास राजपूत का पुरवा में सड़क न होने से स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। प्रवासी रेलवे तक कोई सड़क न होने के कारण बारिश और चौमास के समय लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, और बच्चों को स्कूल जाने में बड़ी समस्या होती है। इस बदहाली पर न तो क्षेत्रीय विधायक ध्यान दे रहे हैं और न ही ग्राम प्रधान कोई सुनवाई कर रहे हैं, जिससे नाराज होकर लोगों ने सवाल पूछा है कि आखिर यह रोड कब तक बनेगी।
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    बांदा के महुआ रेलवे पास राजपूत का पुरवा में सड़क न होने से स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। प्रवासी रेलवे तक कोई सड़क न होने के कारण बारिश और चौमास के समय लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, और बच्चों को स्कूल जाने में बड़ी समस्या होती है। इस बदहाली पर न तो क्षेत्रीय विधायक ध्यान दे रहे हैं और न ही ग्राम प्रधान कोई सुनवाई कर रहे हैं, जिससे नाराज होकर लोगों ने सवाल पूछा है कि आखिर यह रोड कब तक बनेगी।
    user_RK RAJ
    RK RAJ
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के राज में क्या सिर्फ एकतरफा कानून चल रहा है? एक तरफ आगरा में सड़क के गड्ढे दिखाने वाले आम नागरिक रफीक को अमर्यादित भाषा के बहाने तुरंत जेल में ठूंस दिया जाता है, तो दूसरी तरफ गोरखपुर में चंदा चोरी पर पोस्टर लगाने वाले सपा नेता उपेन्द्र दत्त शुक्ल को गिरफ्तार कर लिया जाता है।
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    उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के राज में क्या सिर्फ एकतरफा कानून चल रहा है? एक तरफ आगरा में सड़क के गड्ढे दिखाने वाले आम नागरिक रफीक को अमर्यादित भाषा के बहाने तुरंत जेल में ठूंस दिया जाता है, तो दूसरी तरफ गोरखपुर में चंदा चोरी पर पोस्टर लगाने वाले सपा नेता उपेन्द्र दत्त शुक्ल को गिरफ्तार कर लिया जाता है।
    user_MDY News
    MDY News
    Newspaper distribution Hamirpur, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के श्याम खेड़ा गांव (पोस्ट कोरसम) में बिना किसी पैमाइश के ही इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इस अनियोजित निर्माण के कारण सड़क का हिस्सा घर के नीचे दबा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य की सुध लेने के लिए कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आता है। सड़क के अत्यधिक संकरी होने के कारण यहां से वाहनों के गुजरने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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    उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के श्याम खेड़ा गांव (पोस्ट कोरसम) में बिना किसी पैमाइश के ही इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इस अनियोजित निर्माण के कारण सड़क का हिस्सा घर के नीचे दबा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य की सुध लेने के लिए कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आता है। सड़क के अत्यधिक संकरी होने के कारण यहां से वाहनों के गुजरने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Vikendra kumar
    Vikendra kumar
    Bindki, Fatehpur•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी क्षेत्र में लद्दाख के पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य के लिए अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक और युवाओं की खामोशी को लेकर एक बेहद कड़वी व परेशान करने वाली सच्चाई पर गंभीर चर्चा हो रही है। फिल्म '3 Idiots' के काल्पनिक किरदार 'फुंसुक वांगडू' पर सिनेमाघरों में तालियां बजाने और भावुक होने वाली युवा पीढ़ी आज असल जिंदगी के नायक सोनम वांगचुक के संघर्ष पर पूरी तरह खामोश बैठी है। यह विरोधाभास आज के समाज और युवाओं की सोच पर गहरे सवाल खड़े करता है, जो रील और रीयल के अंतर को भूल चुके हैं। सोशल मीडिया पर मामूली मनोरंजन और रील्स पर करोड़ों व्यूज देने वाला युवा वर्ग देश के सबसे संवेदनशील हिस्से लद्दाख और जलवायु परिवर्तन के इतने बड़े आंदोलन पर डिजिटल चुप्पी साधे हुए है। सोनम वांगचुक का पूरा जीवन पर्यावरण संरक्षण और अनूठे वैज्ञानिक आविष्कारों के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने सर्दियों में व्यर्थ बहने वाले पानी को जमा कर कृत्रिम ग्लेशियर बनाने की 'आइस स्तूप' तकनीक विकसित की, जो गर्मियों में पिघलकर लद्दाख के किसानों के लिए वरदान साबित होती है। इसके अलावा, उन्होंने 1988 में 'स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख' (SECMOL) की स्थापना की, जो पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाला एक ऐसा स्कूल है जहां व्यावहारिक शिक्षा दी जाती है। उन्होंने शून्य से 30 डिग्री नीचे के तापमान में भी हीटर या कोयले के बिना अंदर से गर्म रहने वाले पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी के घरों (सोलर हीटेड मड हाउसेज) का निर्माण किया। उनके इन्हीं अभूतपूर्व कार्यों और जीवन संघर्ष से प्रेरित होकर फिल्म '3 Idiots' में आमिर खान का 'फुंसुक वांगडू' किरदार रचा गया था। इन ऐतिहासिक योगदानों के लिए उन्हें एशिया का नोबेल माना जाने वाला रमन मैग्सेसे पुरस्कार (2018), ग्लोबल अवार्ड फॉर सस्टेनेबल आर्किटेक्चर (2017) और रोलेक्स अवार्ड फॉर एंटरप्राइज (2016) जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। वर्तमान में सोनम वांगचुक लद्दाख की अनूठी पहचान, जमीन और संसाधनों को बड़े उद्योगों के अंधाधुंध दोहन से बचाने के लिए इसे भारतीय संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। हिमालयी ग्लेशियरों को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लिए वे कड़ाके की ठंड में लगातार अनशन और लंबी पदयात्राएं कर रहे हैं। उनका यह संघर्ष केवल लद्दाख का नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का है। युवाओं को अब जागना होगा और उनके इस संदेश "सरल जीवन जिएं ताकि दूसरे भी जी सकें" को केवल फिल्मों में नहीं, बल्कि समाज में जिंदा रखना होगा।
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    उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी क्षेत्र में लद्दाख के पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य के लिए अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक और युवाओं की खामोशी को लेकर एक बेहद कड़वी व परेशान करने वाली सच्चाई पर गंभीर चर्चा हो रही है। फिल्म '3 Idiots' के काल्पनिक किरदार 'फुंसुक वांगडू' पर सिनेमाघरों में तालियां बजाने और भावुक होने वाली युवा पीढ़ी आज असल जिंदगी के नायक सोनम वांगचुक के संघर्ष पर पूरी तरह खामोश बैठी है। यह विरोधाभास आज के समाज और युवाओं की सोच पर गहरे सवाल खड़े करता है, जो रील और रीयल के अंतर को भूल चुके हैं। सोशल मीडिया पर मामूली मनोरंजन और रील्स पर करोड़ों व्यूज देने वाला युवा वर्ग देश के सबसे संवेदनशील हिस्से लद्दाख और जलवायु परिवर्तन के इतने बड़े आंदोलन पर डिजिटल चुप्पी साधे हुए है।

