झूठे मुकदमे में फंसाने को लेकर डराया, फिर मांगी रिश्वत, ACB ने कॉन्स्टेबल को रंगे हाथ दबोचा, 8 हजार रुपए मांगे थे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा की टीम ने मंगलवार को गुमानपुरा थाने के कॉन्स्टेबल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। कॉन्स्टेबल ने परिवादी को झूठे मुकदमे में नहीं फंसाने और उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की एवज में 8 हजार रुपए की मांग की थी। 5 हजार रुपए पहले ले चुका था। बकाया 3 हजार लेते एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया। एसीबी एएसपी विजय स्वर्णकार ने बताया कि 9 फरवरी 2026 को परिवादी शानू ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि वह पहले एचडीएफसी बैंक के लिए रिकवरी का काम करता था, जो अब बंद कर चुका है। वह एक दिन विशाल मार्केट स्थित अपने दोस्त की दुकान पर बैठा था। तब ही गुमानपुरा थाने का कॉन्स्टेबल जीतराम आया और झूठे मुकदमे में नहीं फंसाने व उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की एवज में 8 हजार रुपए की मांग की। शिकायत में बताया कि आरोपी कॉन्स्टेबल 7 फरवरी को परिवादी से जबरन 5 हजार रुपए ले चुका था और शेष 3 हजार रुपए की मांग कर रहा था। एसीबी ने 9 फरवरी को रुपयों की मांग का सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी की ओर से 3 हजार रुपए रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
झूठे मुकदमे में फंसाने को लेकर डराया, फिर मांगी रिश्वत, ACB ने कॉन्स्टेबल को रंगे हाथ दबोचा, 8 हजार रुपए मांगे थे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा की टीम ने मंगलवार को गुमानपुरा थाने के कॉन्स्टेबल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। कॉन्स्टेबल ने परिवादी को झूठे मुकदमे में नहीं फंसाने और उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की एवज में 8 हजार रुपए की मांग की थी। 5 हजार रुपए पहले ले चुका था। बकाया 3 हजार लेते एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया। एसीबी एएसपी विजय स्वर्णकार ने बताया कि 9 फरवरी 2026 को परिवादी शानू ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि वह पहले एचडीएफसी बैंक के लिए रिकवरी का काम करता था, जो अब बंद कर चुका है। वह एक दिन विशाल मार्केट स्थित अपने दोस्त की दुकान पर बैठा था। तब ही गुमानपुरा थाने का कॉन्स्टेबल जीतराम आया और झूठे मुकदमे में नहीं फंसाने व उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की एवज में 8 हजार रुपए की मांग की। शिकायत में बताया कि आरोपी कॉन्स्टेबल 7 फरवरी को परिवादी से जबरन 5 हजार रुपए ले चुका था और शेष 3 हजार रुपए की मांग कर रहा था। एसीबी ने 9 फरवरी को रुपयों की मांग का सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी की ओर से 3 हजार रुपए रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
- एसपी सुजीत शंकर ने बताया- आदतन अपराधियों पर अंकुश की कार्रवाई भी की जा रही है। इसी के तहत सुपारी लेकर कैथून और बारां में फायरिंग मामले में फरार आरोपियों को भी पकड़ा गया। ये खुद को कोटा का डॉन बताते थे। एसपी ने बताया- 8 जनवरी को फरियादी अब्दुल कदिर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने ऑफिस में बैठा था। इस दौरान समीर गंजा और आफाक, तिवारी बच्चा बाइक पर आए। समीर और आफाक उसके पास पहुंचे। समीर ने पिस्टल निकालकर अब्दुल के बेटे पर फायर किया। इसके बाद बदमाश फरार हो गए। एसपी सुजीत शंकर ने बताया- वारदात के दो दिन बाद आरोपियों ने फरियादी के मकान पर फिर हमला किया। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आफाक हुसैन एवं समीर गंजा समेत वारदात की प्लानिंग में शामिल आरोपी साहिल हुसैन, अजरूददीन चौहान को शेरगढ़ बारां से पकड़ा। आरोपियों के पास से पुलिस ने दो पिस्टल, एक चाकू व कारतूस बरामद किए। पूछताछ में फायरिंग की घटना के पीछे शकील मेवाती का हाथ होना पाया गया है। उसने फरियादी को जान से मारने की सुपारी 3 लाख रुपए में दी थी। इसमें से 20 हजार रुपए एडवांस दिए गए थे। पुलिस अब शकील मेवाती की तलाश में जुटी है। इनके बीच जमीन की प्लानिंग को लेकर विवाद सामने आ रहा है।1
