जनता के खून-पसीने की कमाई, टैक्स के पैसे के कथित दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य लोगों को सुविधा देने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ना बताया जा रहा है। इसी क्रम में, पूरे गाजे-बाजे के साथ उद्घाटन किया गया मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, जिसे मात्र ₹7500 करोड़ में तैयार बताया गया था, अपनी पहली बारिश में ही फव्वारा बनकर बह गया। यह ऐसी पहली घटना नहीं है, क्योंकि हाल ही में गुजरात एक्सप्रेसवे भी प्रधान मंत्री के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद धंस गया था। ऐसा प्रतीत होता है कि इन निर्माणों का उद्देश्य लोगों को सुविधा प्रदान करना नहीं, बल्कि बिना किसी जवाबदेही के भ्रष्टाचार की मलाई खाना है। सूत्रों के अनुसार, जन सेवकों ने इस स्थिति पर अपनी अपील व्यक्त की है, क्योंकि प्लास्टिक की सरिया के दर्शन भी इन्हीं के कार्यालयों में हुए हैं। इस पूरी प्रक्रिया को '9 का काम और 90 की लूट' बताया जा रहा है, जिसे इनकी उपलब्धि कहा गया है।
जनता के खून-पसीने की कमाई, टैक्स के पैसे के कथित दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य लोगों को सुविधा देने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ना बताया जा रहा है। इसी क्रम में, पूरे गाजे-बाजे के साथ उद्घाटन किया गया मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, जिसे मात्र ₹7500 करोड़ में तैयार बताया गया था, अपनी पहली बारिश में ही फव्वारा बनकर बह गया। यह ऐसी पहली घटना नहीं है, क्योंकि हाल ही में गुजरात एक्सप्रेसवे भी प्रधान मंत्री के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद धंस गया था। ऐसा प्रतीत होता है कि इन निर्माणों का उद्देश्य लोगों को सुविधा प्रदान करना नहीं, बल्कि बिना किसी जवाबदेही के भ्रष्टाचार की मलाई खाना है। सूत्रों के अनुसार, जन सेवकों ने इस स्थिति पर अपनी अपील व्यक्त की है, क्योंकि प्लास्टिक की सरिया के दर्शन भी इन्हीं के कार्यालयों में हुए हैं। इस पूरी प्रक्रिया को '9 का काम और 90 की लूट' बताया जा रहा है, जिसे इनकी उपलब्धि कहा गया है।
- देश के महत्वाकांक्षी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हाल ही में इसके कई महत्वपूर्ण खंडों का गहन निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों ने दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश में चल रहे विभिन्न पैकेजों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया, ताकि इस बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। निरीक्षण के दौरान, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कनेक्टिविटी सुधारने वाले डीएनडी-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के शुरुआती खंड की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के पैकेज 2, 3, 4 और 5 के निर्माण कार्यों की भी सघन जांच की गई। राजस्थान से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे के बड़े हिस्से का भी मुआयना हुआ, जिसमें दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के पैकेज 6 से 15 तक शामिल थे। इस खंड में सबसे खास 8-लेन वाली मुकुंदरा सड़क सुरंग (ट्विन टनल) रही, जिसकी इंजीनियरिंग बारीकियों और निर्माण कार्य का विशेष रूप से मूल्यांकन किया गया, इसे वन्यजीवों की सुरक्षा और सुगम यातायात का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश की सीमा में आने वाले दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के पैकेज 16, 17 और 18 के कार्यों का भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। इन लगातार हो रहे निरीक्षणों से यह स्पष्ट है कि इस विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे के कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने पर पूरा ध्यान केंद्रित है। इस एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू हो जाने से दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय घटकर आधा रह जाएगा, जिससे न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।1
- सीकर में बंधेज शिल्पकार महिलाओं के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में महिलाओं ने ऑर्डर प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण और व्यवसाय विकास से संबंधित महत्वपूर्ण गुर सीखे। यह कार्यक्रम बजाज फिनसर्व के सहयोग से उरमूल ट्रस्ट द्वारा संचालित "पारंपरिक शिल्प पुनर्जीवन एवं बाजार एकीकरण के माध्यम से सतत कौशल विकास परियोजना" के अंतर्गत आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बंधेज शिल्प से जुड़ी इन महिलाओं को व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उनके हुनर और उद्यम को बढ़ावा देना था।1
