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पन्ना जिले के शाहनगर अंतर्गत चौपरा गांव में एक 7 साल के मासूम बच्चे की कुएं में मौत होने से सनसनी फैल गई है। इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है, क्योंकि मृतक बच्चे की मां ने सीधे तौर पर बच्चे के पिता पर ही हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मां द्वारा लगाए गए इस सीधे आरोप के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि मासूम की कुएं में हुई मौत महज एक सामान्य हादसा है या फिर सुनियोजित हत्या।
Sitaram rai
पन्ना जिले के शाहनगर अंतर्गत चौपरा गांव में एक 7 साल के मासूम बच्चे की कुएं में मौत होने से सनसनी फैल गई है। इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है, क्योंकि मृतक बच्चे की मां ने सीधे तौर पर बच्चे के पिता पर ही हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मां द्वारा लगाए गए इस सीधे आरोप के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि मासूम की कुएं में हुई मौत महज एक सामान्य हादसा है या फिर सुनियोजित हत्या।
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- पन्ना जिले के शाहनगर अंतर्गत चौपरा गांव में एक 7 साल के मासूम बच्चे की कुएं में मौत होने से सनसनी फैल गई है। इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है, क्योंकि मृतक बच्चे की मां ने सीधे तौर पर बच्चे के पिता पर ही हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मां द्वारा लगाए गए इस सीधे आरोप के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि मासूम की कुएं में हुई मौत महज एक सामान्य हादसा है या फिर सुनियोजित हत्या।1
- पन्ना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अंतरजिला कुख्यात चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2 लाख रुपये के चोरी के आभूषण, नकदी, मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने पन्ना जिले में चोरी और चेन स्नैचिंग की 5 वारदातों का खुलासा किया है। इसके साथ ही, चोरी के आभूषण खरीदने वाले तीन सराफा कारोबारियों को भी गिरफ्तार किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के पांच जिलों में आतंक मचाने वाले रीवा के 'लाले-ललवा' को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस चोरी की पूरी कहानी का पर्दाफाश करने में 500 सीसीटीवी कैमरों ने बड़ी भूमिका निभाई है, जिसने इनके आतंक और चोरी के कारनामों को पूरी तरह से उजागर कर दिया है।1
- पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया के गेट भले ही 30 जून से सैलानियों के लिए बंद हो गए हों, लेकिन बाघों का दीदार थमने का नाम नहीं ले रहा है। पन्ना मार्ग पर स्थित एनएमडीसी (NMDC) कॉलोनी के पास सैलानियों को अचानक सड़क पर बाघ चलता हुआ दिखाई दिया, जिससे उनकी खुशी और हैरत का ठिकाना नहीं रहा। मॉनसून के इस मौसम में जब जंगल के अंदर इंसानी दखल कम हो जाता है, तो वन्यजीव अक्सर बेखौफ होकर बफर जोन और सड़कों के आसपास आ जाते हैं। सैलानी जब एनएमडीसी कॉलोनी की तरफ जा रहे थे, तब बाघ आराम से सड़क पार करता हुआ नजर आया। पर्यटकों ने तुरंत इस अद्भुत नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। नियमों के मुताबिक पन्ना टाइगर रिजर्व का कोर ज़ोन 30 जून से अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए बंद रहता है, लेकिन इस तरह के वाकये बताते हैं कि पन्ना में बाघों की आबादी कितनी समृद्ध हो चुकी है। इस तरह के संवेदनशील वाकयों को देखते हुए सलाह दी गई है कि सड़क पर वन्यजीव दिखने पर गाड़ी की रफ्तार धीमी कर लें, हॉर्न न बजाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।2
- देश में अंधेरा कायम है और भारत की डबल इंजन सरकार जनता को 24 घंटे बिजली देने में पूरी तरह असमर्थ है। इसके साथ ही, भारतीय जन मोर्चा पार्टी कर्ज लेकर भ्रष्टाचार मचाए हुए है।1
