13 साल से फरार माओवादी मुन्ना कोरवा झारखंड से गिरफ्तार, तेहड़ी जंगल में छिपा था माओवादी, पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ा। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की सामरीपाठ पुलिस ने एक दशक से अधिक समय से फरार चल रहे माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य मुन्ना कोरवा को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी मुन्ना कोरवा (33 वर्ष), जो झारखंड के लातेहार जिले का निवासी है, साल 2012 से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। यह मामला 9-10 फरवरी 2012 का है, जब नक्सलियों के एक दस्ते ने लखू यादव नामक व्यक्ति को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की थी। माओवादी दस्ते के मुख्य सदस्य इकबाल यादव के निर्देश पर लखू यादव की हत्या की नीयत से गोली भी चलाई गई थी, लेकिन पीड़ित किसी तरह जंगल में भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। इस घटना के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 02/2012 के तहत आईपीसी की विभिन्न धाराओं (147, 148, 149, 342, 395, 307, 232, 120बी) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। साल 2012 में ही आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया था, जिसके बाद से मुन्ना कोरवा के खिलाफ स्थायी वारंट जारी था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वारंटी मुन्ना कोरवा झारखंड के तेहड़ी (भण्डरिया) क्षेत्र में छिपा हुआ है। पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विश्व दीपक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने झारखंड के भण्डरिया में दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया और उसे सामरीपाठ लाया गया। वैधानिक कार्यवाही पूरी कर आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। इस ऑपरेशन में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, सउनि आनन्द मसीह तिर्की, प्र.आर. विनोद सिंह, आरक्षक मोतीराम राजवाड़े, ओमकार रजक और अजय कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
13 साल से फरार माओवादी मुन्ना कोरवा झारखंड से गिरफ्तार, तेहड़ी जंगल में छिपा था माओवादी, पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ा। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की सामरीपाठ पुलिस ने एक दशक से अधिक समय से फरार चल रहे माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य मुन्ना कोरवा को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी मुन्ना कोरवा (33 वर्ष), जो झारखंड के लातेहार जिले का निवासी है, साल 2012 से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। यह मामला 9-10 फरवरी 2012 का है, जब नक्सलियों के एक दस्ते ने लखू यादव नामक व्यक्ति को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की थी। माओवादी दस्ते के मुख्य सदस्य इकबाल यादव के निर्देश पर लखू यादव की हत्या की नीयत से गोली भी चलाई गई थी, लेकिन पीड़ित किसी तरह जंगल में भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। इस घटना के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 02/2012 के तहत आईपीसी की विभिन्न धाराओं (147, 148, 149, 342, 395, 307, 232, 120बी) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। साल 2012 में ही आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया था, जिसके बाद से मुन्ना कोरवा के खिलाफ स्थायी वारंट जारी था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वारंटी मुन्ना कोरवा झारखंड के तेहड़ी (भण्डरिया) क्षेत्र में छिपा हुआ है। पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विश्व दीपक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने झारखंड के भण्डरिया में दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया और उसे सामरीपाठ लाया गया। वैधानिक कार्यवाही पूरी कर आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। इस ऑपरेशन में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, सउनि आनन्द मसीह तिर्की, प्र.आर. विनोद सिंह, आरक्षक मोतीराम राजवाड़े, ओमकार रजक और अजय कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- 🔴 अवैध संबंध के शक में महिला की जघन्य हत्या, आरोपी गिरफ्तार — 35 हजार का था इनाम अंबिकापुर, 11 अप्रैल 2026। सरगुजा जिले में एक महिला की जघन्य हत्या के मामले में पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह अवैध संबंध की आशंका सामने आई है। आरोपी पर कुल 35 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 3 अप्रैल को कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सदभावना चौक रिंग रोड स्थित एक झाला में अज्ञात महिला का खून से लथपथ शव मिला था। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और मामले की गंभीरता को देखते हुए चार अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या एवं दुष्कर्म की धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच तेज कर दी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर मृतिका की पहचान की गई तथा आरोपी की तलाश शुरू की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी और मृतिका पिछले कई वर्षों से साथ रह रहे थे और दोनों मजदूरी का काम करते थे। आरोपी को महिला के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक था, जिससे वह नाराज था। घटना वाले दिन दोनों ने साथ में शराब पी, जिसके बाद विवाद हुआ। इसी दौरान आरोपी ने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया और फिर मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस की लगातार तलाश और मुखबिर की सूचना पर आरोपी को एमसीबी जिले के चिरमिरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी अपनी बीमार मां से मिलने अस्पताल पहुंचा था, जहां से उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान छोटू उर्फ मिथुन उर्फ राम सिंह (30 वर्ष) निवासी मकनपुर, थाना प्रतापपुर, जिला सूरजपुर के रूप में हुई है। आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया है। उसके कब्जे से घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में कोतवाली थाना, साइबर सेल और चिरमिरी पुलिस की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही।3
