बलरामपुर जिले में वन विभाग द्वारा वन शहीदों की स्मृति में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण किया गया। लोकेशन: बलरामपुर(छत्तीसगढ़) स्लग: वन शहीद स्मारक का लोकार्पण एंकर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन विभाग द्वारा वन शहीदों की स्मृति में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण किया गया। वन मंडल कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में वन कर्मियों के साहस और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वीओ: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने वन शहीदों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वन विभाग के अनुसार वर्ष 2003 में नक्सलियों द्वारा वनरक्षक राजनी राम जायसवाल और वीरेन्द्र कुमार सिन्हा की हत्या कर दी गई थी। उनके बलिदान की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और वन कर्मियों के साहस को सम्मान देने के उद्देश्य से इस वन शहीद स्मारक का निर्माण कराया गया है। वन विभाग ने बताया कि वन केवल पेड़ों का समूह नहीं बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार है। जंगलों की रक्षा के लिए वन कर्मी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात कार्य करते हैं, चाहे वह अवैध कटाई को रोकना हो, वन्यजीवों की सुरक्षा करना हो या वन आग पर नियंत्रण करना हो। देश में प्रतिवर्ष 11 सितंबर को वन शहीद दिवस मनाया जाता है, जिसमें जंगलों की रक्षा करते हुए शहीद हुए वन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। इसी कड़ी में बलरामपुर में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण कर वन शहीदों की स्मृति को समर्पित किया गया।
बलरामपुर जिले में वन विभाग द्वारा वन शहीदों की स्मृति में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण किया गया। लोकेशन: बलरामपुर(छत्तीसगढ़) स्लग: वन शहीद स्मारक का लोकार्पण एंकर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन विभाग द्वारा वन शहीदों की स्मृति में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण किया गया। वन मंडल कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में वन कर्मियों के साहस और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वीओ: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने वन शहीदों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वन विभाग के अनुसार वर्ष 2003 में नक्सलियों द्वारा वनरक्षक राजनी राम जायसवाल और वीरेन्द्र कुमार सिन्हा की हत्या कर दी गई थी। उनके बलिदान की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और वन कर्मियों के साहस को सम्मान देने के उद्देश्य से इस वन शहीद स्मारक का निर्माण कराया गया है। वन विभाग ने बताया कि वन केवल पेड़ों का समूह नहीं बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार है। जंगलों की रक्षा के लिए वन कर्मी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात कार्य करते हैं, चाहे वह अवैध कटाई को रोकना हो, वन्यजीवों की सुरक्षा करना हो या वन आग पर नियंत्रण करना हो। देश में प्रतिवर्ष 11 सितंबर को वन शहीद दिवस मनाया जाता है, जिसमें जंगलों की रक्षा करते हुए शहीद हुए वन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। इसी कड़ी में बलरामपुर में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण कर वन शहीदों की स्मृति को समर्पित किया गया।
- रामानुजगंज स्थित वन वाटिका पार्क में नौका विहार की सुविधा की शुरुआत की गई। छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाना है। रामानुजगंज वनपरिक्षेत्र अंतर्गत वन वाटिका पार्क में शुरू की गई इस नौका विहार सुविधा से अब पार्क में आने वाले लोगों को बोटिंग का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। इससे न सिर्फ पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बढ़ेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी आलोक वाजपेई, रामानुजगंज वन परिक्षेत्राधिकारी दिलरुबा बानो, बलरामपुर वन परिक्षेत्राधिकारी निखिल सक्सेना सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।2