सोनम वांगचुक का पूरा जीवन पर्यावरण संरक्षण और अनूठे वैज्ञानिक आविष्कारों के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने सर्दियों में व्यर्थ बहने वाले पानी को जमा कर कृत्रिम ग्लेशियर बनाने की 'आइस स्तूप' तकनीक विकसित की, जो गर्मियों में पिघलकर लद्दाख के किसानों के लिए वरदान साबित होती है। इसके अलावा, उन्होंने 1988 में 'स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख' (SECMOL) की स्थापना की, जो पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाला एक ऐसा स्कूल है जहां व्यावहारिक शिक्षा दी जाती है। उन्होंने शून्य से 30 डिग्री नीचे के तापमान में भी हीटर या कोयले के बिना अंदर से गर्म रहने वाले पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी के घरों (सोलर हीटेड मड हाउसेज) का निर्माण किया। उनके इन्हीं अभूतपूर्व कार्यों और जीवन संघर्ष से प्रेरित होकर फिल्म '3 Idiots' में आमिर खान का 'फुंसुक वांगडू' किरदार रचा गया था।

इन ऐतिहासिक योगदानों के लिए उन्हें एशिया का नोबेल माना जाने वाला रमन मैग्सेसे पुरस्कार (2018), ग्लोबल अवार्ड फॉर सस्टेनेबल आर्किटेक्चर (2017) और रोलेक्स अवार्ड फॉर एंटरप्राइज (2016) जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। वर्तमान में सोनम वांगचुक लद्दाख की अनूठी पहचान, जमीन और संसाधनों को बड़े उद्योगों के अंधाधुंध दोहन से बचाने के लिए इसे भारतीय संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। हिमालयी ग्लेशियरों को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लिए वे कड़ाके की ठंड में लगातार अनशन और लंबी पदयात्राएं कर रहे हैं। उनका यह संघर्ष केवल लद्दाख का नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का है। युवाओं को अब जागना होगा और उनके इस संदेश "सरल जीवन जिएं ताकि दूसरे भी जी सकें" को केवल फिल्मों में नहीं, बल्कि समाज में जिंदा रखना होगा।
    user_BEBAK SABSE DHAKAD
    BEBAK SABSE DHAKAD
    बिंदकी, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • हमीरपुर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने मेरठ में प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और इसके बाद जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। पार्टी पदाधिकारियों ने सौंपे गए ज्ञापन में ललिता गौतम हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने, मेरठ के एसएसपी अवनीश पांडेय को बर्खास्त करने तथा प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। इसके साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी की गई है। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र ही कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।
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    हमीरपुर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने मेरठ में प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और इसके बाद जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।

पार्टी पदाधिकारियों ने सौंपे गए ज्ञापन में ललिता गौतम हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने, मेरठ के एसएसपी अवनीश पांडेय को बर्खास्त करने तथा प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। इसके साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी की गई है।

इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र ही कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।
    user_ISLAM
    ISLAM
    Local News Reporter मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले सैकड़ों शिक्षक सड़कों पर उतर आए हैं। सड़कों पर उतरे इन शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है।
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    उत्तर प्रदेश में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले सैकड़ों शिक्षक सड़कों पर उतर आए हैं। सड़कों पर उतरे इन शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बांदा के गिरवा थाना क्षेत्र के खेरवा गांव में जमीन पैमाइश के दौरान एक विवाद खड़ा हो गया। इस विवाद के बाद मौके पर मौजूद दरोगा जब पति को थाने ले जा रहे थे, तभी एक महिला उनसे भिड़ गई। इस टकराव के बाद महिला लेखपाल ने एक्शन लेते हुए आरोपी महिला और उसके पति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है।
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    बांदा के गिरवा थाना क्षेत्र के खेरवा गांव में जमीन पैमाइश के दौरान एक विवाद खड़ा हो गया। इस विवाद के बाद मौके पर मौजूद दरोगा जब पति को थाने ले जा रहे थे, तभी एक महिला उनसे भिड़ गई। इस टकराव के बाद महिला लेखपाल ने एक्शन लेते हुए आरोपी महिला और उसके पति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है।
    user_MDY News
    MDY News
    Newspaper distribution Hamirpur, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
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