- सतना में नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर की जनसमस्याओं के विरोध में विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश सुखेजा की अगुवाई में व्यापारियों ने एक विशाल धरना-प्रदर्शन और शक्ति प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। व्यापारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम जनसमस्याओं के समाधान का केंद्र बनने के बजाय खुद ही समस्याओं का अड्डा बन चुका है। प्रदर्शन के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, बदहाल सड़कों, अतिक्रमण और जल निकासी जैसी गंभीर नागरिक समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। आंदोलन के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब व्यापारियों के अनुसार नगर निगम प्रशासन ने उन पर गंदे पानी की बौछार करा दी। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों का गुस्सा और भड़क गया और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। खास बात यह रही कि इस प्रदर्शन में सतना के महापौर भी शामिल हुए और उन्होंने व्यापारियों की मांगों का समर्थन करते हुए नगर निगम आयुक्त की कार्यशैली पर तीखा रोष जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आयुक्त की तानाशाही और मनमानी के चलते जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों की उपेक्षा की जा रही है और विकास कार्यों में अनावश्यक अड़ंगे लगाए जा रहे हैं। चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश सुखेजा ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि व्यापारी फिलहाल लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। यदि नगर निगम प्रशासन ने जल्द ही इन सभी नागरिक समस्याओं का निराकरण नहीं किया, तो व्यापारियों का यह आंदोलन आने वाले समय में और अधिक व्यापक रूप धारण करेगा।4
- पन्ना जिले के गुनौर नगर परिषद में पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में विकास की रफ्तार के साथ एक नई इबारत लिखी जा रही है, जिससे यह पूरा क्षेत्र एक नजीर बन गया है। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती अर्चना मलखान सिंह के कुशल नेतृत्व, सतत प्रयासों और दूरदर्शी सोच के चलते गुनौर आज पर्यावरण संरक्षण के मामले में एक ‘प्रेरक मॉडल’ बनकर उभरा है। नगर को प्रदूषण मुक्त, स्वच्छ और जल-समृद्ध बनाने के लिए शुरू किए गए उनके अभियान अब धरातल पर एक बड़ा जन-आंदोलन बन चुके हैं। अध्यक्ष श्रीमती अर्चना मलखान सिंह के सीधे मार्गदर्शन में नगर परिषद ने भविष्य के जल संकट को देखते हुए ऐतिहासिक धरोहरों को नया जीवन देने का काम शुरू किया है। इसके तहत नगर के बरसों पुराने और उपेक्षित पड़े कुओं, प्राचीन बावड़ियों और तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण का कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है, जिससे भूजल स्तर में तेजी से सुधार हो रहा है। साथ ही, प्रदूषण के खिलाफ जंग में सार्वजनिक स्थलों, सड़कों के किनारों और वार्डों में जनसहभागिता से सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसी कड़ी में नगर की नवनिर्मित अटल वाटिका में एक भव्य और वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री बृजेंद्र मिश्रा के नेतृत्व और नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती अर्चना मलखान सिंह की विशेष गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इसमें विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार और औषधीय पौधे रोपे गए। इस मौके पर मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और जागरूक नगरवासियों ने हाथ उठाकर इन पौधों के संरक्षण और इन्हें पेड़ बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।4
- पन्ना जिले के ग्राम बछरवारा में आवारा कुत्तों के हमलों के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का दावा है कि इन हमलों में अब तक कई बछड़ों और मवेशियों की जान जा चुकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बछरवारा में आवारा कुत्तों के आतंक से अब तक 10 से ज्यादा बछड़ों की मौत हो चुकी है। हाल ही में हुई एक ताजा घटना में समाजसेवी एवं गौ-रक्षक भरत किशोर द्विवेदी के बछड़े की भी मौत हो गई। इस घटना के बाद गौ-रक्षकों ने इस समस्या के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। भरत किशोर द्विवेदी और आशीष द्विवेदी ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।1