राजधानी लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र में गुरुवार को लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सीतापुर से लखनऊ की ओर आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराई, जिससे घटनास्थल पर ही एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की भयावहता इतनी थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं। तेज गति के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और सीधे पेड़ से जा भिड़ा। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहन से बाहर निकालने में जुट गए। सूचना मिलते ही इटौंजा पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया, वहीं घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। इस हादसे के चलते कुछ देर के लिए लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को हटवाकर सुचारू कराया। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार और वाहन चालक की लापरवाही मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और मृतक व घायलों की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों से होने वाले खतरों को उजागर करती है।
राजधानी लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र में गुरुवार को लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सीतापुर से लखनऊ की ओर आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराई, जिससे घटनास्थल पर ही एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की भयावहता इतनी थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं। तेज गति के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और सीधे पेड़ से जा भिड़ा। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहन से बाहर निकालने में जुट गए। सूचना मिलते ही इटौंजा पुलिस मौके पर पहुंची और
तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया, वहीं घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। इस हादसे के चलते कुछ देर के लिए लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को हटवाकर सुचारू कराया। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार और वाहन चालक की लापरवाही मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और मृतक व घायलों की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों से होने वाले खतरों को उजागर करती है।
- लखनऊ की ऐतिहासिक टीले वाली मस्जिद में बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में नमाजी मस्जिद पहुंचे और देश में खुशहाली, तरक्की तथा आपसी भाईचारे के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज के मद्देनजर टीले वाली मस्जिद पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। लखनऊ के संवेदनशील इलाकों में पुलिस फोर्स तैनात रही और सुरक्षा पर विशेष नजर रखी गई। प्रशासन ने ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की और हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखी। पुलिस के आलाधिकारी भी भारी फोर्स के साथ लगातार मुस्तैद रहे, जिसके परिणामस्वरूप नमाज अमन-चैन के माहौल में संपन्न हुई और देश में शांति और भाईचारे की दुआएं मांगी गईं।1
- समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल, जिन्हें पोस्ट में एक 'सपा योद्धा' बताया गया है, कथित तौर पर एक दरोगा की कार्रवाई से नाराज़ होकर अपने घर पर 'मुंह फुलाकर' बैठी हैं। यह नाराजगी उस घटना के बाद सामने आई, जिसमें एक दरोगा ने कथित तौर पर अपनी पिस्टल ठांसकर बुलेट मोटरसाइकिल दौड़ाई थी। पोस्ट के अनुसार, विधायक पूजा पाल की इस प्रतिक्रिया को 'मोदी-योगी की बात मानने लगे' कहकर तंज कसा गया है, जो इस घटना को सरकार की नीतियों से जोड़ते हुए कटाक्ष करता है।1
- भरावन क्षेत्र के तुलसीपुर निवासी मन्नू पाल के पुत्र सूरज पाल का भारतीय सेना में चयन होने पर गाँव में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर समाजसेवी और अधिवक्ता अमित कुमार कश्यप ने सूरज पाल को मिठाई खिलाकर उनका मुँह मीठा कराया और उन्हें एक हाथ घड़ी भेंट कर सम्मानित किया। अमित कुमार कश्यप ने सूरज पाल के उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।1
- बाराबंकी जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र में बुधवार रात करीब 10 बजे लहसी गांव के पास दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में एक मोटरसाइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दूसरी मोटरसाइकिल का चालक मौके से फरार होने में सफल रहा। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। जानकारी के अनुसार, केदारपुर, महमूदाबाद (सीतापुर) निवासी 56 वर्षीय कुर्बान पुत्र साधू, जो कबाड़ खरीदने का काम करते हैं, बुधवार रात अपना काम समाप्त कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। लहसी गांव के समीप उनकी मोटरसाइकिल की टक्कर सामने से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल से हो गई, जिसके परिणामस्वरूप कुर्बान सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी, जिसकी मदद से घायल कुर्बान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉ. हिमांशु ने बताया कि घायल का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है; यदि उनकी हालत में सुधार नहीं होता है, तो उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जा सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार व्यक्ति को हादसे में कोई गंभीर चोट नहीं आई और वह दुर्घटना के तुरंत बाद वहां से चला गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मामले की जानकारी जुटा रही है। इस सड़क हादसे के बाद ग्रामीणों ने क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की मांग की है।1
- बाराबंकी के ग्राम ग्वारी में हुई डकैती की वारदात का स्वाट, सर्विलांस और थाना देवा की संयुक्त पुलिस टीम ने सफलतापूर्वक अनावरण कर दिया है। इस अभियान के तहत घटना से जुड़े कुल पाँच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से दो को पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे और निशानदेही से लूटे गए जेवरात, चार अवैध तमंचे, ₹4 लाख 64 हज़ार नगद राशि बरामद की है। इसके अतिरिक्त, घटना में इस्तेमाल की गई एक वैगनआर कार और एक मोटरसाइकिल को भी जब्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय ने इस सफल अनावरण, अभियुक्तों की गिरफ्तारी और सभी बरामदगियों के संबंध में जानकारी साझा की है।1
- राजधानी लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र में गुरुवार को लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सीतापुर से लखनऊ की ओर आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराई, जिससे घटनास्थल पर ही एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की भयावहता इतनी थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं। तेज गति के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और सीधे पेड़ से जा भिड़ा। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहन से बाहर निकालने में जुट गए। सूचना मिलते ही इटौंजा पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया, वहीं घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। इस हादसे के चलते कुछ देर के लिए लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को हटवाकर सुचारू कराया। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार और वाहन चालक की लापरवाही मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और मृतक व घायलों की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों से होने वाले खतरों को उजागर करती है।2
- लखनऊ के न्यू पारा कॉलोनी निवासी रमेश शर्मा के पुत्र अजीत शर्मा, जिनकी आयु लगभग 26 वर्ष है, लापता हो गए हैं। अजीत की तलाश की जा रही है। अजीत की शादी 5 नवंबर 2019 को लखनऊ के पुराना हैदरगंज की निशी शर्मा से हुई थी। दंपत्ति की एक 18 माह की पुत्री भी है, जिसका नाम नैना है। पति-पत्नी के बीच आपसी संबंध ठीक नहीं होने के कारण, पत्नी निशी ने अजीत पर दहेज प्रथा का मुकदमा भी दर्ज कराया था। जानकारी के अनुसार, पत्नी निशी ने अजीत को 27 मई 2026 की रात को अपने घर बुलाया था। अजीत वीडियो में जो बात कह रहे थे, वह वायरल होने के बाद से ही उनका कोई अता-पता नहीं है। अजीत के माता-पिता अपने बेटे की तलाश में रोते-बिलखते हुए घूम रहे हैं। यदि किसी भी सज्जन को अजीत के बारे में कोई जानकारी मिले, तो कृपया 9451294015 नंबर पर सूचित करने का कष्ट करें।1
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के खजाने से ₹8.7 करोड़ की बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस बड़ी चोरी का खुलासा कैसे हुआ।1
- लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र से बिजली चोरी पकड़ने गई बिजली विभाग की टीम पर हमले की खबर सामने आई है। बताया गया है कि जाँच के दौरान टीम के साथ अभद्रता की गई और उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस घटना ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि सरकारी कार्रवाई करने वाली टीमें ही सुरक्षित नहीं रहेंगी, तो बिजली चोरी जैसी समस्याओं पर कैसे रोक लगाई जा सकेगी।1