- रामानुजगंज स्थित वन वाटिका पार्क में नौका विहार की सुविधा की शुरुआत की गई। छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाना है। रामानुजगंज वनपरिक्षेत्र अंतर्गत वन वाटिका पार्क में शुरू की गई इस नौका विहार सुविधा से अब पार्क में आने वाले लोगों को बोटिंग का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। इससे न सिर्फ पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बढ़ेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी आलोक वाजपेई, रामानुजगंज वन परिक्षेत्राधिकारी दिलरुबा बानो, बलरामपुर वन परिक्षेत्राधिकारी निखिल सक्सेना सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।2
- सड़क निर्माण में लगातार भ्रष्टाचार का मामला1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन विभाग द्वारा वन शहीदों की स्मृति में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण किया गया। वन मंडल कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में वन कर्मियों के साहस और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वीओ: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने वन शहीदों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वन विभाग के अनुसार वर्ष 2003 में नक्सलियों द्वारा वनरक्षक राजनी राम जायसवाल और वीरेन्द्र कुमार सिन्हा की हत्या कर दी गई थी। उनके बलिदान की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और वन कर्मियों के साहस को सम्मान देने के उद्देश्य से इस वन शहीद स्मारक का निर्माण कराया गया है। वन विभाग ने बताया कि वन केवल पेड़ों का समूह नहीं बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार है। जंगलों की रक्षा के लिए वन कर्मी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात कार्य करते हैं, चाहे वह अवैध कटाई को रोकना हो, वन्यजीवों की सुरक्षा करना हो या वन आग पर नियंत्रण करना हो। देश में प्रतिवर्ष 11 सितंबर को वन शहीद दिवस मनाया जाता है, जिसमें जंगलों की रक्षा करते हुए शहीद हुए वन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। इसी कड़ी में बलरामपुर में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण कर वन शहीदों की स्मृति को समर्पित किया गया।1
- बलरामपुर जिले में एक आरोपी अफीम खेती को लेकर फरार चल रहा था काफी दिनों से आज पुलिस ने डार दबोचा और न्यायालय निर्माण में जेल पेश कर रहा है रामानुजगंज जिसमें से कुछ भी क्षेत्र के दूरी पानी गांव में अफीम की खेती को लेकर मामला सुर्खियों में था1
- "सिर्फ ड्राइविंग का शौक होने से काम नहीं चलता भाई, यहाँ अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचानी पड़ती है... : #एम्बुलेंस_वाला...!! राघव एम्बुलेंस सर्विस, बलरामपुर अंबिकापुर छत्तीसगढ़ आपकी सेवा में सदैव तत्पर। कॉल आपका, 9755525100 मदद हमारी।"1
- लोकेशन: बलरामपुर(छत्तीसगढ़) स्लग: वन शहीद स्मारक का लोकार्पण एंकर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन विभाग द्वारा वन शहीदों की स्मृति में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण किया गया। वन मंडल कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में वन कर्मियों के साहस और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वीओ: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने वन शहीदों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वन विभाग के अनुसार वर्ष 2003 में नक्सलियों द्वारा वनरक्षक राजनी राम जायसवाल और वीरेन्द्र कुमार सिन्हा की हत्या कर दी गई थी। उनके बलिदान की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और वन कर्मियों के साहस को सम्मान देने के उद्देश्य से इस वन शहीद स्मारक का निर्माण कराया गया है। वन विभाग ने बताया कि वन केवल पेड़ों का समूह नहीं बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार है। जंगलों की रक्षा के लिए वन कर्मी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात कार्य करते हैं, चाहे वह अवैध कटाई को रोकना हो, वन्यजीवों की सुरक्षा करना हो या वन आग पर नियंत्रण करना हो। देश में प्रतिवर्ष 11 सितंबर को वन शहीद दिवस मनाया जाता है, जिसमें जंगलों की रक्षा करते हुए शहीद हुए वन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। इसी कड़ी में बलरामपुर में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण कर वन शहीदों की स्मृति को समर्पित किया गया।1
- अफीम की खेती से जुड़े मामले में बलरामपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया1
- बलरामपुर। उरांव समाज के बीच जनजागृति अभियान चलाकर राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। समाज के पदाधिकारियों द्वारा एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा गया कि अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और सशक्त भागीदारी के लिए संगठित होना बेहद आवश्यक है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर के निवास पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के लोगों को जागरूक करते हुए आगामी जनगणना में धर्म कॉलम में ‘आदि’ या ‘आदिवासी’ लिखने का आव्हान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अपनी पहचान और संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए सही जानकारी दर्ज करना जरूरी है। इस अभियान के माध्यम से समाज के लोगों को अपने अधिकारों के प्रति सजग और संगठित किया जा रहा है।1