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ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग शुरू किया जा रहा है। इस तकनीक की मदद से सड़क में गड्ढे, दरारें और अन्य खराबियों की जल्दी पहचान की जा सकेगी, जिससे समय पर मरम्मत कर ग्रामीण संपर्क मार्गों को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। अब गांव की सड़कों पर AI की निगरानी रहेगी और सड़क खराब होते ही तुरंत इसका पता चल जाएगा।
Dilip Kumar Bharti
ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग शुरू किया जा रहा है। इस तकनीक की मदद से सड़क में गड्ढे, दरारें और अन्य खराबियों की जल्दी पहचान की जा सकेगी, जिससे समय पर मरम्मत कर ग्रामीण संपर्क मार्गों को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। अब गांव की सड़कों पर AI की निगरानी रहेगी और सड़क खराब होते ही तुरंत इसका पता चल जाएगा।
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- ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग शुरू किया जा रहा है। इस तकनीक की मदद से सड़क में गड्ढे, दरारें और अन्य खराबियों की जल्दी पहचान की जा सकेगी, जिससे समय पर मरम्मत कर ग्रामीण संपर्क मार्गों को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। अब गांव की सड़कों पर AI की निगरानी रहेगी और सड़क खराब होते ही तुरंत इसका पता चल जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा में सड़क खराब होने के कारण दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है। सड़क हादसों को रोकने के लिए इसे रिपेयर करने की मांग की गई है। इस खराब सड़क को दुरुस्त करने के लिए साजन से इसे कृपया सही करने की अपील की गई है ताकि संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।4
- उत्तर प्रदेश में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले सैकड़ों शिक्षक सड़कों पर उतर आए हैं। सड़कों पर उतरे इन शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है।1
- देश में अंधेरा कायम है और भारत की डबल इंजन सरकार जनता को 24 घंटे बिजली देने में पूरी तरह असमर्थ है। इसके साथ ही, भारतीय जन मोर्चा पार्टी कर्ज लेकर भ्रष्टाचार मचाए हुए है।1
- सतना में नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर की जनसमस्याओं के विरोध में विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश सुखेजा की अगुवाई में व्यापारियों ने एक विशाल धरना-प्रदर्शन और शक्ति प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। व्यापारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम जनसमस्याओं के समाधान का केंद्र बनने के बजाय खुद ही समस्याओं का अड्डा बन चुका है। प्रदर्शन के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, बदहाल सड़कों, अतिक्रमण और जल निकासी जैसी गंभीर नागरिक समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। आंदोलन के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब व्यापारियों के अनुसार नगर निगम प्रशासन ने उन पर गंदे पानी की बौछार करा दी। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों का गुस्सा और भड़क गया और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। खास बात यह रही कि इस प्रदर्शन में सतना के महापौर भी शामिल हुए और उन्होंने व्यापारियों की मांगों का समर्थन करते हुए नगर निगम आयुक्त की कार्यशैली पर तीखा रोष जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आयुक्त की तानाशाही और मनमानी के चलते जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों की उपेक्षा की जा रही है और विकास कार्यों में अनावश्यक अड़ंगे लगाए जा रहे हैं। चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश सुखेजा ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि व्यापारी फिलहाल लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। यदि नगर निगम प्रशासन ने जल्द ही इन सभी नागरिक समस्याओं का निराकरण नहीं किया, तो व्यापारियों का यह आंदोलन आने वाले समय में और अधिक व्यापक रूप धारण करेगा।4
- बांदा के महुआ विकासखंड के अंतर्गत बरसड़ा बुजुर्ग उच्च प्राथमिक/प्राथमिक विद्यालय में 14 जुलाई 2026 को दोपहर 12:05 बजे ही ताला लटका मिला। निर्धारित समय से पहले स्कूल का बंद मिलना न केवल नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि उन बच्चों के अधिकारों की अनदेखी भी है जिनके भविष्य का जिम्मा इन शिक्षकों के कंधों पर है। विद्यालय में पसरा यह सन्नाटा शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। इस लापरवाही पर तीखे सवाल उठ रहे हैं कि जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी द्वारा विद्यालय के समय का कड़ाई से पालन करने के सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं, तो आखिर कुछ शिक्षक इन आदेशों को महज एक कागज का टुकड़ा समझने की हिम्मत कहां से जुटा लेते हैं? क्या उन्हें किसी कार्रवाई का भय नहीं है, या फिर व्यवस्था की खामोशी ने ही इस लापरवाही को संरक्षण दे रखा है। इस संबंध में जब कथित तौर पर फेसबुक लाइव के माध्यम से खंड शिक्षा अधिकारी आभा अग्रवाल को स्कूल बंद होने की स्थिति दिखाई गई, तो उनका कहना था कि वह "विजिट करेंगी।" लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या प्रत्यक्ष प्रमाण मिलने के बाद भी महज एक औपचारिक निरीक्षण काफी है? क्या हर बार कार्रवाई से पहले इतना समय दिया जाना जरूरी है कि अनियमितता के सारे निशान ही मिट जाएं? अब देखना यह है कि इस मामले में शिक्षा विभाग सख्त जवाबदेही तय करता है या फिर यह शिकायत भी "विजिट" के नाम पर ठंडे बस्ते में चली जाएगी।1
- बांदा के कंचन पुरवा काली देवी मंदिर में आषाढ़ी अमावस्या के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन भाजपा नेता श्याम मोहन धुरिया द्वारा कराया गया।1
- बांदा जिले के कमासिन थाना पुलिस ने पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक 9 वर्षीय बच्ची की गैर-इरादतन हत्या के मामले में फरार चल रही वांछित अभियुक्ता रामकली को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार की गई अभियुक्ता रामकली, रामप्रकाश उर्फ छोट्टन की पत्नी है और वह कमासिन थाना क्षेत्र के ग्राम खमरखा की ही रहने वाली है। इस कामयाबी पर एसपी ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। यह मामला ग्राम खमरखा का है, जहां 31 मई 26 को आपसी विवाद के दौरान एक पक्ष ने 9 वर्षीय बच्ची की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। गंभीर रूप से घायल बच्ची की इलाज के दौरान मौत होने के बाद परिजनों की तहरीर पर कमासिन थाने में अभियोग पंजीकृत किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस वारदात में शामिल एक अन्य वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए भी टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1