सतना में नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर की जनसमस्याओं के विरोध में विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश सुखेजा की अगुवाई में व्यापारियों ने एक विशाल धरना-प्रदर्शन और शक्ति प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। व्यापारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम जनसमस्याओं के समाधान का केंद्र बनने के बजाय खुद ही समस्याओं का अड्डा बन चुका है। प्रदर्शन के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, बदहाल सड़कों, अतिक्रमण और जल निकासी जैसी गंभीर नागरिक समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। आंदोलन के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब व्यापारियों के अनुसार नगर निगम प्रशासन ने उन पर गंदे पानी की बौछार करा दी। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों का गुस्सा और भड़क गया और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। खास बात यह रही कि इस प्रदर्शन में सतना के महापौर भी शामिल हुए और उन्होंने व्यापारियों की मांगों का समर्थन करते हुए नगर निगम आयुक्त की कार्यशैली पर तीखा रोष जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आयुक्त की तानाशाही और मनमानी के चलते जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों की उपेक्षा की जा रही है और विकास कार्यों में अनावश्यक अड़ंगे लगाए जा रहे हैं। चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश सुखेजा ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि व्यापारी फिलहाल लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। यदि नगर निगम प्रशासन ने जल्द ही इन सभी नागरिक समस्याओं का निराकरण नहीं किया, तो व्यापारियों का यह आंदोलन आने वाले समय में और अधिक व्यापक रूप धारण करेगा।
सतना में नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर की जनसमस्याओं के विरोध में विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश सुखेजा की अगुवाई में व्यापारियों ने एक विशाल धरना-प्रदर्शन और शक्ति प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। व्यापारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम जनसमस्याओं के समाधान का केंद्र बनने
के बजाय खुद ही समस्याओं का अड्डा बन चुका है। प्रदर्शन के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, बदहाल सड़कों, अतिक्रमण और जल निकासी जैसी गंभीर नागरिक समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। आंदोलन के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब व्यापारियों के अनुसार नगर निगम प्रशासन ने उन पर गंदे पानी की बौछार करा दी। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों का
गुस्सा और भड़क गया और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। खास बात यह रही कि इस प्रदर्शन में सतना के महापौर भी शामिल हुए और उन्होंने व्यापारियों की मांगों का समर्थन करते हुए नगर निगम आयुक्त की कार्यशैली पर तीखा रोष जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आयुक्त की तानाशाही और मनमानी के चलते जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों की उपेक्षा की जा रही है और
विकास कार्यों में अनावश्यक अड़ंगे लगाए जा रहे हैं। चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश सुखेजा ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि व्यापारी फिलहाल लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। यदि नगर निगम प्रशासन ने जल्द ही इन सभी नागरिक समस्याओं का निराकरण नहीं किया, तो व्यापारियों का यह आंदोलन आने वाले समय में और अधिक व्यापक रूप धारण करेगा।
- देश में अंधेरा कायम है और भारत की डबल इंजन सरकार जनता को 24 घंटे बिजली देने में पूरी तरह असमर्थ है। इसके साथ ही, भारतीय जन मोर्चा पार्टी कर्ज लेकर भ्रष्टाचार मचाए हुए है।1
- सतना में नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर की जनसमस्याओं के विरोध में विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश सुखेजा की अगुवाई में व्यापारियों ने एक विशाल धरना-प्रदर्शन और शक्ति प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। व्यापारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम जनसमस्याओं के समाधान का केंद्र बनने के बजाय खुद ही समस्याओं का अड्डा बन चुका है। प्रदर्शन के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, बदहाल सड़कों, अतिक्रमण और जल निकासी जैसी गंभीर नागरिक समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। आंदोलन के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब व्यापारियों के अनुसार नगर निगम प्रशासन ने उन पर गंदे पानी की बौछार करा दी। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों का गुस्सा और भड़क गया और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। खास बात यह रही कि इस प्रदर्शन में सतना के महापौर भी शामिल हुए और उन्होंने व्यापारियों की मांगों का समर्थन करते हुए नगर निगम आयुक्त की कार्यशैली पर तीखा रोष जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आयुक्त की तानाशाही और मनमानी के चलते जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों की उपेक्षा की जा रही है और विकास कार्यों में अनावश्यक अड़ंगे लगाए जा रहे हैं। चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश सुखेजा ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि व्यापारी फिलहाल लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। यदि नगर निगम प्रशासन ने जल्द ही इन सभी नागरिक समस्याओं का निराकरण नहीं किया, तो व्यापारियों का यह आंदोलन आने वाले समय में और अधिक व्यापक रूप धारण करेगा।4