- कोटा अमृतम सेवा संस्थान द्वारा जन सेवा एवं सामाजिक दायित्व की भावना को साकार करते हुए कोटा के रोजड़ी बस्ती पिनोक पब्लिक स्कूल औ श्याम ऑप्टिकल्स के सोजन्य से निशुल्क नेत्र जांच शिविर एवं चश्मा वितरण कैंप का कार्यक्रम आयोजन किया गया अध्यक्ष ज्योति यादव ने बताया की शिविर में प्रातः 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक बड़ी संख्या में आमजन की सहभागिता रही इस दौरान लगभग 300 व्यक्तियों ने अपने आंखों की जांच एवं परामर्श किया जांच के बाद चश्मा वितरण का आयोजन का संस्था द्वारा किया जाएगा इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजिका भारती यादव रितु परिक सीमा जैन अंजू खंडेलवाल रुचि गुप्ता मोहिनी यादव वंदना नायक अर्चना चौबदार जया गुप्ता वीना दानवानी रही कार्यक्रम में मुख्य रूप राजेश यादव ऑपटिशन आशीष जैन महेंद्र सिंह कुणाल मेहरा मनीष खंडेलवाल एवं नेहा खंडेलवाल का योगदान रहा4
- Post by VKH NEWS1
- प्रदर्शन कारियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, कई हिरासत में कोटा। हाड़ौती क्षेत्र में बारां जिले के बरडिया में गौवंश का कटा सिर मिलने के मामले को लेकर सोमवार को बारां बंद रखा गया। गौसेवकों और हिन्दू संगठनों ने इसे गोहत्या का मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। जानकारी के अनुसार पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज संगठनों ने रविवार को बैठक कर सोमवार को बारां बंद रखने का निर्णय लिया था। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में गौसेवक और हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता प्रताप चौक स्थित पुलिस चौकी के सामने एकत्रित हुए। नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और शहर के बाजार बंद कराए गए। बंद के चलते पूरे दिन बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। इसके बाद प्रदर्शनकारी प्रताप चौक पर धरने पर बैठ गए और सड़क पर बैठकर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। धरने के दौरान प्रदर्शन कारियों ने कलक्टर को मौके पर बुलाने की मांग की। सूचना पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंडासु मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। करीब तीन बजे पुलिस ने अचानक धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई गौसेवकों को चोटें आईं। पुलिस ने कुछ प्रदर्शन कारियों को हिरासत में भी लिया। आगामी आदेश तक जिले में धारा 163 लागू जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तौमर ने 9 फरवरी से आगामी आदेश तक पूरे बारां जिले में धारा 163 लागू कर दी है। आदेश में बताया गया कि आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक त्योहारों और आयोजनों को देखते हुए कानून व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।1
- रावतभाटा के दुकानदारों द्वारा बार बार मना करने पर भी कचरा फेक दिया जाता है जिससे गंदगी फेल रही थी। रावतभाटा नगरपालिका सफाई निरीक्षक नरपत सिंह एवं स्वच्छता मित्रों द्वारा तत्काल प्रभाव से स्वच्छता संबंधी संसाधन जेसीबी ट्रैक्टर लगाकर कचरा हटाया गया। नगरपालिका स्वच्छता से संबंधित हर संभव प्रयास कर रही है। सभी विक्रेताओं से अपील है कि गयी की कचरे को कचरा संग्रहण कार्य में लगे ऑटो टिपर में ही डालें। कचरे को इधर उधर ना फेके। जिससे सड़क से गुजरने वाले राहगीरो व स्टूडेंट को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। कोई विक्रेता इस प्रकार कचरा फेंकता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ चालान किया जावेगा। अपिल की गई की रावतभाटा को स्वच्छ व सुंदर बनाने में सहयोग करें।1
- नोहलेश्वर महोत्सव में मुख्यमंत्री मोहन यादव का आगमन,#madhyapradesh #damohnews #latestupdates1
- उपभोक्ता न्यायालय में शिकायत हेतु #kota #Rajasthan #kotacoching1