- सड़क निर्माण में लगातार भ्रष्टाचार का मामला1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन विभाग द्वारा वन शहीदों की स्मृति में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण किया गया। वन मंडल कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में वन कर्मियों के साहस और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वीओ: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने वन शहीदों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वन विभाग के अनुसार वर्ष 2003 में नक्सलियों द्वारा वनरक्षक राजनी राम जायसवाल और वीरेन्द्र कुमार सिन्हा की हत्या कर दी गई थी। उनके बलिदान की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और वन कर्मियों के साहस को सम्मान देने के उद्देश्य से इस वन शहीद स्मारक का निर्माण कराया गया है। वन विभाग ने बताया कि वन केवल पेड़ों का समूह नहीं बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार है। जंगलों की रक्षा के लिए वन कर्मी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात कार्य करते हैं, चाहे वह अवैध कटाई को रोकना हो, वन्यजीवों की सुरक्षा करना हो या वन आग पर नियंत्रण करना हो। देश में प्रतिवर्ष 11 सितंबर को वन शहीद दिवस मनाया जाता है, जिसमें जंगलों की रक्षा करते हुए शहीद हुए वन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। इसी कड़ी में बलरामपुर में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण कर वन शहीदों की स्मृति को समर्पित किया गया।1
- बलरामपुर जिले में एक आरोपी अफीम खेती को लेकर फरार चल रहा था काफी दिनों से आज पुलिस ने डार दबोचा और न्यायालय निर्माण में जेल पेश कर रहा है रामानुजगंज जिसमें से कुछ भी क्षेत्र के दूरी पानी गांव में अफीम की खेती को लेकर मामला सुर्खियों में था1
- "सिर्फ ड्राइविंग का शौक होने से काम नहीं चलता भाई, यहाँ अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचानी पड़ती है... : #एम्बुलेंस_वाला...!! राघव एम्बुलेंस सर्विस, बलरामपुर अंबिकापुर छत्तीसगढ़ आपकी सेवा में सदैव तत्पर। कॉल आपका, 9755525100 मदद हमारी।"1
- चिनिया से हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियाँ प्रखंड कार्यालय, परिसर में शनिवार दोपहर भारत की आगामी जनगणना 2027 के सफल एवं सुचारू संचालन को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी सुबोध कुमार ने की, जिसमें प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारी एवं संबंधित कर्मी मौजूद रहे। बैठक में जनगणना कार्य की तैयारियों को लेकर गहन चर्चा हुई। इसमें कार्यप्रणाली, समयबद्ध निष्पादन, डाटा संकलन की शुद्धता तथा कर्मियों की जिम्मेदारियों पर विशेष जोर दिया गया। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करें। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जो देश के विकास योजनाओं की आधारशिला होता है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि जनगणना से जुड़े सभी कर्मियों को समय पर प्रशिक्षण, आवश्यक संसाधन एवं बेहतर समन्वय उपलब्ध कराया जाए, ताकि कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। इसके साथ ही, आम लोगों को जनगणना के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से गांव-गांव और वार्ड स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोग सही एवं पूरी जानकारी देकर इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। अंत में, सभी उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से अपील की गई कि वे आपसी समन्वय और सहयोग के साथ इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को सफल बनाएं। बैठक में सभी प्रखंड कर्मी व अंचल कर्मी मौजूद रहे ।1
- Post by Sunil singh1
- लोकेशन: बलरामपुर(छत्तीसगढ़) स्लग: वन शहीद स्मारक का लोकार्पण एंकर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन विभाग द्वारा वन शहीदों की स्मृति में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण किया गया। वन मंडल कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में वन कर्मियों के साहस और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वीओ: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने वन शहीदों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वन विभाग के अनुसार वर्ष 2003 में नक्सलियों द्वारा वनरक्षक राजनी राम जायसवाल और वीरेन्द्र कुमार सिन्हा की हत्या कर दी गई थी। उनके बलिदान की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और वन कर्मियों के साहस को सम्मान देने के उद्देश्य से इस वन शहीद स्मारक का निर्माण कराया गया है। वन विभाग ने बताया कि वन केवल पेड़ों का समूह नहीं बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार है। जंगलों की रक्षा के लिए वन कर्मी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात कार्य करते हैं, चाहे वह अवैध कटाई को रोकना हो, वन्यजीवों की सुरक्षा करना हो या वन आग पर नियंत्रण करना हो। देश में प्रतिवर्ष 11 सितंबर को वन शहीद दिवस मनाया जाता है, जिसमें जंगलों की रक्षा करते हुए शहीद हुए वन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। इसी कड़ी में बलरामपुर में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण कर वन शहीदों की स्मृति को समर्पित किया गया।1