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में क्षय रोग को जड़ से समाप्त करने की मुहिम के तहत एक सराहनीय पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चित्रकूट दौरे के दौरान क्षय रोगियों को गोद लेने की दी गई प्रेरणा से प्रभावित होकर समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने एक साथ दो क्षय रोग पीड़ित लड़कियों को गोद लिया है। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजसेविका ने दोनों पीड़ित बच्चियों को गोद लेते हुए उन्हें काजू, बादाम, किशमिश और फल समेत पौष्टिक आहार की किट वितरित की। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ महेंद्र कुमार त्रिपाठी और क्षय रोग जिला कार्यक्रम समन्वयक ज्ञानचंद शुक्ला भी मौजूद रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने चित्रकूट दौरे पर अधिकारियों, नेताओं और जनप्रतिनिधियों को इस मुहिम से जुड़ने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के इस आदेश के बाद समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय जिले में पहली महिला के रूप में सामने आई हैं, जिन्होंने इस आदेश का पालन करते हुए बच्चियों को गोद लिया है। उन्होंने बताया कि क्षय रोग पीड़ितों का इलाज छह महीने तक चलता है और तब तक इन बच्चियों के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी समाजसेविका की रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने सक्षम लोगों से 'निक्षय मित्र' बनकर पीड़ितों की मदद करने की अपील की। इस पहल पर समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए इसे एक बेहद नेक पहल बताया। उन्होंने कहा कि वह खुद को सौभाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री की प्रेरणा से किसी की मदद करने का अवसर मिला। उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक इन पीड़ित बच्चियों का इलाज चलेगा, वह उनकी दवा, पौष्टिक आहार और सेहत का पूरा ख्याल रखने के लिए उनके नियमित संपर्क में रहेंगी और उनकी मदद करती रहेंगी।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने एक बड़ी पहल करते हुए दो क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित लड़कियों को गोद लिया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने चित्रकूट दौरे के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नेताओं को क्षय रोगियों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया था। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन बच्चियों को गोद लेकर उन्हें पौष्टिक आहार किट वितरित की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी और क्षय रोग जिला कार्यक्रम समन्वयक ज्ञानचंद शुक्ला की मौजूदगी में समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने दोनों पीड़ित बच्चियों को काजू, बादाम, किशमिश और फल जैसी पौष्टिक सामग्रियों की पोटली भेंट की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अर्चना नितिन उपाध्याय पहली ऐसी महिला बनकर सामने आई हैं जिन्होंने इस मुहिम को अपनाया है। क्षय रोग का इलाज 6 महीने तक चलता है, और तब तक इन बच्चियों के भरण-पोषण और सेहत का पूरा ख्याल रखने की जिम्मेदारी समाजसेविका उठाएंगी। सीएमओ ने अन्य सक्षम लोगों से भी इस मुहिम से जुड़कर 'निक्षय मित्र' बनने और पीड़ितों की मदद करने का आह्वान किया है। इस अवसर पर समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए उनके इस कदम को एक बेहद नेक पहल बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से उन्हें किसी की मदद करने का सौभाग्य मिला है। जब तक इन पीड़ित बच्चियों का इलाज चलेगा, वह लगातार उनके संपर्क में रहेंगी और उनकी दवा, पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखेंगी।1
- चित्रकूट के कर्वी शहर के बस स्टैंड पर अषाढ़ी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क पौध वितरण और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह धार्मिक और सामाजिक कार्य जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के शिष्य व समाजसेवी विनोद प्रिंस केसरवानी द्वारा स्वामी जी के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास जय महाराज के सानिध्य में आयोजित हुआ। इस भव्य कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि आचार्य रामचंद्र दास, पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्र, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष हीरो मिश्रा, डॉ रचित पांडेय, प्रिया मसाला के निदेशक बृजेश त्रिपाठी, अधिवक्ता संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता एडवोकेट, अरुण गुप्ता, विवेक अग्रवाल, पिंटू द्विवेदी, राम सागर चतुर्वेदी और कमलेश कुमार समेत अन्य लोगों के स्वागत और पौध वितरण से हुई, जिसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया। इस अवसर पर आचार्य रामचंद्र दास महाराज ने कहा कि चित्रकूट के प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं के लिए भरपेट भोजन की व्यवस्था करना अत्यंत हर्ष की बात है। उन्होंने घोषणा की कि पूज्य गुरुदेव के जन्मोत्सव पर आगामी जनवरी महीने से जिला चिकित्सालय में दूर-दराज से आने वाले मरीजों और तीमारदारों को 'सीता रसोई' में मात्र एक रुपये में भरपेट भोजन मिलेगा। उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छ हवा और वातावरण की जरूरत बताते हुए पौध वितरण की महत्ता पर बल दिया। वहीं, समाजसेवी विनोद प्रिंस केसरवानी ने सभी जिले वासियों का आभार जताते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे वितरित किए गए हैं और यह विशाल भंडारा हर अमावस्या पर अनवरत जारी रहेगा।3