- कोटा में कमल नमकीन के पैकेट में हड्डी मिलने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। मंगलवार को नमकीन व्यापारियों ने कोटा नमकीन विकास समिति के बैनर तले नयापुरा स्थित सीएमएचओ कार्यालय, जिला कलेक्टर और कोटा रेंज आईजी को ज्ञापन सौंपकर खुद को बेगुनाह बताया। व्यापारियों का आरोप है कि शहर में एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो जानबूझकर नमकीन कंपनियों के पैकेट में गलत सामग्री मिलाकर वीडियो बनाता है, सोशल मीडिया पर वायरल करता है और बाद में कंपनियों से पैसे की मांग करता है। वहीं, शिकायतकर्ता महिला वकील सीमा वैष्णव ने पैकेट में हड्डी मिलने को गंभीर बताते हुए सफाई और गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। महिला वकील सीमा वैष्णव ने बताया कि उन्होंने शनिवार को कमल नमकीन का एक पैकेट खरीदा था, जिसमें से हड्डी निकली। उन्होंने इसकी जानकारी दुकानदार को दी। जिसके बाद दुकानदार ने कंपनी के मालिक से संपर्क करने की बात कही। जब मालिक को फोन पर इसकी जानकारी गई तो उन्होंने माफी भी मांगी। लेकिन वकील ने इसके बावजूद उद्योग नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई और कंपनी को नोटिस भी जारी करवाया। सीमा वैष्णव ने कहा कि यदि पैकेट में मौजूद सामग्री किसी छोटे बच्चे के हाथ लग जाती तो धार्मिक भावनाए आहत हो सकती थी, इसलिए बड़े कारखानों को सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन अगर कोई वीडियो बनाकर पैसों की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए। कोटा नमकीन विकास समिति के अध्यक्ष ने बताया कि इस तरह की घटनाओं से स्थानीय नमकीन उद्योग की साख को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि कई कंपनियों को बदनाम करने के उद्देश्य से झूठे और भ्रामक वीडियो फैलाए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले जय जिनेंद्र मिष्ठान की दुकान से गाजर का हलवा खरीदने के बाद बदबू आने की शिकायत भी सामने आई थी। शुरुआत में दुकानदार ने इसे मानने से इनकार किया, लेकिन अन्य ग्राहकों के कहने पर आखिरकार उसने अपनी गलती स्वीकार की।1
- झूठी शिकायतों के जरिए ईमानदार नमकीन कारोबारियों को बदनाम करने की साजिश, सीएमएचओ व आईजी से हस्तक्षेप की मांग कोटा। कोटा शहर में वर्षों से स्थापित और गुणवत्ता के लिए पहचाने जाने वाले नमकीन उद्योग को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश का मामला सामने आया है। असामाजिक तत्वों व तथाकथित पेशेवर शिकायतकर्ताओं द्वारा झूठी शिकायतें, फर्जी फोटो-वीडियो और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के जरिए ईमानदार कारोबारियों को मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इस गंभीर मामले को लेकर कोटा नमकीन व्यापार समिति एवं प्रभावित व्यवसायियों ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कोटा रेंज एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को संयुक्त ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच व कठोर कार्रवाई की मांग की है। अध्यक्ष जगदीश गांधी एवं महामंत्री प्रमोद पुरस्वामी ने बताया की कोटा के नमकीन उद्योग से जुड़े व्यापारी वर्षों से स्वच्छता, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए व्यवसाय कर रहे हैं। आधुनिक एवं स्वचालित मशीनों से निर्मित उत्पाद न केवल स्थानीय बल्कि प्रदेशभर में अपनी पहचान रखते हैं। इसके बावजूद हाल के दिनों में कुछ तत्वों द्वारा पैकिंग मटेरियल से छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक सामग्री मिलाने, उसके फोटो-वीडियो बनाकर प्रसारित करने तथा झूठी शिकायतें दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे व्यापारियों की साख को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रभावित व्यापारियों को अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल व संदेश भेजकर भयभीत किया जा रहा है और जानबूझकर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। इस तरह की गतिविधियां न केवल व्यक्तिगत प्रतिष्ठा पर आघात हैं, बल्कि शहर के पारंपरिक उद्योग और रोजगार व्यवस्था को भी प्रभावित करने वाली हैं। कोटा नमकीन व्यापार समिति ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी शिकायत पर कार्रवाई से पूर्व शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि और तथ्यों की प्राथमिक जांच की जाए, झूठी व दुर्भावनापूर्ण शिकायतें पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो तथा ईमानदार कारोबारियों को अनावश्यक उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा की समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाने से न केवल व्यापारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि कोटा के उद्योग की प्रतिष्ठा भी सुरक्षित रहेगी। इस व्हाट्सएप पर कोषाध्यक्ष सुनील मित्तल शरद गुप्ता, महेश अरोड़ा, महेंद्र गोयल, सुनील मेथानी, महेंद्र जैन, मुकेश सुखेजा,गजेंद्र सहित कई लोग उपस्थित रहे.5