- झुंझुनूं के रिजर्व पुलिस लाइन में बुधवार को महिला सुरक्षा जागरूकता माह के तहत एक संवाद एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में एक सुरक्षित वातावरण के निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था। राजस्थान पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार, जिले में 1 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक महिला सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर (आईपीएस) के निर्देशन में आयोजित इस समारोह में सुरक्षा सखी, साथिन, महिला अधिवक्ता, एनजीओ कार्यकर्ता, एएनएम, जीएनएम, गृहिणियां, एनएसएस, एनसीसी और सीएलजी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिला वॉलन्टियर्स को आत्मरक्षा के तरीके, राजकोप सिटिजन ऐप का उपयोग, महिला गरिमा हेल्पलाइन 1090, साइबर हेल्पलाइन 1930, साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव, नवीन न्याय संहिता, वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर की कार्यप्रणाली, पॉक्सो एक्ट के प्रावधान, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की भूमिका, नौकर एवं किरायेदार सत्यापन की प्रक्रिया, SHe-Box सुविधा, कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित कानून तथा वरिष्ठ जन संबल योजना जैसी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियाँ विस्तार से दी गईं। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं से स्वयं जागरूक रहने और समाज में महिला सुरक्षा के प्रति एक सकारात्मक माहौल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम में थाना स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला वॉलन्टियर्स को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। इस समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेन्द्र सिंह राजावत (आरपीएस), वृताधिकारी झुंझुनूं शहर गोपाल सिंह ढाका (आरपीएस), वृताधिकारी झुंझुनूं ग्रामीण हरिसिंह धायल (आरपीएस) और अम्बिका चौधरी (आरपीएस प्रोबेशनर) सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- राजस्थान में चल रहे 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, झुंझुनूं की फूड सेफ्टी टीम ने बुधवार को रीको शास्त्री नगर स्थित एक गोदाम पर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने 200 कार्टून में रखी 'स्टिंग क्लासिक' की कुल 6012 बोतलों को नमूना लेने के बाद सीज कर दिया। सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि इन बोतलों के लेबल पर "Stimulates Mind" और "Energizes Body" जैसे दावे अंकित पाए गए, जिन्हें खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार भ्रामक प्रचार माना जाता है। एफएसओ महेंद्र चतुर्वेदी के नेतृत्व वाली टीम ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत ये कार्रवाई की। FSSAI के निर्देशों के मुताबिक, कैफीनयुक्त पेय पदार्थों पर 'एनर्जी ड्रिंक', 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' और 'स्टिमुलेट्स माइंड' जैसे दावों का उल्लेख भ्रामक श्रेणी में आता है। हाल ही में इस संबंध में पेय पदार्थ निर्माता कंपनियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अधिक कैफीन वाले ऐसे पेय गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने स्पष्ट किया कि इस तरह के भ्रामक दावों वाले उत्पादों पर भविष्य में भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- आज श्री सेठ सांवलिया जी के पावन दर्शन करके मन को अद्भुत शांति और अपार सुकून की अनुभूति हुई। इस अवसर पर प्रभु श्री सांवलिया से सभी के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए प्रार्थना की गई है। यह अनुभव पूरी तरह से आस्था और भक्ति से परिपूर्ण था।1
- जनता के खून-पसीने की कमाई, टैक्स के पैसे के कथित दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य लोगों को सुविधा देने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ना बताया जा रहा है। इसी क्रम में, पूरे गाजे-बाजे के साथ उद्घाटन किया गया मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, जिसे मात्र ₹7500 करोड़ में तैयार बताया गया था, अपनी पहली बारिश में ही फव्वारा बनकर बह गया। यह ऐसी पहली घटना नहीं है, क्योंकि हाल ही में गुजरात एक्सप्रेसवे भी प्रधान मंत्री के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद धंस गया था। ऐसा प्रतीत होता है कि इन निर्माणों का उद्देश्य लोगों को सुविधा प्रदान करना नहीं, बल्कि बिना किसी जवाबदेही के भ्रष्टाचार की मलाई खाना है। सूत्रों के अनुसार, जन सेवकों ने इस स्थिति पर अपनी अपील व्यक्त की है, क्योंकि प्लास्टिक की सरिया के दर्शन भी इन्हीं के कार्यालयों में हुए हैं। इस पूरी प्रक्रिया को '9 का काम और 90 की लूट' बताया जा रहा है, जिसे इनकी उपलब्धि कहा गया है।1