- चित्रकूट के बहिलपुरवा रेलवे स्टेशन पर रेलवे विभाग द्वारा बंद किए गए अंडरपास को तत्काल पुनः खोले जाने की मांग को लेकर बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल और पाठा क्षेत्र के नागरिकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि रेलवे विभाग ने 13 जुलाई 2026 को बिना किसी पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के इस अंडरपास को बंद कर दिया, जिससे पाठा क्षेत्र की हजारों की आबादी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अंडरपास बंद होने से बहिलपुरवा, करका पडरिया, रुकमा बुजुर्ग, रुखमा खुर्द, ददरी और कैलहा सहित आसपास के कई गांवों के लोगों को मानिकपुर तहसील, विकास खंड, बैंक, अस्पताल और अन्य सरकारी कार्यालयों तक पहुँचने के लिए कर्वी होकर एक लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे जनता का समय, धन और ईंधन का अनावश्यक नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही, विद्यालय और शिक्षण संस्थानों तक पहुँचने में हो रही भारी कठिनाइयों के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। वहीं, बहिलपुरवा थाना अंडरपास के दूसरी ओर स्थित होने के कारण पुलिस को गश्त, अपराध नियंत्रण और आपातकालीन स्थितियों में क्षेत्र तक पहुँचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा, जिससे कानून-व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर बंद अंडरपास को तत्काल खुलवाया जाए। यदि तकनीकी कारणों से इसे तुरंत खोलना संभव न हो, तो सुरक्षित और स्थायी वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो पाठा क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से व्यापक आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी रेलवे विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की होगी। इस दौरान एडवोकेट प्रखर पटेल, समाजसेवी मुकेश कुमार, विपिन, अतुल, एडवोकेट हरवंश पटेल, अजय यादव, दिपांशु, अंकित और राकेश सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।1
- पन्ना जिले के शाहनगर अंतर्गत चौपरा गांव में एक 7 साल के मासूम बच्चे की कुएं में मौत होने से सनसनी फैल गई है। इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है, क्योंकि मृतक बच्चे की मां ने सीधे तौर पर बच्चे के पिता पर ही हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मां द्वारा लगाए गए इस सीधे आरोप के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि मासूम की कुएं में हुई मौत महज एक सामान्य हादसा है या फिर सुनियोजित हत्या।1
- उत्तर प्रदेश को क्षय रोग से मुक्त करने की मुहिम के तहत चित्रकूट में एक सराहनीय पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चित्रकूट दौरे के दौरान मिले निर्देशों और प्रेरणा से प्रभावित होकर समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने एक बड़ी पहल की है। उन्होंने क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित दो लड़कियों को गोद लेकर उन्हें पौष्टिक आहार किट वितरित की है। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी और क्षय रोग जिला कार्यक्रम समन्वयक ज्ञानचंद शुक्ला की मौजूदगी रही। समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने दोनों पीड़ित बच्चियों को सरकारी तौर पर गोद लेते हुए उन्हें काजू, बादाम, किशमिश और फल जैसी पौष्टिक खाद्य सामग्रियों की पोटली प्रदान की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने चित्रकूट दौरे पर अधिकारियों, नेताओं और जनप्रतिनिधियों को क्षय रोगियों को गोद लेने के लिए निर्देशित किया था। इस आदेश के बाद अर्चना नितिन उपाध्याय पहली ऐसी महिला बनकर सामने आई हैं जिन्होंने आगे बढ़कर इन बच्चियों को गोद लिया है। उन्होंने बताया कि इस मुहिम में एक क्षय रोग पीड़ित का इलाज 6 महीने तक चलता है और तब तक इन बच्चियों के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी समाजसेविका ही उठाएँगी। सीएमओ ने सक्षम लोगों से निक्षय मित्र बनकर इस नेक काम में जुड़ने का आह्वान किया है। इस पुनीत कार्य के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुए समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने कहा कि यह मुख्यमंत्री की एक अत्यंत नेक पहल है जिससे हर किसी को जुड़ना चाहिए। उन्होंने खुद को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री की प्रेरणा से ही इस सेवा कार्य के लिए आगे आई हैं। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि जब तक पीड़ित बच्चियों का इलाज चलेगा, वे उनके संपर्क में रहकर नियमित रूप से उनकी दवा, पौष्टिक खान-पान और सेहत का पूरा ख्याल रखेंगी और उनकी मदद करती रहेंगी।3